श्री हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा एक अत्यंत प्रसिद्ध हिन्दू धार्मिक स्तोत्र है, जिसे गोस्वामी तुलसीदास जी ने अवधी भाषा में लिखा था। इसमें भगवान हनुमान जी के गुणों, बल, बुद्धि और भक्ति का सुंदर वर्णन है। यह कुल 40 चौपाइयों (इसलिए इसे ‘चालीसा’ कहा जाता है) में विभाजित है और प्रत्येक चौपाई में भगवान हनुमान जी की महिमा…

हनुमान जयंती 2026 पर विशेष – शुभ संयोग, पूजा विधि और कहानी

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हनुमान जयंती, जिसे ‘हनुमान जन्मोत्सव’ के रूप में भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है। वर्ष 2026 में यह पर्व 2 अप्रैल, गुरुवार को मनाया जाएगा। यह दिन चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ता है। भगवान हनुमान को शक्ति, अटूट भक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है…

2026 Navratri Hawan Mantra List – नवरात्रि हवन मंत्र, संपूर्ण विधि एवं सामग्री सूची

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नवरात्रि के पावन अवसर पर, माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने हेतु हवन करना एक अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। हवन के लिए दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का प्रयोग किया जाता है, जैसे कि ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ या अन्य देवी मंत्र। हवन की विधि में सबसे पहले हवन कुंड को स्थापित कर अग्नि…

जय अम्बे गौरी की आरती

अम्बे गौरी, जिन्हें दुर्गा और पार्वती के रूप में भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवी हैं। वह शक्ति और मातृ शक्ति का प्रतीक हैं। अम्बे गौरी को अक्सर शेर पर सवार, अष्टभुजाओं वाली और विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए दर्शाया जाता है। उन्हें ब्रह्मांड की रक्षक, बुराई का नाश…

श्री दुर्गा नवरात्रि व्रत कथा

श्री दुर्गा नवरात्रि व्रत का महत्व सनातन धर्म में अत्यधिक है। इस व्रत में भक्त माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं। कथा के अनुसार, महिषासुर नामक राक्षस ने देवताओं को पराजित कर त्रिलोक में आतंक मचा दिया। तब देवी-देवताओं की संयुक्त शक्तियों से माँ दुर्गा का प्राकट्य हुआ। माँ ने नौ दिनों…

श्री दुर्गा चालीसा

दुर्गा चालीसा एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली स्तुति है जो देवी दुर्गा को समर्पित होती है। इसमें 40 चौपाइयों के माध्यम से माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों, शक्तियों और उनकी लीलाओं का वर्णन किया गया है। इसे नियमित रूप से पढ़ने से साधक को माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक…

दुर्गा सप्तशती (Durga Saptashati PDF)

दुर्गा सप्तशती (Durga Saptashati)

दुर्गा सप्तशती में देवी दुर्गा की महिमा और शक्ति का एक प्रमुख धार्मिक ग्रंथ है, जिसे गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह ग्रंथ देवी महात्म्य के रूप में भी प्रसिद्ध है और इसे मार्कंडेय पुराण के अंतर्गत शामिल किया गया है। दुर्गा सप्तशती में 700 श्लोक हैं, जो मां दुर्गा के स्वरूप,…

हनुमान चालीसा पाठ {स्वामी रामभद्राचार्य जी}

स्वामी रामभद्राचार्य जी द्वारा रचित ‘हनुमान चालीसा पाठ’ (Hanuman Chalisa Rambhadracharya PDF) एक अनूठा और शक्तिशाली पाठ है। यह हनुमान जी की महिमा का गुणगान करता है और भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त करने का मार्ग दिखाता है। इस पाठ की विशेषता यह है कि यह हनुमान चालीसा के प्रत्येक पद के गूढ़ अर्थ को…

