Pitru Paksha Ekadashi Fast – पितृपक्ष में एकादशी का व्रत करना चाहिए या नहीं?

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एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि एकादशी के दिन श्राद्ध करना सही है या नहीं? शास्त्रों में साफ तौर पर कहा गया है कि एकादशी के दिन श्राद्ध नहीं करना चाहिए। भगवान शंकर ने खुद पार्वती जी को बताया कि अगर कोई व्यक्ति एकादशी के दिन श्राद्ध करता है, तो श्राद्ध…

पितृ गायत्री मंत्र

|| पितृ गायत्री मंत्र (Pitra Gayatri Mantra PDF) || ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च । नमः स्वाहायै स्वाधायै नित्यमेव नमो नमः ॥ ॐ पितृभ्यो नमः ॥

Pitru Paksha 2025 – क्यों किया जाता है श्राद्ध? पितृ पक्ष की तिथियां, नियम, महत्व और मान्यताएं

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पितृपक्ष 08 सितंबर से शुरू हो रहा है। पितृपक्ष के समय लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और अन्य धार्मिक कार्य करते हैं। इस दौरान, लोग अपने पितरों की तृप्ति के लिए भोजन और जल अर्पित करते हैं। साथ ही ब्राह्मणों को भोजन कराना, उन्हें दान-दक्षिणा देना और पितरों की…

अनंत चतुर्दशी व्रत कथा और पूजा विधि

|| अनंत चतुर्दशी पूजा विधि || इस दिन प्रातःकाल स्नान के बाद पूजा स्थल पर कलश स्थापित करें। इसके बाद कलश पर भगवान विष्णु की तस्वीर भी लगाएं। एक धागे को कुमकुम, केसर और हल्दी से रंगकर अनंत सूत्र बनाएं, इसमें 14 गांठें लगी होनी चाहिए। इस सूत्रो भगवान विष्णु की तस्वीर के सामने रखें।…

अनंत चतुर्दशी 2025 – जानिए व्रत की कहानी, पूजा विधि और महत्व, कैसे करें व्रत उद्यापन

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अनंत चतुर्दशी हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है। इस बार अनन्त चतुर्दशी शनिवार, सितम्बर 06, 2025 को  है। यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी के दिन मनाया जाता है। इस दिन अनंत रूपी भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस व्रत के माध्यम से भक्त अपने जीवन…

ओणम क्यों मनाया जाता है? ओणम का इतिहास, महत्व और ओणम की अद्भुत कथा

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ओणम, केरल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार है, जो हर साल मलयालम कैलेंडर के अनुसार चिंगम महीने में आता है. यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत, समृद्धि और खुशियों का प्रतीक है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह अद्भुत पर्व क्यों मनाया जाता है? इसका गहरा इतिहास क्या है और…

कल्कि द्वादशी – क्या निकट है भगवान कल्कि का आगमन? जानें धर्मग्रंथों की दृष्टि से

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सनातन धर्म में अनेक अवतारों का वर्णन मिलता है, जिनमें भगवान विष्णु के दशावतारों की चर्चा प्रमुख है। इन दशावतारों में, भगवान कल्कि को अंतिम और भविष्य का अवतार माना गया है। कल्कि द्वादशी का पावन पर्व, जो श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को मनाया जाता है, भगवान कल्कि के आगमन की आशा…

கல்கி ஸ்தோத்திரம்

|| கல்கி ஸ்தோத்திரம் (Kalki Stotram Tamil PDF) || ஜய ஹரே(அ)மராதீஶஸேவிதம் தவ பதாம்புஜம் பூரிபூஷணம். குரு மமாக்ரத꞉ ஸாதுஸத்க்ருதம் த்யஜ மஹாமதே மோஹமாத்மன꞉. தவ வபுர்ஜகத்ரூபஸம்பதா விரசிதம் ஸதாம் மானஸே ஸ்திதம். ரதிபதேர்மனோ மோஹதாயகம் குரு விசேஷ்டிதம் காமலம்படம். தவ யஶோஜகச்சோகநாஶகம் ம்ருதுகதாம்ருதம் ப்ரீதிதாயகம். ஸ்மிதஸுதோக்ஷிதம் சந்த்ரவன்முகம் தவ கரோத்யலம் லோகமங்கலம். மம பதிஸ்த்வயம் ஸர்வதுர்ஜயோ யதி தவாப்ரியம் கர்மணா(ஆ)சரேத். ஜஹி ததாத்மன꞉ ஶத்ருமுத்யதம் குரு க்ருபாம் ந சேதீத்ருகீஶ்வர꞉. மஹதஹம்யுதம் பஞ்சமாத்ரயா ப்ரக்ருதிஜாயயா…

