थाई पूसम 2026 गाइड – इस साल की तिथि, शुभ मुहूर्त और भगवान मुरुगन की पूजा विधि

thaipusam-guide

दक्षिण भारतीय संस्कृति और विशेष रूप से तमिल समुदाय के लिए ‘थाई पूसम’ (Thai Pusam) केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि अटूट श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र, भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की विजय और शक्ति को समर्पित है। अगर आप साल 2026 में थाई पूसम की तैयारी…

क्यों मनाई जाती है ललिता जयंती? जानें मां ललिता त्रिपुर सुंदरी के प्राकट्य की रहस्यमयी कथा।

lalita-jayanti-origin-story

हिंदू धर्म के पावन कैलेंडर में माघ मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन न केवल माघ स्नान संपन्न होता है, बल्कि ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली और सुंदर देवी मां ललिता (त्रिपुर सुंदरी) का प्राकट्य उत्सव भी मनाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब पहले से ही जगत जननी…

माघ पूर्णिमा 2026 – मोक्ष का द्वार और सुख-समृद्धि की चाबी, जानें संपूर्ण व्रत विधान और महत्व।

magh-purnima-pooja-vrat-guide

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का अपना एक विशेष महत्व है, लेकिन जब बात ‘माघ पूर्णिमा’ की आती है, तो यह महत्व कई गुना बढ़ जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ के महीने में स्वर्ग से देवता पृथ्वी पर आते हैं और प्रयागराज के संगम में वास करते हैं। वर्ष 2026 में माघ पूर्णिमा…

2026 में कब है माघ पूर्णिमा? जानें स्नान-दान का सही समय और चंद्रोदय का मुहूर्त।

magh-purnima-date-snan-muhurat

Magh Purnima 2026 Date and Time – हिंदू धर्म में माघ मास की पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्वर्ग से देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और प्रयागराज में गंगा स्नान करते हैं। यदि आप भी इस पावन अवसर पर पुण्य कमाना चाहते हैं, तो यह जानना…

ललिता जयंती विशेष – मां षोडशी को प्रसन्न करने के अचूक मंत्र और सुख-समृद्धि के लिए चमत्कारी उपाय

lalita-jayanti-special-mantra-upay

हिन्दू पंचांग के अनुसार, माघ मास की पूर्णिमा तिथि को ‘ललिता जयंती’ (Lalita Jayanti) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन दस महाविद्याओं में से तीसरी और सबसे सौम्य मानी जाने वाली मां षोडशी (त्रिपुर सुंदरी) को समर्पित है। जिन्हें ‘ललिता’ कहा जाता है, वे न केवल ब्रह्मांड की सबसे सुंदर देवी हैं, बल्कि…

दश महाविद्या की तीसरी शक्ति – जानें ललिता जयंती का महत्व, व्रत कथा और पूजन के विशेष नियम।

lalita-jayanti-rituals-and-story

क्या आप जीवन में समस्त ऐश्वर्य, सौंदर्य और आत्मिक शांति की तलाश में हैं? सनातन धर्म की गुप्त साधनाओं में ‘दश महाविद्याओं’ का स्थान सर्वोच्च है। इनमें से तीसरी महाविद्या हैं – माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी। माघ मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली ललिता जयंती (Lalita Jayanti) केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की…

ललिता जयंती 2026 – मां ललिता त्रिपुर सुंदरी की कृपा पाने के लिए सरल पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

lalita-jayanti-date-pooja

क्या आप अपने जीवन में सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हैं? 2026 में ललिता जयंती का पावन अवसर आ रहा है। यह दिन दस महाविद्याओं में से एक, माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी (राजराजेश्वरी) को समर्पित है। आइये जानते हैं इस वर्ष ललिता जयंती कब है, इसका महत्व क्या है और माँ को…

श्री सरस्वती अष्टोत्तरशतनामावली

श्री सरस्वती अष्टोत्तरशतनामावली (Saraswati Ashtottara Satanamavali PDF) माँ सरस्वती के 108 दिव्य नामों का एक अत्यंत प्रभावशाली संग्रह है। विद्या, बुद्धि और कला की देवी को प्रसन्न करने के लिए इन नामों का जाप करना सर्वोत्तम माना जाता है। विद्यार्थियों और साधकों के लिए इसका नियमित पाठ एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक स्पष्टता प्राप्त करने में…

