Hanuman Janmotsav 2025 – हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जाप, दूर होगा मंगल दोष

Hanuman Jayanti Wishes

हनुमान जन्मोत्सव हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ पर्व माना जाता है। यह दिन भगवान हनुमान जी के जन्म का उत्सव है, जिन्हें बल, बुद्धि, भक्ति और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को विशेष कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन की सभी बाधाएँ…

लांगुलास्त्र शत्रुजन्य हनुमत स्तोत्र

|| लांगुलास्त्र शत्रुजन्य हनुमत स्तोत्र || हनुमन्नञ्जनीसूनो महाबलपराक्रम। लोलल्लांगूलपातेन ममाऽतरीन् निपातय ।। मर्कटाधिप मार्तण्ड मण्डल-ग्रास-कारक। लोलल्लांगूलपातेन ममाऽतरीन् निपातय ।। अक्षक्षपणपिङ्गाक्षक्षितिजाशुग्क्षयङ्र। लोलल्लांगूलपातेन ममाऽतरीन् निपातय ।। रुद्रावतार संसार-दुःख-भारापहारक। लोलल्लांगूलपातेन ममाऽतरीन् निपातय ।। श्रीराम-चरणाम्भोज-मधुपायितमानस। लोलल्लांगूलपातेन ममाऽतरीन् निपातय ।। बालिप्रथमक्रान्त सुग्रीवोन्मोचनप्रभो। लोलल्लांगूलपातेन ममाऽतरीन् निपातय ।। सीता-विरह-वारीश-मग्न-सीतेश-तारक। लोलल्लांगूलपातेन ममाऽतरीन् निपातय ।। रक्षोराज-तापाग्नि-दह्यमान-जगद्वन। लोलल्लांगूलपातेन ममाऽतरीन् निपातय ।। ग्रस्ताऽशैजगत्-स्वास्थ्य-राक्षसाम्भोधिमन्दर। लोलल्लांगूलपातेन ममाऽतरीन् निपातय…

श्री हनुमत पञ्चरत्नं स्तोत्र

॥ श्री हनुमत पञ्चरत्नं स्तोत्र ॥ वीताखिल-विषयेच्छं जातानन्दाश्र पुलकमत्यच्छम् । सीतापति दूताद्यं वातात्मजमद्य भावये हृद्यम् ॥ तरुणारुण मुख-कमलं करुणा-रसपूर-पूरितापाङ्गम् । सञ्जीवनमाशासे मञ्जुल- महिमानमञ्जना-भाग्यम ॥ शम्बरवैरि-शरातिगमम्बुजदल- विपुल-लोचनोदारम् । कम्बुगलमनिलदिष्टम् बिम्ब- ज्वलितोष्ठमेकमवलम्बे ॥ दूरीकृत-सीतार्तिः प्रकटीकृत- रामवैभव-स्फूर्ति । दारित-दशमुख-कीर्तिः पुरतो मम भातु हनुमतो मूर्तिः ॥ वानर-निकराध्यक्षं दानवकुल- कुमुद-रविकर-सदृशम् । दीन-जनावन-दीक्षं पवन तपः पाकपुञ्जमद्राक्षम् ॥ एतत्-पवन-सुतस्य स्तोत्रं यः पठति…

श्री पंचमुख हनुमत्कवचम्

॥ श्री पंचमुख हनुमत्कवचम् ॥ ॥ ॐ गण गणपतये नमः ॥ ॥ श्रीउमामहेश्वराभ्यां नमः ॥ श्रीसीतारामचन्द्राभ्यां नमः ॥ श्रीपञ्चवदनायाञ्जनेयाय नमः ॥ ॥ श्री पार्वत्युवाच ॥ सदाशिव वरस्वामिञ्ज्ञानद प्रियकारकः । कवचादि मया सर्वं देवानां संश्रुतं प्रिय ॥ १॥ इदानीं श्रोतुमिच्छामि कवचं करुणानिधे । वायुसूनोर्वरं येन नान्यदन्वेषितं भवेत् । साधकानां च सर्वस्वं हनुमत्प्रीति वर्द्धनम् ॥ २॥ ॥…