కల్కి స్తోత్రం

|| కల్కి స్తోత్రం (Kalki Stotram Telugu PDF) || జయ హరేఽమరాధీశసేవితం తవ పదాంబుజం భూరిభూషణం. కురు మమాగ్రతః సాధుసత్కృతం త్యజ మహామతే మోహమాత్మనః. తవ వపుర్జగద్రూపసంపదా విరచితం సతాం మానసే స్థితం. రతిపతేర్మనో మోహదాయకం కురు విచేష్టితం కామలంపటం. తవ యశోజగచ్ఛోకనాశకం మృదుకథామృతం ప్రీతిదాయకం. స్మితసుధోక్షితం చంద్రవన్ముఖం తవ కరోత్యలం లోకమంగలం. మమ పతిస్త్వయం సర్వదుర్జయో యది తవాప్రియం కర్మణాఽఽచరేత్. జహి తదాత్మనః శత్రుముద్యతం కురు కృపాం న చేదీదృగీశ్వరః. మహదహంయుతం పంచమాత్రయా ప్రకృతిజాయయా…

കൽകി സ്തോത്രം

|| കൽകി സ്തോത്രം (Kalki Stotram Malayalam PDF) || ജയ ഹരേഽമരാധീശസേവിതം തവ പദാംബുജം ഭൂരിഭൂഷണം. കുരു മമാഗ്രതഃ സാധുസത്കൃതം ത്യജ മഹാമതേ മോഹമാത്മനഃ. തവ വപുർജഗദ്രൂപസമ്പദാ വിരചിതം സതാം മാനസേ സ്ഥിതം. രതിപതേർമനോ മോഹദായകം കുരു വിചേഷ്ടിതം കാമലമ്പടം. തവ യശോജഗച്ഛോകനാശകം മൃദുകഥാമൃതം പ്രീതിദായക. സ്മിതസുധോക്ഷിതം ചന്ദ്രവന്മുഖം തവ കരോത്യലം ലോകമംഗലം. മമ പതിസ്ത്വയം സർവദുർജയോ യദി തവാപ്രിയം കർമണാഽഽചരേത്. ജഹി തദാത്മനഃ ശത്രുമുദ്യതം കുരു കൃപാം ന ചേദീദൃഗീശ്വരഃ. മഹദഹംയുതം പഞ്ചമാത്രയാ പ്രകൃതിജായയാ…

श्री भुवनेश्वरी कवच

|| श्री भुवनेश्वरी कवचम् (Bhuvneshwari Kavacham PDF) || ॥ देव्युवाच ॥ देवेश भुवनेश्वर्या या या विद्याः प्रकाशिताः । श्रुताश्चाधिगताः सर्वाः श्रोतुमिच्छामि साम्प्रतम् ॥ त्रैलोक्यमङ्गलं नाम कवचं यत्पुरोदितम् । महादेव मम प्रीतिकरं परम् ॥ ॥ ईश्वर उवाच ॥ श्रृणु पार्वति वक्ष्यामि सावधानावधारय । त्रैलोक्यमङ्गलं नाम कवचं मन्त्रविग्रहम् ॥ सिद्धविद्यामयं देवि सर्वैश्वर्यसमन्वितम् । पठनाद्धारणान्मर्त्यस्त्रैलोक्यैश्वर्यभाग्भवेत् ॥ ॐ अस्य…

परिवर्तिनी एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

|| परिवर्तिनी एकादशी पूजा विधि || सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें। भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें। भगवान की आरती करें। अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें। भगवान को भोग लगाएं। इस…

Parivartini Ekadashi 2025 – परिवर्तिनी एकादशी मुहूर्त, व्रत कथा और पूजा विधि

bhagwan vishnu

परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है। इसे भारत के कई क्षेत्रों में पार्श्व एकादशी के रूप में भी जाना जाता है। इस एकादशी पर श्री हरि शयन करते हुए करवट लेते हैं इसलिए इसे एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इसे पद्मा एकादशी के नाम से…

श्री वामन आरती

|| श्री वामन आरती (Vaman Aarti PDF) || ॐ जय वामन देवा, हरि जय वामन देवा बलि राजा के द्वारे, बलि राजा के द्वारे सन्त करे सेवा, || ॐ जय वामन देवा…||  वामन रूप अनुपम छत्र दंड शोभा, हरि छत्र दंड शोभा तिलक भाल की मनोहर भक्तन मन मोहा || ॐ जय वामन देवा…||  आगम…

वामन अवतार कथा तथा पूजा विधि

|| वामन जयंती पूजा विधि || इस दिन भगवान विष्णु को उनके वामन रूप में पूजा जाता है। इस दिन उपासक को सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। नित्यक्रिया के बाद स्नान और भगावन विष्णु का ध्यान कर दिन की शुरुआत करनी चाहिए। इसके बाद दिन की शुरुआत में आप वामन देव की सोने या फिर…