शिव चालीसा

शिव चालीसा भगवान शिव को समर्पित चालीस छंदों की एक भक्ति स्तुति है। इसका पाठ भक्तों द्वारा उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है। शिव चालीसा एक अत्यंत पावन और शक्तिशाली स्तुति है, जो भगवान शिव की महिमा का गुणगान करती है। इसमें कुल 40 चौपाइयाँ होती हैं, जिनमें भगवान शिव…

श्री शनिदेव चालीसा

श्री शनिदेव चालीसा PDF की सहायता से आप घर पर सरलता से इसका पाठ कर सकते हैं। यह पीडीएफ प्रारूप में आसानी से उपलब्ध है, जिसे मोबाइल या प्रिंट करके नियमित पाठ किया जा सकता है। न्याय के देवता भगवान शनिदेव को समर्पित श्री शनिदेव चालीसा का पाठ करना भक्तों के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना…

बृहस्पतिवार व्रत कथा – गुरुवार व्रत पूजन

बृहस्पतिवार व्रत कथा भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति को समर्पित है। यह व्रत सुख-समृद्धि, ज्ञान और संतान प्राप्ति की कामना से रखा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण अपनी पत्नी और सात बेटियों के साथ रहता था। उसकी पत्नी बहुत कंजूस थी और व्रत नहीं करती थी। एक बार भगवान बृहस्पति देव…

शीतला सप्तमी व्रत कथा

|| शीतला सप्तमी व्रत कथा (Shitala Shatam Vrat Katha PDF) || प्राचीन समय की बात है, एक वृद्धा और उसकी दो बहुओं ने श्रद्धा पूर्वक शीतला माता का व्रत रखा। लेकिन उनकी दोनों बहुएं सुबह उठकर ताजा भोजन बनाने लगीं, जबकि इस दिन बासी भोजन का भोग लगाने और ग्रहण करने की परंपरा होती है।…

मीन संक्रान्ति (खरमास) की पौराणिक कथा

हिंदू धर्मग्रंथों और पुराणों के अनुसार, मीन संक्रान्ति वह पावन समय है जब सूर्य देव कुंभ राशि का त्याग कर अपने गुरु बृहस्पति की राशि ‘मीन’ में प्रवेश करते हैं। इसे ‘मलमास’ या ‘खरमास’ के प्रारंभ का प्रतीक भी माना जाता है। मीन संक्रान्ति की कथा मुख्य रूप से सूर्य देव के घोड़ों और उनकी…

जानिये निधिवन मंदिर के रहस्य का वास्तविक कारण और वास्तुशास्त्रीय विश्लेषण

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वृंदावन का निधिवन दुनिया के सबसे रहस्यमयी स्थानों में से एक है। धार्मिक मान्यता है कि यहाँ आज भी हर रात भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी रास रचाते हैं। इसी कारण शाम की आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और वहां किसी को रुकने की अनुमति नहीं होती। निधिवन…

लक्ष्मी जयंती 2026 – कब और कैसे करें पूजा? जानें धन की देवी को प्रसन्न करने के उपाय

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लक्ष्मी जयंती, धन और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी के जन्मोत्सव का पावन पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में लक्ष्मी जयंती 3 मार्च को मनाई जाएगी। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन देवी लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। इस…

वसन्त पूर्णिमा कथा

वसन्त पूर्णिमा (जिसे हम मुख्य रूप से होली या होलिका दहन के रूप में जानते हैं) हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक त्योहार है। इसकी सबसे प्रचलित कथा भक्त प्रह्लाद और भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार से जुड़ी है। यहाँ वसन्त पूर्णिमा की मुख्य कथा विस्तार से दी गई है: || वसन्त पूर्णिमा कथा…

गुड़ी पड़वा की पौराणिक कथा

गुड़ी पड़वा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि विजय, सृजन और नई शुरुआत का प्रतीक है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाने वाला यह पर्व कई गहरी कथाओं और मान्यताओं को अपने भीतर समेटे हुए है। || गुड़ी पड़वा की पौराणिक कथा || ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि की रचना सबसे…

