नया साल 2026 शुरू करने से पहले पढ़ें ये पवित्र मंत्र, जीवन में आएगा सकारात्मक बदलाव

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नया साल (New Year) केवल कैलेंडर की तारीख बदलना नहीं है, यह एक नई शुरुआत (fresh start) है! हम सब यही चाहते हैं कि आने वाला साल 2026 पिछले साल से बेहतर, खुशियों से भरा और सफलता (success) से लबरेज हो। लेकिन क्या आप जानते हैं, इस सकारात्मक बदलाव की नींव आप साल शुरू होने…

New Year 2026 के पहले दिन क्या करें और क्या न करें? धर्म शास्त्रों के अनुसार जानिए

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नव वर्ष का आगमन! 2026 की पहली किरण के साथ, हर कोई एक नई शुरुआत, नई उम्मीदों और अपार सफलता (success) की कामना करता है। पश्चिमी कैलेंडर (Western Calendar) के अनुसार, 1 जनवरी को नए साल का जश्न (celebration) पूरी दुनिया में मनाया जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि धर्म शास्त्र और हमारी…

नया साल 2026 और शनि देव के उपाय – साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत का सही समय

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नव वर्ष 2026 का आगमन (arrival) हम सबके लिए नई उम्मीदें और नए संकल्प लेकर आ रहा है। यह सिर्फ कैलेंडर का बदलना नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह समय उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो इस समय शनि की साढ़ेसाती…

गोवत्स द्वादशी (Bach Baras) 2026 – पुत्र की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए अद्भुत व्रत

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गोवत्स द्वादशी, जिसे बछ बारस के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व गाय और उसके बछड़े के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। 2026 में गोवत्स द्वादशी 5 नवंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह कार्तिक मास के…

धनतेरस 2026 शुभ मुहूर्त – सोना-चाँदी से बर्तन तक, धनतेरस के दिन क्या खरीदें? जाने पूजा विधि और खरीदारी से जुड़ी खास टिप्स

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दीपावली का त्यौहार 5 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और भाई दूज के दिन खत्म होता है। हर साल धनतेरस 2026 कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा होती है। इसके अगले दिन छोटी…

काली चौदस 2026 – नरक चतुर्दशी का रहस्य, क्यों इस दिन होती है यमराज और काली मां की पूजा?

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काली चौदस, जिसे नरक चतुर्दशी या ‘छोटी दीपावली’ भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में काली चौदस 7 नवंबर, शनिवार को मनाई जाएगी। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस दिन चतुर्दशी तिथि सुबह 10:47 बजे शुरू होकर अगले दिन 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे समाप्त होगी। दिवाली…

यम दीपम 2026 का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि – यम दीपम का महत्व, क्यों कहते हैं इसे अकाल मृत्यु निवारण दीप (Yam Deepam)

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यम दीपम (Yama Deepam) दीपावली उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्ष 2026 में यम दीपम 6 नवंबर को मनाया जाएगा। यह विशेष अनुष्ठान कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (धनतेरस) की शाम को किया जाता है। दीपावली का त्योहार (Diwali Festival) सिर्फ खुशियों और रोशनी का पर्व नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति (Sanatana…

चित्रगुप्त पूजा 2026 चित्रगुप्त पूजा कैसे करें? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और व्रत कथा

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चित्रगुप्त पूजा 2026 का पर्व 11 नवंबर, बुधवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि (यम द्वितीया) को होने वाली यह पूजा विशेष रूप से कायस्थ समाज द्वारा की जाती है। भगवान चित्रगुप्त को यमराज का सहायक और ब्रह्मांड के समस्त प्राणियों के कर्मों का लेखा-जोखा…

अन्नकूट महाप्रसाद 2026 – गोवर्धन पूजा में क्यों होता है अन्नकूट का विशेष महत्व?