Shri Kalki Aarti

|| Shri Kalki Aarti PDF || Om Jay Jay Sur Rakshak Asur Vinashak, Padmavat Ke Pyare. Jay Jay Shri Kalki Bhakt Hitkari, Dushtan Maaran Haare. Jay Jay Khadgadhari Jay Asurari, Gau Vipran Ke Rakhvaare. Ksheer Sagarvaasi Jay Avinaashi, Bhoomi Bhaar Utaaran Haare. Alakh Niranjan Bhav Bhay Bhanjan, Jay Sambhal Sarkaare. Bhakt Jaano Ke Palankarta, Jay…

Shri Kalki Chalisa

|| Shri Kalki Chalisa PDF || ||  Doha || Kalki Kalki Naam Binu, Milta Nahin Kalyan. Poojo Japo Bhajo Nit, Shri Kalki Ka Naam. Yugacharya Kahate Suno, Is Dharti Ke Log. Kalki Bhagavat Kripa Binu, Nahin Chhootat Bhavrog. || Chaupai || Kalki Naam Hai Jag Ujiyara. Bhaktajano Ko Atishay Pyara. Jo Kalki Ka Naam Pukare,…

ಕಲ್ಕಿ ಸ್ತೋತ್ರ

|| ಕಲ್ಕಿ ಸ್ತೋತ್ರ (Kalki Stotram Kannada PDF) || ಜಯ ಹರೇಽಮರಾಧೀಶಸೇವಿತಂ ತವ ಪದಾಂಬುಜಂ ಭೂರಿಭೂಷಣಂ. ಕುರು ಮಮಾಗ್ರತಃ ಸಾಧುಸತ್ಕೃತಂ ತ್ಯಜ ಮಹಾಮತೇ ಮೋಹಮಾತ್ಮನಃ. ತವ ವಪುರ್ಜಗದ್ರೂಪಸಂಪದಾ ವಿರಚಿತಂ ಸತಾಂ ಮಾನಸೇ ಸ್ಥಿತಂ. ರತಿಪತೇರ್ಮನೋ ಮೋಹದಾಯಕಂ ಕುರು ವಿಚೇಷ್ಟಿತಂ ಕಾಮಲಂಪಟಂ. ತವ ಯಶೋಜಗಚ್ಛೋಕನಾಶಕಂ ಮೃದುಕಥಾಮೃತಂ ಪ್ರೀತಿದಾಯಕಂ. ಸ್ಮಿತಸುಧೋಕ್ಷಿತಂ ಚಂದ್ರವನ್ಮುಖಂ ತವ ಕರೋತ್ಯಲಂ ಲೋಕಮಂಗಲಂ. ಮಮ ಪತಿಸ್ತ್ವಯಂ ಸರ್ವದುರ್ಜಯೋ ಯದಿ ತವಾಪ್ರಿಯಂ ಕರ್ಮಣಾಽಽಚರೇತ್. ಜಹಿ ತದಾತ್ಮನಃ ಶತ್ರುಮುದ್ಯತಂ ಕುರು ಕೃಪಾಂ ನ ಚೇದೀದೃಗೀಶ್ವರಃ. ಮಹದಹಂಯುತಂ ಪಂಚಮಾತ್ರಯಾ ಪ್ರಕೃತಿಜಾಯಯಾ…

Vaman Puran (वामन पुराण)

Vaman Puran (वामन पुराण)

वामन पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक महत्वपूर्ण पुराण है। इस पुराण का नाम भगवान विष्णु के वामन अवतार के नाम पर रखा गया है। वामन पुराण में भगवान विष्णु के इस अवतार की महिमा, उनकी लीलाओं, धर्म, भक्ति, तीर्थ यात्रा, और पौराणिक कथाओं का विस्तृत वर्णन मिलता है। वामन पुराण की…

श्रीराधाष्टकम्

|| श्रीराधाष्टकम् (Radha Ashtakam PDF) || श्रीश्रीवृन्दावनेश्वर्यै नमः । दिशि दिशि रचयन्ती सञ्चरन्नेत्रलक्ष्मी विलसितखुरलीभिः खञ्जरीटस्य खेलाम् । हृदयमधुपमल्लीं वल्लवाधीशसूनो- रखिलगुणगभीरां राधिकामर्चयामि ॥ पितुरिह वृषभानोरन्ववायप्रशस्तिं जगति किल समस्ते सुष्ठु विस्तारयन्तीम् । व्रजपतिकुमारं खेलयन्तीं सखीभिः सुरभिणि निजकुण्डे राधिकामर्चयामि ॥ शरदुपचितराकाकौमुदीनाथकीर्ति प्रकरदमनदीक्षादक्षिणस्मेरवक्त्राम् । नटदघभिदपाङ्गोत्तुङ्गितानङ्गरङ्गां कलितरुचितरङ्गां राधिकामर्चयामि ॥ विविधकुसुमवृन्दोत्फुल्लधम्मिल्लघाटी विघटितमदघूर्णत्केकिपिच्छप्रशस्तिम् । मधुरिपुमुखबिम्बोद्गीर्णताम्बूलराग स्फुरदमलकपोलां राधिकामर्चयामि ॥ अमलिनललितान्तःस्नेहसिक्तान्तराङ्गां अखिलविधविशाखासख्यविख्यातशीलाम् । स्फुरदघभिदनर्घप्रेममाणिक्यपेटीं…

