अखुरठा संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

|| अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा || संकष्टी चतुर्थी से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव और पार्वती ने चौसर खेलने का निर्णय लिया। हालांकि, खेल की निगरानी करने वाला कोई नहीं था, इसलिए भगवान शिव ने अपनी शक्तियों से एक छोटे लड़के को उत्पन्न किया और उसे रेफरी बनने के लिए कहा।…

कृष्णापिंगला संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

|| कृष्णापिंगला संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा || द्वापर युग में महिष्मति नगरी में महीजित नाम के एक प्रतापी राजा रहते थे। वे पुण्य कर्म करने वाले और अपनी प्रजा का अच्छे से पालन-पोषण करने वाले राजा थे। लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी, जिससे उन्हें राजमहल का वैभव अच्छा नहीं लगता था। वेदों में संतानहीन…

लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

|| लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा || सतयुग में हरिश्चंद्र नामक एक प्रतापी राजा थे, जो अत्यंत सरल और सत्यनिष्ठ स्वभाव के थे। उनके शासन काल में अधर्म का कोई अस्तित्व नहीं था। उनके राज्य में न कोई अपाहिज था, न दरिद्र, न ही दुखी। उसी राज्य में ऋषिशर्मा नामक एक तपस्वी ब्राह्मण रहते थे।…

Polala Amavasya Vrath Katha Telugu

॥ పొలాల అమావాస్య వ్రత కథ ॥ అనగా అనగా ఒక ఊర్లో ఓ బ్రహ్మణమ్మ . ఆమెకు ప్రతి సంవత్సరం పిల్లలు పుడుతునారు . పోతున్నారు. పుట్టగానే పోతున్న సంతానానికి ధుఖించి ఆ బ్రహ్మణమ్మ ఊరి వెలుపల పోచక్క తల్లి చుట్టు ప్రతి ఏట పిల్లల్ని బొంద పెడుతున్నది . ఈ పొలలమావాస్యకు పుడుతున్నారు , మళ్లీ పొలలమావాస్యకి చనిపోతున్నారు . నోముకుందామని ఎవర్ని పేరంటం పిలిచినా రామంటునారు . ఈ విధంగా బాధపడుతున్న ఇల్లాలుకు…

जगन्नाथ जी व्रत कथा

|| जगन्नाथ पूजा विधि || पीले वस्त्र धारण करके भगवान जगन्नाथ का पूजन करें। भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के चित्र या मूर्ति की स्थापना करें। उनको चन्दन लगायें , विभिन्न भोग प्रसाद और तुलसीदल अर्पित करें। उनको फूलों से सजाएँ और उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं। इसके बाद गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें,…

જીવંતિકા વ્રત કથા

|| જીવંતિકા વ્રત કથા પૂજા વિધિ || मां जीवंतिका से प्रार्थना करें और उनकी कथा सुनें। व्रत करने वाली महिला को दिन में पीले कपड़े, पीले आभूषण और पीले रंग की चीजें पहनने से बचना चाहिए। लाल पहनना। पीली छतरी के नीचे न सोएं और न ही चावल के पानी को पार करें। कथा सुनने के…

ऋषि पंचमी व्रत कथा

|| ऋषि पंचमी व्रत विधि || ऋषि पंचमी वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाए। इसके बाद घर और मंदिर की अच्छे से सफाई करें। इसके बाद पूजन की सामग्री जैसे धूप, दीप, फल, फूल, घी, पंचामृत आदि एकत्रित करके एक चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं। चौकी पर सप्तऋषि…

ऋषी पंचमी व्रताची कथा

|| ऋषीपंचमी व्रताची पद्धत || ऋषीपंचमीच्या दिवशी सकाळी लवकर उठून स्नान करावे. यानंतर, घर आणि मंदिर पूर्णपणे स्वच्छ करा. यानंतर उदबत्ती, दिवा, फळे, फुले, तूप, पंचामृत इत्यादी पूजेचे साहित्य गोळा करून त्यावर लाल किंवा पिवळे कापड पसरवावे. पोस्टावर सप्तर्षींचे चित्र ठेवा. तुमची इच्छा असेल तर तुम्ही या दिवशी तुमच्या गुरूंचे चित्रही लावू शकता. आता त्यांना…

ઋષિ પંચમી વ્રત કથા

|| ઋષિ પંચમી વ્રતની રીત || ઋષિ પંચમીના દિવસે સવારે વહેલા ઊઠીને સ્નાન વગેરે કરવું. આ પછી, ઘર અને મંદિરને સારી રીતે સાફ કરો. આ પછી પૂજાની સામગ્રી જેવી કે ધૂપ, દીપ, ફળ, ફૂલ, ઘી, પંચામૃત વગેરે એકત્ર કરો અને એક લાલ કે પીળું કપડું પોસ્ટ પર પાથરી દો. પોસ્ટ પર સપ્તર્ષિનું ચિત્ર મૂકો. જો…

