सतगुरु की आरती
|| सतगुरु की आरती PDF || आरती संग सतगुरु के कीजै। अन्तर जोत होत लख लीजै ।। पाँच तत्व तन अग्नि जराई। दीपक चास प्रकाश करीजै ।। गगन-थाल रवि-शशि फल-फूला। मूल कपूर कलश धर दीजै ।। अच्छत नभ तारे मुक्ताहल। पोहप-माल हिय हार गुहीजै ।। सेत पान मिष्टान्न मिठाई। चन्दन धूप दीप सब चीजैं ।।…