श्री राधा स्तुति

|| श्री राधा स्तुति (Radha Stuti PDF) || नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी। रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये।। नमस्त्रैलोक्यजननि प्रसीद करुणार्णवे। ब्रह्मविष्ण्वादिभिर्देवैर्वन्द्यमान पदाम्बुजे।। नम: सरस्वतीरूपे नम: सावित्रि शंकरि। गंगापद्मावनीरूपे षष्ठि मंगलचण्डिके।। नमस्ते तुलसीरूपे नमो लक्ष्मीस्वरुपिणी। नमो दुर्गे भगवति नमस्ते सर्वरूपिणी।। मूलप्रकृतिरूपां त्वां भजाम: करुणार्णवाम्। संसारसागरादस्मदुद्धराम्ब दयां कुरु।। || इति सम्पूर्ण श्री राधा स्तुति ||

राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र

राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र एक अत्यंत शक्तिशाली और भावपूर्ण प्रार्थना है जो भगवान श्रीकृष्ण की प्रियतमा, देवी राधा को समर्पित है। इस स्तोत्र की रचना, ‘राधा तंत्र’ नामक ग्रंथ में वर्णित है, और इसे स्वयं भगवान शिव ने नारद मुनि को सुनाया था। इसका पाठ करने से साधक को राधा रानी की विशेष कृपा प्राप्त…

श्री राधा आरती

श्री राधा रानी की आरती उनके भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह आरती राधा जी के दिव्य स्वरूप, उनकी कृपा और प्रेम को समर्पित है। “श्री राधा आरती PDF” के माध्यम से भक्तगण कभी भी, कहीं भी इस पावन आरती का पाठ कर सकते हैं, जिससे उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष प्राप्त होता…

श्री राधा अष्टोत्तरशतनामावली

श्री राधा अष्टोत्तरशतनामावली, देवी राधा के 108 नामों का संग्रह है, जिसका उल्लेख कई हिंदू धर्मग्रंथों में मिलता है। यह नामावली राधा रानी की स्तुति और महिमा का गान करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इन नामों में राधा के विभिन्न गुणों, रूपों, और लीलाओं का वर्णन किया गया है। प्रत्येक नाम राधा…

श्री राधा कवचम्

|| श्री राधा कवचम् (Radha Kavacham PDF) || श्रीगणेशाय नमः । पार्वत्युवाच कैलासिअवासिन् भगवन् भक्तानुग्रहकारक । राधिकाकवचं पुण्यं कथयस्व मम प्रभो ॥ १॥ यद्यस्ति करुणा नाथ त्राहि मां दुःखतो भयात् । त्वमेव शरणं नाथ शूलपाणे पिनाकधृक् ॥ २॥ शिव उवाच शृणुष्व गिरिजे तुभ्यं कवचं पूर्वसूचितम् । सर्वरक्षाकरं पुण्यं सर्वहत्याहरं परम् ॥ ३॥ हरिभक्तिप्रदं साक्षाद्भुक्तिमुक्तिप्रसाधनम् ।…

राधा सहस्रनाम

|| राधा सहस्रनाम (Radha Sahasranama Stotram PDF) || वन्दे वृन्दावनानन्दा राधिका परमेश्वरी । गोपिकां परमां श्रेष्ठां ह्लादिनीं शक्तिरूपिणीम् ॥ श्रीराधां परमाराज्यां कृष्णसेवापरायणाम् । श्रीकृष्णाङ्ग सदाध्यात्री नवधाभक्तिकारिणी ॥ येषां गुणमयी-राधा वृषभानुकुमारिका । दामोदरप्रिया-राधा मनोभीष्टप्रदायिनी ॥ तस्या नामसहस्रं त्वं श्रुणु भागवतोत्तमा ॥ मानसतन्त्रे अनुष्टुप्छन्दसे अकारादि क्षकारान्तानि श्रीराधिकासहस्रनामानि ॥ अथ स्तोत्रम् । ॐ अनन्तरूपिणी-राधा अपारगुणसागरा । अध्यक्षरा आदिरूपा…

देवी राधा सहस्रनामावली

देवी राधा सहस्रनामावली राधा रानी के 1000 दिव्य और मधुर नामों का संग्रह है। यह सहस्रनामावलि उनके प्रेम, भक्ति, करुणा और आध्यात्मिक स्वरूप को समर्पित है। राधा रानी भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रेयसी और भक्ति के उच्चतम आदर्श का प्रतीक मानी जाती हैं। इस सहस्रनामावलि का पाठ करने से साधक राधा-कृष्ण की अलौकिक प्रेमलीला और…

