माघ मास की जया एकादशी – शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री लिस्ट और व्रत में क्या खाएं, क्या नहीं?

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माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘जया एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह एकादशी अत्यंत पुण्यदायी और पापों का नाश करने वाली है। कहा जाता है कि जो भक्त इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें भूत-प्रेत या पिशाच योनि के भय से…

हजारों वर्षों की तपस्या के समान है जया एकादशी का व्रत – जानें इसका महत्व और पौराणिक कथा।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली ‘जया एकादशी’ को अत्यंत कल्याणकारी और फलदायी माना गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस एक दिन का व्रत रखने से व्यक्ति को पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है और उसे हजारों वर्षों की कठिन तपस्या…

जया एकादशी 2026 – प्रेत योनी से मुक्ति और श्री हरि की असीम कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी अपने आप में अत्यंत कल्याणकारी मानी गई है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है – ‘जया’ यानी विजय दिलाने वाली। यह एकादशी न केवल पापों का नाश करती है, बल्कि साधक को नीच योनियों (जैसे…

क्यों खास है 2026 की जया एकादशी? जानें शुभ संयोग और अपनी राशि के अनुसार दान।

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सनातन धर्म में एकादशी व्रत का महत्व सर्वोपरि माना गया है, लेकिन जब बात जया एकादशी की आती है, तो इसका आध्यात्मिक वजन और भी बढ़ जाता है। वर्ष 2026 में आने वाली जया एकादशी कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के कारण बेहद खास होने वाली है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से…

जया एकादशी 2026 स्पेशल – भगवान विष्णु के इन मंत्रों के जाप से चमक उठेगी आपकी किस्मत।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी (Jaya Ekadashi) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे न केवल पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि वह पिशाच योनी…

पिशाच योनी से मुक्ति दिलाने वाली ‘जया एकादशी’ का रहस्य और इसके पीछे की प्राचीन कहानी।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की ‘या एकादशी’ अपने आप में अत्यंत विलक्षण और कल्याणकारी मानी गई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह केवल एक व्रत नहीं बल्कि वह अमोघ अस्त्र है जो मनुष्य को नीच योनियों, विशेषकर पिशाच योनी के कष्टों से मुक्ति दिलाता…

अयोध्या राम मंदिर दर्शन 2026 – अब नए समय पर होंगे रामलला के दर्शन, जानें आरती और प्रवेश के बदले हुए नियम

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मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दर्शन और आरती के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए…

क्या आपने सुनी है ‘राम रक्षा स्तोत्र’ की महिमा? जानिए इसका रहस्य और लाभ

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राम रक्षा स्तोत्र हिंदू धर्म में एक अत्यंत प्रभावशाली और चमत्कारी कवच माना गया है, जिसकी रचना ऋषि बुधकौशिक ने भगवान शिव के स्वप्न आदेश पर की थी। इसका प्रत्येक श्लोक भगवान श्रीराम के दिव्य गुणों का वर्णन करता है और भक्त के शरीर के हर अंग की रक्षा के लिए प्रार्थना करता है। हिंदू…

Power of Ram Mantra – राम नाम की महिमा, क्यों है ‘राम’ मंत्र सबसे प्रभावशाली?

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‘राम’ नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि अनंत ऊर्जा और चेतना का पुंज है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, राम नाम को ‘तारक मंत्र’ माना गया है, जो संसार रूपी सागर से पार लगाने की शक्ति रखता है। इसकी विशिष्टता इस बात में है कि इसमें ‘रा’ (अग्नि बीज) और ‘म’ (अमृत बीज) का समावेश है।…

रामायण और महाभारत की वे अनकही बातें – जिन पर साधारण मनुष्य विश्वास नहीं कर सकता

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हम सभी ने रामायण और महाभारत की कथाएँ सुनी हैं। ये केवल कहानियाँ नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की नींव हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन महाकाव्यों में कुछ ऐसी बातें भी छिपी हैं, जिन पर आधुनिक (modern) युग का व्यक्ति आसानी से विश्वास नहीं कर सकता? ये अनकही बातें, जिन्हें अक्सर मुख्य धारा…

वाल्मीकि जयंती पर विशेष – कैसे बदल गई डाकू रत्नाकर की जिंदगी राम नाम के प्रभाव से?

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महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि ‘राम नाम’ में कितनी शक्ति है। अपने प्रारंभिक जीवन में वाल्मीकि ‘रत्नाकर’ नाम के एक क्रूर डाकू थे, जो राहगीरों को लूटकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। एक बार उनकी भेंट सप्तऋषियों से हुई, जिन्होंने उनसे पूछा कि क्या उनका परिवार उनके पापों…

राम ने सीता को वनवास क्यों दिया? 5 अनसुने कारण! जानिए वह सत्य जो कम लोग जानते हैं!

