मूर्खशिष्योपदेशेन – श्लोक अर्थ सहित

|| मूर्ख शिष्योपदेशेन – श्लोक || मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च। दुःखितैः सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यवसीदति॥ हिंदी अर्थ: आइये जानें इस संस्कृत श्लोक का अर्थ हिंदी में: मूर्ख शिष्य के उपदेश देने से और दुष्ट स्त्री के साथ रहने से, संकटपूर्ण परिस्थितियों के कारण पंडित भी दुःखित हो जाता है। Murkha-sishyopadesena dushtastribharanena cha, duhkhitah samprayogena pandito pyavasidati. English Meaning:…

बजरंग बलि बाबा तेरी महिमा गाते है

|| बजरंग बलि बाबा तेरी महिमा गाते है || बजरंग बलि बाबा तेरी महिमा गाते है, नही संग कुछ लाये है, एक भजन सुनाते है, सालासर के बाबा तेरी महिमा गाते है ॥ तुझे समझ के बल वीरा एक विनती सुनते है, तेरे दर पे आकर हम तेरे गुणगान गाते है, सुनकर बैठे रहते पर…

बैल दी सवारी कर आया हो

|| बैल दी सवारी कर आया हो || बैल दी सवारी कर आया हो मेरा भोला भंडारी, भोला भंडारी मेरा, शम्भू जटाधारी, बैल दी सवारी कर आया हो मेरा भोला भंडारी, उचियाँ कैलाशा शिव भोले वसदा, भगता दे जेह्डा कष्ट जो हरदा, शंकर शंकट हरी हो, मेरा भोला भंडारी, बैल दी सवारी कर आया हो…

दारिद्रय रोग दुःखानि – श्लोक अर्थ सहित

|| दारिद्रय रोग दुःखानि – श्लोक || दारिद्रय रोग दुःखानि बंधन व्यसनानि च। आत्मापराध वृक्षस्य फलान्येतानि देहिनाम्।। हिंदी अर्थ: आइये जानें इस संस्कृत श्लोक का अर्थ हिंदी में: दारिद्र्य, रोग, दुख, बंधन और व्यसन व्यक्ति द्वारा किये गए पाप रूपी वृक्ष के फल अर्थात परिणाम होते हैं। इन फलों का उपभोग मनुष्य को करना ही…

चंदन है इस देश की माटी

|| चंदन है इस देश की माटी || चंदन है इस देश की माटी, तपोभूमि हर ग्राम है । हर बाला देवी की प्रतिमा, बच्चा बच्चा राम है ॥ हर शरीर मंदिर सा पावन, हर मानव उपकारी है । जहॉं सिंह बन गये खिलौने, गाय जहॉं मॉं प्यारी है । जहॉं सवेरा शंख बजाता, लोरी…

धर्मज्ञो धर्मकर्ता च – श्लोक अर्थ सहित

|| धर्मज्ञो धर्मकर्ता च – श्लोक || धर्मज्ञो धर्मकर्ता च सदा धर्मपरायणः। तत्त्वेभ्यः सर्व शास्त्रार्थादेशको गुरुरुच्यते॥ हिंदी अर्थ: आइये जानें इस संस्कृत श्लोक का अर्थ हिंदी में: जो धर्म को जानने वाला है, उसे धर्म का पालन करने वाला, और सदैव धर्मपरायण है। जो सभी शास्त्रों के अर्थ को समझकर उनका उपदेश करता है, वह…

कर्मफल-यदाचरित – श्लोक अर्थ सहित

|| कर्मफल-यदाचरित – श्लोक || कर्मफल-यदाचरित कल्याणि ! शुभं वा यदि वाऽशुभम् । तदेव लभते भद्रे! कर्त्ता कर्मजमात्मनः ॥ हिंदी अर्थ: आइये जानें इस संस्कृत श्लोक का अर्थ हिंदी में: मनुष्य जैसा भी कर्म करता है, वह चाहे अच्छा या बुरा हो, उसे वैसा ही फल मिलता है । कर्त्ता को अपने कर्म का फल…

