पिठोरी अमावस्या व्रत 2025 – जानिए पोलाला अमावस्या व्रत का महत्व, नियम और पूजा विधान

Polala-Amavasya

साल 2025 में पिठोरी अमावस्या 22 अगस्त, शुक्रवार को पड़ रही है। भाद्रपद मास की इस अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। मान्यता है कि इस दिन देवी दुर्गा की पूजा करने से संतान से जुड़ी सभी मनोकामनाएं…

प्रदक्षिणा का महत्व – मंदिरों में परिक्रमा क्यों होती है जरूरी? जानिए किस देवता की कितनी परिक्रमा है आवश्यक

mandir parikarma

हिंदू धर्म में पूजा-अर्चना के साथ-साथ परिक्रमा का भी विशेष महत्व है। इसे प्रदक्षिणा भी कहा जाता है। मंदिर या देव प्रतिमा के चारों ओर घूमकर पूजा-अर्चना करने की प्रक्रिया को परिक्रमा कहते हैं। परिक्रमा को आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करने और जीवन के चक्र को समझने का एक माध्यम माना गया है। भारतीय संस्कृति…

श्री शान्तिनाथ चालीसा

भगवान शांतिनाथ जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर हैं। उनकी पूजा और चालीसा का पाठ भक्तों के जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि लाता है। श्री शान्तिनाथ चालीसा का पाठ करने से मन शांत होता है, नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस चालीसा में भगवान शांतिनाथ के गुणों,…

श्री महावीर चालीसा

प्रभु महावीर का जीवन और उपदेश आज भी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं। श्री महावीर चालीसा के माध्यम से हम उनकी महिमा का गुणगान करते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। यह चालीसा हमें त्याग, तपस्या, अहिंसा और सत्य के महत्व को समझाती है। इसे पढ़कर मन में शांति, धैर्य…

श्री जगन्नाथ चालीसा

श्री जगन्नाथ चालीसा भगवान जगन्नाथ को समर्पित एक भक्तिमय स्तोत्र है। इसमें 40 छंद हैं जो भगवान की महिमा, लीलाओं और अद्भुत शक्तियों का वर्णन करते हैं। चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यह चालीसा भगवान जगन्नाथ के भक्तों के लिए एक शक्तिशाली माध्यम है, जिसके…

पितर चालीसा

पितर चालीसा का पाठ पितरों की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम साधन माना जाता है। हमारे पूर्वजों का आशीर्वाद जीवन में सुख, समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। जो साधक श्रद्धा और भक्ति से पितर चालीसा का पाठ करता है, उसके जीवन से पितृदोष दूर होता है और परिवार में शांति स्थापित होती…

श्री नवग्रह चालीसा

श्री नवग्रह चालीसा नौ ग्रहों को समर्पित एक शक्तिशाली भक्ति गीत है। इसमें सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु की स्तुति की गई है। यह चालीसा हर ग्रह के गुणों और महत्व का वर्णन करती है और उनसे आशीर्वाद और कृपा की प्रार्थना करती है। || श्री नवग्रह चालीसा (Navagrah Chalisa…

श्री कुन्थनाथ चालीसा

श्री कुन्थनाथ चालीसा भगवान कुन्थनाथ, जैन धर्म के 17वें तीर्थंकर, को समर्पित एक भक्तिमय पाठ है। इसका पाठ करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, मानसिक स्थिरता और जीवन में सकारात्मकता की प्राप्ति होती है। यह चालीसा भगवान कुन्थनाथ के गुणों और शिक्षाओं का स्मरण कराती है, जिससे व्यक्ति के भीतर धर्म और सदाचार के प्रति…

श्री प्रेतराज चालीसा

जय जय प्रेतराज बलवंता, जन-कल्याण हेतु संता। यह पंक्ति श्री प्रेतराज चालीसा का सार है, जो भगवान श्री प्रेतराज की महिमा का गुणगान करती है। यह चालीसा उन लोगों के लिए एक शक्तिशाली और प्रभावी भक्तिपूर्ण पाठ है जो भूत-प्रेत बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक कष्टों से पीड़ित हैं। श्री प्रेतराज चालीसा का नियमित पाठ…