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वर्ष 2026 में अन्नकूट महाप्रसाद और गोवर्धन पूजा का पावन पर्व 10 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को आयोजित होने वाला यह उत्सव भगवान श्रीकृष्ण के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है। हर साल दीवाली (Diwali) के ठीक अगले दिन, कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि…

यम द्वितीया व्रत 2026 – जानें पूजन विधि, महत्व और यमराज के आशीर्वाद का रहस्य

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यम द्वितीया, जिसे भाई दूज के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। वर्ष 2026 में यह पर्व 10 नवंबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। सनातन धर्म में दिवाली का त्योहार (festival) पंच दिवसीय होता है और इसका अंतिम दिन…

बलि प्रतिपदा 2026 – क्यों मनाया जाता है राजा बलि का यह पर्व? जानें पूजा विधि, महत्व और पौराणिक कथा

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बलि प्रतिपदा, जिसे बलि पूजा या दीवाली पड़वा के नाम से भी जाना जाता है, वर्ष 2026 में 10 नवंबर, मंगलवार को मनाई जाएगी। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। प्रकाश पर्व दीपावली (Diwali) के अगले दिन, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को एक…

Kartik Month 2026 – कार्तिक मास में क्या करें, क्या न करें? कार्तिक माह क्यों है विशेष?

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास 2026 अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला महीना होगा। वर्ष 2026 में यह शुभ महीना 27 अक्टूबर (मंगलवार) से शुरू होकर 24 नवंबर (मंगलवार) तक चलेगा। कार्तिक मास हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दौरान कई…

सूर संहारम पर्व 2026 – जानें तिथि, कथा और पूजा विधि विस्तार से (Soorasamharam Story – Puja Vidhi)

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सूर संहारम (Soorasamharam) भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की असुर राज सूरपद्मन पर विजय का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 15 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। यह उत्सव मुख्य रूप से तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में ‘स्कंद षष्ठी’ व्रत के समापन के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में त्योहारों का…

लाभ पंचमी 2026 – क्यों है लाभ पंचमी का दिन खास? जानिए पूजन, कथा और फायदे

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लाभ पंचमी, जिसे ‘सौभाग्य पंचमी’ या ‘ज्ञान पंचमी’ भी कहा जाता है, दीपावली उत्सव का अंतिम दिन और नए व्यापारिक कार्यों के शुभारंभ का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह पर्व 14 नवंबर, शनिवार को मनाया जाएगा। भारत, जहां हर दिन एक नया उत्सव और हर त्योहार एक नई कहानी लेकर आता है, उन अनमोल त्योहारों…

तामस मन्वादि 2026 – क्या आप जानते हैं ‘तामस मन्वादि’ का अर्थ? जानें यह तिथि क्यों है हर हिंदू के लिए ज़रूरी।

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तामस मन्वादि हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक तिथि है। वर्ष 2026 में तामस मन्वादि 21 नवंबर, शनिवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को पड़ती है। हर साल हिन्दू पंचांग में कई महत्वपूर्ण तिथियां आती हैं, जिनमें से एक है मन्वादि तिथि।…

भैया दूज 2026 – जानिए शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा और भाई-बहन के लिए विशेष महत्व

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भैया दूज का पावन पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह त्योहार 11 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को आता है, जिसे ‘यम द्वितीया’ भी कहा जाता है। भैया दूज, जिसे भाई दूज, यम…

Chhath Puja 2026 Samagri List – छठी मैया की पूजा सामग्री और नियमों की पूरी जानकारी

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छठ पूजा 2026, सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का एक महापर्व है। यह विशेष रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। 2026 में, मुख्य छठ पूजा 15 नवंबर को मनाई जाएगी। छठ पूजा में पूजा सामग्री का विशेष महत्व होता है। मुख्य सामग्री में पीतल का…

Akshaya Navami 2026 – क्यों कहलाती है अक्षय नवमी अमर फलदायिनी तिथि? क्यों की जाती है आंवले के वृक्ष की पूजा?