श्री एक मुखी हनुमत्कवचम्

॥ श्री एक मुखी हनुमत्कवचम् ॥ ॥ ॐ गण गणपतये नमः ॥ मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥ श्रीरामदूतं शिरसा नमामि ॥ ॥ श्रीहनुमते नमः ॥ एकदा सुखमासीनं शङ्करं लोकशङ्करम् । पप्रच्छ गिरिजाकान्तं कर्पूरधवलं शिवम् ॥ ॥ पार्वत्युवाच ॥ भगवन्देवदेवेश लोकनाथ जगद्गुरो । शोकाकुलानां लोकानां केन रक्षा भवेद्ध्रुवम् ॥…

Hidden Secrets of Hanuman Chalisa – हनुमान चालीसा के गूढ़ रहस्य, क्या आप जानते हैं इन 5 रहस्यों को?

hanumann

हनुमान चालीसा केवल एक भक्ति ग्रंथ नहीं, बल्कि इसमें छिपे कई रहस्यमयी तत्व भी हैं। तुलसीदास जी द्वारा रचित इस अद्भुत स्तोत्र में न केवल हनुमान जी की महिमा का वर्णन है, बल्कि इसमें गूढ़ ज्योतिषीय, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रहस्य भी समाहित हैं। आइए जानते हैं हनुमान चालीसा के उन 5 अद्भुत रहस्यों को, जिनसे…

सम्पूर्ण सुंदरकांड पाठ

|| सम्पूर्ण सुंदरकांड पाठ || || श्लोक || शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम् । रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं वन्देऽहं करुणाकरं रघुवरं भूपालचूड़ामणिम्।।1।। नान्या स्पृहा रघुपते हृदयेऽस्मदीये सत्यं वदामि च भवानखिलान्तरात्मा। भक्तिं प्रयच्छ रघुपुङ्गव निर्भरां मे कामादिदोषरहितं कुरु मानसं च।।2।। अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।।3।। || सुंदरकांड || जामवंत के…

तिरुपति बालाजी मंदिर की बड़ी घोषणा – जानें नए नियम और रूम बुकिंग की नई नीति

hanuman jii

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD), जो प्रसिद्ध तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन करता है, ने तीर्थयात्रियों के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं, जिनका ध्यान यात्रा की योजना बना रहे भक्तों को अवश्य रखना चाहिए। भगवान वेंकटेश्वर, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, को समर्पित यह मंदिर दुनिया के सबसे अधिक देखे जाने वाले…

Ramcharitmanas mantra – रामचरितमानस के सिद्ध मंत्र रोग, शोक और शत्रु नाश के लिए अचूक उपाय

hanumann

रामचरितमानस, गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक महाकाव्य, न केवल भगवान राम के जीवन और गुणों का वर्णन करता है, बल्कि इसमें ऐसी चौपाइयाँ और दोहे भी शामिल हैं जो साधकों के लिए रोग, शोक और शत्रु नाश के अचूक उपाय माने जाते हैं। इन मंत्रों का नियमित जाप व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का…

मंगलवार व्रत की आरती

|| मंगलवार व्रत की आरती || आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ।। जाके बल से गिरिवर कांपै । रोग-दोष जाके निकट न झांपै ।। अंजनि पुत्र महा बलदाई । संतन के प्रभु सदा सहाई ।। दे बीरा रघुनाथ पठाए । लंका जारि सिया सुधि लाये ।। लंका सो कोट…

आज मंगलवार है – भजन

|| आज मंगलवार है – भजन || आज मंगलवार है महावीर का वार है ये सच्चा दरबार है सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है चैत्र सुदी पूनम मंगल का जनम वीर ने पाया है-2 लाल लंगोट गदा हाथ में सिर पर मुकुट सजाया है-2 शंकर का अवतार है महावीर का वार…