श्री यमुना चालीसा

यमुना चालीसा का पाठ करने से माँ यमुना की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह चालीसा पापों का नाश करने वाली और मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है। || श्री यमुना चालीसा (Yamuna Chalisa PDF) || ॥ दोहा ॥ प्रियसंग क्रीड़ा करत नित, सुखनिधि वेद को सार। दरस परस…

श्री रविदास चालीसा

श्री रविदास चालीसा को संत रविदास की महिमा, शिक्षाओं और जीवन को याद करने का एक सशक्त माध्यम माना जाता है। यह चालीस चौपाइयों का एक संग्रह है, जो उनके आध्यात्मिक ज्ञान, सामाजिक समरसता और भक्ति भाव को दर्शाता है। संत रविदास, जिन्हें गुरु रविदास के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने दोहों…

श्री गिरिराज चालीसा

गोवर्धन पर्वत, जिन्हें गिरिराज महाराज भी कहा जाता है, भगवान श्रीकृष्ण के लीलाधाम हैं। गिरिराज चालीसा उनके महिमा और गुणों का वर्णन करती है। यह चालीस चौपाइयों का एक भक्तिमय स्तोत्र है, जिसके पाठ से गोवर्धन पर्वत की कृपा प्राप्त होती है। चालीसा का पाठ भक्तों को जीवन की बाधाओं से मुक्ति दिलाता है और…

श्री पार्शवनाथ चालीसा

श्री पार्शवनाथ चालीसा एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है जो जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर, भगवान पार्शवनाथ को समर्पित है। यह चालीस चौपाइयों का संग्रह है जो भगवान की महिमा, गुणों और शिक्षाओं का वर्णन करता है। चालीसा का पाठ करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, मानसिक स्थिरता और जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलती…

श्री नमिनाथ चालीसा

नमिनाथ चालीसा का पाठ भक्तों के लिए शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। जैन धर्म के २१वें तीर्थंकर, भगवान नमिनाथ, अहिंसा और तपस्या के प्रतीक हैं। इस चालीसा का पाठ करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मन को एकाग्रता मिलती है। यह चालीसा भगवान नमिनाथ के गुणों का…

श्री वासुपूज्य चालीसा

श्री वासुपूज्य चालीसा के पाठ की एक विशेष विधि है, जिसका पालन करने से साधक को अधिकतम लाभ प्राप्त होता है। यहां हम आपको इसकी सही विधि और इसके पाठ से होने वाले लाभों के बारे में बता रहे हैं। || श्री वासुपूज्य चालीसा (Vasupujy Chalisa PDF) || ।। दोहा ।। वासु पूज्य महाराज का…

श्री विमलनाथ चालीसा

श्री विमलनाथ चालीसा जैन धर्म के 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ को समर्पित एक भक्तिमय पाठ है। यह चालीसा 40 छंदों का एक संग्रह है, जो भगवान विमलनाथ के जीवन, उनके गुणों और उनकी शिक्षाओं का वर्णन करता है। इस चालीसा का पाठ करने से मन को शांति, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। || श्री…

श्री अजितनाथ चालीसा

श्री अजितनाथ चालीसा, जैन धर्म के दूसरे तीर्थंकर, भगवान अजितनाथ को समर्पित एक शक्तिशाली पाठ है। इसमें 40 छंद हैं, जो भगवान के जीवन, उपदेशों और महिमा का वर्णन करते हैं। चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यह दुख, भय और संकटों को दूर करता है। यह एक…

श्री सुमतिनाथ चालीसा

श्री सुमतिनाथ चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है। यह चालीसा जैन धर्म के पांचवें तीर्थंकर, भगवान सुमतिनाथ को समर्पित है। इसका नियमित पाठ करने से मन की एकाग्रता बढ़ती है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और आत्म-विश्वास में वृद्धि होती है। यह चालीसा विशेष रूप से…

श्री शीतलनाथ चालीसा

श्री शीतलनाथ चालीसा के पाठ से जीवन में शीतलता, शांति और स्थिरता आती है। भगवान शीतलनाथ जैन धर्म के दसवें तीर्थंकर हैं, जिनका नाम ही शीतलता का प्रतीक है। उनकी चालीसा का पाठ करने से मन शांत होता है, क्रोध और अहंकार दूर होता है। यह चालीसा भक्तों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाकर जीवन…