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वर्ष 2026 में अक्षय नवमी, जिसे ‘आंवला नवमी’ भी कहा जाता है, 18 नवंबर (बुधवार) को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। (Akshaya Navami) यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आती है और इसका हिंदू धर्म में…

जलाराम बापा जयंती 2026 – संत जलाराम की करुणा और सेवा भाव से जुड़े अद्भुत रहस्य

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संत शिरोमणि जलाराम बापा की जयंती प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह शुभ अवसर 15 नवंबर (रविवार) को पड़ेगा। यह पर्व केवल एक संत का जन्मदिन नहीं है, बल्कि मानव सेवा और निःस्वार्थ करुणा की उस अद्भुत गाथा का स्मरण है, जिसने लाखों…

तमिल दीपावली 2026 – क्यों होती है तमिल दीपावली अनोखी? जानें दक्षिण भारत की दिवाली के रीति-रिवाज़ और महत्व

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तमिलनाडु में दीपावली का त्योहार अपनी अनूठी परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। वर्ष 2026 में, तमिलनाडु में दीपावली (Deepavali) मुख्य रूप से 7 नवंबर को ‘नरक चतुर्दशी’ के रूप में मनाई जाएगी, जबकि उत्तर भारत में मुख्य उत्सव 8 नवंबर को होगा। भारत त्योहारों का देश है, और ‘प्रकाश पर्व’ दीपावली…

मीराबाई जयंती 2026 – जानें कृष्णभक्ति की अमर साधिका मीरा के जीवन, भजन और त्याग की कथा

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कृष्ण की अनन्य भक्त और प्रसिद्ध कवयित्री मीराबाई की जयंती वर्ष 2026 में 26 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, मीराबाई का जन्म आश्विन मास की शरद पूर्णिमा को हुआ था, जिसे प्रतिवर्ष उनकी जन्म वर्षगांठ के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भारतीय भक्ति साहित्य (Indian Devotional Literature) के इतिहास…

गुरु प्रदोष व्रत के फायदे – 100 गायों के दान जितना फल कैसे पाएं? शत्रु से मुक्ति और सफलता की अचूक विधि।

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क्या आप जीवन में सफलता (Success), शांति और समृद्धि चाहते हैं? क्या आपके शत्रु आपको परेशान कर रहे हैं या किसी कार्य में बार-बार बाधा आ रही है? अगर हाँ, तो गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) आपके लिए एक दिव्य समाधान हो सकता है। यह व्रत आपको केवल भगवान शिव का आशीर्वाद ही नहीं…

बुद्ध जयंती 2026 – बुद्ध जयंती पर अपनाइए ये 7 उपदेश, जीवन से मिटेगा हर दुःख और क्लेश

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बुद्ध जयंती, जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है, भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (निर्वाण) और महापरिनिर्वाण के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पवित्र पर्व 1 मई, शुक्रवार को मनाया जाएगा। बुद्धं शरणं गच्छामि! हर साल वैशाख पूर्णिमा के पावन दिन को बुद्ध जयंती (Buddha Jayanti) या बुद्ध पूर्णिमा…

जानिए कौन थे धर्म सावर्णि मनु? और मन्वादि तिथि पर श्राद्ध करने के नियम और लाभ।

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सनातन धर्म (Sanatan Dharma) की विशाल कालगणना (Chronology) और गूढ़ रहस्यों में ‘मनु’ और ‘मन्वंतर’ का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। मनु न केवल आदि पुरुष (First Man) हैं, बल्कि वे प्रत्येक युग में धर्म और व्यवस्था (Law and Order) के संस्थापक भी माने जाते हैं। आज हम १४ मनुओं की श्रृंखला में एक विशेष नाम…

क्या है गौण पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व? जानें संतान प्राप्ति के अचूक उपाय और व्रत नियम।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है, लेकिन जब बात पुत्रदा एकादशी की आती है, तो इसका महत्व दोगुना हो जाता है। साल में दो बार पुत्रदा एकादशी आती है – एक श्रावण मास में और दूसरी पौष मास में। पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी को मुख्य रूप से संतान सुख की कामना…