Mangalwar Vrat Aarti

|| Mangalwar Vrat Aarti || Aarti keejai Hanuman Lala ki, Dusht dalan Raghunath kala ki. Jake bal se girivar kaampe, Rog-dosh jaake nikat na jaampe. Anjani putra Maha baldayi, Santan ke prabhu sada sahayi. De bhira Raghunath pathaye, Lanka jaari Siya sudhi laye. Lanka so kot samundra si khaaye, Jaat pavansut baar na laye. Lanka…

मंगल मूरति राम दुलारे – भजन

|| मंगल मूरति राम दुलारे – भजन || मंगल मूरति राम दुलारे, आन पड़ा अब तेरे द्वारे, हे बजरंगबली हनुमान, हे महावीर करो कल्याण, हे महावीर करो कल्याण ॥ तीनों लोक तेरा उजियारा, दुखियों का तूने काज सवारा, हे जगवंदन केसरी नंदन, कष्ट हरो हे कृपा निधान ॥ मंगल मुरति राम दुलारे, आन पड़ा अब…

मेरे दरवाजे पे हनुमान का, पहरा होता है – भजन

|| मेरे दरवाजे पे हनुमान का, पहरा होता है – भजन || जब जब भी संकट का मुझ पर, घेरा होता है, मेरे दरवाजे पे हनुमान का, पहरा होता है, मेरे दरवाजे पे हनुमान का, पहरा होता है ॥ जब से आए घर में मेरे, घर के संकट भाग गए, हम तो सोए थे गहरी…

Shri Panchmukhi Hanuman Kavach Stotram

|| Shri Panchmukhi Hanuman Kavach Stotram || | Shri Ganeshaya Namah। Om Asya Shri Panchamukha Hanumatkavachamantrasya Brahma Rishiḥ। Gayatri Chandaḥ। Panchamukha-Virat Hanuman Devata। Hreem Bijaṃ। Shreem Shaktiḥ। Kroum Kilakam। Kroom Kavacham। Kraim Astraya Phat। Iti Digbandhah। | Shri Garuda Uvacha | Atha Dhyanam Pravakshyami Shrunu Sarvangasundara, Yatkritam Devadevena Dhyanam Hanumatah Priyam॥ Panchavaktram Mahabhimam Tripanchanayairyutam, Bahubhir…

Shri Saptmukhi Hanuman Kavacham

|| Shri Saptmukhi Hanuman Kavacham || || Om Gan Ganapataye Namah || Om Asya Shri Saptamukhivi Rahanumatkavacha Stotramantrasya, Narad Rishi, Anushtup Chanda, Shri Saptamukhikapih Paramatma Devata, Hram Bija, Hrim Shakti, Hrum Kilakam, Mama Sarvabhishṭasiddhyarthe Jape Viniyogah. Om Hram Angushthabhyam Namah. Om Hrim Tarjaniibhyam Namah. Om Hrum Madhyamabhyam Namah. Om Hraim Anamikabhyam Namah. Om Hraum Kanishthikabhyam Namah….

श्री हनुमान वडवानल स्तोत्रम्

|| श्री हनुमान वडवानल स्तोत्रम् || विनियोग: ॐ अस्य श्री हनुमान् वडवानल- स्तोत्र-मन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, श्रीहनुमान् वडवानल देवता, ह्रां बीजम्, ह्रीं शक्तिं, सौं कीलकं, मम समस्त विघ्न-दोष- निवारणार्थे, सर्व-शत्रुक्षयार्थे सकल-राज-कुल-संमोहनार्थे, मम समस्त-रोग-प्रशमनार्थम् आयुरारोग्यैश्वर्याऽभिवृद्धयर्थं समस्त-पाप-क्षयार्थं श्रीसीतारामचन्द्र-प्रीत्यर्थं च हनुमद् वडवानल-स्तोत्र जपमहं करिष्ये। ध्यान: मनोजवं मारुत-तुल्य-वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं। वातात्मजं वानर-यूथ-मुख्यं श्रीरामदूतम् शरणं प्रपद्ये।। वडवानल स्तोत्रम्: ॐ ह्रां…