दूर्वा अष्टमी व्रत कथा

दूर्वा अष्टमी का व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से संतान सुख, सौभाग्य और परिवार की वृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान गणेश और दूर्वा घास का विशेष पूजन होता है। || दूर्वा अष्टमी व्रत कथा (Durva Ashtami Vrat Katha PDF)…

ललितांबा स्तुति

|| ललितांबा स्तुति (Lalitamba Stuti PDF) || का त्वं शुभकरे सुखदुःखहस्ते त्वाघूर्णितं भवजलं प्रबलोर्मिभङ्गैः। शान्तिं विधातुमिह किं बहुधा विभग्नां मतः प्रयत्नपरमासि सदैव विश्वे। सम्पादयत्यविरतं त्वविरामवृत्ता या वै स्थिता कृतफलं त्वकृतस्य नेत्री। सा मे भवत्वनुदिनं वरदा भवानी जानाम्यहं ध्रुवमिदं धृतकर्मपाशा। को वा धर्मः किमकृतं क्व कपाललेखः किं वादृष्टं फलमिहास्ति हि यां विना भोः। इच्छापाशैर्नियमिता नियमाः स्वतन्त्रैः…

श्रीललिता त्रिपुरसुन्दरी अपराधक्षमापणस्तोत्रम्

|| श्री ललिता त्रिपुरसुन्दरी अपराध क्षमापण स्तोत्रम् (Tripurasundari Aparadha Kshamapana Stotram PDF) || श्रीगणेशाय नमः । ॐ कञ्जमनोहर पादचलन्मणि नूपुरहंस विराजिते कञ्जभवादि सुरौघपरिष्टुत लोकविसृत्वर वैभवे । मञ्जुळवाङ्मय निर्जितकीर कुलेचलराज सुकन्यके पालय हे ललितापरमेश्वरि मामपराधिनमम्बिके ॥ १॥ एणधरोज्वल फालतलोल्लस दैणमदाङ्क समन्विते शोणपराग विचित्रित कन्दुक सुन्दरसुस्तन शोभिते । नीलपयोधर कालसुकुन्तल निर्जितभृङ्ग कदम्बके पालय हे ललितापरमेश्वरि मामपराधिनमम्बिके ॥…

ललिता अपराध क्षमापण स्तोत्र

|| ललिता अपराध क्षमापण स्तोत्र (Lalita Aparadh Kshamapana Stotram PDF) || कञ्जमनोहरपादचलन्मणिनूपुरहंसविराजिते कञ्जभवादिसुरौघपरिष्टुतलोकविसृत्वरवैभवे। मञ्जुलवाङ्मयनिर्जितकीरकुलेचलराजसुकन्यके पालय हे ललितापरमेश्वरि मामपराधिनमम्बिके। एणधरोज्वलफालतलोल्लसदैणमदाङ्कसमन्विते शोणपरागविचित्रितकन्दुकसुन्दरसुस्तनशोभिते। नीलपयोधरकालसुकुन्तलनिर्जितभृङ्गकदम्बके पालय हे ललितापरमेश्वरि मामपराधिनमम्बिके। ईतिविनाशिनि भीतिनिवारिणि दानवहन्त्रि दयापरे शीतकराङ्कितरत्नविभूषितहेमकिरीटसमन्विते। दीप्ततरायुधभण्डमहासुरगर्वनिहन्त्रि पुराम्बिके पालय हे ललितापरमेश्वरि मामपराधिनमम्बिके। लब्धवरेण जगत्रयमोहनदक्षलतान्तमहेषुणा लब्धमनोहरसालविषण्णसुदेहभुवा परिपूजिते। लङ्घितशासनदानवनाशनदक्षमहायुधराजिते पालय हे ललितापरमेश्वरि मामपराधिनमम्बिके। ह्रीम्पदभूषितपञ्चदशाक्षरषोडशवर्णसुदेवते ह्रीमतिहादिहामनुमन्दिररत्नविनिर्मितदीपिके। हस्तिवराननदर्शितयुद्धसमादरसाहसतोषिते पालय हे ललितापरमेश्वरि मामपराधिनमम्बिके। हस्तलसन्नवपुष्पसरेक्षुशरासनपाशमहाङ्कुशे हर्यजशम्भुमहेश्वरपादचतुष्टयमञ्चनिवासिनि। हंसपदार्थमहेश्वरि…