श्री बड़े बाबा कुण्डलपुर चालीसा

बड़े बाबा के नाम से प्रसिद्ध, भगवान आदिनाथ दिगम्बर जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं। उनका जन्म अयोध्या में इक्ष्वाकु वंश में हुआ था और वे राजा नाभिराज और रानी मरुदेवी के पुत्र थे। जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में उनका स्थान सबसे प्रमुख है। || श्री बड़े बाबा कुण्डलपुर चालीसा (Bade Baba Kundalpur Chalisa…

श्री चन्द्रप्रभु चालीसा

श्री चन्द्रप्रभु चालीसा का पाठ जैन धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह चालीस चौपाइयों का संग्रह है जो आठवें तीर्थंकर, भगवान चंद्रप्रभु की स्तुति करता है। इस चालीसा का नियमित पाठ करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। || श्री चन्द्रप्रभु चालीसा (Chandraprabhu Chalisa PDF) || ।।…

श्री मल्लिनाथ चालीसा

यह चालीसा जैन धर्म के 19वें तीर्थंकर, श्री मल्लिनाथ जी, को समर्पित है। इसका पाठ करने से मन में शांति और शुद्धता का भाव आता है। यह चालीसा भगवान मल्लिनाथ के जीवन और उनकी शिक्षाओं का सार प्रस्तुत करती है। इसमें करुणा, अहिंसा और आत्म-नियंत्रण जैसे गुणों का वर्णन है, जो भक्तों को सही मार्ग…

श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा

श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा जैन धर्म के चौथे तीर्थंकर भगवान अभिनन्दन स्वामी को समर्पित है। इस चालीसा का पाठ करने से मनुष्य के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। || श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा (Abhinandan Nath Chalisa PDF) || ऋषभ–अजित–सम्भव अभिनन्दन, दया करे सब पर दुखभंजन जनम–मरन के टुटे बन्धन, मन मन्दिर तिष्ठें…

श्री राणी सती दादी चालीसा

श्री राणी सती दादी चालीसा का पाठ करना दादी जी के भक्तों के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अभ्यास है। इसे करने से मन को शांति मिलती है और जीवन की कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति प्राप्त होती है। चालीसा में 40 छंद होते हैं, जिनमें दादी जी की महिमा, त्याग और उनके प्रति श्रद्धा…

माँ छिन्‍नमस्‍तका चालीसा

माँ छिन्नमस्तिका, दस महाविद्याओं में से एक हैं, जिनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। इनकी आराधना से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भक्तों को शक्ति, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। माँ छिन्नमस्तिका चालीसा का पाठ इस साधना का एक महत्वपूर्ण अंग है। || माँ छिन्‍नमस्‍तका चालीसा (Maa Chhinnamastaka Chalisa…

श्री शाकंभरी चालिसा

शाकंभरी माता, जिन्हें दुर्गा का एक रूप माना जाता है, संसार को अपने शाक यानी वनस्पतियों से पोषण देती हैं। उनकी महिमा का गुणगान करने के लिए ‘श्री शाकंभरी चालिसा’ एक श्रेष्ठ और सरल साधन है। इस चालिसा का पाठ करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है। यह 40 चौपाइयों…

श्री परशुराम चालीसा

श्री परशुराम चालीसा भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी को समर्पित एक भक्तिमय रचना है। इस चालीसा का पाठ करने से भक्तों को भगवान परशुराम का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह चालीसा भगवान परशुराम के दिव्य गुणों, वीरता और न्यायप्रियता का बखान करती है। || श्री परशुराम चालीसा (Parshuram Chalisa PDF) || ॥ दोहा…

श्री धन्वंतरी चालीसा

श्री धन्वंतरी चालीसा भगवान धन्वंतरी को समर्पित एक पवित्र स्तोत्र है। इस चालीसा के माध्यम से भक्त भगवान धन्वंतरी की महिमा का गुणगान करते हैं, जो आयुर्वेद के जनक और देवताओं के वैद्य माने जाते हैं। इस चालीसा का पाठ करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। यह विभिन्न रोगों, बीमारियों और…