राम लक्ष्मण द्वादशी व्रत कथा और पूजा विधि

ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को राम लक्ष्मण द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीराम और उनके अनुज लक्ष्मण को समर्पित है। इस दिन भगवान गोविंद विट्ठलनाथजी की भी उपासना का विधान है। राम लक्ष्मण द्वादशी की कथा और महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में महाराज…

अंजनी के लाला, एक बार मिला दे मोहे राम से

|| अंजनी के लाला, एक बार मिला दे मोहे राम से || अंजनी के लाला, एक बार मिला दे मोहे राम से ॥ ओ मतवारे राम तुम्हारी, बात कभी ना टाले, अर्जी सुन ले तेरे दास की, भक्तो के रखवाले जी, अँजनी का लाला, एक बार मिला दे मोहे राम से ॥ तू सेवक है…

चन्दन चौक पुरावा मंगल कलश सजावा

|| चन चौक पुरावा मंगल कलश सजावा || चन्दन चौक पुरावा, मंगल कलश सजावा, आओ आओ ना बाबा जी, म्हारे आंगणे, आओ आओ ना बाबा जी, म्हारे आंगणे, चंदन चौक पुरावा ॥ थारे मंदरिये में नित आवा, आकर थारी म्हे ज्योत जगावा, कंचन थाल सजावा, चूरमो भोग लगावा, आओ आओ ना बाबा जी, म्हारे आंगणे,…

चंदा सिर पर है जिनके शिव

|| चंदा सिर पर है जिनके शिव || चंदा सिर पर है जिनके, कानो में कुण्डल चमके, सर्पो की माल गले में, गंगा है जटा में जिनके, ऐसे तो भोला शंकर है, शंकर को वंदन है, ऐसे तो भोला शंकर है, शंकर को वंदन है ॥ मेरे भोले भंडारी की, नंदी पे सवारी, नंदी की…

भज राधे गोविंदा रे पगले

|| भज राधे गोविंदा रे पगले || भज राधे गोविंदा रे पगले, भज राधे गोविंदा रे, तन परिंदे को छोड़ कही, उड़ जाये ना प्राण परिंदा रे, भज राधें गोविंदा रे पगले, भज राधे गोविंदा रे ॥ झूठी सारी दुनियादारी, झूठा तेरा मेरा रे, आज रुके कल चल देगा, ये जोगी वाला फेरा रे, सब…

श्री चित्रगुप्त स्तुति

॥ चित्रगुप्त स्तुति PDF ॥ जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम् । जय पूज्यपद पद्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय देव देव दयानिधे, जय दीनबन्धु कृपानिधे । कर्मेश जय धर्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय चित्र अवतारी प्रभो, जय लेखनीधारी विभो । जय श्यामतम, चित्रेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ पुर्वज व भगवत अंश जय, कास्यथ…

बोल बम बम प्यारे बोल बम बम

|| बोल बम बम प्यारे बोल बम बम || बम बम बम बम बम बम बम बम, जिंदगी में कुछ भी रहेगा नही गम, बोल बम बम प्यारे बोल बम बम ॥ बड़े ही दयालु भोले कष्ट हर लेते है, धन और माल से खजाना भर देते है, चाहे बोलो हर हर चाहे बम बम,…

बाबा ये नैया कैसे डगमग डोली जाये

|| बाबा ये नैया कैसे डगमग डोली जाये || बाबा ये नैया कैसे, डगमग डोली जाए, बिन माझी पतवार के इसको, तू ही पार लगाए, ॥ बाबा ये नैया कैसे..॥ दूर दूर नहीं दिखे किनारा, लहरे भी बिसराए, बादल भी है गरज रहे और, मुझको रहे डराए, जबकि मैं ये सोच रहा तू, अब आए…

