बुध त्रयोदशी व्रत कथा

|| बुध त्रयोदशी व्रत कथा (Budh Trayodashi Vrat Katha) || एक समय की बात है, नैमिषारण्य तीर्थ में अनेक ऋषियों ने सूत जी महाराज से निवेदन किया, “हे भगवन्! कृपया हमें प्रदोष व्रतों में श्रेष्ठ बुध प्रदोष व्रत के विषय में विस्तार से बताएं।” सूत जी बोले – “हे मुनिगण! आप सभी ध्यानपूर्वक सुनिए, मैं…

श्री बुधवार आरती

बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है, इसलिए इस दिन श्री गणेश की आरती का विशेष महत्व है। आरती “जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा” से शुरू होती है, जो विघ्नहर्ता को समर्पित है। इस आरती के माध्यम से भक्तजन बुद्धि, विद्या और सौभाग्य के दाता गणेश जी की स्तुति करते हैं। आरती…

नीम करोली बाबा के कंबल का रहस्य – आखिर क्यों भक्त इसे इतना चमत्कारिक मानते हैं? (The Mystery of Neem Karoli Baba’s Blanket)

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क्या आपने कभी सोचा है कि एक संत, जो दुनिया भर में हनुमान जी के अवतार माने जाते हैं, वे हमेशा एक मोटा कंबल (Blanket) क्यों ओढ़े रहते थे? चाहे जेठ की तपती गर्मी हो या कड़ाके की ठंड, नीम करोली बाबा, जिन्हें उनके भक्त प्यार से ‘महाराज जी’ कहते हैं, हमेशा उस चेक वाले…

जब नीम करोली बाबा ने एक ट्रेन रोक दी थी – एक अनसुनी और सच्ची कहानी

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भारत संतों और फकीरों की भूमि है। यहाँ तर्क (Logic) जहाँ खत्म होता है, वहां से आस्था (Faith) शुरू होती है। आज पूरी दुनिया, चाहे वो Steve Jobs हों, Mark Zuckerberg हों या हमारे Virat Kohli, सब ‘कैंची धाम’ की शरण में शांति ढूँढने जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि बाबा नीम करोली,…

शुक्रवारची जिवतीची कहाणी

|| शुक्रवारची जिवतीची कहाणी (Shukravarachi Jivtichi Kahani PDF) || ऐका, शुक्रवारा, तुमची कहाणी. आटपाट नगर होतं. तिथे एक राजा राज्य करत होता. त्याला मुलगा नव्हता. तेव्हा राणीने एका सुईणीला बोलावून आणलं आणि म्हणाली, “अगं, सुईणी, मला नाळेसहित एक मुलगा गुपचुप आणून दे. मी तुला खूप द्रव्य देईन!” सुईणीने ही गोष्ट मान्य केली आणि ती त्या…

शुक्र प्रदोष व्रत कथा

|| शुक्र प्रदोष व्रत कथा (Shukra Pradosh Vrat Katha PDF) || शुक्र प्रदोष व्रत की कथा इस प्रकार है, प्राचीन काल में एक नगर में तीन मित्र रहते थे – राजकुमार, ब्राह्मण कुमार और धनिक पुत्र। राजकुमार और ब्राह्मण कुमार विवाहित थे, जबकि धनिक पुत्र का विवाह हो चुका था, लेकिन गौना बाकी था। एक दिन…

रोहिणी व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| रोहिणी व्रत कथा (Rohini Vrat Katha PDF) || प्राचीन कथा के अनुसार चंपापुरी राज्य में राजा माधवा, और रानी लक्ष्मीपति का राज्य था। उनके सात बेटे और एक बेटी थी। एक बार राजा ने बेटी रोहिणी के बारे में ज्योतिषी से जानकारी ली तो उसने बताया कि रोहिणी का विवाह हस्तिनापुर के राजकुमार अशोक…

दत्तात्रेय जयंती पर करें ये सरल पूजा विधि और मंत्र जाप – धन-समृद्धि और गुरु कृपा पाने का अचूक तरीका।

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मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि को भगवान दत्तात्रेय (Lord Dattatreya) का जन्मोत्सव मनाया जाता है, जिसे दत्तात्रेय जयंती के नाम से जाना जाता है। भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और महेश (Brahma, Vishnu, Mahesh) तीनों देवताओं का संयुक्त स्वरूप (Combined form) माना जाता है। इनमें गुरु और ईश्वर दोनों रूप समाहित हैं, इसलिए इन्हें ‘श्री…