पंचमुखी हनुमान कवच स्तोत्रम् अर्थ सहित

|| श्री पंचमुखहनुमत्कवच स्तोत्र एवं अर्थ || श्री गणेशाय नमः। ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:। गायत्री छंद:। पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता। ह्रीं बीजम्। श्रीं शक्ति:। क्रौं कीलकं। क्रूं कवचं। क्रैं अस्त्राय फट्। इति दिग्बन्ध:। अर्थ: इस पंचमुख हनुमत कवच स्तोत्र के ऋषि ब्रह्मा हैं, छंद गायत्री है, देवता पंचमुख विराट हनुमान जी हैं, ह्रीं बीज मंत्र…

वीर हनुमाना अति बलवाना – भजन

|| वीर हनुमाना अति बलवाना – भजन || वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे । वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे । जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे, प्रभु मन बसियो रे । जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे,…

श्री घटिकाचल हनुमत्स्तोत्रम्

|| श्री घटिकाचल हनुमत्स्तोत्रम् || शङ्खचक्रधरं देवं घटिकाचलवासिनम् । योगारूढं ह्याञ्जनेयं वायुपुत्रं नमाम्यहम् ॥ भक्ताभीष्टप्रदातारं चतुर्बाहुविराजितम् । दिवाकरद्युतिनिभं वन्देऽहं पवनात्मजम् ॥ कौपीनमेखलासूत्रं स्वर्णकुण्डलमण्डितम् । लङ्घिताब्धिं रामदूतं नमामि सततं हरिम् ॥ दैत्यानां नाशनार्थाय महाकायधरं विभुम् । गदाधरकरो यस्तं वन्देऽहं मारुतात्मजम् ॥ नृसिंहाभिमुखो भूत्वा पर्वताग्रे च संस्थितम् । वाञ्छन्तं ब्रह्मपदवीं नमामि कपिनायकम् ॥ बालादित्यवपुष्कं च सागरोत्तारकारकम् ।…

श्री हनुमत तांडव स्तोत्र

|| श्री हनुमत तांडव स्तोत्र || वन्दे सिन्दूरवर्णाभं लोहिताम्बरभूषितम् । रक्ताङ्गरागशोभाढ्यं शोणापुच्छं कपीश्वरम्॥ भजे समीरनन्दनं, सुभक्तचित्तरञ्जनं, दिनेशरूपभक्षकं, समस्तभक्तरक्षकम् । सुकण्ठकार्यसाधकं, विपक्षपक्षबाधकं, समुद्रपारगामिनं, नमामि सिद्धकामिनम् ॥ सुशङ्कितं सुकण्ठभुक्तवान् हि यो हितं वचस्त्वमाशु धैर्य्यमाश्रयात्र वो भयं कदापि न । इति प्लवङ्गनाथभाषितं निशम्य वानराऽधिनाथ आप शं तदा, स रामदूत आश्रयः ॥ सुदीर्घबाहुलोचनेन, पुच्छगुच्छशोभिना, भुजद्वयेन सोदरीं निजांसयुग्ममास्थितौ । कृतौ…

श्री राम जहाँ होंगे हनुमान वहां होंगे – भजन

|| श्री राम जहाँ होंगे हनुमान वहां होंगे || तर्ज – जब हम जवां होंगे श्री राम जहाँ होंगे, हनुमान वहां होंगे, दोनों जहाँ होंगे,वहां कल्याण करेंगे, हर काम बनेंगे,श्री राम जहाँ होंगे || || श्री राम का जो भी,ध्यान लगाएगा, बालाजी के दर्शन,वो ही पाएगा, प्रभु राम की भक्ति से,तुम्हे हनुमान मिलेंगे, कल्याण करेंगे,श्री…

Hanuman Ji Aarti

|| Hanuman Ji Aarti || Aarti Kije Hanuman Lala Ki। Dusht Dalan Ragunath Kala Ki॥ Jake Bal Se Girivar Kaanpe। Rog Dosh Ja Ke Nikat Na Jhaanke॥ Anjani Putra Maha Baldaaee। Santan Ke Prabhu Sada Sahai॥ Aarti Kije Hanuman Lala Ki। De Beera Raghunath Pathaaye। Lanka Jaari Siya Sudhi Laaye॥ Lanka So Kot Samundra-Si Khai।…