युगादि की पौराणिक कथा

युगादि (Ugadi), जिसे संवत्सर पाडवो भी कहा जाता है, हिंदू नववर्ष का प्रतीक है। यह पर्व मुख्य रूप से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मनाया जाता है। “युगादि” शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है: युग (काल/समय) और आदि (शुरुआत)। यहाँ युगादि की पौराणिक कथा और इसका आध्यात्मिक महत्व विस्तार से दिया गया…

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का पावन पर्व भगवान गणेश को समर्पित है, जब भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत रखते हैं। इस व्रत कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण ने भी इस चतुर्थी का महत्व बताया था। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और चंद्रमा को अर्घ्य देने से सभी कष्ट दूर होते हैं…

अंतरिक्ष और नक्षत्रों का रहस्य – कैसे जुड़ा है व्रत और उपवास से

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नमस्ते दोस्तों! आज के इस भाग-दौड़ भरे जीवन में, जहां हर कोई सफलता की सीढ़ी चढ़ने में व्यस्त है, हम अक्सर अपनी जड़ों और परंपराओं को भूल जाते हैं। भारतीय संस्कृति में व्रत और उपवास का बहुत गहरा महत्व है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका संबंध सिर्फ धर्म से नहीं, बल्कि हमारे…

एक्स बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड को वापस पाने के लिए चमत्कारी टोटके

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प्यार एक खूबसूरत एहसास है, लेकिन जब यह खत्म हो जाता है तो दिल टूट जाता है। अगर आप अपने एक्स बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड को वापस पाना चाहते हैं, तो यह आसान नहीं है। लेकिन, कुछ चमत्कारी टोटके और उपाय हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं। यह टोटके सिर्फ एक कोशिश है, और इनका…

प्रेम में सफलता पाने के लिए किस भगवान की पूजा करें? (Which God To Worship For Success in Love)

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जब बात प्रेम (love) की आती है, तो बहुत से लोग सफल रिश्ते (successful relationship) के लिए दैवीय सहायता (divine help) की तलाश करते हैं। भारतीय संस्कृति में, प्रेम को एक पवित्र और महत्वपूर्ण भावना माना जाता है। इसे अक्सर दैवीय शक्तियों से जोड़ा जाता है। अगर आप भी अपने प्रेम जीवन में सफलता पाना…

छिपे हुए लोक और अदृश्य देवशक्ति – शास्त्रों में वर्णित दिव्य स्थलों का रहस्य

hidden realms

भारत की प्राचीन धार्मिक और पौराणिक कथाओं में न जाने कितने ही ऐसे छिपे हुए लोकों (hidden realms) और अदृश्य देवशक्तियों (invisible divine powers) का ज़िक्र है, जिनके बारे में सोचकर आज भी हम आश्चर्यचकित रह जाते हैं। ये वो स्थान हैं, जो न तो किसी नक्शे पर पाए जाते हैं और न ही किसी…

सप्तऋषियों की अमर साधना – जब उन्होंने रचा था ब्रह्मांडीय ज्ञान (The Immortal Penance of the Saptarishis – When They Created Cosmic Knowledge)

Saptarishis

प्राचीन भारत की आध्यात्मिक भूमि पर, एक ऐसा समय था जब ज्ञान केवल पुस्तकों में नहीं, बल्कि गहरे ध्यान (deep meditation) और कठोर साधना (rigorous penance) से प्रकट होता था। उस समय के महानतम साधक थे – सप्तऋषि (Saptarishis)। ये सिर्फ ऋषि-मुनि नहीं थे, बल्कि ब्रह्मांडीय ज्ञान के रचयिता (creators of cosmic knowledge) थे। उन्होंने…

पिरामिड और मंदिरों का रहस्य – क्या दोनों से जुड़ा है ब्रह्मांडीय विज्ञान?