Dattatreya Jayanti – कब है दत्तात्रेय जयंती? जानें शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और ‘श्री गुरुदेव दत्त’ नाम जप के लाभ

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हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक दत्तात्रेय जयंती (Datta Jayanti) हर साल मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। भगवान दत्तात्रेय को त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का संयुक्त अवतार माना जाता है। इस दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना करने से तीनों देवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह दिन गुरु-शिष्य परंपरा…

Margashirsha Purnima Vrat – मार्गशीर्ष पूर्णिमा की रात करें ये 4 सरल उपाय, दूर होगी हर बाधा और मिलेगी सफलता

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हिंदू पंचांग (Hindu Calendar) के अनुसार, मार्गशीर्ष (अगहन) माह की पूर्णिमा तिथि का धार्मिक और आध्यात्मिक (Spiritual) दृष्टि से बहुत अधिक महत्व होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं इस माह को अपना स्वरूप बताया है, इसलिए यह माह पवित्रता और भक्ति का प्रतीक है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और भगवान सत्यनारायण (Lord Satyanarayan)…

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत कथा

मार्गशीर्ष पूर्णिमा की कथा मुख्य रूप से महर्षि अत्रि और उनकी पत्नी माता अनुसूया के पावन चरित्र से जुड़ी है। माता अनुसूया के महान सतीत्व और तपस्या से प्रभावित होकर, एक बार ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिदेव) भिक्षुकों के रूप में उनके आश्रम पहुँचे। त्रिदेव ने अनुसूया से एक कठिन शर्त रखी कि वे उन्हें…

सौभाग्य और समृद्धि के लिए कब है भौम प्रदोष व्रत? कथा और पूजा विधि के साथ जानें इस व्रत का महत्व

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सनातन धर्म में व्रतों और त्योहारों का विशेष महत्व है, और इन्हीं में से एक अत्यंत फलदायी व्रत है भौम प्रदोष व्रत। यह व्रत भगवान शिव, माता पार्वती और मंगल ग्रह (Lord Shiva, Goddess Parvati, and Mars) के संयुक्त आशीर्वाद को प्राप्त करने का एक अद्भुत अवसर प्रदान करता है। माना जाता है कि जो…

ज्ञान का महासागर ‘भगवद् गीता’ – क्यों मनाई जाती है गीता जयन्ती और क्या है इसका महत्व? (Gita Jayanti)

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भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के आकाश में ‘श्रीमद्भगवद् गीता’ (Shrimad Bhagavad Gita) एक ऐसे ध्रुव तारे के समान है, जो अनादि काल से मानव जाति को सही दिशा दिखाता रहा है। यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला (Art of living), प्रबंधन (Management) और मनोविज्ञान (Psychology) का एक अद्भुत संगम है।…

गुरुवायुर एकादशी व्रत कैसे करें? सही पूजा सामग्री, मंत्र और पारण का समय, पाएं पूर्ण लाभ (Guruvayur Ekadashi Vrat Complete Guide)

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सनातन धर्म में एकादशी का व्रत भगवान विष्णु (Lord Vishnu) को समर्पित है और इसका विशेष महत्व है। हर एकादशी अपने आप में पवित्र और फलदायी होती है, लेकिन केरल के प्रसिद्ध गुरुवायुर मंदिर (Guruvayur Temple) में मनाई जाने वाली गुरुवायुर एकादशी का महत्व असाधारण है। इसे दक्षिण भारत का “द्वारका” भी कहा जाता है।…

मोक्षदा एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष (अगहन) मास के शुक्ल पक्ष में आती है और इसे वर्ष की सबसे पवित्र एकादशियों में से एक माना जाता है। ‘मोक्षदा’ का अर्थ है मोक्ष प्रदान करने वाली। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने से न केवल स्वयं के पापों का नाश होता है, बल्कि पितरों को भी…

सिंदूर लगाने के बाद महिलाएं क्यों नहीं देखती अपना चेहरा? जानें इसका धार्मिक (Religious) कनेक्शन और वैज्ञानिक (Scientific) कारण

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क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय संस्कृति में सिंदूर लगाने के बाद महिलाएं अक्सर आईने (mirror) में अपना चेहरा देखने से क्यों बचती हैं? यह एक ऐसा रीति-रिवाज है जिसे सदियों से निभाया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे का गहरा (deep) धार्मिक और आध्यात्मिक (spiritual) रहस्य क्या है? सिंदूर, भारतीय सुहागिन महिलाओं (married…

मंदिर से घर लौटकर हाथ-पैर क्यों धोए जाते हैं? क्या आप जानते हैं इसके पीछे का अहम कारण?

