Brihaspati Remedies 2026 – बृहस्पति के इन अचूक उपायों से दूर होंगी नौकरी की रुकावटें, मिलेगी मनचाही सफलता!

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आज के दौर में एक अच्छी नौकरी पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। कड़ी मेहनत, अच्छी योग्यता और इंटरव्यू में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी अगर आपको सफलता नहीं मिल पा रही है, तो इसके पीछे ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में ग्रहों की स्थिति हमारी जिंदगी के हर…

थाई अमावसाई 2026 – थाई अमावसाई पर करें ये 5 विशेष उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति और चमकेगी आपकी किस्मत।

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थाई अमावसाई 2026 – क्या आप जीवन में अकारण बाधाओं का सामना कर रहे हैं? क्या कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता हाथ से फिसल जाती है? अगर हाँ, तो 18 जनवरी 2026 (रविवार) की तारीख अपनी डायरी में नोट कर लीजिए। यह दिन सामान्य नहीं है, यह पवित्र ‘थाई अमावसाई’ (Thai Amavasai) का दिन…

मौनी अमावस्या 2026 – शुभ मुहूर्त, स्नान-दान की सही विधि और इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां।

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क्या आप जानते हैं? हिंदू धर्म में साल की सभी अमावस्याओं में ‘मौनी अमावस्या’ को सबसे बड़ी और फलदायी अमावस्या माना जाता है। माघ का महीना, कड़कड़ाती ठंड और पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी यह दृश्य अपने आप में अद्भुत होता है। साल 2026 में मौनी अमावस्या का संयोग बेहद खास है। यह दिन…

मेरु त्रयोदशी क्यों मनाई जाती है? जानिए इसका धार्मिक इतिहास और पूजन की संपूर्ण विधि

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मेरु त्रयोदशी (Meru Trayodashi) जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहारों में से एक है। यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और मोक्ष की साधना का प्रतीक है। हर साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (तेरस) को मनाया जाने वाला यह पर्व प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) जी के निर्वाण…

भोगी से लेकर कनुम पोंगल तक – पोंगल के 4 दिनों का महत्व और उन्हें मनाने का पारंपरिक तरीका।

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भारत त्योहारों का देश है, और दक्षिण भारत में ‘पोंगल’ का वही महत्व है जो उत्तर भारत में मकर संक्रांति का। पोंगल केवल एक फसल उत्सव (Harvest Festival) नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य देव और पशुधन के प्रति आभार प्रकट करने का एक माध्यम है। तमिल कैलेंडर के अनुसार, जब सूर्य ‘धनु’ राशि से…

दान की महिमा – मकर संक्रान्ति पर तिल और कंबल दान करने का क्या है पौराणिक महत्व?

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सनातन धर्म में मकर संक्रांति का पर्व न केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि यह आध्यात्मिक चेतना और पुण्य संचय का भी महापर्व है। जब सूर्य देव धनु राशि का त्याग कर अपने पुत्र शनि की राशि ‘मकर’ में प्रवेश करते हैं, तो इसे ‘उत्तरायण’ की शुरुआत माना जाता है। इस दिन स्नान और…

गंगा स्नान और सूर्य अर्घ्य – मकर संक्रान्ति पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां।

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मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे ‘उत्तरायण’ की शुरुआत माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और सूर्य अर्घ्य का विशेष महत्व है, लेकिन अक्सर अनजाने में हम कुछ ऐसी…

मकर संक्रान्ति ‘पुण्य काल’ मुहूर्त – राशि अनुसार इन चीजों का दान करने से चमकेगी आपकी किस्मत।

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मकर संक्रान्ति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में ऊर्जा, सकारात्मकता और भाग्य परिवर्तन का महापर्व है। साल 2026 में मकर संक्रान्ति का यह अवसर आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है। यहाँ इस लेख में हम जानेंगे कि इस वर्ष ‘पुण्य काल’ का सही समय क्या है और कैसे आप अपनी राशि…