ललितांबा स्तोत्र

|| ललितांबा स्तोत्र (Lalitamba Stotram PDF) || सहस्रनामसन्तुष्टां देविकां त्रिशतीप्रियाम्। शतनामस्तुतिप्रीतां ललिताम्बां नमाम्यहम्। चतुर्भुजां चिदाकारां चतुःषष्टिकलात्मिकाम्। भक्तार्तिनाशिनीं नम्यां ललिताम्बां नमाम्यहम्। कञ्जपत्रायताक्षीं तां कल्याणगुणशालिनीम्। कारुण्यसागरां कान्तां ललिताम्बां नमाम्यहम्। आदिरूपां महामायां शुद्धजाम्बूनदप्रभाम्। सर्वेशनायिकां शुद्धां ललिताम्बां नमाम्यहम्। भक्तकाम्यप्रदां भव्यां भण्डासुरवधोद्यताम्। बन्धत्रयविमुक्तां च ललिताम्बां नमाम्यहम्। भूतिप्रदां भुवन्यस्थां ब्राह्मणाद्यैर्नमस्कृताम्। ब्रह्मादिभिः सर्जिताण्डां ललिताम्बां नमाम्यहम्। रूप्यनिर्मितवक्षोज- भूषणामुन्नतस्तनाम्। कृशकट्यन्वितां रम्यां ललिताम्बां नमाम्यहम्। माहेश्वरीं…

ललिता कवच

|| ललिता कवच (Lalita Kavacham PDF) || सनत्कुमार उवाच – अथ ते कवचं देव्या वक्ष्ये नवरतात्मकम्। येन देवासुरनरजयी स्यात्साधकः सदा। सर्वतः सर्वदाऽऽत्मानं ललिता पातु सर्वगा। कामेशी पुरतः पातु भगमाली त्वनन्तरम्। दिशं पातु तथा दक्षपार्श्वं मे पातु सर्वदा। नित्यक्लिन्नाथ भेरुण्डा दिशं मे पातु कौणपीम्। तथैव पश्चिमं भागं रक्षताद्वह्निवासिनी। महावज्रेश्वरी नित्या वायव्ये मां सदावत। वामपार्श्वं सदा पातु…

ललिता पुष्पांजलि स्तोत्र

|| ललिता पुष्पांजलि स्तोत्र (Lalita Pushpanjali Stotram PDF) || समस्तमुनियक्ष- किंपुरुषसिद्ध- विद्याधर- ग्रहासुरसुराप्सरो- गणमुखैर्गणैः सेविते। निवृत्तितिलकाम्बरा- प्रकृतिशान्तिविद्याकला- कलापमधुराकृते कलित एष पुष्पाञ्जलिः। त्रिवेदकृतविग्रहे त्रिविधकृत्यसन्धायिनि त्रिरूपसमवायिनि त्रिपुरमार्गसञ्चारिणि। त्रिलोचनकुटुम्बिनि त्रिगुणसंविदुद्युत्पदे त्रयि त्रिपुरसुन्दरि त्रिजगदीशि पुष्पाञ्जल पुरन्दरजलाधिपान्तक- कुबेररक्षोहर- प्रभञ्जनधनञ्जय- प्रभृतिवन्दनानन्दिते। प्रवालपदपीठीका- निकटनित्यवर्तिस्वभू- विरिञ्चिविहितस्तुते विहित एष पुष्पाञ्जलिः। यदा नतिबलादहङ्कृतिरुदेति विद्यावय- स्तपोद्रविणरूप- सौरभकवित्वसंविन्मयि। जरामरणजन्मजं भयमुपैति तस्यै समा- खिलसमीहित- प्रसवभूमि तुभ्यं नमः। निरावरणसंविदुद्भ्रम-…

ललिता अष्टक स्तोत्र

|| ललिता अष्टक स्तोत्र (Lalitha Ashtaka Stotram PDF) || राधामुकुन्दपद- सम्भवघर्मबिन्दु निर्मञ्छनोपकरणी- कृतदेहलक्षाम्। उत्तुङ्गसौहृद- विशेषवशात् प्रगल्भां देवीं गुणैः सुललितां ललितां नमामि। राकासुधाकिरण- मण्डलकान्तिदण्डि- वक्त्रश्रियं चकितचारु- चमूरुनेत्राम्। राधाप्रसाधनविधान- कलाप्रसिद्धां देवीं गुणैः सुललितां ललितां नमामि। लास्योल्लसद्भुजग- शत्रुपतत्रचित्र- पट्टांशुकाभरण- कञ्चुलिकाञ्चिताङ्गीम्। गोरोचनारुचि- विगर्हणगौरिमाणं देवीं गुणैः सुललितां ललितां नमामि। धूर्ते व्रजेन्द्रतनये तनुसुष्ठुवाम्यं मा दक्षिणा भव कलङ्किनि लाघवाय। राधे गिरं श‍ृणु…