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नमस्कार दोस्तों, रामायण (Ramayana) की कहानी में सबसे दर्दनाक और विवादास्पद (Controversial) प्रसंग है – माता सीता को भगवान राम द्वारा वनवास दिया जाना। हर कोई इसके पीछे धोबी द्वारा लगाए गए लांछन और राम के राजधर्म (Duty of a King) को जानता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अलावा भी ऐसे कई…

श्री राम का ‘असली’ नाम क्या था? बाल्यकाल के 7 अनसुने रहस्य! (7 Unheard Secrets of Lord Ram’s Childhood)

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भगवान श्री राम को हम अनेक नामों से जानते हैं, लेकिन पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि वशिष्ठ ने उनका नाम ‘राम’ रखा था, जिसका अर्थ है – वह जो कण-कण में रमण करता है। उनके बाल्यकाल से जुड़े कुछ ऐसे रहस्य हैं जो अद्भुत हैं, भगवान श्री राम, जिन्हें हम मर्यादा पुरुषोत्तम (Maryada Purushottam) के…

अन्वाधान व्रत की कथा

अन्वाधान व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो मुख्य रूप से ‘इष्टि’ (यज्ञ) से पहले किया जाता है। ‘अन्वाधान’ का शाब्दिक अर्थ है ‘प्रज्वलित अग्नि को निरंतर बनाए रखना’। यह व्रत आमतौर पर पूर्णिमा और अमावस्या की तिथियों पर रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अगले दिन किए जाने वाले मुख्य यज्ञ…

राम-नाम की शक्ति – रोज़ बस 10 मिनट में पाएं मन की शांति और सफलता!

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राम-नाम केवल दो अक्षरों का शब्द नहीं, बल्कि एक अमोघ आध्यात्मिक शक्ति है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहाँ तनाव और चिंता आम बात है, प्रतिदिन मात्र 10 मिनट का राम-नाम जप आपके मानसिक और भौतिक जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। जब हम एकाग्र मन से “राम” नाम का स्मरण करते हैं, तो…

कूर्म द्वादशी का रहस्य – श्रीहरि विष्णु का कच्छप अवतार क्यों है इतना खास? महत्व और पूजन के नियम

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हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के दस अवतारों (दशावतार) का विशेष महत्व है, और इन्हीं में से एक है उनका दूसरा अवतार – कूर्म अवतार (Kurma Avatar)। कूर्म, जिसका अर्थ संस्कृत में ‘कछुआ’ होता है, इस बात का प्रतीक है कि सृष्टि के संतुलन को बनाए रखने के लिए स्वयं श्रीहरि विष्णु ने कितना विराट…

अष्टधातु का कछुआ रखने से क्या होता है लाभ? कूर्म द्वादशी के दिन जानें सही दिशा और उपाय

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क्या आपके जीवन में स्थिरता (Stability) और समृद्धि (Prosperity) की कमी है? क्या आप अपने करियर या व्यापार में तरक्की (Progress) चाहते हैं? अगर हां, तो अष्टधातु का कछुआ (Ashtadhatu Tortoise) आपके लिए एक चमत्कारी उपाय (Miraculous remedy) हो सकता है। हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) दोनों में ही कछुए को अत्यंत शुभ…

घर में चांदी का कछुआ कब और क्यों लाएं? कूर्म द्वादशी पर करें ये अचूक उपाय, बरसेगी लक्ष्मी कृपा!

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सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में कछुए (Tortoise) को अत्यंत शुभ और चमत्कारी माना गया है। यह न केवल लंबी आयु, स्थिरता (Stability) और धैर्य का प्रतीक है, बल्कि इसे धन और समृद्धि (Wealth and Prosperity) का कारक भी माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सभी धातुओं के कछुओं में,…

मेरु त्रयोदशी व्रत की कथा

मेरु त्रयोदशी जैन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है। वर्ष 2026 में यह पर्व 16 जनवरी (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। यह दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ प्रभु) के निर्वाण कल्याणक की स्मृति में मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान आदिनाथ ने अष्टापद पर्वत (कैलाश…

कूर्म द्वादशी की पौराणिक कथा और पूजा विधि

पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को कूर्म द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, इसी पावन दिन भगवान विष्णु ने ‘कूर्म’ (कछुए) का अवतार लिया था। समुद्र मंथन के समय जब मंदराचल पर्वत समुद्र में डूबने लगा, तब भगवान विष्णु ने विशाल कछुए का रूप धारण कर पर्वत…