क्यों मनाया जाता है पोंगल? सूर्य देव के प्रति आभार प्रकट करने वाले इस त्यौहार की पूरी कहानी।

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भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर मौसम और फसल के आगमन का अपना एक उत्सव होता है। दक्षिण भारत, विशेष रूप से तमिलनाडु में, ‘पोंगल’ का त्यौहार केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पशुओं और सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक महापर्व है। जब उत्तर भारत में मकर संक्रांति और पंजाब…

क्या है मकरज्योति और मकरविलक्कु के बीच का अंतर? जानिए भगवान अयप्पा के इस चमत्कार का सच।

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केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों भक्तों का सैलाब उमड़ता है। इस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण होता है – मकरविलक्कु का दर्शन। अक्सर लोग ‘मकरज्योति’ और ‘मकरविलक्कु’ को एक ही मान लेते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं और वास्तविकता के धरातल पर इन दोनों में एक बड़ा…

मकरविलक्कु 2026 – भगवान अयप्पा के दर्शन और 18 पवित्र सीढ़ियों का आध्यात्मिक महत्व।

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केरल के घने जंगलों और पंपा नदी के पावन तटों के बीच बसा शबरीमाला मंदिर केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र है। साल 2026 का मकरविलक्कु (Makaravilakku) उत्सव करीब है, और ‘स्वामी येयप्पा’ के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान होने लगा है। यदि आप इस वर्ष भगवान अयप्पा…

देवताओं का दिन ‘उत्तरायण’ – क्यों इस दिन दान और स्नान का होता है विशेष फल?

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क्या आपने कभी सोचा है कि कड़कड़ाती ठंड के बीच जब 14 या 15 जनवरी के आसपास सूर्य देवता अपनी चाल बदलते हैं, तो भारतीय जनमानस में एक नई ऊर्जा क्यों दौड़ जाती है? यह केवल मौसम बदलने का संकेत नहीं है, बल्कि यह वह समय है जब ‘देवता अपनी नींद से जागते हैं’। जी…

उत्तरायण 2026 – जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन किए जाने वाले खास उपाय

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उत्तरायण 2026 – साल का वह समय आ गया है जब सूर्य देव अपनी दिशा बदलते हैं और हमारे जीवन में गर्माहट, नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। 14 जनवरी 2026 की इस सुबह, जब हम उत्तरायण (मकर संक्रांति) के करीब खड़े हैं, तो हवा में तिल और गुड़ की खुशबू अभी से…

माघ मास की जया एकादशी – शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री लिस्ट और व्रत में क्या खाएं, क्या नहीं?

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माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘जया एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह एकादशी अत्यंत पुण्यदायी और पापों का नाश करने वाली है। कहा जाता है कि जो भक्त इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें भूत-प्रेत या पिशाच योनि के भय से…

हजारों वर्षों की तपस्या के समान है जया एकादशी का व्रत – जानें इसका महत्व और पौराणिक कथा।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली ‘जया एकादशी’ को अत्यंत कल्याणकारी और फलदायी माना गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस एक दिन का व्रत रखने से व्यक्ति को पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है और उसे हजारों वर्षों की कठिन तपस्या…

जया एकादशी 2026 – प्रेत योनी से मुक्ति और श्री हरि की असीम कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी अपने आप में अत्यंत कल्याणकारी मानी गई है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है – ‘जया’ यानी विजय दिलाने वाली। यह एकादशी न केवल पापों का नाश करती है, बल्कि साधक को नीच योनियों (जैसे…

क्यों खास है 2026 की जया एकादशी? जानें शुभ संयोग और अपनी राशि के अनुसार दान।

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सनातन धर्म में एकादशी व्रत का महत्व सर्वोपरि माना गया है, लेकिन जब बात जया एकादशी की आती है, तो इसका आध्यात्मिक वजन और भी बढ़ जाता है। वर्ष 2026 में आने वाली जया एकादशी कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के कारण बेहद खास होने वाली है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से…

