महातारा (तारा देवी) प्राकट्य कथा PDF हिन्दी
Download PDF of Mahatara Prakatya Katha Hindi
Misc ✦ Vrat Katha (व्रत कथा संग्रह) ✦ हिन्दी
महातारा (तारा देवी) प्राकट्य कथा हिन्दी Lyrics
महातारा जयन्ती (तारा देवी जयंती) चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। माँ तारा दस महाविद्याओं में दूसरी महाविद्या मानी जाती हैं। उनकी कथा मुख्य रूप से समुद्र मंथन और उनके ममतामयी स्वरूप से जुड़ी है। यहाँ माँ तारा की प्राकट्य कथा विस्तार से दी गई है:
|| महातारा (तारा देवी) प्राकट्य कथा ||
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन हो रहा था, तब उसमें से ‘कालकूट’ नामक भयंकर विष निकला। इस विष की ज्वाला इतनी तीव्र थी कि समस्त ब्रह्मांड जलने लगा। संसार की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उस विष का पान कर लिया।
विष के प्रभाव से भगवान शिव का कंठ नीला पड़ गया (जिसके कारण वे नीलकंठ कहलाए), लेकिन विष की तीव्रता के कारण उनके शरीर में असहनीय जलन होने लगी। शिव जी अचेत होने लगे। उनके शरीर का तापमान बढ़ने लगा और वे व्याकुल हो गए।
उस समय, भगवान शिव के कष्ट को दूर करने के लिए माँ आदिशक्ति ने ‘तारा’ रूप धारण किया। माँ तारा का यह स्वरूप एक ममतामयी माता का था।
जब माँ तारा प्रकट हुईं, तो उन्होंने भगवान शिव को एक बालक के रूप में अपनी गोद में ले लिया। शिव जी के शरीर की जलन को शांत करने के लिए माँ तारा ने उन्हें अपना दुग्धपान कराया। माँ के ममतामयी दूध के प्रभाव से विष का शमन हो गया और भगवान शिव की पीड़ा पूरी तरह समाप्त हो गई।
इसी कारण माँ तारा को “तारने वाली” और कष्टों को हरने वाली माता कहा जाता है। वे अपने भक्तों को घोर संकटों से उबारती हैं।
|| माँ तारा के तीन मुख्य स्वरूप ||
साधना और शास्त्रों में माँ तारा के तीन रूप विशेष रूप से पूजनीय हैं:
- एकजटा – जो शत्रुओं का नाश करती हैं।
- उग्रतारा – जो तीव्र संकटों से मुक्ति दिलाती हैं।
- नील सरस्वती – जो ज्ञान और बुद्धि प्रदान करती हैं।
|| पूजा का महत्व ||
- संकट मुक्ति – माना जाता है कि महातारा की पूजा करने से आर्थिक तंगी और गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है।
- मोक्षदायिनी – वे भवसागर से तारने वाली देवी हैं।
- वाक सिद्धि – इनकी कृपा से साधक को उत्तम अभिव्यक्ति और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
|| माँ तारा का ध्यान मंत्र ||
यदि आप जयन्ती पर पूजन करना चाहते हैं, तो इस सरल मंत्र का जाप कर सकते हैं – “ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्”
Join HinduNidhi WhatsApp Channel
Stay updated with the latest Hindu Text, updates, and exclusive content. Join our WhatsApp channel now!
Join Nowमहातारा (तारा देवी) प्राकट्य कथा
READ
महातारा (तारा देवी) प्राकट्य कथा
on HinduNidhi Android App
DOWNLOAD ONCE, READ ANYTIME
Your PDF download will start in 15 seconds
CLOSE THIS