Hanuman Chalisa With Meaning

|| Hanuman Chalisa With Meaning || || Doha || Sri Guru Charan Saroj Raj, Nij Mann Mukuru Sudhaari. Barnaun Raghuvar Bimal Jasu, Jo Daayaku Phal Chaari. Having polished the mirror of my heart with the dust of my Guru’s lotus feet, I recite the divine fame of the greatest king of Raghukul dynasty, which bestows…

Hanuman Chalisa

|| Hanuman Chalisa || || Doha || Shri Guru Charan Saroj raj Nija manu Mukura sudhari Baranau Raghuvar Bimal Jasu Jo Dayaku Phala Chari Budheeheen Tanu Jannike Sumiro Pavan Kumara Bal Buddhi Vidya Dehoo Mohee Harahu Kalesh Vikaar || Chaupai || Jai Hanuman gyan gun sagar Jai Kapis tihun lok ujagar Ram doot atulit bal…

Shri Hanuman Stuti

|| Hanuman Stuti || Jay Bajarangi Jay Hanumana, Rudra Roop Jay Jay Balbaan, Sankat Mochan Siy Matu Ke Pyare ॥ Jay Vajrakay Jay Ram Keru Dasa, Hrday Karatu Siyaram Nivasa, Na Janahu Nath Tohe Kas Goharai, Ram Bhakt Tohe Ram Duhai ॥ Vinati Sunahu Laaj Rakhahu Hamari, Kaaj Kon Jo Tum Par Bhari, Ashtasiddhi Navanidhi…

Shri Pavanasuta Hanuman Aarti

|| Shri Pavanasuta Hanuman Aarti || Jayati Mangalagara, Sansara, Bharapahara, Vanarakara Vigraha Purari। Rama-Roshanala, Jvalamala Mishadhvantachara-Salabha-Sanharakari॥ Jayati Marudanjanamoda-Mandira, Natagrivasugriva-Duhkhaikabandho। Yatudhanoddhata-Kruddha-Kalagnihara, Siddha-Sura-Sajjananandasindho॥ Jayati Rudragrani, Vishwavandyagrani, Vishvavikhyata-Bhata-Chakravarti। Samagatagrani, Kamajetagrani, Ramahita, Ramabhaktanuvarti॥ Jayati Sangramajaya, Ramasandeshahara, Kaushala-Kushala-Kalyanabhashi। Rama-Viraharka-Santapta-Bharatadi Nara-Nari-Shitalakaranakalpashashi॥ Jayati Sinhasanasina Sitaramana, Nirakhi Nirbhara Harasha Nrityakari। Rama Sambhraja Shobha-Sahita Sarvada Tulasi-Manasa-Ramapura-Vihari॥

Shri Hanuman Ashtak

|| Hanuman Ashtak || Baal samay Ravi bhakshi liyo tab, Teenahum lok bhayo andhiyaron. Taahi so traas bhayo jag ko, Yeh sankat kahu so jaat na taaro. Devan aani kari binati tab, Chhadi diyo Ravi kasht nivaaro. Ko nahin jaanat hai jag mein kapi, Sankatamochan naam tiharo. Bali ki traas kapisa basain giri, Jaata mahaprabhu…

श्री हनुमान स्तवन स्तोत्रम् अर्थ सहित

|| श्री हनुमान स्तवन स्तोत्र एवं अर्थ || प्रनवउं पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥ अर्थ: मैं उन पवन पुत्र को नमन करता हूं, जो दुष्टों को भस्म करने के लिए अग्नि के समान हैं। जो अज्ञान रूपी अंधकार का नाश करने वाले हैं, जिसके हृदय में धनुष-बाण…