तैलंग स्वामी जयंती – 300 साल जीने वाले काशी के ‘जीवित शिव’ के अलौकिक चमत्कार और रहस्य

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भारत की आध्यात्मिक (spiritual) भूमि पर ऐसे कई योगी हुए हैं, जिनका जीवन किसी रहस्य से कम नहीं रहा। इन्हीं में से एक थे श्री तैलंग स्वामी, जिन्हें वाराणसी (काशी) के लोग साक्षात ‘जीवित शिव’ (Walking Shiva) मानते थे। पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को उनकी जयंती मनाई जाती है, जो हमें इस…

पूर्णिमा श्राद्ध 2026 – पितरों को तृप्त करने का सबसे श्रेष्ठ दिन (Purnima Shraddha – The Best Day to Satisfy Ancestors)

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हिंदू धर्म में पूर्णिमा श्राद्ध का विशेष महत्व है, जो पितृ पक्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में पूर्णिमा श्राद्ध 26 सितंबर को मनाया जाएगा। सनातन धर्म में श्राद्ध (Shraddha) का विशेष महत्व है। यह वह समय होता है जब हम अपने दिवंगत पूर्वजों (departed ancestors) को याद करते हैं और उनके…

Jivitputrika Vrat 2026 – जीवित्पुत्रिका व्रत कब और कैसे करें? जानें विधि, कथा, नियम और व्रत के अद्भुत लाभ

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वर्ष 2026 में जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 3 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा। यह व्रत संतान की लंबी आयु, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए माताएं रखती हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। हर साल अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि…

आश्विन पूर्णिमा व्रत 2026 – शरद पूर्णिमा की रात क्यों बरसती है अमृत वर्षा? जानें व्रत विधि और महत्व

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन पूर्णिमा 2026 का व्रत 25 अक्टूबर 2026, रविवार को रखा जाएगा। इसे शरद पूर्णिमा और कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। आश्विन पूर्णिमा 2026 जिसे हम शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) के नाम से भी जानते हैं, हिन्दू धर्म में एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पूर्णिमा…

श्राद्ध और पितृपक्ष 2026 – क्या करें और क्या न करें, पाएं पूर्वजों का आशीर्वाद

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हिंदू धर्म में पितृपक्ष का समय पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में पितृपक्ष का आरंभ 26 सितंबर (शनिवार) को पूर्णिमा श्राद्ध से होगा और इसका समापन 10 अक्टूबर (शनिवार) को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। पितृपक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष के नाम से भी…

कन्या संक्रान्ति 2026 – सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और विशेष उपाय

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वर्ष 2026 में कन्या संक्रान्ति 17 सितम्बर, गुरुवार को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस काल को कन्या संक्रान्ति कहा जाता है। भारतीय ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, हर महीने सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे…

चम्पा षष्ठी व्रत 2026 – महत्व, पूजा विधि और ध्यान रखने योग्य बातें

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चम्पा षष्ठी का पावन पर्व भगवान शिव के अवतार भगवान खंडोबा (मार्तंड भैरव) को समर्पित है। वर्ष 2026 में यह व्रत 15 दिसंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में प्रचलित यह त्योहार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को आता है। चम्पा षष्ठी का व्रत भगवान शिव के…

शाकम्भरी उत्सवारम्भ 2025 – तिथि, महत्व और व्रत-उपवास के नियम – सम्पूर्ण जानकारी। (Shakambhari Utsavarambh)

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सनातन धर्म में अनेक पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़े होते हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण उत्सव है शाकम्भरी उत्सवारम्भ (Shakambhari Utsavarambh), जिसे शाकम्भरी नवरात्रि (Shakambhari Navratri) के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व माँ दुर्गा के करुणामय स्वरूप देवी शाकम्भरी को समर्पित है, जिन्हें…

