नवरात्रि पूजा मंत्र

।।नवरात्रि पूजा मंत्र।। माता शैलपुत्री ह्रीं शिवायै नम:। पर्वतराज हिमालय की पुत्री माता दुर्गा का प्रथम रूप है. इनकी आराधना से कई सिद्धियां प्राप्त होती हैं. प्रतिपदा को मंत्र– ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्ये नम:’ की माला दुर्गा जी के चित्र के सामने यशाशक्ति जप कर घृत से हवन करें । माता ब्रह्मचारिणी ह्रीं श्री…

माँ दुर्गा शाबर मंत्र लाभ सहित

।। माँ दुर्गा शाबर मंत्र ।। डण्ड भुज-डण्ड, प्रचण्ड नो खण्ड। प्रगट देवि! तुहि झुण्डन के झुण्ड। खगर दिखा खप्पर लियां, खड़ी कालका। तागड़दे मस्तंग, तिलक मागरदे् मस्तंग। चोला जरी का, फागड़ दीफू, गले फुल माल, जय जय जयन्त। जय आदि शक्ति। जय कालका खपर-धनी। जय मचकुट छन्दनी देव। जय-जय महिरा, जय मरदिनी। जय-जय चुण्ड-मुण्ड,…

ବିଶ୍ୱକର୍ମା ପୂଜା ମନ୍ତ୍ର

।। ବିଶ୍ୱକର୍ମା ପୂଜା ମନ୍ତ୍ର || ଗଣେଶ ଚିନ୍ତନ ଓଁ ଶ୍ରୀ ଗଣେଶାୟ ନମଃ, ଅବିଘ୍ନମସ୍ତ ସୁମୁଖ ଶ୍ଳୋକ ଦନ୍ତଶ୍ଚ, କପିଳୋ ଗଜ କଣ୍ଠକ ଇମ୍ବୋଦରଶ୍ଚ ବିକଟୋ ବିଘ୍ନନାଶେ ବିନାୟକଃ । ୧ । ଧୂମକେତୁ ଗଣାଧ୍ୟକ୍ଷା ଭାଲଚନ୍ଦ୍ରା ଗଜାନନଃ ନାମାନି, ଯଃ ପଠେତ୍ ଶୃଣୁୟାଦପି। ୨ । ବିଦ୍ୟାରମ୍ଭ ବିବାହେବ, ପ୍ରବେଶ ନିର୍ଗମେ ତଥା ସଂଗ୍ରାମେ ସକଟେର୍ଚିବ, ବିଘ୍ନସ୍ତସ୍ୟ ନ ଜାୟତେ ।୩। ବକ୍ରତୁଣ୍ଡ ମହାକାୟ, କୋଟି ସୂର୍ଯ୍ୟ ସମପ୍ରଭ ନିର୍ବିଘ୍ନ କୁରୁମେ ଦେବ, ସର୍ବକାର୍ଯ୍ୟଷୁ…

লক্ষ্মী পূজার মন্ত্র

।। লক্ষ্মী পূজার মন্ত্র ।। কোজাগরী লক্ষ্মী পূজার আহ্বান মন্ত্র এস মা লক্ষ্মী, কমল বরণী, কমলালতিকা দেবী কমলিনী- কমল আসনে, বিরাজ কমলা, কমলময়ী ফসলবাসিনী।। কমল বসন, কমল ভূষণ, কমনীয় কান্তি অতি বিমোহন। কোমল করে, শোভিছে কমল, ধাল সিঁদুরে শোভে দেখি শিরে। কোমল কন্ঠে কমল হারে, কোমল বদন দেখি যে সুন্দরে।। কমল চরণে কমল নূপুর, কমল…

কালী পূজার মন্ত্র পাঠ

।। কালী পূজার মন্ত্র পাঠ ।। শংকাপি জায়তে বৎস তব স্নেহাৎ প্রকাশিতম। ন বক্তব্যং ন দ্রষ্টব্যমতি গুহ্যতমং মহৎ।। কালিকা জগতাং মাতা শোকদুঃখাদি বিনাশিনী। বিশেষত কলি যুগে, মহাপাতকহারিণী।। কালী মে পুরুত: পাঠু পৃষ্ঠতশ্চ কপালিনী। কুল্বা মে দক্ষিনে পাতু করণৌ চগ্রোপ্রভামতা।। বদনং পাতু মে দীপ্তা নীলা চ চিবুকং সদা। ঘনা গ্রীবাং সদা পাতু বলাকা বাহুযুগ্মকম।। মাত্রা পাতু…

सोमवार व्रत एवं पूजा के लिए शक्तिशाली शिव मंत्र – अर्थ और लाभ सहित

सोमवार का दिन भगवान शिव अर्थात हमारे भोले भण्डारी भोलेनाथ को समर्पित है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। सोमवार के दिन कुछ शिव मंत्रों का जाप करना बहुत फलदायी माना जाता है। सोमवार का दिन भगवान शिव की उपासना के…

शिव शम्भु स्मरण – स्तवन

शिव शम्भु स्मरण – स्तवन भगवान् शिव को नमस्कार ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शङ्कराय च मयस्कराय च नमः शिव च शिवतराय च। कल्याण एवं सुख के मूल स्रोत भगवन शिव को नमस्कार है। कल्याण के विस्तार करने वाले तथा सुख के विस्तार करने वाले भगवन शिव को नमस्कार है। मङ्गलस्वरूप और मङ्गलमयता…