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भारतीय परिवारों में बचपन से ही हमें कुछ आदतें (Habits) सिखाई जाती हैं। जैसे “जूते बाहर उतारो,” “बड़ों के पैर छुओ,” और एक बहुत ही सामान्य नियम – “बाहर से आए हो, तो पहले हाथ-पैर धो लो।” लेकिन जब बात मंदिर (Temple) की आती है, तो थोड़ी दुविधा (Confusion) होती है। हम मंदिर जाते समय…

पीपल के पेड़ को ही क्यों मानते हैं ‘देवता’? पूजा के पीछे का असली सच और साइंस जानकर हैरान रह जाएंगे आप

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भारत के किसी भी गांव या शहर के मंदिर के पास जाइए, आपको एक पेड़ जरूर मिलेगा जिसके तने पर लाल धागे (Kalawa) बंधे होंगे, नीचे दीये जल रहे होंगे और लोग सिर झुकाकर प्रार्थना कर रहे होंगे। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं पीपल के पेड़ (Peepal Tree) की। बचपन से हम सुनते…

दरवाजे और गाड़ियों पर ‘नींबू-मिर्च’ क्यों लटकाते हैं? बुरी नजर का डर या कीड़ों का इलाज?

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भारत में आप चाहे किसी भी शहर में चले जाएं, एक चीज़ आपको हर जगह देखने को मिलेगी – दुकानों के शटर पर, नई चमचमाती कारों के बंपर पर, और घरों के मुख्य दरवाज़े पर लटका हुआ नींबू और 7 हरी मिर्च। हम अक्सर इसे “बुरी नज़र” (Evil Eye) से बचने का ‘टोटका’ मानते हैं।…

रात में नाखून काटना – अंधविश्वास या कोई बड़ी वजह? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र और साइंस

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“अरे बेटा! सूरज ढल गया है, अब नेल कटर (Nail Cutter) रख दो, रात को नाखून नहीं काटते!” क्या आपने भी बचपन में अपनी दादी या नानी से यह डांट सुनी है? मुझे यकीन है कि भारत के लगभग हर घर में यह वाक्य कभी न कभी गूंजा होगा। हम में से कई लोग इसे…

महिलाओं के लिए मंगलवार और शनिवार को बाल धोना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें इसका धार्मिक पहलू

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भारत में, विशेषकर हिंदू धर्म में, सप्ताह के हर दिन का अपना एक विशिष्ट महत्व और उससे जुड़े नियम होते हैं। ये नियम हमारी दिनचर्या (Routine), खान-पान और यहाँ तक कि हमारे शरीर की साफ-सफाई से भी जुड़े होते हैं। इन्हीं में से एक नियम है महिलाओं द्वारा कुछ विशेष दिनों, जैसे मंगलवार और शनिवार…

मंदिर में प्रवेश से पहले घंटी क्यों बजाई जाती है? जानें इसके पीछे छिपा गहरा रहस्य

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भारत में, मंदिर (temple) केवल ईंट और पत्थरों से बनी संरचनाएं नहीं हैं; वे ऊर्जा के केंद्र (energy centers) और हमारी आस्था (faith) और संस्कृति के प्रतीक हैं। किसी भी मंदिर में प्रवेश करते समय, सबसे पहला कार्य जो हम करते हैं, वह है गर्भगृह के सामने लटकी हुई घंटी (bell) को बजाना। क्या आपने…

पूजा में घी का दीपक और रुई की बाती – क्यों है यह ज़रूरी? जानें इसके पीछे का गुप्त रहस्य!

