आरती करो बृजनारी ले कंचन थारी
|| आरती || आरती करो बृजनारी, ले कंचन थारी, आरती करो बृज नारी || भावना भक्ति की ज्योति, अनमोल प्रेम के मोती, रसबुंदन सो भरी झारी | अति सुकुमारी, आरती करो बृज नारी || घनश्याम नंद के लाला, पहिरे पट पीत रसाला, संग सोहे वृषभानु दुलारी | श्री राधिका प्यारी, आरती करो बृज नारी ||…