मकर संक्रांति व्रत कथा व पूजा विधि

मकर संक्रांति 2026 भारत में 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, इसी दिन सूर्य देव दोपहर लगभग 03:13 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। 2026 की संक्रांति इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस दिन षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो 23 वर्षों के बाद…

षटतिला एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है, जो वर्ष 2026 में 14 जनवरी को मनाई जाएगी। इस पावन तिथि का हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व है क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु की आराधना और दान-पुण्य के लिए समर्पित है। इस एकादशी के नाम में ही इसका सार छिपा…

Vishwakarma Puja 2026 – जानें विश्वकर्मा जयंती पूजा मुहूर्त, पूजन विधि, व्रत कथा और महत्व

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वर्ष 2026 में विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का दिव्य शिल्पकार और देवताओं का वास्तुकार (Engineer) माना जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से कन्या संक्रांति के दिन मनाया जाता है, जब सूर्य सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करते हैं। विश्वकर्मा जयंती भगवान…

आयुध पूजा 2026 – क्यों होते हैं अस्त्र-शस्त्र पूजित? जानें इतिहास, कथा और पूजा विधि

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आयुध पूजा, जिसे ‘शस्त्र पूजा’ भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में यह उत्सव 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार मुख्य रूप से नवरात्रि के नौवें दिन (महानवमी) या दशहरे के अवसर पर मनाया जाता है। भारत, जिसे त्योहारों की भूमि कहा जाता है, यहाँ हर पर्व किसी…

मध्वाचार्य जयंती 2026 – जानें द्वैत वेदांत के प्रवर्तक श्री मध्वाचार्य का जीवन, दर्शन और शिक्षाएँ

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हिंदू कैलेंडर के अनुसार, द्वैतवाद दर्शन के प्रणेता जगद्गुरु श्री मध्वाचार्य की जयंती हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (विजयादशमी) को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 21 अक्टूबर, बुधवार को मनाया जाएगा। भारत की संत परंपरा में, श्री मध्वाचार्य (Madhvacharya) का नाम बड़े आदर के साथ लिया…

विद्यारम्भम् 2026 – ज्ञान, सरस्वती पूजन और अक्षर-अभ्यास का शुभ मुहूर्त

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“विद्यारम्भम्” (विद्यारंभ संस्कार) हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में से एक है, जो बच्चे की शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह संस्कार विशेष रूप से 4 मार्च, बुधवार (विजयादशमी या वसंत पंचमी जैसे अवसरों के समीप) और अन्य शुभ मुहूर्तों में मनाया जाएगा। भारतीय संस्कृति में विद्यारम्भ…

नवपत्रिका पूजा 2026 – जानिए महालक्ष्मी स्वरूप नौ पत्तियों की पूजा विधि, महत्व और रहस्य

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भारतीय संस्कृति में त्योहार केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध का प्रतीक हैं। दुर्गा पूजा और नवरात्रि का आगमन ऐसे ही एक विशेष पर्व, “नवपत्रिका पूजा” (Navpatrika Puja) के साथ होता है। यह पूजा, जिसमें नौ तरह के पौधों और पत्तियों का उपयोग होता है, प्रकृति को देवी शक्ति…

आश्विन नवपद ओली 2026 – जैन धर्म के इस 9 दिवसीय व्रत और साधना का आध्यात्मिक रहस्य

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जैन धर्म में आश्विन नवपद ओली आत्म-शुद्धि और तपस्या का एक पावन पर्व है। वर्ष 2026 में यह आराधना 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। शाश्वत मानी जाने वाली यह ओली नौ दिनों तक चलती है, जिसमें ‘सिद्धचक्र महायंत्र’ के नौ पदों (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, दर्शन, ज्ञान, चरित्र और तप) की…

2026 पितृ दोष से मुक्ति – जानिए लक्षण, कारण और कारगर उपाय

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ज्योतिष शास्त्र में, पितृ दोष को एक ऐसा दोष माना जाता है जो हमारे पूर्वजों (पितरों) के अधूरे कर्मों या उनके प्रति हमारे गलत व्यवहार के कारण होता है। यह दोष व्यक्ति के जीवन में कई तरह की बाधाएं और समस्याएं पैदा कर सकता है पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए धार्मिक, आध्यात्मिक, और…

Maha Bharani Shradh 2026 – महा भरणी व्रत क्यों है पितरों को प्रसन्न करने का दिव्य अवसर? जानें रहस्य और नियम

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वर्ष 2026 में महा भरणी श्राद्ध 29 सितंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। पितृ पक्ष के दौरान भरणी नक्षत्र का आगमन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भरणी नक्षत्र के स्वामी यमराज हैं, इसलिए इस दिन किया गया श्राद्ध गया तीर्थ में किए गए श्राद्ध के समान पुण्य प्रदान करता है।…

Bilv Nimantran 2026 – बिल्व निमन्त्रण की अद्भुत कथा, बिल्व निमन्त्रण क्यों माना जाता है शुभ?

