जोगी भेष धरकर, नंदी पे चढ़कर
|| जोगी भेष धरकर, नंदी पे चढ़कर || जोगी भेष धरकर, नंदी पे चढ़कर ॥ दोहा – देखो देखो ये बाराती, ये बारातियों का हाल, बैल पर चढ़कर, मेरे भोलेनाथ आए है, अंधे काणे और लूले लंगड़े, संग में बाराती लाए है ॥ जोगी भेष धरकर, नंदी पे चढ़कर, गौरा को बिहाने, भोलेनाथ आ गए…