श्री ललिता पञ्चरत्नं स्तोत्र

|| श्री ललिता पञ्चरत्नं स्तोत्र (Lalitha Pancharatnam Stotram PDF) || प्रातः स्मरामि ललितावदनारविन्दं बिम्बाधरं पृथुलमौक्तिकशोभिनासम् । आकर्णदीर्घनयनं मणिकुण्डलाढ्यं मन्दस्मितं मृगमदोज्ज्वलफालदेशम् ॥ प्रातर्भजामि ललिताभुजकल्पवल्लीं रक्ताङ्गुलीयलसदङ्गुलिपल्लवाढ्याम् । माणिक्यहेमवलयाङ्गदशोभमानां पुण्ड्रेक्षुचापकुसुमेषुसृणीर्दधानाम् ॥ प्रातर्नमामि ललिताचरणारविन्दं भक्तेष्टदाननिरतं भवसिन्धुपोतम् । पद्मासनादिसुरनायकपूजनीयं पद्माङ्कुशध्वजसुदर्शनलाञ्छनाढ्यम् ॥ प्रातः स्तुवे परशिवां ललितां भवानीं त्रय्यन्तवेद्यविभवां करुणानवद्याम् । विश्वस्य सृष्टिविलयस्थितिहेतुभूतां विद्येश्वरीं निगमवाङ्मनसातिदूराम् ॥ प्रातर्वदामि ललिते तव पुण्यनाम कामेश्वरीति कमलेति…

श्री ललिता हृदय स्तोत्रम्

|| श्रीललिताहृदयस्तोत्रम् (Lalita Hridaya Stotram PDF) || श्रीललिताम्बिकायै नमः । देव्युवाच । देवदेव महादेव सच्चिदानन्दविग्रहा । सुन्दर्याहृदयं स्तोत्रं परं कौतूहलं विभो ॥ ईश्वरौवाच । साधु साधुत्वया प्राज्ञे लोकानुग्रहकारकम् । रहस्यमपिवक्ष्यामि सावधानमनाःश‍ृणु ॥ श्रीविद्यां जगतां धात्रीं सर्ग्गस्थितिलयेश्वरीम् । नमामिललितां नित्यां भक्तानामिष्टदायिनीम् ॥ बिन्दुत्रिकोणसम्युक्तं वसुकोणसमन्वितम् । दशकोणद्वयोपेतं चतुर्द्दश समन्वितम् ॥ दलाष्टकेसरोपेतं दलषोडशकान्वितम् । वृत्तत्रययान्वितम्भूमिसदनत्रयभूषितम् ॥ नमामि ललिताचक्रं…

श्री ललिता सहस्रनामावली

श्री ललिता सहस्रनामावली देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी की स्तुति में रचित 1000 पवित्र नामों का संग्रह है। यह ग्रंथ ब्रह्मांड पुराण का एक अंश है और अद्वैत वेदांत में इसकी विशेष महिमा है। देवी ललिता को सर्वोच्च शक्ति और सृष्टि की माँ माना जाता है। वे सृष्टि, स्थिति और संहार की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनकी उपासना…

श्री ललिता पुष्पाञ्जलि स्तोत्रम्

|| श्रीललितापुष्पाञ्जलिस्तोत्रम् (Lalita Pushpanjali-Stotram PDF) || ॐ समस्तमुनियक्षकिम्पुरुषसिद्धविद्याधर- ग्रहासुरसुराप्सरोगणमुखैर्गणैः सेविते! । निवृत्तितिलकाम्बराप्रकृतिशान्तिविद्याकला- कलापमधुराकृते कलित एष पुष्पाञ्जलिः ॥ त्रिवेदकृतविग्रहे, त्रिविधकृत्यसन्धायिनि, त्रिरूपसमवायिनि त्रिपुरमार्गसञ्चारिणि! । त्रिलोचनकुटुम्बिनि त्रिगुणसंविदुद्युत्पदे त्रयि, त्रिपुरसुन्दरि, त्रिजगदीशि! पुष्पाञ्जलिः ॥ पुरन्दरजलाधिपान्तककुबेररक्षोहर- प्रभञ्जनधनञ्जयप्रभृतिवन्दनानन्दिते! । प्रवालपदपीठीकानिकटनित्यवर्तिस्वभू- विरिञ्चिविहितस्तुते! विहित एष पुष्पाञ्जलिः ॥ यदानतिबलादहङ्कृतिरुदेति विद्यावय- स्तपोद्रविणरूपसौरभकवित्वसंविन्मयि! । जरामरणजन्मजं भयमुपैति तस्यै समा- खिलसमीहितप्रसवभूमि! तुभ्यं नमः ॥ निरावरणसंविदुद्भ्रमपरास्तभेदोल्लसत्- परात्परचिदेकतावरशरीरिणि, स्वैरिणि! । रसायनतरङ्गिणीरुचितरङ्गसञ्चारिणि!,…

ललिता सप्तमी व्रत कथा

ललिता सप्तमी का पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन राधा रानी की प्रिय सखी देवी ललिता की पूजा की जाती है। यह व्रत मुख्य रूप से संतान प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र व अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखा जाता है। इसे संतान सप्तमी के नाम…