नर्मदा अष्टकम

श्री नर्मदा अष्टकम (Narmada Ashtakam PDF) आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा रचित माँ नर्मदा की स्तुति में एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र स्त्रोत है। नर्मदा नदी को ‘रेवा’ के नाम से भी जाना जाता है, जिसे मोक्षदायिनी माना गया है। इस अष्टकम की हर पंक्ति माँ नर्मदा के सौंदर्य, उनकी दिव्यता और भक्तों पर उनकी असीम…

नर्मदा कवच

नर्मदा कवच भगवान शिव की कृपा और माँ नर्मदा की दिव्यता को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली स्रोत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसका नियमित पाठ करने से भक्त को मानसिक शांति, नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। माँ नर्मदा को “पापनाशिनी” माना जाता है, और उनके इस कवच का जाप…

श्री नर्मदा आरती

माँ नर्मदा की आरती (Narmada Aarti PDF) का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। माँ नर्मदा, जिन्हें “रेवा” के नाम से भी जाना जाता है, भारत की पवित्रतम नदियों में से एक हैं। उनकी आरती का गान करने से न केवल मन को शांति मिलती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।…

श्री नर्मदा व्रत कथा एवं पूजन विधि

माँ नर्मदा को मोक्षदायिनी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, श्री नर्मदा व्रत कथा का श्रवण और पठन करने से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। यह व्रत विशेष रूप से नर्मदा जयंती के दिन रखा जाता है। माँ नर्मदा की कृपा से वैवाहिक जीवन में…

श्री नर्मदा चालीसा

श्री नर्मदा चालीसा मां नर्मदा की स्तुति और महिमा का एक अत्यंत पावन संग्रह है। हिंदू धर्म में मां नर्मदा को पुण्य सलिला और मोक्षदायिनी माना गया है, जिनकी भक्ति मात्र से जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। चालीसा का नियमित पाठ करने से मन को शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति…

भानु सप्तमी व्रत कथा व पूजा विधि

हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व है, जो भगवान सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित है। जब भी शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार को पड़ती है, तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। वर्ष 2026 में मुख्य भानु सप्तमी 25 जनवरी (माघ शुक्ल सप्तमी – जिसे रथ सप्तमी भी…

रथ सप्तमी (अचला सप्तमी) व्रत कथा

|| रथ सप्तमी की व्रत कथा (Rath Saptami Vrat Katha Achala Saptami PDF) || माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी, अचला सप्तमी, सूर्य सप्तमी और सूर्य जयंती के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान सूर्य देव अपने दिव्य…

भीष्म अष्टमी व्रत कथा

माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भीष्म अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 26 जनवरी, सोमवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महाभारत के महान योद्धा पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर बाणों की शय्या पर अपने प्राण त्यागे थे।…

भीष्म द्वादशी पौराणिक कथा

माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भीष्म द्वादशी (Bhishma Dwadasi Katha PDF) के रूप में मनाया जाता है, जिसे ‘तिल द्वादशी’ भी कहते हैं। वर्ष 2026 में यह पर्व 29 जनवरी को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत के पितामह भीष्म ने इसी दिन अपने प्राण त्यागने के पश्चात मोक्ष प्राप्त…

जानें घर में शंख रखने के नियम, इसके फायदे और नुकसान

shank-niyam

सनातन धर्म और हिन्दू शास्त्रों में शंख को केवल एक वाद्य यंत्र या सजावट की वस्तु नहीं, बल्कि सौभाग्य, पवित्रता और विजय का प्रतीक माना गया है। इसकी उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान निकले 14 रत्नों में से एक के रूप में हुई थी। चूँकि माता लक्ष्मी भी समुद्र से प्रकट हुई थीं, इसलिए शंख…

ખોડિયાર ચાલીસા

ચોટીલા અને માતૃશક્તિના પરમ ઉપાસકો માટે ખોડીયાર ચાલીસાનું વિશેષ મહત્વ છે. આ ચાલીસાના પાઠ દ્વારા ભક્તો આઈ શ્રી ખોડીયાર માતાજીની સ્તુતિ કરે છે અને તેમના આશીર્વાદ મેળવે છે. શ્રદ્ધાપૂર્વક ચાલીસાના ગાનથી જીવનમાં સુખ, શાંતિ અને સમૃદ્ધિ આવે છે તેમજ તમામ સંકટો દૂર થાય છે. જો તમે પણ માતાજીની ભક્તિમાં લીન થવા માંગતા હોવ અને સચોટ…