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नमस्कार दोस्तों! आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहे हैं, जो सदियों से इतिहास प्रेमियों, वैज्ञानिकों और आध्यात्मिक खोजियों को आकर्षित करता रहा है – पिरामिड और मंदिरों का रहस्य। क्या ये विशाल संरचनाएँ सिर्फ़ प्राचीन सभ्यताओं की इंजीनियरिंग का कमाल हैं, या इनके पीछे कोई गहरा ब्रह्मांडीय विज्ञान (Cosmic Science) छिपा…

प्रलय और सृष्टि चक्र का रहस्य – पुराणों में छुपे गहन संकेत

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जब हम “प्रलय” (Pralaya) शब्द सुनते हैं, तो हमारे मन में तबाही, विनाश और अंत का भयावह चित्र उभरता है। लेकिन क्या यह केवल एक अंत है? या फिर यह एक महाचक्र (Great Cycle) का अनिवार्य हिस्सा है? हमारे प्राचीन भारतीय पुराणों (Puranas) में प्रलय और सृष्टि के चक्र को सिर्फ एक घटना के रूप…

दुर्गा कवच पाठ – जब देवी स्वयं बनती हैं रक्षक, जानिए पाठ की विधि, महत्व और इसके दिव्य प्रभाव

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क्या आप जीवन में अजेय शक्ति और सुरक्षा की अनुभूति चाहते हैं? क्या आपको लगता है कि कोई अदृश्य शक्ति आपको हर विपत्ति से बचाए? यदि हाँ, तो दुर्गा कवच पाठ आपके लिए ही है। यह सिर्फ एक पाठ नहीं, बल्कि भगवती दुर्गा का अभेद्य सुरक्षा कवच है, जिसे धारण कर भक्त स्वयं को माँ…

गणेश चालीसा का पाठ क्यों माना गया है विघ्नों का नाशक? श्री गणेश जी की 40 महाकृपा मंत्रों का गूढ़ अर्थ

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सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना का विधान है। उन्हें ‘विघ्नहर्ता’ और ‘मंगलमूर्ति’ कहा जाता है। गणेश चालीसा, भगवान गणेश को समर्पित एक शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसका पाठ करने से भक्तों के जीवन से बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।…

क्यों नहीं बुझती कुछ मंदिरों में दीपशिखा? (Divine Science) छुपा है इसका दिव्य विज्ञान

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भारतीय संस्कृति और आध्यात्म में दीपशिखा का विशेष स्थान है। यह न केवल प्रकाश का प्रतीक है, बल्कि ईश्वर की उपस्थिति, ज्ञान और शुभता का भी प्रतीक है। हम सभी ने देखा है कि जब भी हम किसी मंदिर में जाते हैं, तो वहाँ एक अखंड ज्योत (uninterrupted flame) जलती रहती है। यह ज्योत अक्सर…

क्यों कुछ मंदिरों में प्रतिमा स्वयं पसीना बहाती है? जानिए इसके पीछे के रहस्यमयी और वैज्ञानिक कारण

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भारत (India) एक ऐसा देश है जहाँ धर्म और आस्था का गहरा संगम देखने को मिलता है। यहाँ के कण-कण में भगवान का वास माना जाता है और कई ऐसे मंदिर हैं जहाँ होने वाले चमत्कार (miracles) लोगों को अचंभित कर देते हैं। ऐसा ही एक अद्भुत और रहस्यमयी (mysterious) phenomenon है, कुछ मंदिरों में…

एकतरफा प्यार को पूरा करने के 5 अचूक उपाय (5 Surefire Ways to Fulfill Unrequited Love)

one side love

क्या आप किसी से बेइंतहा प्यार करते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का इल्म तक नहीं? या फिर आप अपने दिल की बात कहने से डरते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। एकतरफा प्यार (one-sided love) एक ऐसी भावना है जो दिल को सुकून भी देती है और बेचैन भी करती है। लेकिन…

शादीशुदा जीवन में सुख पाने के लिए ज्योतिषीय उपाय – रिश्तों में मिठास भरें (Bridal Life Happiness Astrological Remedies)