रक्षाबंधन 2026 में राखी कब बांधें? जानें राखी बांधने का सही समय, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और राखी की कहानी

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रक्षाबंधन 2026 का पावन पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। 2026 में रक्षाबंधन के लिए विशेष बात यह है कि इस दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा, जिससे…

Kajari Teej 2026 – कजरी तीज क्यों है सुहाग का प्रतीक? जानें कब है व्रत, क्या है पूजन विधि और लोक परंपराएं

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कजरी तीज 2026 हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्यौहार है, जो सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 31 अगस्त, सोमवार को मनाया जाएगा। यह त्यौहार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को आता है और इसे बूढ़ी तीज या सातुड़ी तीज के नाम से भी…

रांधण छठ 2026 कब है? रांधण छठ और शीतला सातम, क्यों बनाया जाता है एक दिन पहले भोजन? जानिए पूजा विधि और महत्व

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रांधण छठ गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में मनाया जाने वाला एक पारंपरिक त्योहार है, जो शीतला सातम से एक दिन पहले आता है। वर्ष 2026 में यह 2 सितंबर को मनाया जाएगा। भारत के लोकपर्वों की बात करें तो रांधण छठ और शीतला सातम का नाम प्रमुखता से आता है, खासकर गुजरात और…

चंद्र ग्रहण 2026 – एक अद्भुत घटना और इसके शुभ-अशुभ फल, क्या कहती हैं प्राचीन मान्यताएं?

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वर्ष 2026 खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि इस वर्ष दो चंद्र ग्रहण लगेंगे। आसमान में होने वाली खगोलीय घटनाएं (celestial events) हमेशा से ही मनुष्य को आकर्षित करती रही हैं। इनमें से एक सबसे अद्भुत और रहस्यमयी घटना है ‘चंद्र ग्रहण’ (Lunar Eclipse)। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के…

भाद्रपद पूर्णिमा व्रत 2026 – क्या है इस व्रत का रहस्य? जानिए शुभ मुहूर्त और नियम

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भाद्रपद पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है। वर्ष 2026 में यह व्रत 26 सितंबर (शनिवार) को रखा जाएगा। यह दिन पितृ पक्ष की शुरुआत और भगवान सत्यनारायण की विशेष पूजा के लिए जाना जाता है। भाद्रपद पूर्णिमा, जिसे भाद्रपद माह की पूर्णिमा (Full Moon) के रूप में जाना जाता है, हिंदू धर्म…

Balram Jayanti 2026 – बलराम जयंती क्यों है खेती, धर्म और बल का प्रतीक पर्व? जानें पूजन विधि, कथा और रहस्य

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भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता भगवान बलराम की जयंती वर्ष 2026 में मुख्य रूप से दो तिथियों पर मनाई जाएगी। ब्रज और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में इसे हलषष्ठी (ललही छठ) के रूप में 2 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा, जबकि इस्कॉन और वैष्णव परंपरा के अनुसार बलराम पूर्णिमा का उत्सव 28 अगस्त 2026…

संवत्सरी पर्व 2026 – क्षमा और आत्मशुद्धि का पवित्र दिन, ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ का रहस्य, संवत्सरी क्यों है जैन धर्म का सबसे करुणामयी दिन?

Kundalini Jagran

जैन धर्म में संवत्सरी पर्व (Samvatsari Parv) का एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह दिन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, क्षमा और शुद्धि का महापर्व है। वर्ष 2026 में, संवत्सरी पर्व (सितम्बर 15, 2026, मंगलवार), जैन समुदाय के लिए एक और अवसर लेकर आएगा जब वे अपने भीतर झांकेंगे, अपनी गलतियों को…

Narali Poornima 2026 – नारली पूर्णिमा क्यों मानी जाती है समुद्री समाज की राखी? जानें महत्व और परंपराएं