बिसर गई सब तात पराई

|| बिसर गई सब तात पराई || बिसर गई सब तात पराई, जब ते साध संगत मोहे पाई, ना कोई बैरी नहीं बेगाना, सगल संग हमको बन आई, बिसर गई सब तात पराई, बिसर गयी सब तात पराई । जो प्रभु कीन्हो सो भल मान्यो, एह सुमत साधु ते पाई, बिसर गई सब तात पराई,…

सोमनाथ ब्रता कथा

|| सोमनाथ ब्रता कथा || एक दिनकरे कैळास शिखररे ईश्वर पार्बतीङ्कु सङ्गते घेनि आनन्दरे बिहार करुछन्ति । सेठारे तेतिशि कोटि देबता बसिछन्ति । एमन्त समय़रे पार्बती पचारिले, हे स्वामी ! केउँ ब्रत कले तुम्भ मनरे सन्तोष हुअइ मोते कहिबा हुअन्तु । मुँ से ब्रत करिबि । एहा शुणि ईश्बर हसि हसि कहिले, भो देबी पार्बती,…

छम छम नाचे हनुमान, बजे रे पग पैजनिया

|| छम छम नाचे हनुमान, बजे रे पग पैजनिया || छम छम नाचे हनुमान, बजे रे पग पैजनिया, राम का करे गुणगान, बजे रे पग पैजनिया, छम छम नाचें हनुमान, बजे रे पग पैजनिया ॥ रोम रोम में राम रमाए, राम में जिनके प्राण समाए, राम रसिक गुण खान, बजे रे पग पैजनिया, छम छम…

बिना राम रघुनंदन के, कोई नहीं है अपना रे

|| बिना राम रघुनंदन के, कोई नहीं है अपना रे || बिना राम रघुनंदन के, कोई नहीं है अपना रे, जहाँ राम है सच वही, बाकी जगत इक सपना रे, सदा राम रहे राज़ी मुझसे, कर्म वही मुझे करना है, जहां धर्म है वही राम, मन राम रंग ही रंगना है, बोलो राम जय सिया…

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

|| छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना || छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना कहते लोग इसे राम का दिवाना छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना पाँव में घूंघरु बांध के नाचे राम जी का नाम इसे प्यारा लागे राम ने भी देखो इसे खुब पहचाना ॥ छम छम…

चलती है सारी श्रष्टी, महाकाल के दर से

|| चलती है सारी श्रष्टी, महाकाल के दर से || चलती है सारी श्रष्टी, महाकाल के दर से ॥ दोहा – मेरे महाकाल की मर्जी से, ये सूर्य की किरणे निकलती है, मेरे महाकाल की कृपा से, ये श्रष्टी सारी चलती है ॥ चलती है सारी श्रष्टी, उज्जैन शहर से, मेरे महाकाल के दर से,…

સોમનાથ બ્રતા કથા

|| સોમનાથ બ્રતા કથા (Somnath Brata Katha Gujarati PDF) || એક દિનકરે કૈળાસ શિખરરે ઈશ્વર પાર્બતીઙ્કુ સઙ્ગતે ઘેનિ આનન્દરે બિહાર કરુછન્તિ . સેઠારે તેતિશિ કોટિ દેબતા બસિછન્તિ . એમન્ત સમય઼રે પાર્બતી પચારિલે, હે સ્વામી ! કેઉઁ બ્રત કલે તુમ્ભ મનરે સન્તોષ હુઅઇ મોતે કહિબા હુઅન્તુ . મુઁ સે બ્રત કરિબિ . એહા શુણિ ઈશ્બર હસિ…