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भारतीय संस्कृति में पूजा-पाठ (Worship Rituals) का एक विशेष स्थान है। और जब भी हम किसी देवी-देवता के सामने नतमस्तक होते हैं, तो सबसे पहले एक दीप प्रज्वलित करते हैं। यह दीपक केवल प्रकाश का स्रोत नहीं, बल्कि ज्ञान, शुद्धता और सकारात्मकता (Positivity) का प्रतीक है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि घी का…

सुबह उठकर धरती माँ को प्रणाम क्यों किया जाता है? जानें इसके पीछे का अद्भुत ऊर्जा कनेक्शन

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सुबह आँख खुलते ही हमारा पहला स्पर्श धरती से होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे बड़े-बुजुर्ग हमें क्यों सिखाते हैं कि बिस्तर से उतरने से पहले धरती माँ को स्पर्श कर उन्हें प्रणाम (Touch and Salute) करना चाहिए? यह मात्र एक धार्मिक रिवाज़ (Religious Ritual) नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक…

नाग पंचमी कथा (राजा जनमेजय और नाग यज्ञ की कथा)

नाग पंचमी का त्योहार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और उन्हें दूध चढ़ाया जाता है। इस त्योहार से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं हैं, जिनमें से एक प्रमुख कथा इस प्रकार है: नाग पंचमी की पौराणिक कथा (राजा जनमेजय और…

श्री नाग पंचमी आरती

नाग पंचमी पर, सर्प देवताओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए विशेष आरती की जाती है। यह आरती नागों के पूजन को पूर्णता देती है, जिसमें भक्तगण उनके शांत स्वरूप और कृपा के लिए आभार व्यक्त करते हैं। आरती में नाग देवता की शक्ति और शुभता का गुणगान होता है। ‘ओम जय जगदीश हरे’…

नाग पंचमी पौराणिक कथा

|| नाग पंचमी पौराणिक कथा (Nag Panchami Pauranik Katha PDF) || प्राचीन समय की बात है. एक सेठजी के सात बेटे थे और उन सभी की शादी हो चुकी थी. सबसे छोटे बेटे की पत्नी बहुत ही संस्कारी, पढ़ी-लिखी और नेक स्वभाव की थी, लेकिन उसका कोई भाई नहीं था. एक दिन, बड़ी बहू ने…

माघ मेला 2026 – प्रयागराज के संगम तट पर फिर सजेगा आस्था का महाकुंभ! (Magh Mela 2026 Dates & Guide)

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आज हम जानेंगे कि 2026 में माघ मेला कब शुरू हो रहा है, नहाने की प्रमुख तारीखें (Snan Dates) क्या हैं और आपको अपनी यात्रा (Trip) की प्लानिंग कैसे करनी चाहिए। तो चलिए, संगम की रेती पर एक मानसिक डुबकी लगाते हैं! अगर आप भी मेरी तरह धर्म और आध्यात्म (Spirituality) में विश्वास रखते हैं, तो…

10 Mysterious Temples of India – इन 10 मंदिरों का रहस्य कोई नहीं जानता! भारत के चमत्कारी और अद्भुत मंदिर।

Mysterious Temples of India

भारत एक आध्यात्मिक भूमि है, जहां हजारों प्राचीन मंदिर स्थित हैं। इनमें से कुछ मंदिर अपनी दिव्यता और चमत्कारी शक्तियों के लिए प्रसिद्ध हैं। इन मंदिरों में विज्ञान भी कई रहस्यों का उत्तर नहीं खोज पाया है। इस लेख में हम भारत के 10 ऐसे रहस्यमयी मंदिरों के बारे में जानेंगे, जिनकी गूढ़ शक्ति और…

Sanatan Dharm Ka Rahsya – सनातन धर्म के गूढ़ रहस्य, वेदों और उपनिषदों की गहराइयों में छिपे सत्य

sanatan dharam

सनातन धर्म, जिसे हिंदू धर्म भी कहा जाता है, विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है। यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि एक जीवन पद्धति है, जिसमें वेदों और उपनिषदों के गहरे रहस्य छिपे हैं। इस लेख में हम उन गूढ़ रहस्यों को समझने का प्रयास करेंगे जो वेदों और उपनिषदों की गहराइयों में समाहित…

Spiritual Mystery Five Elements in Hinduism – हिंदू धर्म में पंच तत्वों का महत्व और उनका आध्यात्मिक रहस्य