Narali Poornima

नारली पूर्णिमा 2026 का त्यौहार 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। यह पर्व मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कोंकण के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले कोली (मछुआरा) समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। नारली पूर्णिमा, जिसे श्रावण पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, भारत के पश्चिमी तटों पर, विशेषकर महाराष्ट्र और…

Rakhi 2026 – रक्षाबंधन के बाद ये गलती न करें! राखी के बाद रक्षासूत्र कब उतारें? जानिए सही समय और नियम

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रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। साल 2026 में रक्षाबंधन का पावन पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को आता है। वर्ष 2026 में राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 05:57 से 09:48 तक रहेगा। इस वर्ष विशेष बात…

आदि पेरुक्कू 2026 कब है? जानिए महिलाओं के लिए क्यों होता है यह दिन खास, आदि पेरुक्कू कैसे मनाएं?

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आदि पेरुक्कू 2026 (Aadi Perukku) मुख्य रूप से तमिलनाडु में मनाया जाने वाला एक अत्यंत शुभ सांस्कृतिक और धार्मिक त्योहार है। वर्ष 2026 में यह पर्व 3 अगस्त, सोमवार को मनाया जाएगा। यह तमिल महीने ‘आदि’ के 18वें दिन पड़ता है, जिसे ‘पथिनेट्टम पेरुक्कू’ भी कहा जाता है। आदि पेरुक्कू, जिसे पद्मिनी एकादशी, पेरुक्कू उत्सव…

Jayaparvati Vrat 2026 – क्या आप जानती हैं जयापार्वती व्रत का रहस्य? जानें इसकी पूजा विधि और चमत्कारी लाभ

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जया पार्वती व्रत 2026 मुख्य रूप से माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण हिंदू उपवास है। वर्ष 2026 में यह व्रत 27 जुलाई (सोमवार) को शुरू होगा और 1 अगस्त (शनिवार) को समाप्त होगा। यह व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी से आरंभ होकर पांच दिनों तक चलता है। हर…

क्या है ‘इरुमुदी’ का रहस्य? सबरीमाला की ‘मण्डला पूजा’ में क्यों चढ़ाया जाता है भगवान अयप्पा को यह पवित्र पोटली?

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भारत की आध्यात्मिक भूमि पर कई ऐसे तीर्थस्थल हैं, जिनकी अपनी अनूठी परंपराएं और रहस्य हैं। इन्हीं में से एक है केरल (Kerala) के घने जंगलों के बीच शबरी पर्वत पर स्थित भगवान अयप्पा (Lord Ayyappa) का विश्व प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर। हर साल लाखों श्रद्धालु, 41 दिनों का कठोर मंडल व्रतम (Mandala Vratham) पूरा करके,…

केवल सबरीमाला नहीं! आप घर पर कैसे मना सकते हैं ‘मण्डला पूजा’? सरल विधि और मंत्रों का जाप।

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‘स्वामी शरणम् अयप्पा!’ जब भी ‘मण्डला पूजा’ (Mandala Pooja) का नाम आता है, तो मन में सबसे पहले केरल के पवित्र सबरीमाला (Sabarimala) तीर्थ की छवि उभरती है। 41 दिनों की कठोर तपस्या (Vratham) और भक्ति की यह अवधि, जिसे ‘मण्डलाकालम’ भी कहा जाता है, भक्तों को आत्म-शुद्धि (Self-Purification) और आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले…

Hariyali Teej – हरियाली तीज 2026 कब है? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

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हरियाली तीज हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन और सौंदर्य से भरा उत्सव है। साल 2026 में यह पर्व 15 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आने वाला यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। हरियाली तीज, भारतीय संस्कृति और परंपरा…

Guru Purnima 2026 – क्यों माना जाता है यह दिन सबसे शुभ? गुरु पूर्णिमा पर करें ये उपाय, मिलेगा जीवन में अद्भुत मार्गदर्शन

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वर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह उत्सव आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को आता है। गुरु पूर्णिमा को ‘व्यास पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसी दिन महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। उन्हें आदिगुरु…

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