Chaitra Navratri 2026 – चैत्र नवरात्रि पूजा मंत्र PDF संस्कृत
Download PDF of Navratre Navdurga Mantra Hindi
Durga Ji ✦ Mantra (मंत्र संग्रह) ✦ संस्कृत
Chaitra Navratri 2026 – चैत्र नवरात्रि पूजा मंत्र संस्कृत Lyrics
साल 2026 में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च, शुक्रवार तक मनाया जाएगा। यह त्योहार हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) के आगमन का प्रतीक है और नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष महत्व होता है, जिसका शुभ मुहूर्त सुबह 06:10 से 08:35 तक रहेगा।
|| 2026 नवरात्रि पूजा मंत्र ||
माता शैलपुत्री
ह्रीं शिवायै नम:।
पर्वतराज हिमालय की पुत्री माता दुर्गा का प्रथम रूप है. इनकी आराधना से कई सिद्धियां प्राप्त होती हैं.
प्रतिपदा को मंत्र– ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्ये नम:’ की माला दुर्गा जी के चित्र के सामने यशाशक्ति जप कर घृत से हवन करें ।
माता ब्रह्मचारिणी
ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।
माता दुर्गा का दूसरा स्वरूप पार्वती जी का तप करते हुए हैं. इनकी साधना से सदाचार-संयम तथा सर्वत्र विजय प्राप्त होती है. चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन पर इनकी साधना की जाती है।
द्वितिया को मंत्र– ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:’, की माला दुर्गा जी के चित्र के सामने यशाशक्ति जप कर घृत से हवन करें.
माता चन्द्रघण्टा
ऐं श्रीं शक्तयै नम:।
माता दुर्गा का यह तृतीय रूप है. समस्त कष्टों से मुक्ति हेतु इनकी साधना की जाती है.
तृतीया को मंत्र– ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चन्द्रघंटायै नम:’ की एक माला जप कर घृत से हवन करें.
माता कूष्मांडा
ऐं ह्री देव्यै नम:।
यह मां दुर्गा का चतुर्थ रूप है. चतुर्थी इनकी तिथि है. आयु वृद्धि, यश-बल को बढ़ाने के लिए इनकी साधना की जाती है.
चतुर्थी को मंत्र– ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै नम:’ की एक माला जप कर घृत से हवन करें.
माता स्कंदमाता
ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।
दुर्गा जी के पांचवे रूप की साधना पंचमी को की जाती है. सुख-शांति एवं मोक्ष को देने वाली हैं.
पांचवें दिन मंत्र– ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कंदमातायै नम:’ की एक माला जप कर घृत से हवन करें.
माता कात्यायनी
क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:।
मां दुर्गा के छठे रूप की साधना षष्ठी तिथि को की जाती है. रोग, शोक, संताप दूर कर अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष को भी देती हैं.
छठे दिन मंत्र– ‘ॐ क्रीं कात्यायनी क्रीं नम:’ की एक माला जप कर घृत से हवन करें.
माता कालरात्रि
क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।
सप्तमी को पूजित मां दुर्गा जी का सातवां रूप है. वे दूसरों के द्वारा किए गए प्रयोगों को नष्ट करती हैं.
सातवें दिन मंत्र– ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नम:’ की एक माला जप कर घृत से हवन करें.
माता महागौरी
श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।
मां दुर्गा के आठवें रूप की पूजा अष्टमी को की जाती है. समस्त कष्टों को दूर कर असंभव कार्य सिद्ध करती हैं.
आठवें दिन मंत्र– ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौर्ये नम:’ की एक माला जप कर घृत या खीर से हवन करें.
माता सिद्धिदात्री
ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।
मां दुर्गा के इस रूप की अर्चना नवमी को की जाती है. अगम्य को सुगम बनाना इनका कार्य है.
नौवें दिन मंत्र– ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्र्यै नम:’ की एक माला जप कर जौ, तिल और घृत से हवन करें.
Join HinduNidhi WhatsApp Channel
Stay updated with the latest Hindu Text, updates, and exclusive content. Join our WhatsApp channel now!
Join NowChaitra Navratri 2026 – चैत्र नवरात्रि पूजा मंत्र

READ
Chaitra Navratri 2026 – चैत्र नवरात्रि पूजा मंत्र
on HinduNidhi Android App
DOWNLOAD ONCE, READ ANYTIME
Your PDF download will start in 15 seconds
CLOSE THIS