श्री अरहनाथ चालीसा

श्री अरहनाथ चालीसा जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान अरहनाथ को समर्पित एक पावन स्तुति है। इस चालीसा के पाठ से साधक को आंतरिक शांति, सद्बुद्धि और मोक्षमार्ग की प्रेरणा मिलती है। भगवान अरहनाथ के जीवन में त्याग, तपस्या और सत्य का अद्वितीय उदाहरण मिलता है। श्री अरहनाथ चालीसा के 40 चौपाई और 2 दोहे,…

श्री पुष्पदंत चालीसा

श्री पुष्पदंत चालीसा का पाठ भगवान पुष्पदंत की महिमा का गुणगान करता है। वे जैन धर्म के नवें तीर्थंकर थे, जिन्होंने कठोर तपस्या और साधना से केवलज्ञान प्राप्त किया। यह चालीसा उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों और आध्यात्मिक गुणों को श्रद्धापूर्वक दर्शाती है। इसका नियमित पाठ करने से भक्तों को मन की शांति, आध्यात्मिक शक्ति…

वीरभद्र चालीसा

श्री वीरभद्र चालीसा भगवान शिव के रौद्र स्वरूप, वीरभद्र को समर्पित एक शक्तिशाली स्तोत्र है। यह चालीसा 40 छंदों का संग्रह है जिसमें वीरभद्र के शौर्य, पराक्रम और महिमा का गुणगान किया गया है। इसका पाठ करने से भक्तों को भय से मुक्ति मिलती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। यह चालीसा भक्तों…

कामाख्या देवी चालीसा

कामाख्या देवी चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह चालीसा माँ कामाख्या की कृपा प्राप्त करने का एक सरल और शक्तिशाली माध्यम है। इसके नियमित पाठ से भक्तों के जीवन से सभी कष्ट और बाधाएँ दूर हो जाती हैं। || कामाख्या देवी चालीसा (Kamakhya Chalisa PDF) || ॥ दोहा ॥ सुमिरन कामाख्या…

विनय चालीसा (नीम करौरी बाबा)

विनय चालीसा का पाठ नीम करौरी बाबा के भक्तों के लिए एक विशेष साधन है, जिससे वे उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। यह चालीसा बाबा की महिमा, उनके जीवन और उनके चमत्कारों का वर्णन करती है। इसका नियमित पाठ करने से मन को शांति मिलती है, जीवन में आने वाली बाधाएं दूर…

श्री गायत्री चालीसा

श्री गायत्री चालीसा हिंदू धर्म का एक प्रमुख भक्ति ग्रंथ है, जो देवी गायत्री को समर्पित है। गायत्री माता को वेदों की जननी और सभी देवों की शक्ति माना जाता है। इस चालीसा के नियमित पाठ से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। || श्री गायत्री चालीसा (Gayatri Chalisa PDF)…

श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा

श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा जैन धर्म में 20वें तीर्थंकर, भगवान मुनिसुव्रतनाथ की स्तुति में गाई जाने वाली 40 चौपाइयों की एक भक्तिमय रचना है। इस चालीसा का पाठ करने से जीवन में शांति, सुख और समृद्धि आती है। || श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा (Munisuvratnaath Chalisa PDF) || ।। दोहा ।। अरिहंत सिद्ध आचार्य को निसदिन करुं प्रणाम…

श्री नारद मुनि चालीसा

Narad Muni Drawing

श्री नारद मुनि को देवर्षि के रूप में जाना जाता है, जो भगवान विष्णु के परम भक्त हैं। वे तीनों लोकों में सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं और भक्ति, संगीत तथा ज्ञान का प्रसार करते हैं। उनकी महिमा का गुणगान करने के लिए यह चालीसा अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली मानी जाती है। || श्री नारद…

श्री नेमिनाथ चालीसा

श्री नेमिनाथ चालीसा जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर, भगवान नेमिनाथ, को समर्पित एक भक्तिमय पाठ है। इस चालीसा में 40 छंद होते हैं, जिनमें भगवान नेमिनाथ के जीवन, त्याग, और गुणों का सुंदर वर्णन किया गया है। इसे श्रद्धापूर्वक पढ़ने से भक्तों को आत्मिक शांति, मानसिक स्थिरता और जीवन में सही मार्ग पर चलने की…