मंत्र पुष्पम

।। मंत्र पुष्पम ।। यापम पुष्पम वेदा । पुष्पवान, प्रजावान पसुवान भवति । चंद्रमावा अपाम पुष्पम । पुष्पवान, प्रजावान पसुवान भवति । या एवम वेदा, योपा मायतनं वेदा आयतनवान भवति । अग्निर्वा अपामायतनं, आयतनवान भवति यो अग्नेरायतनम् वेदा, आयतनवान भवति अपोवा अग्नेरायतनम् , आयतनवान भवति या एवम वेदा, योपा मायतनं वेदा आयतनवान भवति वर्युरवा अपामायतनं,…

Mantra Pushpam Telugu

|| మంత్రపుష్పం || ధాతా పురస్తాద్యముదాజహార | శక్రః ప్రవిద్వాన్ప్రదిశశ్చతస్రః | తమేవం విద్వానమృత ఇహ భవతి | నాన్యః పన్థా అయనాయ విద్యతే | ఓం సహస్రశీర్షం దేవం విశ్వాక్షం విశ్వశంభువమ్ | విశ్వం నారాయణం దేవమక్షరం పరమం పదమ్ | విశ్వతః పరమాన్నిత్యం విశ్వం నారాయణగ్ం హరిమ్ | విశ్వమేవేదం పురుషస్తద్విశ్వముపజీవతి | పతిం విశ్వస్యాత్మేశ్వరగ్ం శాశ్వతగ్ం శివమచ్యుతమ్ | నారాయణం మహాజ్ఞేయం విశ్వాత్మానం పరాయణమ్ | నారాయణ పరో జ్యోతిరాత్మా నారాయణః పరః…

श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र

।। श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र ।। निशंक होई रे मना,निर्भय होई रे मना। प्रचंड स्वामीबळ पाठीशी, नित्य आहे रे मना। अतर्क्य अवधूत हे स्मर्तुगामी, अशक्य ही शक्य करतील स्वामी।।१।। जिथे स्वामीचरण तिथे न्युन्य काय, स्वये भक्त प्रारब्ध घडवी ही माय। आज्ञेवीना काळ ही ना नेई त्याला, परलोकी ही ना भीती तयाला अशक्य ही शक्य…

वीरभद्र गायत्री मंत्र विधि और लाभ

॥ वीरभद्र मंत्र का जाप विधि ॥ सुबह सूर्योदय के साथ या सूर्यास्त बाद करें। बस्त्र रंग – लाल काधारण करे। दक्षिण दिशा के और बैठे सबसे पहले गणेश जी को अर्घ्य दें। घी का दीपक जलाएं। मन में वीरभद्र स्वामी का मानसिक चित्र बनाएं। रुद्राक्ष माला के सहारे मंत्र का 108 बार जाप करें।…

पंचदेव ध्यान मंत्र

।। पंचदेव ध्यान मंत्र ।। श्री गणेश मंत्र: “प्रात: स्मरामि गणनाथमनाथबन्धुं सिन्दूरपूरपरिशोभितगण्डयुग्मम्। उद्दण्डविघ्नपरिखण्डनचण्डदण्ड-माखण्डलादिसुरनायकवृन्दवन्द्यम्।।” सूर्य देव मंत्र: “प्रातः स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यं, रूपं हि मण्डलमृचोअथ तनुर्यन्जूषि। सामानि यस्य किरणा: प्रभावादिहेतुं, ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यमचिन्त्यरूपम्।।” भगवान विष्णु मंत्र: “प्रात: स्मरामि भवभीतिमहार्तिनाशं नारायणं गरुडवाहनमब्जनाभम्। महाभिभृतवरवारणमुक्तिहेतुं चक्रायुधं तरुणवारिजपत्रनेत्रम्॥” भगवान शिव मंत्र: “प्रातः स्मरामि भवभीतिहरं सुरेशं गङ्गाधरं वृषभवाहनमम्बिकेशम् । खट्वाङ्गशूलवरदाभयहस्तमीशं संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥” मां दुर्गा…

पंचदेव गायत्री मंत्र

।। पंचदेव गायत्री मंत्र ।। गणेश गायत्री मंत्र- ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।। विष्णु गायत्री महामंत्र- ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।। वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकेकनाथम। मां दुर्गा मंत्र- या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥ भगवान शिव- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनानत् मृत्योर्मुक्षीय…

शिव आवाहन मंत्र लाभ सहित

।। शिव आवाहन मंत्र ।। ॐ मृत्युंजय परेशान जगदाभयनाशन । तव ध्यानेन देवेश मृत्युप्राप्नोति जीवती ।। वन्दे ईशान देवाय नमस्तस्मै पिनाकिने । आदिमध्यांत रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।। नमस्तस्मै भगवते कैलासाचल वासिने । नमोब्रह्मेन्द्र रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।। त्र्यंबकाय नमस्तुभ्यं पंचस्याय नमोनमः । नमो दोर्दण्डचापाय मम मृत्युम् विनाशय ।। नमोर्धेन्दु स्वरूपाय नमो दिग्वसनाय च…

श्री वाराही देवी ध्यानम मंत्र अर्थ सहित

।। श्री वाराही देवी ध्यानम मंत्र ।। पाथोरुहपीठगतां पाथोरुहमेचकां कुटिलदंष्ट्राम् । कपिलाक्षित्रितयां घनकुचकुम्भां प्रणत वाञ्छितवदान्याम् । दक्षोर्ध्वतोऽरिखङ्गां मुसलमभीतिं तदन्यतस्तद्वत् । शङ्खं खेटं हलवरान् करैर्दधानां स्मरामि वार्तालीम् । ।। श्री वाराही देवी ध्यानम मंत्र अर्थ सहित ।। पाथोरुहपीठगतां पाथोरुहमेचकां कुटिलदंष्ट्राम्: पत्थर के सीने में बैठी हुई और पत्थर की मूर्ति, कुटिल दंतों वाली धरा की छटा हुई…