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“बिल्व निमंत्रण 2026” दुर्गा पूजा के पावन उत्सव की आध्यात्मिक शुरुआत का प्रतीक है। वर्ष 2026 में, यह महत्वपूर्ण अनुष्ठान 16 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। हर वर्ष की तरह, शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि को “बिल्व निमन्त्रण” का महापर्व मनाया जाता है। यह एक ऐसा अनुष्ठान है जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण…

ओणम 2026 कब है? जानिए तिथि, पूजन विधि, कथा और ओणसद्या की परंपरा

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ओणम केरल का सबसे महत्वपूर्ण और रंगीन सांस्कृतिक उत्सव है, जो राजा महाबली के स्वागत में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में मुख्य ओणम, जिसे थिरुवोणम कहा जाता है, 26 अगस्त को मनाया जाएगा। यह उत्सव मलयालम कैलेंडर के अनुसार ‘चिंगम’ महीने में आता है, जो नई फसल की खुशी और समृद्धि का प्रतीक है।…

Vamana Jayanti 2026 – वामन जयंती का व्रत कैसे करें? जानें पूजन, नियम और ब्राह्मण दान का महत्व

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वामन जयंती, जिसे वामन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु के पांचवें अवतार ‘वामन देव’ के प्राकट्य का उत्सव है। वर्ष 2026 में यह शुभ पर्व 23 सितंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को श्रवण नक्षत्र में भगवान विष्णु ने…

Parivartini Ekadashi 2026 – परिवर्तिनी एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें?

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साल 2026 में परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर, मंगलवार को रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह एकादशी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में आती है। इसे ‘पार्श्व एकादशी’, ‘पद्मा एकादशी’ या ‘वामन एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। परिवर्तिनी एकादशी, जिसे ‘परिवर्तिनी’ या ‘आश्वयुज एकादशी’ भी कहते हैं, हिंदू कैलेंडर के अनुसार…

भुवनेश्वरी जयंती 2026 – शक्ति की अधीश्वरी देवी का जन्मोत्सव, जानें पूजा विधि और रहस्य, क्यों यह तिथि तांत्रिक साधकों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है

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भुवनेश्वरी जयंती का पर्व माँ भुवनेश्वरी को समर्पित है, जो दस महाविद्याओं में चौथी शक्ति मानी जाती हैं। वर्ष 2026 में, भुवनेश्वरी जयंती 22 सितंबर, मंगलवार को मनाई जाएगी (पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल द्वादशी)। माँ भुवनेश्वरी को “ब्रह्मांड की रानी” माना जाता है। उनकी साधना से साधक को ऐश्वर्य, ज्ञान और मानसिक शांति की…

लोहड़ी की कहानी – पंजाबी लोक कथा

लोहड़ी उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब और हरियाणा का एक प्रमुख और हर्षोल्लास का त्योहार है। यह मकर संक्रांति से एक दिन पहले, आमतौर पर 13 जनवरी को मनाया जाता है। यह पर्व शीत ऋतु के अंत और फसल की कटाई (रबी की फसल) का प्रतीक है। इस दिन शाम को खुले स्थान पर अग्नि (अलाव)…

छठ पूजा व्रत कथा और पूजा विधि (छठ पूजा 2026 का कार्यक्रम)

|| छठ पूजा 2026 का कार्यक्रम || नहाय-खाय (13 नवंबर) – पवित्र स्नान और सात्विक भोजन। खरना (14 नवंबर) – दिन भर का उपवास और शाम को गुड़ की खीर का प्रसाद। संध्या अर्घ्य (15 नवंबर) – डूबते सूर्य की पूजा। उषा अर्घ्य (16 नवंबर) – उगते सूर्य को जल अर्पण कर व्रत का समापन।…

शनि त्रयोदशी 2026 – शनि देव की कृपा पाने का सर्वोत्तम दिन, जानें पूजन विधि और महत्व