ਕਰਵਾ ਚੌਥ ਵ੍ਰਤ ਕਥਾ ਪੂਜਾ ਵਿਧੀ

Karwa Chauth is a festival celebrated by married Hindu women for the long life and prosperity of their husbands. The day is marked by a strict fast from sunrise to moonrise. A central part of this ritual is the Karwa Chauth Vrat Katha, which narrates the story of Queen Veervati and her devotion. The Puja…

श्री इन्द्र बाईसा की आरती

श्री इन्द्र बाईसा (Indra Baisa Aarti PDF) की आरती उनके भक्तों के लिए अपार श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक है। खुडियाला धाम की ममतामयी माँ, श्री इन्द्र बाईसा का जीवन त्याग, तपस्या और जन-कल्याण के लिए समर्पित रहा है। उनकी आरती का नियमित गान करने से मन को असीम शांति मिलती है और घर…

दिवाली व्रत कथा और पूजा विधि

दीपावली का पावन पर्व न केवल दीपों का उत्सव है, बल्कि यह मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त करने का भी दिन है। शास्त्रों के अनुसार, दीपावली के दिन दीपावली व्रत कथा का श्रवण या पठन करने से घर में सुख, शांति और अखंड लक्ष्मी का वास होता है। इस कथा में…

पूर्णिमा व्रत कथा

पूर्णिमा व्रत (Purnima Vrat Katha PDF) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और पूर्णिमा व्रत की कथा सुनने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर…

करवा चौथ व्रत कथा और पूजन विधि

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपव्रत रखती हैं। करवा चौथ की पूजा में ‘करवा चौथ व्रत कथा’ का पाठ करना अनिवार्य माना गया है। कथा के अनुसार, वीरावती नाम की एक पतिव्रता स्त्री…

श्री भागवत भगवान आरती

श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती, जिसे “श्री भागवत भगवान की आरती” कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। यह आरती केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के वांग्मय स्वरूप की वंदना है। इस आरती के गायन से भक्तों को ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आरती की…

श्री कल्कि चालीसा

भगवान विष्णु के दसवें और अंतिम अवतार, श्री कल्कि को समर्पित श्री कल्कि चालीसा का पाठ (Kalki Chalisa PDF) भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कलियुग के अंत में अधर्म का विनाश और सत्ययुग की स्थापना के लिए कल्कि अवतार का अवतरण होगा। इस चालीसा के नियमित पठन से…

दशामाता व्रत कथा एवं पूजा विधि

दशामाता का व्रत (Dashamata Vrat Katha PDF) मुख्य रूप से चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत घर की सुख-समृद्धि और बिगड़ी हुई दशा को सुधारने के लिए रखा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, राजा नल और रानी दमयंती के जीवन में जब कष्ट आए, तो रानी…

चित्रगुप्त कथा व पूजा विधि

भगवान चित्रगुप्त जी की पूजा कायस्थ समाज और सनातन धर्म में विशेष महत्व रखती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चित्रगुप्त जी का जन्म ब्रह्मा जी के शरीर (काया) से हुआ था, इसलिए उन्हें ‘कायस्थ’ कहा गया। वे यमराज के सहायक हैं और मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखते हैं। कथा के अनुसार, जब ब्रह्मा जी…

हलषष्ठी सम्पूर्ण व्रत कथा एवं पूजा विधि

हलषष्ठी (Halashasti Sampuran Vrat Katha PDF), जिसे ललही छठ या तिन्नी छठ के नाम से भी जाना जाता है, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। पौराणिक कथा के अनुसार,…

हरतालिका तीज व्रत कथा

हिंदू पंचांग के अनुसार, हरतालिका तीज 2026 का पावन पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए…

मां काली की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब रक्तबीज नामक असुर ने देवताओं को प्रताड़ित करना शुरू किया, तब माँ दुर्गा ने देवी काली का रूप धारण किया। रक्तबीज को वरदान था कि उसकी रक्त की हर एक बूंद जमीन पर गिरने से एक नया असुर पैदा होगा। माँ काली ने अपने विकराल रूप और खप्पर से उसका…