Shri Hanuman Stavan Stotram

|| Shri Hanuman Stavan Stotra || Pranavaum Pavanakumara Khalabana Pavaka Jnana Ghana। Jaasu Hridaya Agara Basahin Rama Sara Chaapa Dhara॥ Atulita Baladhamam Hemashaila Bhadeham। Danuja Vana Krishaanum Jnaninam Agraganyam॥ Sakala Gunanidhanam Vanaranam Adheesham। Raghupati Priyabhaktam Vatajatam Namami॥ Gosapadi Kritavariesham Mashakikrita Rakshasam। Ramayanamahamalaratnam Vande’nilatmajam॥ Anjananandnam Veeram Janaki Shokanashanam। Kapisham Akshahantaram Vande Lanka Bhayankaram॥ Ulanghyasindhor Salilam Salilam…

Shri Hanuman Stavan Stotram With Meaning

|| Shri Hanuman Stavan Stotram With Meaning || Pranavaun Pawana-kumaara khala Bana paavaka jnaana ghana Jaasu hridaya aagaara basahin Raama shara chaapa dhara. I offer my bow to the son of the Wind God, who is like a fire to the forest of bad people, and who is like the rain cloud of wisdom, and…

श्री हनुमान स्तवन स्तोत्र

|| श्री हनुमान स्तवन स्तोत्र || प्रनवउं पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥ अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं। दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्॥ सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं। रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥ गोष्पदीकृतवारीशं मशकीकृतराक्षसम्। रामायणमहामालारत्नं वन्देऽनिलात्मजम्॥ अञ्जनानन्दनं वीरं जानकीशोकनाशनम्। कपीशमक्षहन्तारं वन्दे लङ्काभयङ्करम्॥ उलंघ्यसिन्धों: सलिलं सलीलं य: शोकवह्नींजनकात्मजाया:। आदाय तेनैव ददाह लङ्कां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम्॥ मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां…

శ్రీ హనుమాన్ రక్షా స్తోత్రం

|| Hanuman Raksha Stotram Telugu || ॥ శ్రీహనుమద్రక్షాస్తోత్రమ్ || వామే కరే వైరిభిదం వహన్తం శైలం పరే శృఙ్ఞలహారటఙ్కమ్ । దదానమచ్ఛాచ్ఛసువర్ణవర్ణం భజే జ్వలత్కుణ్డలమార్ఖనేయమ్ ॥ ౧॥ పద్మరాగమణికుణ్డలత్విషా పాటలీకృతకపోలమస్తకమ్ |. దివ్యహేమకదలీవనాన్తరే భావయామి పవమాననన్దనమ్ ॥ ౨॥ ఉద్యదాదిత్యసఙ్కాశముదారభుజవిక్రమమ్ | కన్దర కోటిలావణ్యం సర్వవిద్యావిశారదమ్ ॥ ౩॥ శ్రీరామహృదయానన్దం భక్తకల్పమహీరుహమ్ | అభయం వరదం దోర్భ్యాం కలయే మారుతాత్మజమ్ || ౪॥ వామహస్తే మహాకృచదశాస్యకరమర్దనమ్ | ఉద్యద్వీక్షణకోదణ్డం హనూమన్తం విచిన్తయేత్ ॥ ౫||…

हनुमान रक्षा स्तोत्र

|| Hanuman Raksha Stotram || वामे करे वैरिभिदं वहन्तं शैलं परे श‍ृङ्खलहारटङ्कम् । ददानमच्छाच्छसुवर्णवर्णं भजे ज्वलत्कुण्डलमाञ्जनेयम् ॥ १॥ पद्मरागमणिकुण्डलत्विषा पाटलीकृतकपोलमस्तकम् । दिव्यहेमकदलीवनान्तरे भावयामि पवमाननन्दनम् ॥ २॥ उद्यदादित्यसङ्काशमुदारभुजविक्रमम् । कन्दर्पकोटिलावण्यं सर्वविद्याविशारदम् ॥ ३॥ श्रीरामहृदयानन्दं भक्तकल्पमहीरुहम् । अभयं वरदं दोर्भ्यां कलये मारुतात्मजम् ॥ ४॥ वामहस्ते महाकृッチ्रदशास्यकरमर्दनम् । उद्यद्वीक्षणकोदण्डं हनूमन्तं विचिन्तयेत् ॥ ५॥ स्फटिकाभं स्वर्णकान्तिं द्विभुजं च कृताञ्जलिम्…