গিরীশ স্তোত্রম্

|| গিরীশ স্তোত্রম্ (Girish Stotram Bengali PDF) || শিরোগাঙ্গবাসং জটাজূটভাসং মনোজাদিনাশং সদাদিগ্বিকাসম্ । হরং চাম্বিকেশং শিবেশং মহেশং শিবং চন্দ্রভালং গিরীশং প্রণৌমি ॥ সদাবিঘ্নদারং গলে নাগহারং মনোজপ্রহারং তনৌভস্মভারম্ । মহাপাপহারং প্রভুং কান্তিধারং শিবং চন্দ্রভালং গিরীশং প্রণৌমি ॥ শিবং বিশ্বনাথং প্রভুং ভূতনাথং সুরেশাদিনাথং জগন্নাথনাথম্ । রতীনাথনাশঙ্করন্দেবনাথং শিবং চন্দ্রভালং গিরীশং প্রণৌমি ॥ ধনেশাদিতোষং সদাশত্রুকোষং মহামোহশোষং জনান্নিত্যপোষম্ । মহালোভরোষং…

चलो सालासर भक्तों, बाबा का बुलावां आ गया

|| चलो सालासर भक्तों, बाबा का बुलावां आ गया || बाबा का बुलावा आ गया, चलो सालासर भक्तो, वहां बैठे अंजनी लाल, करते इक पल में कमाल, अब मैं इससे ज़्यादा क्या कहूं, भक्तों के मन को भा गया, चलो सालासर भक्तों, हनुमत का बुलावा आ गया, चलो सालासर भक्तों, बाबा का बुलावां आ गया,…

बाबा मुझे दर्शन दें महाकाल

|| बाबा मुझे दर्शन दें महाकाल || मैं आया उज्जैन महाकाल, बाबा मुझे दर्शन दे, दर्शन दे मुझे दर्शन दे, दर्शन दे मुझे दर्शन दे, तेरा प्यारा है दरबार, आज मुझे दर्शन दे ॥ चिंतामण सब चिंता हरते, मंगलनाथ है मंगल करते, तेरी उज्जैनी नगरी कमाल, आज मुझे दर्शन दे, मैं आया उज्जैन महाकाल, बाबा…

चलो मन वृन्दावन की ओर

|| चलो मन वृन्दावन की ओर || चलो मन वृन्दावन की ओर, प्रेम का रस जहाँ छलके है, कृष्णा नाम से भोर, चलो मन वृंदावन की ओर ॥ भक्ति की रीत जहाँ पल पल है, प्रेम प्रीत की डोर, राधे राधे जपते जपते, दिख जाए चितचोर, चलो मन वृंदावन की ओर ॥ उषा की लाली…

बाबा महाकाल तेरा, सारा जग दीवाना है

|| बाबा महाकाल तेरा, सारा जग दीवाना है || बाबा महाकाल तेरा, सारा जग दीवाना है, मैं भी दर पे आया हूँ, छोड़कर जमाना है ॥ दर्श मुझको दे देना, आस ये लगी दिल में, दर्श मैंने माँगा है, माँगा ना खजाना है, बाबा महांकाल तेरा, सारा जग दीवाना है ॥ बाबा तीनो लोको में,…

चलो दर्शन को मेहंदीपुर चलिए

|| चलो दर्शन को मेहंदीपुर चलिए || चलो दर्शन को मेहंदीपुर चलिए, जहाँ बालाजी का दरबार है, तेरे संकट सभी कट जाएंगे, वो ही संकट के काटन हार है, चलों दर्शन को मेहंदीपुर चलिए ॥ तुम यहाँ आओ अर्जी लगाओ, ध्याम लगाओ बाबा का, ज्योति जगाओ शीश झुकाओ, कीर्तन गाओ बाबा का, जिसे बाबा पे…

भोले के नाम का प्याला पिएंगे

|| भोले के नाम का प्याला पिएंगे || भोले के नाम का प्याला पिएंगे, भोले के नाम का जप हम करेंगे, मस्ती में झूमेंगे नाचे गाएंगे, जब भी भोले मेरे डमरू बजायेंगे ॥ ओ दीवाने ओ मस्ताने, भोले की ताक़त को तू ना जाने, जो भी बने भोले के दीवाने, दुनिया उसे साधु संतो में…

भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं

|| भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं || ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ॥ चली कांवड़ियों की टोली, सब भोले के हमजोली, गौमुख से गंगाजल वो लाने वाले हैं । भोले के कांवड़िया, मस्त बड़े मत वाले हैं ॥ सब अलग अलग शहरों से चलकर आते हैं, कंधे पे उठा के कावड़…

भोले के हाथों में, है भक्तो की डोर

|| भोले के हाथों में, है भक्तो की डोर || भोले के हाथों में, है भक्तो की डोर, किसी को खींचे धीरे, और किसी को खींचे जोर, भोले के हाथो में, है भक्तो की डोर ॥ मर्जी है इसकी हमको, जैसे नचाए, जितनी जरुरत उतना, जोर लगाए, ये चाहे जितनी खींचे, हम काहे मचाए शोर,…

भोले दी बरात

|| भोले दी बरात || भोले दी बरात चढ़ी, गज वज के, सारीया ने भंग पीती, रज रज के, हो सारीया ने सारीया ने, सारीया ने भगत पियारिया ने, भोलें दी बरात चढ़ी, गज वज के, सारीया ने भंग पीती, रज रज के ॥ ब्रह्मा विष्णु खुशी मनांदे, देवी देव जयकारे लौंदे, बन के बाराती…

శ్రీ బతుక్ భైరవ హృదయ

|| శ్రీ బతుక్ భైరవ హృదయ (Batuk Bhairav Hridayam Telugu PDF) || పూర్వపీఠికా కైలాశశిఖరాసీనం దేవదేవం జగద్గురుం . దేవీ పప్రచ్ఛ సర్వజ్ఞం శంకరం వరదం శివం .. .. శ్రీదేవ్యువాచ .. దేవదేవ పరేశాన భక్త్తాభీష్టప్రదాయక . ప్రబ్రూహి మే మహాభాగ గోప్యం యద్యపి న ప్రభో .. బటుకస్యైవ హృదయం సాధకానాం హితాయ చ . .. శ్రీశివ ఉవాచ .. శృణు దేవి ప్రవక్ష్యామి హృదయం బటుకస్య చ …..

बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे

|| बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे || बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे, कोई सोना की जो होती, हीरा मोत्या की जो होती, जाणे काई करतो, काई करतो, बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे ॥ जैल में जनम लेके घणो इतरावे, कोई महला में जो होतो, कोई अंगना में जो होतो, जाणे काई करतो,…

भोले डमरू वाले तेरा, सच्चा दरबार है

|| भोले डमरू वाले तेरा, सच्चा दरबार है || भोले डमरू वाले तेरा, सच्चा दरबार है, तेरी जय जयकार भोले, तेरी जय जयकार है ॥ भक्तों के खातिर, कलयुग में आए, महिमा इनकी, सब देव गाए, अपने भगत के लिए, करते चमत्कार है, तेरी जय जयकार भोले, तेरी जय जयकार है ॥ आवाज जिसने, दिल…

श्रीमीनाक्षी पञ्चदशी स्तोत्रम्

|| मीनाक्षी पञ्चदशी स्तोत्रम् PDF || ॐ क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं स क ल ह्रीं श्रीं । कस्मात्पर्वतराजराजतनये त्वत्पादपद्मे न तं दीनं मां समुपेक्षसे मम दृशोः भानं कुतो लुप्यते । को वा त्वत्च्चरणारविन्दभजनं कुर्वन् कृती भूतले दारिद्र्यं लभते कथं च जननी दृष्ट्या विहीनो भवेत् ॥ एवं पाण्ड्यनृपात्मजेति भुवने…