श्री चिंतपूर्णी माता चालीसा

श्री चिंतपूर्णी माता चालीसा (Chintpurni Mata Chalisa PDF) माँ छिन्नमस्तिका की स्तुति में गाया जाने वाला एक अत्यंत प्रभावशाली पाठ है। माता चिंतपूर्णी को ‘चिंताओं को दूर करने वाली’ देवी माना जाता है। इस चालीसा के श्रद्धापूर्वक पाठ से साधक के जीवन के सभी कष्ट, मानसिक तनाव और दरिद्रता का नाश होता है। हिमाचल प्रदेश…

শ্রী নরসিংহ কবচম্

শ্রী নরসিংহ কবচম্ (Shri Narasimha Kavacham PDF) is a powerful protective mantra dedicated to Lord Narasimha, the fourth avatar of Lord Vishnu. This Kavacham, found in the Brahmanda Purana, is traditionally recited to seek divine protection, courage, and the removal of obstacles. Devotees believe that chanting these verses shields them from negative energies, fear, and…

കംദ ഷഷ്ടി കവചമ്

Kanda Sashti Kavacham is one of the most powerful and devotional hymns dedicated to Lord Murugan. Composed by Devaraya Swamigal in the 19th century, this prayer is believed to act as a spiritual shield (Kavacham), protecting devotees from physical ailments, mental distress, and negative energies. Reciting these verses with devotion brings peace, prosperity, and success….

ഒരു ദേശത്തിൻ്റെ കഥ

Oru Desathinte Katha is a masterpiece of Malayalam literature written by the legendary S.K. Pottekkatt. This semi-autobiographical novel won the prestigious Jnanpith Award in 1980 and remains a cornerstone of Indian fiction. The story follows the protagonist, Sreedharan, as he navigates life in the fictional village of Athiranippadam. It beautifully captures the transition of a…

श्री इंद्र बाईसा चालीसा पाठ

श्री इंद्र बाईसा चालीसा (Indra Baisa Chalisa PDF) का पाठ भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। यह चालीसा माँ इंद्र बाईसा की महिमा और कृपा का गुणगान करती है। जो भक्त सच्चे मन से इस चालीसा का नियमित पाठ करते हैं, उनके सभी कष्ट दूर होते हैं। माँ की कृपा से…

श्री दत्त स्तोत्रम् (चित्तस्थिरीकर)

भगवान दत्तात्रेय को समर्पित चित्तस्थिरीकर दत्त स्तोत्रम् (Chitta Sthirikara Datta Stotram PDF) एक अत्यंत प्रभावशाली और शांतदायक स्तोत्र है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, ‘चित्त-स्थिरीकर’ का अर्थ है मन को स्थिर करने वाला। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब मानसिक तनाव और अशांति बढ़ जाती है, तब इस स्तोत्र का पाठ…

దత్తా చాలీసా

The Datta Chalisa is a powerful devotional hymn made up of forty verses in praise of Lord Dattatreya, the eternal Adi Guru and the divine union of Brahma, Vishnu, and Shiva. Chanting this Chalisa with faith is considered a blessed way to connect with Lord Datta’s boundless grace and wisdom. For devotees from Telugu-speaking regions,…

श्री धन्वंतरि जी की आरती

भगवान धनवंतरि को हिंदू धर्म में आयुर्वेद के देवता और भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। उनकी आरती का गान विशेष रूप से ‘धनतेरस’ और ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ के अवसर पर किया जाता है। “ॐ जय धन्वंतरि देवा” से शुरू होने वाली यह आरती भक्तों को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और रोगों से मुक्ति का…

अन्नपूर्णा माता व्रत कथा

माता अन्नपूर्णा का व्रत सुख, शांति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। हिंदू धर्म में मां अन्नपूर्णा को अन्न और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। यह व्रत मार्गशीर्ष मास (अगहन) के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर 17 दिनों तक चलता है। भक्त अक्सर “अन्नपूर्णा माता व्रत कथा…

