बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया PDF हिन्दी
Download PDF of Brindavan Ka Krishan Kanhaiya Sabki Aankhon Ka Tara Bhajan Hindi
Shri Krishna ✦ Bhajan (भजन संग्रह) ✦ हिन्दी
बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया हिन्दी Lyrics
|| बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया ||
बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया
सब की आँखों का तारा
मन ही मन क्यों जले राधिका
मोहन तो है सब का प्यारा
॥ बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया..॥
जमना तट पर नन्द का लाला
जब जब रास रचाये रे
तन मन डोले कान्हा ऐसी
बंसी मधुर बजाये रे
सुध-बुध भूली खड़ी गोपियाँ
जाने कैसा जादू डारा
॥ बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया..॥
रंग सलोना ऐसा जैसे
छाई हो घट सावन की
ऐ री मैं तो हुई दीवानी
मनमोहन मन भावन की
तेरे कारण देख बाँवरे
छोड़ दिया मैं ने जग सारा
बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया
सब की आँखों का तारा
मन ही मन क्यों जले राधिका
मोहन तो है सब का प्यारा
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बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया
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