Five Elements

हिंदू धर्म में पंच तत्व – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश – को सृष्टि की मूलभूत इकाइयाँ माना जाता है। इन पंच तत्वों से ही संपूर्ण ब्रह्मांड और मानव शरीर की रचना हुई है। आध्यात्मिक दृष्टि से, ये तत्व केवल भौतिक नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक रहस्यों से भी जुड़े हुए हैं। इस लेख में…

Essence of Vedas – वेदों का सार आत्मज्ञान से मोक्ष तक की यात्रा, जीवन के लिए प्रमुख शिक्षाएँ

hindu ved

वेद हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और पवित्र ग्रंथ हैं। इन्हें ‘अपौरुषेय’ माना जाता है, जिसका अर्थ है कि वेद किसी व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि स्वयं ब्रह्मांडीय चेतना से प्रकट हुए हैं। वेदों में ज्ञान, धर्म, जीवनशैली, आध्यात्मिकता और ब्रह्मांडीय रहस्यों की अद्भुत शिक्षाएँ दी गई हैं। इस लेख में हम वेदों के प्रमुख सार…

Kalsarp Yog Upay – कालसर्प योग, क्या यह जीवन में संकट लाता है? जानिए सटीक समाधान

kalsarp yog

कालसर्प योग भारतीय ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली योग माना जाता है। इसे व्यक्ति के जीवन में कठिनाइयों, बाधाओं और संघर्षों का कारण माना जाता है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कालसर्प योग क्या होता है (what is kalsarp yog), इसके प्रकार, लक्षण, प्रभाव, और इससे मुक्ति पाने के उपाय। कालसर्प योग को…

Wallet Remedy – पर्स में रखें ये 5 चीजें और बनाएं अपना भाग्य प्रबल, माता लक्ष्मी देंगी आशीर्वाद

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आपका पर्स सिर्फ पैसों और कार्ड्स को रखने का स्थान नहीं है। यह आपके भाग्य और ऊर्जा को प्रभावित करने का माध्यम भी बन सकता है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, पर्स में कुछ विशेष चीजें रखने से न केवल आपकी आर्थिक स्थिति सुधरती है, बल्कि मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।…

Most Useful Vastu Tips – वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में देवी-देवताओं की मूर्तियाँ कहाँ और कैसे रखें?

gods idol

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि देवी-देवताओं की मूर्तियाँ उचित स्थान पर और सही दिशा में स्थापित की जाएँ, तो यह घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और सुख-समृद्धि प्रदान करता है। इस लेख में हम जानेंगे कि घर में देवी-देवताओं की मूर्तियों…

Gayatri Mantra Jaap Secrets – क्या गायत्री मंत्र का जाप बिना दीक्षा के किया जा सकता है? गूढ़ रहस्य

gayatri mantra

गायत्री मंत्र को वेदों का सर्वश्रेष्ठ मंत्र माना जाता है। यह मंत्र न केवल आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक शुद्धि में भी सहायक होता है। कई लोग यह प्रश्न पूछते हैं कि क्या गायत्री मंत्र का जाप बिना दीक्षा के किया जा सकता है? इस लेख में हम इस विषय पर…

Patanjali Ashtanga Yoga – अष्टांग योग पतंजलि के योग सूत्रों का आध्यात्मिक रहस्य

Kundalini Jagran

अष्टांग योग, जिसे पतंजलि ने अपने योग सूत्रों में प्रतिपादित किया, आत्म-साक्षात्कार का एक आठ-गुना मार्ग है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन और आत्मा को शुद्ध करने की एक गहन प्रक्रिया है। यम (सामाजिक आचरण) और नियम (व्यक्तिगत अनुशासन) आध्यात्मिक नींव रखते हैं। आसन (शारीरिक मुद्राएँ) स्थिरता लाते हैं, और प्राणायाम (श्वास नियंत्रण)…

Awakening of Kundalini Energy – कुंडलिनी जागरण के 7 चरण और उनका वास्तविक प्रभाव (एक संपूर्ण मार्गदर्शिका)

kundalini-awakening

कुंडलिनी जागरण एक रहस्यमयी और आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसे योग और ध्यान के माध्यम से सक्रिय किया जाता है। यह प्राण शक्ति व्यक्ति के भीतर सुप्त अवस्था में स्थित होती है और जागरण के साथ आध्यात्मिक और मानसिक विकास का द्वार खोलती है। इस लेख में हम कुंडलिनी जागरण के 7 चरणों और उनके वास्तविक…