जया एकादशी 2026 स्पेशल – भगवान विष्णु के इन मंत्रों के जाप से चमक उठेगी आपकी किस्मत।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी (Jaya Ekadashi) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे न केवल पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि वह पिशाच योनी…

पिशाच योनी से मुक्ति दिलाने वाली ‘जया एकादशी’ का रहस्य और इसके पीछे की प्राचीन कहानी।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की ‘या एकादशी’ अपने आप में अत्यंत विलक्षण और कल्याणकारी मानी गई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह केवल एक व्रत नहीं बल्कि वह अमोघ अस्त्र है जो मनुष्य को नीच योनियों, विशेषकर पिशाच योनी के कष्टों से मुक्ति दिलाता…

अयोध्या राम मंदिर दर्शन 2026 – अब नए समय पर होंगे रामलला के दर्शन, जानें आरती और प्रवेश के बदले हुए नियम

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मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दर्शन और आरती के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए…

क्या आपने सुनी है ‘राम रक्षा स्तोत्र’ की महिमा? जानिए इसका रहस्य और लाभ

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राम रक्षा स्तोत्र हिंदू धर्म में एक अत्यंत प्रभावशाली और चमत्कारी कवच माना गया है, जिसकी रचना ऋषि बुधकौशिक ने भगवान शिव के स्वप्न आदेश पर की थी। इसका प्रत्येक श्लोक भगवान श्रीराम के दिव्य गुणों का वर्णन करता है और भक्त के शरीर के हर अंग की रक्षा के लिए प्रार्थना करता है। हिंदू…

Power of Ram Mantra – राम नाम की महिमा, क्यों है ‘राम’ मंत्र सबसे प्रभावशाली?

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‘राम’ नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि अनंत ऊर्जा और चेतना का पुंज है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, राम नाम को ‘तारक मंत्र’ माना गया है, जो संसार रूपी सागर से पार लगाने की शक्ति रखता है। इसकी विशिष्टता इस बात में है कि इसमें ‘रा’ (अग्नि बीज) और ‘म’ (अमृत बीज) का समावेश है।…

रामायण और महाभारत की वे अनकही बातें – जिन पर साधारण मनुष्य विश्वास नहीं कर सकता

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हम सभी ने रामायण और महाभारत की कथाएँ सुनी हैं। ये केवल कहानियाँ नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की नींव हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन महाकाव्यों में कुछ ऐसी बातें भी छिपी हैं, जिन पर आधुनिक (modern) युग का व्यक्ति आसानी से विश्वास नहीं कर सकता? ये अनकही बातें, जिन्हें अक्सर मुख्य धारा…

वाल्मीकि जयंती पर विशेष – कैसे बदल गई डाकू रत्नाकर की जिंदगी राम नाम के प्रभाव से?

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महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि ‘राम नाम’ में कितनी शक्ति है। अपने प्रारंभिक जीवन में वाल्मीकि ‘रत्नाकर’ नाम के एक क्रूर डाकू थे, जो राहगीरों को लूटकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। एक बार उनकी भेंट सप्तऋषियों से हुई, जिन्होंने उनसे पूछा कि क्या उनका परिवार उनके पापों…

राम ने सीता को वनवास क्यों दिया? 5 अनसुने कारण! जानिए वह सत्य जो कम लोग जानते हैं!

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नमस्कार दोस्तों, रामायण (Ramayana) की कहानी में सबसे दर्दनाक और विवादास्पद (Controversial) प्रसंग है – माता सीता को भगवान राम द्वारा वनवास दिया जाना। हर कोई इसके पीछे धोबी द्वारा लगाए गए लांछन और राम के राजधर्म (Duty of a King) को जानता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अलावा भी ऐसे कई…

श्री राम का ‘असली’ नाम क्या था? बाल्यकाल के 7 अनसुने रहस्य! (7 Unheard Secrets of Lord Ram’s Childhood)

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भगवान श्री राम को हम अनेक नामों से जानते हैं, लेकिन पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि वशिष्ठ ने उनका नाम ‘राम’ रखा था, जिसका अर्थ है – वह जो कण-कण में रमण करता है। उनके बाल्यकाल से जुड़े कुछ ऐसे रहस्य हैं जो अद्भुत हैं, भगवान श्री राम, जिन्हें हम मर्यादा पुरुषोत्तम (Maryada Purushottam) के…

राम-नाम की शक्ति – रोज़ बस 10 मिनट में पाएं मन की शांति और सफलता!

