आरती कुंजबिहारीकी – कृष्णाची आरती
॥ आरती कुंजबिहारीकी – कृष्णाची आरती ॥ आरती कुंजबिहारीकी ॥ गिरिधर कृष्ण मुरारीकी ॥ गलेमे वैजयंतीमाला ॥ बजावे मुरलि मुरलिवाला ॥ श्रवणमे कुण्डल जगपाला ॥ नंदके नंदही नंदलाला ॥ घनसम अंगकांति काली ॥ राधिका चमक रही बिजली ॥ भ्रमरसम अलक ॥ कस्तुरीतिलक ॥ चंदसी झलक ॥ ललित सब राधे प्यारीकी ॥ गिरिधर कृष्ण मुरारीकी… क्नकमय…