श्री सुपार्श्वनाथ चालीसा

जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर, श्री सुपार्श्वनाथ भगवान, का चालीसा भक्तों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र पाठ है। इस चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यह चालीसा भगवान सुपार्श्वनाथ के जीवन, तपस्या और गुणों का गुणगान करती है, जिससे भक्तों को उनसे प्रेरणा मिलती…

श्री चंद्र देव चालीसा

श्री चंद्र देव चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। यह चालीसा भगवान चंद्र देव को समर्पित है और इसका नियमित पाठ करने से कुंडली में चंद्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है। || श्री चंद्र देव चालीसा (Chandra…

नरसिंह चालीसा

श्री नरसिंह चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को भय से मुक्ति मिलती है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। यह चालीसा भगवान विष्णु के उग्र अवतार, श्री नरसिंह देव को समर्पित है। इनका रूप आधा सिंह और आधा मनुष्य का है, जो भक्तों की रक्षा के…

श्री मनसा देवी चालीसा

श्री मनसा देवी चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को सर्प दोष से मुक्ति मिलती है, भय दूर होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह चालीसा देवी मनसा को समर्पित है, जो भगवान शिव की मानस पुत्री और नागों की देवी के रूप में पूजी जाती हैं। इसका नियमित पाठ करने से सभी…

करणी माता चालीसा

श्री करणी माता चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं। यह चालीसा राजस्थान की लोक देवी करणी माता को समर्पित है, जिन्हें जगदम्बा का अवतार माना जाता है। इसका नियमित पाठ करने से भक्तों को भय से मुक्ति…

श्री ब्रह्माणी चालीसा

श्री ब्रह्माणी चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि और रचनात्मकता की प्राप्ति होती है। यह चालीसा त्रिदेवों में से एक, ब्रह्मा जी की शक्ति, देवी ब्रह्माणी को समर्पित है। इनका नियमित पाठ करने से शिक्षा, करियर और कला के क्षेत्र में सफलता मिलती है, और जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर…

श्री होलिका चालीसा (होली)

श्री होलिका चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के सभी भय, रोग और दुख दूर होते हैं। यह चालीसा भक्त प्रह्लाद की भक्ति और होलिका दहन के पावन पर्व को समर्पित है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसका नियमित पाठ करने से जीवन में सकारात्मकता आती है, नकारात्मक ऊर्जा का नाश…

णमोकार महामंत्र चालीसा

जैन धर्म में णमोकार महामंत्र को सबसे पवित्र और शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। यह मंत्र सभी अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु-साध्वियों को वंदन करता है। इसी मंत्र पर आधारित णमोकार महामंत्र चालीसा 40 चौपाइयों में इस पवित्र मंत्र की महिमा का विस्तार करती है। इसका नियमित पाठ जीवन में शांति, मोक्षमार्ग की प्रेरणा…

श्री झूलेलाल चालीसा

श्री झूलेलाल चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को जल-देवता वरुण देव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता आती है। यह चालीसा भगवान झूलेलाल को समर्पित है, जिन्हें सिंध प्रांत में वरुण देव का अवतार माना जाता है। इसका नियमित पाठ करने से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती…

मेहर माता चालीसा

यह एक शक्तिशाली प्रार्थना है जो देवी मेहर माता को समर्पित है। मेहर माता को भक्ति, प्रेम और दया की देवी माना जाता है। इस चालीसा का पाठ करने से भक्तों को उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है। || मेहर माता चालीसा (Mehar Mata Chalisa PDF) || ॥ दोहा ॥ मूर्ति स्वयंभू शारदा, मैहर…

अंजनी माता चालीसा

जय अंजनी माता, जय हनुमान जी की माता! अंजनी माता भगवान हनुमान जी की दिव्य जननी हैं, जिनकी पूजा करने से माता और पुत्र दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है। माता अंजनी की चालीसा का पाठ करने से भक्तों को भय से मुक्ति, साहस और मातृत्व सुख की प्राप्ति होती है। यह चालीसा…

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