बिहारी ब्रज में घर मेरा बसा दोगे तो क्या होगा

|| बिहारी ब्रज में घर मेरा बसा दोगे तो क्या होगा || बिहारी ब्रज में घर मेरा बसा दोगे तो क्या होगा, बसा दोगे तो क्या होगा, बसा दोगे तो क्या होगा, कृपा करके जो वृंदावन बुला लोगे तो क्या होगा, बिहारी ब्रज में घर मेरा बसा दोगे तो क्या होगा ॥ कभी तुम सामने…

कावेरी स्तोत्रम्

|| कावेरी स्तोत्रम् PDF || श्रीपराशरभट्टाचार्यकृते श्रीरङ्गराजस्तोत्रे कावेरीमाहात्म्यसम्बन्धे स्पष्टीकृतानि कानिचित् श्लोकानि ॥ दुग्धाब्धिर्जनको जनन्यहमियं श्रीरेव पुत्री वरः श्रीरङ्गेश्वर एतदर्हमिह किं कुर्यामितीवाकुला । चञ्चच्चामरचन्द्रचन्दन= महामाणिक्यमुक्तोत्करान् कावेरीलहरीकरैर्विदधती पर्येति सा सेव्यताम् ॥ अगणितगुणावद्यं सर्वं स्थिररत्नसमप्रतिक्रिया- मपि पयःपुरैराप्याययन्त्यनु जाग्रति । प्रवहति जगद्धात्री भूत्वैव रङ्ग्पतेर्दया शिशिर मधुरागाधा सा नः पुनातु मरुद्वृधा ॥ तरलतनुतरङ्गैर्मन्दमान्दोलिमान- स्वतटविटपिराजी मञ्जरी सुप्तभृङ्गा । क्षिपतु कनकनाम्नी निम्नगा…

भोले भोले रट ले जोगनी

|| भोले भोले रट ले जोगनी || भोले भोले रट ले जोगनी, शिव ही बेड़ा पार करे, भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले, भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले ॥ उसकी मुक्ति कभी ना होगी, जो शिव का ना ध्यान धरे, भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले, भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले ॥ किया भस्म जब भस्मासुर को,…

श्रीसरयू अष्टकम्

|| श्रीसरयू अष्टकम् PDF || चक्रवर्तीदशरथ उवाच । नमस्ते सरयू देवि वसिष्ठ तनये शुभे । ब्रह्मादि सकलैर्देवैरृषिभिर्नारदादिभिः ॥ सदा त्वं सेविता देवि तथा सुकृतिभिर्नरैः । मानसाच्च समायाते जगतां पाप हारिणि ॥ स्मरतां पश्यतां देवि पापनाशे पटीयसि । ये पिबन्ति जलं देवि त्वदीयं गतमत्सराः ॥ स्तनपानं न ते मातुः करिष्यन्ति कदाचन । मनु प्रभृतिभिर्मान्यैमानितासि सदा शुभे…

अयोध्यावासी राम

|| अयोध्यावासी राम || अयोध्यावासी राम दशरथ नंदन राम जानकी जीवन राम श्री राम राम, जय राम अयोध्यावासी राम दशरथ नंदन राम जानकी जीवन राम श्री राम राम, जय राम अयोध्यावासी राम दशरथ नंदन राम जानकी जीवन राम श्री राम राम, जय राम अयोध्यावासी राम दशरथ नंदन राम जानकी जीवन राम श्री राम राम, जय…

बिगड़ी किस्मत को बनाना, शिव भोले का काम है

|| बिगड़ी किस्मत को बनाना, शिव भोले का काम है || बिगड़ी किस्मत को बनाना, शिव भोले का काम है, रोते को पल में हसाना, शिव भोले का काम है, बिगडी किस्मत को बनाना, शिव भोले का काम है, रोते को पल में हसाना, शिव भोले का काम है ॥ किस पे कब खुश होंगे…