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राम-नाम केवल दो अक्षरों का शब्द नहीं, बल्कि एक अमोघ आध्यात्मिक शक्ति है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहाँ तनाव और चिंता आम बात है, प्रतिदिन मात्र 10 मिनट का राम-नाम जप आपके मानसिक और भौतिक जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। जब हम एकाग्र मन से “राम” नाम का स्मरण करते हैं, तो…

कूर्म द्वादशी का रहस्य – श्रीहरि विष्णु का कच्छप अवतार क्यों है इतना खास? महत्व और पूजन के नियम

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हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के दस अवतारों (दशावतार) का विशेष महत्व है, और इन्हीं में से एक है उनका दूसरा अवतार – कूर्म अवतार (Kurma Avatar)। कूर्म, जिसका अर्थ संस्कृत में ‘कछुआ’ होता है, इस बात का प्रतीक है कि सृष्टि के संतुलन को बनाए रखने के लिए स्वयं श्रीहरि विष्णु ने कितना विराट…

अष्टधातु का कछुआ रखने से क्या होता है लाभ? कूर्म द्वादशी के दिन जानें सही दिशा और उपाय

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क्या आपके जीवन में स्थिरता (Stability) और समृद्धि (Prosperity) की कमी है? क्या आप अपने करियर या व्यापार में तरक्की (Progress) चाहते हैं? अगर हां, तो अष्टधातु का कछुआ (Ashtadhatu Tortoise) आपके लिए एक चमत्कारी उपाय (Miraculous remedy) हो सकता है। हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) दोनों में ही कछुए को अत्यंत शुभ…

घर में चांदी का कछुआ कब और क्यों लाएं? कूर्म द्वादशी पर करें ये अचूक उपाय, बरसेगी लक्ष्मी कृपा!

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सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में कछुए (Tortoise) को अत्यंत शुभ और चमत्कारी माना गया है। यह न केवल लंबी आयु, स्थिरता (Stability) और धैर्य का प्रतीक है, बल्कि इसे धन और समृद्धि (Wealth and Prosperity) का कारक भी माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सभी धातुओं के कछुओं में,…

Vishwakarma Puja 2026 – जानें विश्वकर्मा जयंती पूजा मुहूर्त, पूजन विधि, व्रत कथा और महत्व

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वर्ष 2026 में विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का दिव्य शिल्पकार और देवताओं का वास्तुकार (Engineer) माना जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से कन्या संक्रांति के दिन मनाया जाता है, जब सूर्य सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करते हैं। विश्वकर्मा जयंती भगवान…

आयुध पूजा 2026 – क्यों होते हैं अस्त्र-शस्त्र पूजित? जानें इतिहास, कथा और पूजा विधि

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आयुध पूजा, जिसे ‘शस्त्र पूजा’ भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में यह उत्सव 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार मुख्य रूप से नवरात्रि के नौवें दिन (महानवमी) या दशहरे के अवसर पर मनाया जाता है। भारत, जिसे त्योहारों की भूमि कहा जाता है, यहाँ हर पर्व किसी…

मध्वाचार्य जयंती 2026 – जानें द्वैत वेदांत के प्रवर्तक श्री मध्वाचार्य का जीवन, दर्शन और शिक्षाएँ

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हिंदू कैलेंडर के अनुसार, द्वैतवाद दर्शन के प्रणेता जगद्गुरु श्री मध्वाचार्य की जयंती हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (विजयादशमी) को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 21 अक्टूबर, बुधवार को मनाया जाएगा। भारत की संत परंपरा में, श्री मध्वाचार्य (Madhvacharya) का नाम बड़े आदर के साथ लिया…