શીતલા માતાની વ્રત કથા

|| શીતલા માતાની વ્રત કથા || એક નાનું ગામ હતું. ગામમાં એક ડોશી તેમના બે દીકરા અને બંને વહુઓ સાથે રહેતા હતાં. દેરાણી-જેઠાણી તેની સાસુ સાથે રહેતી હતી. બન્ને બહુઓના ઘરે દેવના દીધેલા એક એક દીકરા હતા. મોટી વહુ ઈર્ષાળું કજિયાળી હતી, જ્યારે નાની બહુ ભલી, ભોળી અને પ્રેમાળ હતી. એક વખત શ્રાવણ માસમાં રાંઘણ…

ರಿಷಿ ಪಂಚಮಿ ಕಥೆ

॥ ರಿಷಿ ಪಂಚಮಿ ಕಥೆ ॥ ಋಷಿಪಂಚಮಿ ರಾಜಸ್ವಲಾ ವ್ರತ ಕಥಾ, ಉತ್ತಂಕ್ ಮತ್ತು ಸುಶೀಲಾ ಕಥೆ ಭಗವಾನ್ ಬ್ರಹ್ಮನು ಉತ್ತಂಕ್ ಎಂಬ ಉದಾರ ಬ್ರಾಹ್ಮಣನ ದಂತಕಥೆಯನ್ನು ವಿವರಿಸಿದನು. ಉತ್ತಂಕ್ ತನ್ನ ಪತ್ನಿ ಸುಶೀಲಾಜೊತೆ ವಿದರ್ಬದಲ್ಲಿ ವಾಸಿಸುತ್ತಿದ್ದ. ಉತ್ತಂಕನ ಹೆಂಡತಿ ಸುಶೀಲಾ ತನ್ನ ಪತಿಗೆ ತುಂಬಾ ಸಮರ್ಪಿತಳು. ನಿಷ್ಠಾವಂತದಂಪತಿಗೆ ಒಬ್ಬ ಮಗ ಮತ್ತು ಮಗಳು ಇದ್ದಾರೆ. ಅವರ ಮಗಳುಯುವಕನನ್ನು ವಿವಾಹವಾದರು ಆದರೆ ಅವರ ಮದುವೆಯಾದ ಕೆಲವು ತಿಂಗಳನಂತರ ಅವರು ನಿಧನರಾದರು. ಪೋಷಕರು ಪವಿತ್ರ ಗಂಗಾ ನದಿಯ ದಡದಲ್ಲಿ ಒಂದು…

आंवला नवमी की व्रत कथा व पूजा विधि

।। आंवला नवमी की पूजा विधि ।। अक्षय नवमी के दिन आंवला वृक्ष की पूजा की जाती है। वृक्ष की हल्दी कुमकुम आदि से पूजा करके उसमें जल और कच्चा दूध अर्पित करें। इसके बाद आंवले के पेड़ की परिक्रमा करते हुए तने में कच्चा सूत या मौली आठ बार लपेटी जाती है। पूजा के…

मार्गशीर्ष महालक्ष्मी व्रत कथा व पूजा विधि

।। मार्गशीर्ष महालक्ष्मी व्रत पूजा विधि ।। यह व्रत करने वाले स्त्री तथा पुरुष दोनों मन से स्वस्थ एवं आनंदमय होने चाहिये। इस व्रत को किसी भी महीने के प्रथम गुरुवार (बृहस्पति वार) से शुरु कर सकते हैं। विधि नियम अनुसार हर गुरुवार को महालक्ष्मी व्रत करे। श्री महालक्ष्मी की व्रतकथा को पढ़ें लगातार आठ…

मंशा महादेव व्रत कथा एवं पूजन विधि

|| पूजन विधि || भगवान शिव का यह व्रत चार वर्ष का रहता है। हर वर्ष यह व्रत सिर्फ चार महीने ही करना रहता है। इस व्रत को करने से भगवान शिव बड़ी से बड़ी मन की इच्छा की पूर्ति करते है। श्रावण से कार्तिक माह तक के हर सोमवार को शिवलिंग की पूजा करें।…

సంపద శుక్రవరం కథ

|| సంపద శుక్రవారం కథ || సంపద శుక్రవార వ్రతం ఒక బ్రాహ్మణుడికి ఏడుగురు కొడుకులు ఉన్నారు. వారందరికీ వివాహాలయి భార్యలు కాపురానికి రావడంతో వారంతా వేరే ఇళ్ళల్లో కాపురాలు పెట్టారు. ఒకనాడు ఉదయం శుక్రవారం మహాలక్ష్మీ సంచారం చేయుచూ ఆ బ్రాహ్మణుని కోడళ్ళ ఇళ్ళకు వెళ్లింది. ఒక కోడలు ఉదయాన్నే పిల్లలకు భోజనముపెట్టి తాను కూడా తినుచుండెను. ఇంకొక ఆమె పాచి వాకిలో పేడవేసుకొనుచుండెను. వేరొక కోడలు పాతగుడ్డలను కుట్టుచుండెను. మరొక కోడలు పాచి వాకిలిలో…