जानें कि हनुमान जी को कौन-कौन से भोग चढ़ाने चाहिए और इनका धार्मिक महत्व

hanuman ji bhog

हनुमान जी हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं, जो भक्ति, शक्ति और समर्पण के प्रतीक माने जाते हैं। वे राम भक्त के रूप में पूजनीय हैं और संकटमोचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। हनुमान जी की पूजा-अर्चना में भोग का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी को प्रिय…

जाने सुंदरकांड पाठ की विधि, मिलने वाले लाभ और विशेष महत्व

sundarkand path

सुंदरकांड रामायण का एक महत्वपूर्ण कांड है, जिसमें भगवान हनुमान की अद्भुत और चमत्कारी लीलाओं का वर्णन किया गया है। गोस्वामी तुलसीदास ने इन लीलाओं के कारण ही इसे ‘सुंदर कांड’ का नाम दिया है। इस कांड में राजनीति, ज्ञान, कर्म और भक्ति का सुंदर दर्शन है। हिन्दू धर्म में, शुभ कार्यों में गोस्वामी तुलसीदास…

श्री हनुमान साठिका

|| श्री हनुमान साठिका || जय जय जय हनुमान अडंगी । महावीर विक्रम बजरंगी ॥ जय कपीश जय पवन कुमारा । जय जगबन्दन सील अगारा ॥ जय आदित्य अमर अबिकारी । अरि मरदन जय-जय गिरधारी ॥ अंजनि उदर जन्म तुम लीन्हा । जय-जयकार देवतन कीन्हा ॥ बाजे दुन्दुभि गगन गम्भीरा । सुर मन हर्ष असुर…

जय बजरंगबली जय हनुमान

|| जय बजरंगबली जय हनुमान || जय बजरंगी जय हनुमाना, रुद्र रूप जय जय बलवाना, पवनसुत जय राम दुलारे, संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥ जय वज्रकाय जय राम केरू दासा, हृदय करतु सियाराम निवासा, न जानहु नाथ तोहे कस गोहराई, राम भक्त तोहे राम दुहाई ॥ विनती सुनहु लाज रखहु हमारी, काज कौन…

राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना

|| राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना || पार ना लगोगे श्री राम के बिना, राम ना मिलेगे हनुमान के बिना। राम ना मिलेगे हनुमान के बिना, श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना। वेदो ने पुराणो ने कह डाला, राम जी का साथी बजरंग बाला। जीये हनुमान नही राम के बिना, राम भी रहे…

श्री हनुमदष्टकम्

|| श्री हनुमदष्टकम् || वैशाखमास कृष्णायां दशमी मन्दवासरे । पूर्वभाद्रासु जाताय मङ्गलं श्री हनूमते ॥ गुरुगौरवपूर्णाय फलापूपप्रियाय च । नानामाणिक्यहस्ताय मङ्गलं श्री हनूमते ॥ सुवर्चलाकलत्राय चतुर्भुजधराय च उष्ट्रारूढाय वीराय मङ्गलं श्री हनूमते ॥ दिव्यमङ्गलदेहाय पीताम्बरधराय च । तप्तकाञ्चनवर्णाय मङ्गलं श्री हनूमते ॥ भक्तरक्षणशीलाय जानकीशोकहारिणे । ज्वलत्पावकनेत्राय मङ्गलं श्री हनूमते ॥ पम्पातीरविहाराय सौमित्रीप्राणदायिने । सृष्टिकारणभूताय मङ्गलं…

हनुमान तुम्हारा क्या कहना

|| हनुमान तुम्हारा क्या कहना || कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं, हनुमान तुम्हारा क्या कहना । तेरी शक्ति का क्या कहना, तेरी भक्ति का क्या कहना ॥ सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समुन्दर पार गये । लंका को किया शमशान प्रभु, बलवान तुम्हारा क्या कहना ॥ तेरी शक्ति का क्या कहना, तेरी…