विद्यारम्भम् 2026 – ज्ञान, सरस्वती पूजन और अक्षर-अभ्यास का शुभ मुहूर्त

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“विद्यारम्भम्” (विद्यारंभ संस्कार) हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में से एक है, जो बच्चे की शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह संस्कार विशेष रूप से 4 मार्च, बुधवार (विजयादशमी या वसंत पंचमी जैसे अवसरों के समीप) और अन्य शुभ मुहूर्तों में मनाया जाएगा। भारतीय संस्कृति में विद्यारम्भ…

नवपत्रिका पूजा 2026 – जानिए महालक्ष्मी स्वरूप नौ पत्तियों की पूजा विधि, महत्व और रहस्य

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भारतीय संस्कृति में त्योहार केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध का प्रतीक हैं। दुर्गा पूजा और नवरात्रि का आगमन ऐसे ही एक विशेष पर्व, “नवपत्रिका पूजा” (Navpatrika Puja) के साथ होता है। यह पूजा, जिसमें नौ तरह के पौधों और पत्तियों का उपयोग होता है, प्रकृति को देवी शक्ति…

आश्विन नवपद ओली 2026 – जैन धर्म के इस 9 दिवसीय व्रत और साधना का आध्यात्मिक रहस्य

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जैन धर्म में आश्विन नवपद ओली आत्म-शुद्धि और तपस्या का एक पावन पर्व है। वर्ष 2026 में यह आराधना 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। शाश्वत मानी जाने वाली यह ओली नौ दिनों तक चलती है, जिसमें ‘सिद्धचक्र महायंत्र’ के नौ पदों (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, दर्शन, ज्ञान, चरित्र और तप) की…

2026 पितृ दोष से मुक्ति – जानिए लक्षण, कारण और कारगर उपाय

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ज्योतिष शास्त्र में, पितृ दोष को एक ऐसा दोष माना जाता है जो हमारे पूर्वजों (पितरों) के अधूरे कर्मों या उनके प्रति हमारे गलत व्यवहार के कारण होता है। यह दोष व्यक्ति के जीवन में कई तरह की बाधाएं और समस्याएं पैदा कर सकता है पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए धार्मिक, आध्यात्मिक, और…

Maha Bharani Shradh 2026 – महा भरणी व्रत क्यों है पितरों को प्रसन्न करने का दिव्य अवसर? जानें रहस्य और नियम

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वर्ष 2026 में महा भरणी श्राद्ध 29 सितंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। पितृ पक्ष के दौरान भरणी नक्षत्र का आगमन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भरणी नक्षत्र के स्वामी यमराज हैं, इसलिए इस दिन किया गया श्राद्ध गया तीर्थ में किए गए श्राद्ध के समान पुण्य प्रदान करता है।…

Bilv Nimantran 2026 – बिल्व निमन्त्रण की अद्भुत कथा, बिल्व निमन्त्रण क्यों माना जाता है शुभ?

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“बिल्व निमंत्रण 2026” दुर्गा पूजा के पावन उत्सव की आध्यात्मिक शुरुआत का प्रतीक है। वर्ष 2026 में, यह महत्वपूर्ण अनुष्ठान 16 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। हर वर्ष की तरह, शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि को “बिल्व निमन्त्रण” का महापर्व मनाया जाता है। यह एक ऐसा अनुष्ठान है जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण…

ओणम 2026 कब है? जानिए तिथि, पूजन विधि, कथा और ओणसद्या की परंपरा

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ओणम केरल का सबसे महत्वपूर्ण और रंगीन सांस्कृतिक उत्सव है, जो राजा महाबली के स्वागत में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में मुख्य ओणम, जिसे थिरुवोणम कहा जाता है, 26 अगस्त को मनाया जाएगा। यह उत्सव मलयालम कैलेंडर के अनुसार ‘चिंगम’ महीने में आता है, जो नई फसल की खुशी और समृद्धि का प्रतीक है।…

Vamana Jayanti 2026 – वामन जयंती का व्रत कैसे करें? जानें पूजन, नियम और ब्राह्मण दान का महत्व

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वामन जयंती, जिसे वामन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु के पांचवें अवतार ‘वामन देव’ के प्राकट्य का उत्सव है। वर्ष 2026 में यह शुभ पर्व 23 सितंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को श्रवण नक्षत्र में भगवान विष्णु ने…

Parivartini Ekadashi 2026 – परिवर्तिनी एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें?

