Hanuman Ji

बजरंग के आते आते कही भोर हो न जाये रे

Bajrang Ke Aate 2 Kahin Bhor Ho Na Jaye Re Bhajan Hindi Lyrics

Hanuman Ji ✦ Bhajan (भजन संग्रह) ✦ हिन्दी
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|| बजरंग के आते आते कही भोर हो न जाये रे ||

बजरंग के आते आते,
कही भोर हो न जाये रे,
ये राम सोचते हैं,
श्री राम सोचते हैं ।

क्या भोर होते होते,
बजरंग आ सकेंगे,
लक्ष्मण को नया जीवन,
फिर से दिला सकेंगे ।
कही सास की ये डोरी,
कमजोर हो न जाये रे,
ये राम सोचते हैं,
श्री राम सोचते हैं ॥
बजरंग के आते आते…॥

कैसे कहूँगा जा के,
मारा गया है लक्ष्मण,
तज देगी प्राण सुन के,
माता सुमित्रा फ़ौरन ।
कहीं यह कलंक मुझसे,
इक और हो ना जाए रे,
ये राम सोचते हैं,
श्री राम सोचते हैं ॥
बजरंग के आते आते…॥

लक्ष्मण बिना है टूटा,
यह दांया हाथ मेरा,
कुछ सूझता नहीं है,
चारो तरफ अँधेरा ।
लंका में कहीं घर घर,
ये शोर हो ना जाये रे
ये राम सोचते हैं,
श्री राम सोचते हैं ॥
बजरंग के आते आते…॥

वर्ना अटल है शर्मा,
मेरी बात ना टलेगी,
लक्ष्मण के साथ मेरी,
लख्खा चिता जलेगी ।
मैं सोचता तो कुछ हूँ,
कुछ और हो न जाये रे,
ये राम सोचते हैं,
श्री राम सोचते हैं॥
बजरंग के आते आते…॥

बजरंग के आते आते,
कही भोर हो न जाये रे,
ये राम सोचते हैं,
श्री राम सोचते हैं ।

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