मंगलाष्टके पाठ मराठी

मंगलाष्टके (Mangalashtak PDF) हे हिंदू विवाह विधीतील अतिशय पवित्र आणि भावनिक महत्त्व असलेले श्लोक आहेत. विवाहाच्या शुभ मुहूर्तावर, वधू-वरांवर अक्षता टाकताना हे मंगलमय श्लोक गात लग्नसोहळ्याला आध्यात्मिक पावित्र्य प्राप्त होते. या श्लोकांमधून विविध देव-देवता, ऋषी-मुनी, पवित्र नद्या आणि नवग्रहांचे स्मरण करून नवदांपत्याला सुखी, समृद्ध आणि आनंदी वैवाहिक जीवनासाठी आशीर्वाद दिले जातात. आजच्या धावपळीच्या काळात अनेकदा…

Brihaspati Remedies 2026 – बृहस्पति के इन अचूक उपायों से दूर होंगी नौकरी की रुकावटें, मिलेगी मनचाही सफलता!

brihaspati-ke-upay

आज के दौर में एक अच्छी नौकरी पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। कड़ी मेहनत, अच्छी योग्यता और इंटरव्यू में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी अगर आपको सफलता नहीं मिल पा रही है, तो इसके पीछे ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में ग्रहों की स्थिति हमारी जिंदगी के हर…

थाई अमावसाई 2026 – थाई अमावसाई पर करें ये 5 विशेष उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति और चमकेगी आपकी किस्मत।

thai-amavasya-special-remedies

थाई अमावसाई 2026 – क्या आप जीवन में अकारण बाधाओं का सामना कर रहे हैं? क्या कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता हाथ से फिसल जाती है? अगर हाँ, तो 18 जनवरी 2026 (रविवार) की तारीख अपनी डायरी में नोट कर लीजिए। यह दिन सामान्य नहीं है, यह पवित्र ‘थाई अमावसाई’ (Thai Amavasai) का दिन…

मौनी अमावस्या 2026 – शुभ मुहूर्त, स्नान-दान की सही विधि और इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां।

mauni-amavasya-vrat-niyam

क्या आप जानते हैं? हिंदू धर्म में साल की सभी अमावस्याओं में ‘मौनी अमावस्या’ को सबसे बड़ी और फलदायी अमावस्या माना जाता है। माघ का महीना, कड़कड़ाती ठंड और पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी यह दृश्य अपने आप में अद्भुत होता है। साल 2026 में मौनी अमावस्या का संयोग बेहद खास है। यह दिन…

मेरु त्रयोदशी क्यों मनाई जाती है? जानिए इसका धार्मिक इतिहास और पूजन की संपूर्ण विधि

meru-trayodashi-puja-vidhi

मेरु त्रयोदशी (Meru Trayodashi) जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहारों में से एक है। यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और मोक्ष की साधना का प्रतीक है। हर साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (तेरस) को मनाया जाने वाला यह पर्व प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) जी के निर्वाण…

भोगी से लेकर कनुम पोंगल तक – पोंगल के 4 दिनों का महत्व और उन्हें मनाने का पारंपरिक तरीका।

four-days-of-pongal-festival

भारत त्योहारों का देश है, और दक्षिण भारत में ‘पोंगल’ का वही महत्व है जो उत्तर भारत में मकर संक्रांति का। पोंगल केवल एक फसल उत्सव (Harvest Festival) नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य देव और पशुधन के प्रति आभार प्रकट करने का एक माध्यम है। तमिल कैलेंडर के अनुसार, जब सूर्य ‘धनु’ राशि से…

दान की महिमा – मकर संक्रान्ति पर तिल और कंबल दान करने का क्या है पौराणिक महत्व?

til-kambal-daan-makar-sankranti

सनातन धर्म में मकर संक्रांति का पर्व न केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि यह आध्यात्मिक चेतना और पुण्य संचय का भी महापर्व है। जब सूर्य देव धनु राशि का त्याग कर अपने पुत्र शनि की राशि ‘मकर’ में प्रवेश करते हैं, तो इसे ‘उत्तरायण’ की शुरुआत माना जाता है। इस दिन स्नान और…

गंगा स्नान और सूर्य अर्घ्य – मकर संक्रान्ति पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां।

ganga-snan-makar-sankranti-upay

मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे ‘उत्तरायण’ की शुरुआत माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और सूर्य अर्घ्य का विशेष महत्व है, लेकिन अक्सर अनजाने में हम कुछ ऐसी…

Join WhatsApp Channel Download App