ఋణవిమోచన అంగారక స్తోత్రం

|| ఋణవిమోచన అంగారక స్తోత్రం (Runa Vimochana Angaraka Stotram Telugu PDF) || స్కంద ఉవాచః ఋణగ్రస్తనరాణాం తు ఋణముక్తిః కథం భవేత్ బ్రహ్మోవాచః వక్ష్యే హం సర్వ లోకానాం – హితార్థం హితకామదం శ్రీ మదంగారక స్తోత్రమహామంత్రస్య – గౌతమ ఋషిః – అనుష్ఠుప్ ఛందః అంగారకో దేవతా మమ ఋణవిమోచనార్థే జపే వినియోగః ధ్యానం రక్తమాల్యాంబరధరః – శూలశక్తిగదాధరః చతుర్భుజో మేషగతో – వరదశ్చ ధరాసుతః మంగళో భూమిపుత్రశ్చ – ఋణహర్తా ధనప్రదః…

అపమార్జన స్తోత్రం

|| అపమార్జన స్తోత్రం (Apamarjana Stotram Telugu PDF) || భగవాన్ ప్రాణిన సర్వ్ విష రోగాద్ ఉపద్రవై, దుష్ట గ్రహిబిగాతైస్చ సర్వ కలముపద్రుతా. అభిచారక క్రుత్యభి స్పర్స రోగైస్చ దరుణి, సదా సంపీదయమానస్తూ తిష్టంతి ముని సతమ కేన కర్మ విపకేన విష రోఘద్యుపధ్రవ, న భవంతి నృణాం తన్మే యధావాడ్ వక్తుమర్హసి శ్రీ పులస్త్య ఉవాచ వ్రుతో ఉపవసై యై విష్ణుర్ అన్య జన్మని తోషిత, థెయ్ నారా ముని శార్దూల విష రోగాది…

వారాహి స్తుతి

|| వారాహి స్తుతి (Varahi Stuti Telugu PDF) || ధ్యానం: కృష్ణ వర్ణాం తు వారాహీం మహిషస్తాం మహోదరీమ్ వరదాం దండినీం ఖడ్గం బిభ్రతీమ్ దక్షిణే కరే ఖేట పాత్రా2భయాన వామే సూకరాస్యాం భజామ్యహం స్తుతి: నమోస్తు దేవి వారాహి జయైకార స్వరూపిణి జపిత్వా భూమిరూపేణ నమో భగవతః ప్రియే || జయక్రోడాస్తు వారాహి దేవిత్వాంచ నామామ్యహం జయవారాహి విశ్వేశి ముఖ్య వారాహితే నమః || ముఖ్య వారాహి వందేత్వాం అంధే అంధినితే నమః సర్వ…

ತೋತ್ಕಾಷ್ಟಕಮ್

|| ತೋಟಕಾಷ್ಟಕಂ (Totakashtakam Kannada PDF) || ವಿದಿತಾಖಿಲಶಾಸ್ತ್ರಸುಧಾಜಲಧೇ ಮಹಿತೋಪನಿಷತ್ ಕಥಿತಾರ್ಥನಿಧೇ | ಹೃದಯೇ ಕಲಯೇ ವಿಮಲಂ ಚರಣಂ ಭವ ಶಂಕರ ದೇಶಿಕ ಮೇ ಶರಣಮ್ || ಕರುಣಾವರುಣಾಲಯ ಪಾಲಯ ಮಾಂ ಭವಸಾಗರದುಃಖವಿದೂನಹೃದಮ್ | ರಚಯಾಖಿಲದರ್ಶನತತ್ತ್ವವಿದಂ ಭವ ಶಂಕರ ದೇಶಿಕ ಮೇ ಶರಣಮ್ || ಭವತಾ ಜನತಾ ಸುಹಿತಾ ಭವಿತಾ ನಿಜಬೋಧವಿಚಾರಣ ಚಾರುಮತೇ | ಕಲಯೇಶ್ವರಜೀವವಿವೇಕವಿದಂ ಭವ ಶಂಕರ ದೇಶಿಕ ಮೇ ಶರಣಮ್ || ಭವ ಏವ ಭವಾನಿತಿ ಮೇ ನಿತರಾಂ ಸಮಜಾಯತ ಚೇತಸಿ ಕೌತುಕಿತಾ |…