वृश्चिक संक्रान्ति पर ज्योतिषीय प्रभाव – किन राशियों को मिलेगा लाभ और किन्हें करनी होगी सावधानी? (Astrological Impact of Vrishchik Sankranti)

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प्रत्येक वर्ष जब सूर्य देव अपनी राशि बदलते हैं, तो उसे ‘संक्रान्ति’ कहा जाता है। कार्तिक मास में जब सूर्य तुला राशि को छोड़कर मंगल की स्वामित्व वाली वृश्चिक राशि (Scorpio Zodiac) में प्रवेश करते हैं, तो यह अवधि वृश्चिक संक्रान्ति कहलाती है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, सूर्य का यह गोचर (Transit) अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता…

मार्गशीर्ष अमावस्या व्रत कथा

मार्गशीर्ष अमावस्या का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इसे ‘अगहन अमावस्या’ के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन पितरों के तर्पण, स्नान और दान-धर्म के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन व्रत और पूजन करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। || मार्गशीर्ष अमावस्या…

सोम प्रदोष व्रत कथा

सोम प्रदोष व्रत की कथा एक विधवा ब्राह्मणी और उसके पुत्र से जुड़ी है। पति के देहांत के बाद वह भिक्षा मांगकर गुजारा करती थी। एक दिन, उन्हें घायल अवस्था में विदर्भ का राजकुमार मिला, जिसकी सेवा ब्राह्मणी ने दयापूर्वक की। ब्राह्मणी सोम प्रदोष व्रत पूरी श्रद्धा से रखती थी। इस व्रत के पुण्य प्रभाव…

Guru Pradosh Vrat – विवाह में आ रही अड़चनें होंगी दूर! जानें शुभ योग और पूजा में किस रंग के वस्त्र पहनें।

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गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और फलदायी व्रत है। जब त्रयोदशी तिथि गुरुवार के दिन पड़ती है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह दिन न केवल शिव कृपा पाने का है, बल्कि बृहस्पति देव (Lord Brihaspati) का आशीर्वाद भी दिलाता है। खासकर, जिन लोगों…

धन और सौभाग्य के लिए गुरु प्रदोष पर करें 5 शक्तिशाली उपाय – गुरु ग्रह को करें मजबूत और पाएं महादेव का आशीर्वाद!

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प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। यह हर महीने की त्रयोदशी तिथि को आता है और जब यह गुरुवार (Thursday) के दिन पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहते हैं। यह दिन महादेव (Lord Shiva) के साथ-साथ देवों के गुरु, बृहस्पति देव…

आंवला नवमी (अक्षय नवमी) की व्रत कथा व पूजा विधि

आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। ‘अक्षय’ का अर्थ है जिसका कभी क्षरण न हो, इसलिए इस दिन किए गए पुण्य और दान का फल अक्षय होता है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि…

आज का गुरु प्रदोष – क्या है इंद्र और वृत्रासुर की पौराणिक कथा? जानें शिव-गुरु कृपा पाने का अचूक मंत्र और नियम।

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हर माह की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) रखा जाता है। जब यह शुभ तिथि गुरुवार (Thursday) के दिन पड़ती है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) के नाम से जाना जाता है। इस दिन देवों के देव महादेव के साथ, देवगुरु बृहस्पति की पूजा का भी…

छठ पूजा मंत्र

|| छठ पूजा मंत्र (Chhath Puja Mantra PDF) || छठ पूजा के मंत्रों का PDF दस्तावेज़ भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह पवित्र पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जिसमें व्रतधारी चार दिनों तक कठोर उपवास करते हैं। PDF में मुख्य रूप से सूर्य अर्घ्य मंत्र जैसे ‘ॐ ऐहि सूर्य…

छठ पूजा गीत – केलवा के पात पर

|| छठ पूजा गीत – केलवा के पात पर (Kelwa Ke Paat Par Bhajan) || केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके हो करेलु छठ बरतिया से झांके ऊंके हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया…

श्री छठ माता की आरती

छठ महापर्व, सूर्यदेव और छठी मैया को समर्पित एक अनुपम त्योहार है, जो बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति और सृष्टि के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है। छठ मैया की आरती इस पवित्र अनुष्ठान का एक अभिन्न अंग…

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