परिश्रम करे कोई कितना भी लेकिन
|| परिश्रम करे कोई कितना भी लेकिन || परिश्रम करे कोई कितना भी लेकिन, कृपा के बिना काम चलता नहीं है । निराशा निशा नष्ट होती ना तब तक, दया भानु जब तक निकलता नहीं है । दमित वासनाये, अमित रूप ले जब, अंतः-करण में, उपद्रव मचाती । तब फिर कृपासिंधु, श्री राम जी के,…