ಶ್ರೀ ದೇವ್ಯಥರ್ವಶೀರ್ಷಂ

|| ಶ್ರೀ ದೇವ್ಯಥರ್ವಶೀರ್ಷಂ (Devi Atharvashirsha Kannada PDF) || ಓಂ ಸರ್ವೇ ವೈ ದೇವಾ ದೇವೀಮುಪತಸ್ಥುಃ ಕಾಸಿ ತ್ವಂ ಮಹಾದೇವೀತಿ || ೧ || ಸಾಽಬ್ರವೀದಹಂ ಬ್ರಹ್ಮಸ್ವರೂಪಿಣೀ | ಮತ್ತಃ ಪ್ರಕೃತಿಪುರುಷಾತ್ಮಕಂ ಜಗತ್ | ಶೂನ್ಯಂ ಚಾಶೂನ್ಯಂ ಚ || ೨ || ಅಹಮಾನನ್ದಾನಾನನ್ದೌ | ಅಹಂ ವಿಜ್ಞಾನಾವಿಜ್ಞಾನೇ | ಅಹಂ ಬ್ರಹ್ಮಾಬ್ರಹ್ಮಣಿ ವೇದಿತವ್ಯೇ | ಅಹಂ ಪಂಚಭೂತಾನ್ಯಪಂಚಭೂತಾನಿ | ಅಹಮಖಿಲಂ ಜಗತ್ || ೩ || ವೇದೋಽಹಮವೇದೋಽಹಮ್ | ವಿದ್ಯಾಽಹಮವಿದ್ಯಾಽಹಮ್ | ಅಜಾಽಹಮನಜಾಽಹಮ್ |…

ಶಮಂತಕಮಣಿ ಕಥೆ

|| ಶಮಂತಕಮಣಿ ಕಥೆ (Shamanthakamani Story Kannada PDF) || ಭಗವಾನ್ ಕೃಷ್ಣನು ತನ್ನ ವಿರುದ್ಧ ಸುಳ್ಳು ಆರೋಪಗಳನ್ನು ತೊಡೆದುಹಾಕಲು ಶಮಂತಕ ಮಣಿಯನ್ನು ಪಡೆದುಕೊಂಡನು ಮತ್ತು ಜಾಂಬವಂತ ಮತ್ತು ಸತ್ರಜಿತ್ ಎಂಬ ಇಬ್ಬರು ವ್ಯಕ್ತಿಗಳ ಹೆಣ್ಣುಮಕ್ಕಳನ್ನು ಮದುವೆಯಾದನು. ಶಮಂತಕ ಮಣಿಯನ್ನು ಒಳಗೊಂಡ ಕಾಲಕ್ಷೇಪವನ್ನು ಜಾರಿಗೆ ತರುವ ಮೂಲಕ, ಭಗವಂತನು ಭೌತಿಕ ಸಂಪತ್ತಿನ ನಿರರ್ಥಕತೆಯನ್ನು ಪ್ರದರ್ಶಿಸಿದನು. ಶಮಂತಕ ಮಣಿಯ ಕಾರಣದಿಂದಾಗಿ ರಾಜ ಸತ್ರಜಿತ್ ಭಗವಾನ್ ಕೃಷ್ಣನನ್ನು ಅವಹೇಳನ ಮಾಡಿದನೆಂದು ಸುಕದೇವ ಗೋಸ್ವಾಮಿ ರಾಜ ಪರೀಕ್ಷಿತ್ ಎದುರು ಪ್ರಸ್ತಾಪಿಸಿದ್ದರು. ಬಳಿಕ…

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