Astrological Remedies for a Happy Married Life

शादी का रिश्ता दो व्यक्तियों, दो परिवारों और दो आत्माओं का मिलन है। यह एक ऐसा सफर है जिसमें प्यार, सम्मान और सामंजस्य (harmony) होना बहुत जरूरी है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, कई बार वैवाहिक जीवन में तनाव (stress), कलह (disagreements) और दूरियां (distance) आ जाती हैं। अगर आप भी अपने शादीशुदा…

51 Shaktipeeth – सती के अंगों से प्रकट हुए 51 शक्ति पीठ, जानें इनका गूढ़ रहस्य और महिमा

mangla gauri mata

भारत एक ऐसा देश है जहां हर कोने में रहस्य (Mystery) और आस्था (Faith) का गहरा संगम देखने को मिलता है। यहां के प्राचीन मंदिर और उनकी कथाएं न सिर्फ हमारी संस्कृति (Culture) का हिस्सा हैं, बल्कि एक गूढ़ आध्यात्मिक ज्ञान (Spiritual Knowledge) भी प्रदान करती हैं। इन्हीं में से एक हैं 51 शक्ति पीठ…

Indrakshi Shaktipeeth – जब श्रीलंका में प्रकट हुई इंद्राक्षी, जानिए छिपा हुआ रहस्य, क्यों माना जाता है इसे संकटहारी?

Mysterious Temples of India

श्रीलंका के जाफना में स्थित इंद्राक्षी शक्तिपीठ के रहस्य और महत्व को जानें। यह क्यों माना जाता है कि यहाँ माता सती के पायल गिरे थे और कैसे भगवान राम और रावण दोनों ने यहाँ पूजा कर विजय प्राप्त की थी। हिंदू धर्म में, 51 शक्तिपीठों (Shakti Peethas) का विशेष महत्व है। ये वे पवित्र…

कांचीपुरम के कामाक्षी अम्मन मंदिर की अद्वितीय कहानी – जानें क्या है कामाक्षी देवी का रहस्य? क्यों है मंदिर इतना खास?

venkateshwar

तमिलनाडु का कांचीपुरम (Kanchipuram) शहर, जिसे “हजार मंदिरों का शहर” (City of a Thousand Temples) भी कहा जाता है, अपनी रेशम साड़ियों और प्राचीन मंदिरों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ के हर मंदिर में एक अनूठी कहानी और आध्यात्मिक ऊर्जा (spiritual energy) छिपी हुई है। लेकिन इन सब में जो सबसे खास है, वह…

List of 16 Sanskaras in Hinduism – हिंदू धर्म के 16 संस्कार और उनका आध्यात्मिक महत्व

16 Sanskaras in Hinduism

हिंदू धर्म में मानव जीवन को पवित्र और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 16 संस्कारों की व्यवस्था की गई है। ये संस्कार व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक की विभिन्न अवस्थाओं को पवित्र और धार्मिक रूप से संरचित करते हैं। इन संस्कारों का उद्देश्य जीवन को आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक रूप से…

Reality of Rebirth or Punarjanma – क्या पुनर्जन्म का सिद्धांत सत्य है? हिंदू धर्म के प्रमाणिक तथ्य

Punarjanma

पुनर्जन्म का सिद्धांत हिंदू धर्म का एक प्रमुख आधारभूत विश्वास है। यह विचार केवल धार्मिक ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दर्शन, विज्ञान और आध्यात्मिक अनुभवों से भी समर्थन मिलता है। इस लेख में हम पुनर्जन्म के सिद्धांत को विस्तार से समझेंगे और हिंदू धर्म के प्रमाणिक तथ्यों के आधार पर इसका विश्लेषण करेंगे।…

जाने माँ कामाख्या शक्ति पीठ का रहस्य, यहां गिरी थी मां सती की योनि

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कहा जाता है कि जिन स्थानों पर माता सती के अंग गिरे थे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाते हैं। 51 शक्तिपीठों में से एक कामाख्या शक्तिपीठ बहुत ही प्रसिद्ध है। भारत में ऐसे तमाम शक्तिपीठ मौजूद हैं, जहां माता सती की पूजा, कामाख्या देवी आरती होती है। इन शक्तिपीठों के दर्शन की विशेष मान्यता है, दूर-दूर…

