दर्शन को तरसते है दो नैना ये बावरे – भजन
दर्शन को तरसते है दो नैना ये बावरे तर्ज – अँखियों के झरोखे से दर्शन को तरसते है, दो नैना ये बावरे, मेरे श्याम चले आओ, मेरे श्याम चले आओ, कहीं चैन नहीं तुम बिन, मुझको मेरे सांवरे, मेरी प्यास बुझा जाओ, मेरे श्याम चले आओ।। क्यूँ भूल गए हो तुम मुझे, चरणों से लगा…