Ganesh Chaturthi Special – गणेश की कृपा से करियर की बाधाएं दूर करें

ganesh chaturthi

जीवन एक यात्रा है, और इस यात्रा में करियर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हर कोई चाहता है कि उसका करियर प्रगति करे, सफलता की ऊंचाइयों को छुए। लेकिन अक्सर, राह में कई बाधाएं आती हैं – असफलताएं, निराशाएं, अवसरों की कमी, और कड़ी मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलना। ऐसे समय में, जब सारे…

श्री गणेश सहस्त्रनाम (Shri Ganesh Sahastranam PDF Book)

श्री गणेश सहस्त्रनाम (Shri Ganesh Sahastranam)

श्री गणेश सहस्त्रनाम भगवान गणेश के हजार नामों का अद्भुत संकलन है, जिसे पंडित गोविंद दत्त शर्मा जी ने लिखा है। यह पुस्तक भगवान गणेश के उन अनगिनत स्वरूपों और गुणों का वर्णन करती है, जो उनकी दिव्यता और शक्ति को प्रकट करते हैं। सहस्त्रनाम का पाठ भगवान गणेश की कृपा पाने और जीवन में…

श्री गणेश सहस्त्रनामावली (Shri Ganesh Sahasranamavali PDF)

श्री गणेश सहस्त्रनामावली (Shri Ganesh Sahasranamavali)

श्री गणेश सहस्त्रनामावली भगवान गणेश की महिमा की अद्भुत पुस्तक है, जिसे पंडित खेमा राज कृष्णदास जी ने लिखा है। यह पुस्तक भगवान गणेश के हजार नामों (सहस्त्रनाम) का संग्रह है, जो उनकी अनंत शक्तियों, गुणों और दिव्यता को प्रकट करते हैं। यह ग्रंथ भगवान गणेश के भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और प्रेरणादायक है।…

उच्छिष्टगणपति पंचांग (Uchchishtaganpati Panchang)

उच्छिष्टगणपति पंचांग (Uchchishtaganpati Panchang)

उच्छिष्ट गणपति पंचांग एक अनमोल पुस्तक है जिसे पंडित खेमा राज कृष्णदास जी ने लिखा है। यह पुस्तक विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक साधकों के लिए तैयार की गई है, जो उच्छिष्ट गणपति की साधना और उनसे जुड़ी तांत्रिक विधियों को समझने और अपनाने में रुचि रखते हैं। उच्छिष्ट गणपति कौन हैं? उच्छिष्ट गणपति…

श्रीमहा-गणपति वरिवस्या (Shri Mahaganpati Varivasya)

श्रीमहा-गणपति वरिवस्या (Shri Mahaganpati Varivasya)

श्रीमहागणपति वरिवस्या भारतीय तांत्रिक और वैदिक परंपरा का एक अद्भुत ग्रंथ है, जिसकी रचना दत्तात्रेय जी ने की है। यह पुस्तक भगवान श्रीमहागणपति (गणेश जी) की उपासना और साधना की गूढ़ विधियों को उजागर करती है। इसमें भगवान गणपति के तांत्रिक स्वरूप और उनकी विशेष उपासना पद्धतियों का विस्तार से वर्णन है, जो साधकों को…

गणेश पुराण (Ganesh Puran)

गणेश पुराण (Ganesh Puran)

गणेश पुराण हिंदू धर्म के 18 प्रमुख पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान गणेश की महिमा, उनके जीवन की कथाएँ, और उनकी उपासना से संबंधित गूढ़ ज्ञान का वर्णन किया गया है। यह पुराण दो खंडों में विभाजित है: उपासना खंड और क्रीड़ा खंड। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, शुभकर्ता और ज्ञान का प्रतीक माना…

गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi Book PDF)

गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi)

गणेश चतुर्थी नामक पुस्तक भगवान श्री गणेश की पूजा, व्रत विधि, कथा और उनके प्रति भक्तिभाव को समर्पित है। इस पुस्तक में गणेश चतुर्थी से संबंधित सभी प्रमुख जानकारियाँ दी गई हैं, जैसे व्रत का महत्व, पूजा विधि, गणेश चतुर्थी की कथाएँ और हर साल की गणेश चतुर्थी तिथियों की सूची। यह पुस्तक श्रद्धालुओं के…

गणेश अष्टोत्तर शतनामावली

|| गणेश अष्टोत्तर शतनामावली (Ganesha Ashtottara Shatanamavali PDF) || ॐ गजाननाय नमः ॐ गणाध्यक्षाय नमः ॐ विघ्नराजाय नमः ॐ विनायकाय नमः ॐ द्वैमातुराय नमः ॐ द्विमुखाय नमः ॐ प्रमुखाय नमः ॐ सुमुखाय नमः ॐ कृतिने नमः ॐ सुप्रदीपाय नमः (10) ॐ सुखनिधये नमः ॐ सुराध्यक्षाय नमः ॐ सुरारिघ्नाय नमः ॐ महागणपतये नमः ॐ मान्याय नमः…

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