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वर्ष 2026 में शनि त्रयोदशी (जिसे शनि प्रदोष भी कहा जाता है) का विशेष धार्मिक महत्व है। जब त्रयोदशी तिथि शनिवार के दिन पड़ती है, तो इसे शनि प्रदोष का अत्यंत शुभ संयोग माना जाता है। वर्ष 2026 में 28 मार्च, 25 जुलाई और 22 अगस्त जैसी तिथियों पर यह योग बन रहा है। शनि…

पुष्कर स्नान 2026 – कब और कैसे करें? जानें शुभ मुहूर्त, विधि और लाभ (The Complete Guide)

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भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत में पुष्कर का स्थान अद्वितीय है। राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित यह पवित्र नगर, भगवान ब्रह्मा के एकमात्र मंदिर और पवित्र पुष्कर सरोवर के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहाँ विशाल पुष्कर मेला (Pushkar Fair) और महास्नान (Holy Bath) का आयोजन होता…

2026 योगेश्वर द्वादशी व्रत करने से मिलते हैं ये 5 दिव्य लाभ – जानें शुभ तिथि, पूजा विधि और उपवास के नियम

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योगेश्वर द्वादशी 2026 का पावन पर्व 21 नवंबर 2026 (शनिवार) को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह तिथि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को आती है। इसे ‘चिलकु द्वादशी’ या ‘तुलसी द्वादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि (Dwadashi Tithi) को…

कालाष्टमी की पौराणिक कथा

कालाष्टमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप, काल भैरव को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने अंधकासुर के संहार के लिए भैरव रूप धारण किया था, इसलिए इसे…

उत्पन्ना एकादशी 2026 व्रत क्यों और कैसे करें? जानिए व्रत का संपूर्ण विवरण और रहस्य

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हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ तिथि 4 दिसंबर, शुक्रवार को पड़ेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन एकादशी माता प्रकट हुई थीं, इसलिए इसे ‘उत्पन्ना एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। उत्पन्ना एकादशी का व्रत हिंदू धर्म…

कार्तिक पूर्णिमा 2026 – देव दिवाली का अद्भुत पर्व, जानें महत्व, व्रत विधि और धार्मिक मान्यताएँ (Kartik Purnima Festival of Dev Deepawali)

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कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। वर्ष 2026 में यह पर्व 24 नवंबर को मनाया जाएगा। इसे ‘देव दीपावली’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन देवताओं ने त्रिपुरासुर राक्षस पर भगवान शिव की विजय की खुशी में दीपावली मनाई थी।…

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए एक अत्यंत पावन एवं विशेष महत्व रखने वाला दिन है। यह व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है। जिस प्रकार चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जयंती तथा भाद्रपद मास में वर्ष में एक बार…

गणाधिप संकष्टी 2026 – क्यों है यह संकष्टी विशेष? जानें व्रत विधि, कथा और महत्व

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गणाधिप संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत शुभ व्रत है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास (कहीं-कहीं कार्तिक) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को यह पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह व्रत 27 नवंबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। सनातन धर्म में भगवान गणेश (Lord Ganesha) को प्रथम पूज्य देवता माना गया…

मोक्षदा एकादशी 2026 में कब है यह खास व्रत? जानिए व्रत कथा और मोक्ष पाने का तरीका

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वर्ष 2026 में मोक्षदा एकादशी का पावन पर्व 20 दिसंबर, रविवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह एकादशी मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। धार्मिक दृष्टि से इसका अत्यधिक महत्व है क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था,…

Chandra Darshan 2026 List – चंद्र दर्शन 2026 की पूरी लिस्ट जानें तिथि, पूजा विधि और आध्यात्मिक रहस्य

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अमावस्या के अगले दिन को चंद्र दर्शन दिवस के रूप में जाना जाता है। इस दिन चंद्रमा पहली बार अमावस्या के बाद दिखाई देता है। जब चंद्रमा पृथ्वी से पूरी तरह अदृश्य होता है, उसे अमावस्या कहा जाता है। चंद्र दर्शन दिवस पर सूर्यास्त के तुरंत बाद चंद्रमा थोड़े समय के लिए ही दिखाई देता है।…

भौम प्रदोष व्रत 2026 – इस दुर्लभ योग में करें शिव-शक्ति की आराधना, धन, सुख और संतान प्राप्ति का वरदान

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सनातन धर्म (Sanatan Dharma) में प्रदोष व्रत का अत्यधिक महत्व है, जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। जब यह पावन तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत (Bhaum Pradosh Vrat) कहा जाता है। ‘भौम’ मंगल ग्रह का पर्याय है, और इस दिन शिव-शक्ति की पूजा के साथ-साथ मंगल…

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