होलिका कथा एवं पूजा विधि

होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन के दिन विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। इस दिन भक्त प्रह्लाद की रक्षा और होलिका के दहन की पौराणिक कथा का विशेष महत्व है। क्या आप सही पूजा विधि और मंत्रों को…

फाल्गुन पूर्णिमा व्रत कथा

हिंदू धर्म में फाल्गुन पूर्णिमा का विशेष महत्व है। यह दिन न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है, बल्कि इसी दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव ‘होलिका दहन’ भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और श्रद्धापूर्वक कथा पढ़ने से जीवन के सभी कष्टों का निवारण होता है और…

बसौड़ा व्रत कथा (शीतला अष्टमी)

हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी, जिसे बसौड़ा भी कहा जाता है, का विशेष महत्व है। यह पर्व होली के आठवें दिन मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता शीतला स्वच्छता और आरोग्य की देवी हैं। इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता और माता को बासी भोजन (ठंडा प्रसाद) का भोग लगाया जाता है।…

श्री होलिका आरती

होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर विधि-विधान से पूजा और श्री होलिका आरती का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यदि आप भी इस होली पर अपने घर या मोहल्ले की पूजा को संपूर्ण बनाना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट से श्री होलिका…

मोहिनी (पापमोचनी) एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

॥ मोहिनी एकादशी पूजा विधि ॥ पापमोचनी एकादशी व्रत में भगवान विष्णु के चतुर्भुज रूप की पूजा की जाती है व्रत के दिन सूर्योदय के समय जगें और स्नान करना चाहिए भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने बैठकर एकादशी व्रत कथा का पाठ करना चाहिए दिन में भगवान विष्णु की पूजा के बाद रात्रि में…

श्री होलिका चालीसा (होली)

श्री होलिका चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के सभी भय, रोग और दुख दूर होते हैं। यह चालीसा भक्त प्रह्लाद की भक्ति और होलिका दहन के पावन पर्व को समर्पित है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसका नियमित पाठ करने से जीवन में सकारात्मकता आती है, नकारात्मक ऊर्जा का नाश…

Amalaki Ekadashi 2026 – आमलकी एकादशी कब है, जानिए आंवला एकादशी शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

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आमलकी एकादशी, जिसे ‘आंवला एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म के सबसे पवित्र व्रतों में से एक है। वर्ष 2026 में यह एकादशी 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की इस तिथि पर भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की विशेष पूजा का विधान है। पौराणिक मान्यताओं…

आमलकी एकादशी का रहस्य – आखिर क्यों होती है इस दिन आंवले के पेड़ की विशेष पूजा?

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हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत आत्मिक शुद्धि और श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त करने का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है। लेकिन साल भर की 24 एकादशियों में ‘आमलकी एकादशी’ अपना एक विशिष्ट और रहस्यमयी स्थान रखती है। होली से कुछ दिन पहले आने वाली यह एकादशी न केवल भक्ति, बल्कि प्रकृति और…

क्या आप जानते हैं? आमलकी एकादशी पर आंवले के नीचे दीपक जलाने से बदल सकती है किस्मत!

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हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अध्यात्म और मानसिक शांति का प्रतीक माना जाता है। लेकिन साल भर में आने वाली सभी 24 एकादशियों में ‘आमलकी एकादशी’ (Amalaki Ekadashi) का अपना एक विशेष और वैज्ञानिक महत्व है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली इस एकादशी को ‘आंवला एकादशी’ भी कहा जाता है। मान्यता…

आमलकी एकादशी व्रत कथा – जानें कैसे एक शिकारी को मिला था इस व्रत से बैकुंठ धाम।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi) अपनी महिमा के कारण बेहद खास मानी जाती है। इसे ‘रंगभरी एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के वृक्ष की पूजा का विधान है।…

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