हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो
|| हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो || हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो, बुद्धि विवेक की बारिश करके, बुद्धि विवेक की बारिश करके, मेरा भी जीवन तारो, हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों ॥ तुम बलशाली हो ग्रन्थ के ज्ञाता, तुम बिन कोई भी पार ना पाता, तेरी महिमा गाके हनुमत, तेरी महिमा गाके…