जय हो तुम्हारी जी बजरंगबली

|| जय हो तुम्हारी जी बजरंगबली || जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली लेके शिव रूप आना गजब हो गया त्रेतायुग में थे तुम आये द्वापर में भी तेरा कलयुग में आना गजब हो गया ॥ बचपन की कहानी निराली बड़ी जब लगी भूख हनुमत मचलने लगे फल समझ कर उड़े आप आकाश…

श्री एकादशमुख हनुमत्कवचम्

॥ श्री एकादशमुख हनुमत्कवचम् ॥ ॥ लोपामुद्रा उवाच ॥ कुम्भोद्भव दयासिन्धो श्रुतं हनुमतः परम् । यन्त्रमन्त्रादिकं सर्वं त्वन्मुखोदीरितं मया ॥ दयां कुरु मयि प्राणनाथ वेदितुमुत्सहे । कवचं वायुपुत्रस्य एकादशमुखात्मनः ॥ इत्येवं वचनं श्रुत्वा प्रियायाः प्रश्रयान्वितम् । वक्तुं प्रचक्रमे तत्र लोपामुद्रां प्रति प्रभुः ॥ ॥ अगस्त्य उवाच ॥ नमस्कृत्वा रामदूतां हनुमन्तं महामतिम् । ब्रह्मप्रोक्तं तु कवचं…

ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का असर कब और कैसे दिखता है?

rin-mochak-mangal-stotram

ऋणमोचक मंगल स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य स्तोत्र है, जिसे विशेष रूप से ऋण मुक्ति और आर्थिक संकटों से छुटकारा पाने के लिए पढ़ा जाता है। यह स्तोत्र भगवान मंगल देव की स्तुति में लिखा गया है और इसे विधिपूर्वक पढ़ने से व्यक्ति को अपने आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।…

वीर हनुमाना अति बलवाना

|| वीर हनुमाना अति बलवाना || वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे । वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे । जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे, प्रभु मन बसियो रे । जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे, प्रभु मन…

Rambhadracharya Hanuman Chalisa – रामभद्राचार्य द्वारा रचित हनुमान चालीसा की संपूर्ण जानकारी, पाठ करने के नियम, महत्त्व और लाभ

rambhadracharya hanuman chalisa

हनुमान चालीसा भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसे तुलसीदास जी ने लिखा था, लेकिन समय-समय पर विद्वानों ने इसकी विभिन्न व्याख्याएँ प्रस्तुत की हैं। आचार्य रामभद्राचार्य ने भी हनुमान चालीसा की अपनी व्याख्या और संकलन किया है, जो भक्तों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक है। यह हनुमान जी को…

बजरंग बाण

|| बजरंग बाण || जय हनुमंत संत हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥ जन के काज बिलंब न कीजै । आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥ जैसे कूदि सिंधु महिपारा । सुरसा बदन पैठि बिस्तारा ॥ आगे जाय लंकिनी रोका । मारेहु लात गई सुरलोका ॥ जाय बिभीषन को सुख दीन्हा । सीता…

भीमरूपी स्तोत्र

|| Bhimrupi Stotra || भीमरूपी महारुद्रा वज्र हनुमान मारुती । वनारि अंजनीसूता रामदूता प्रभंजना ॥ १॥ महाबळी प्राणदाता सकळां उठवी बळें । सौख्यकारी दुःखहारी धूर्त वैष्णव गायका ॥ २॥ दीनानाथा हरीरूपा सुंदरा जगदांतरा । पातालदेवताहंता भव्यसिंदूरलेपना ॥ ३॥ लोकनाथा जगन्नाथा प्राणनाथा पुरातना । पुण्यवंता पुण्यशीला पावना परितोषका ॥ ४॥ ध्वजांगें उचली बाहो आवेशें लोटला पुढें…

Join WhatsApp Channel Download App