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साल 2026 में परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर, मंगलवार को रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह एकादशी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में आती है। इसे ‘पार्श्व एकादशी’, ‘पद्मा एकादशी’ या ‘वामन एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। परिवर्तिनी एकादशी, जिसे ‘परिवर्तिनी’ या ‘आश्वयुज एकादशी’ भी कहते हैं, हिंदू कैलेंडर के अनुसार…

भुवनेश्वरी जयंती 2026 – शक्ति की अधीश्वरी देवी का जन्मोत्सव, जानें पूजा विधि और रहस्य, क्यों यह तिथि तांत्रिक साधकों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है

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भुवनेश्वरी जयंती का पर्व माँ भुवनेश्वरी को समर्पित है, जो दस महाविद्याओं में चौथी शक्ति मानी जाती हैं। वर्ष 2026 में, भुवनेश्वरी जयंती 22 सितंबर, मंगलवार को मनाई जाएगी (पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल द्वादशी)। माँ भुवनेश्वरी को “ब्रह्मांड की रानी” माना जाता है। उनकी साधना से साधक को ऐश्वर्य, ज्ञान और मानसिक शांति की…

शनि त्रयोदशी 2026 – शनि देव की कृपा पाने का सर्वोत्तम दिन, जानें पूजन विधि और महत्व

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वर्ष 2026 में शनि त्रयोदशी (जिसे शनि प्रदोष भी कहा जाता है) का विशेष धार्मिक महत्व है। जब त्रयोदशी तिथि शनिवार के दिन पड़ती है, तो इसे शनि प्रदोष का अत्यंत शुभ संयोग माना जाता है। वर्ष 2026 में 28 मार्च, 25 जुलाई और 22 अगस्त जैसी तिथियों पर यह योग बन रहा है। शनि…

पुष्कर स्नान 2026 – कब और कैसे करें? जानें शुभ मुहूर्त, विधि और लाभ (The Complete Guide)

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भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत में पुष्कर का स्थान अद्वितीय है। राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित यह पवित्र नगर, भगवान ब्रह्मा के एकमात्र मंदिर और पवित्र पुष्कर सरोवर के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहाँ विशाल पुष्कर मेला (Pushkar Fair) और महास्नान (Holy Bath) का आयोजन होता…

2026 योगेश्वर द्वादशी व्रत करने से मिलते हैं ये 5 दिव्य लाभ – जानें शुभ तिथि, पूजा विधि और उपवास के नियम

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योगेश्वर द्वादशी 2026 का पावन पर्व 21 नवंबर 2026 (शनिवार) को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह तिथि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को आती है। इसे ‘चिलकु द्वादशी’ या ‘तुलसी द्वादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि (Dwadashi Tithi) को…

उत्पन्ना एकादशी 2026 व्रत क्यों और कैसे करें? जानिए व्रत का संपूर्ण विवरण और रहस्य

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हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ तिथि 4 दिसंबर, शुक्रवार को पड़ेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन एकादशी माता प्रकट हुई थीं, इसलिए इसे ‘उत्पन्ना एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। उत्पन्ना एकादशी का व्रत हिंदू धर्म…

कार्तिक पूर्णिमा 2026 – देव दिवाली का अद्भुत पर्व, जानें महत्व, व्रत विधि और धार्मिक मान्यताएँ (Kartik Purnima Festival of Dev Deepawali)

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कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। वर्ष 2026 में यह पर्व 24 नवंबर को मनाया जाएगा। इसे ‘देव दीपावली’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन देवताओं ने त्रिपुरासुर राक्षस पर भगवान शिव की विजय की खुशी में दीपावली मनाई थी।…

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