उपांग ललिता व्रत 2026 – नवरात्रि के बीच आता यह व्रत क्यों है अत्यंत शुभ और कल्याणकारी?

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उपांग ललिता व्रत, जिसे ललिता पंचमी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो शक्ति की देवी मां ललिता (त्रिपुरा सुंदरी) को समर्पित है। वर्ष 2026 में यह व्रत 15 अक्टूबर (गुरुवार) को मनाया जाएगा। यह व्रत शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन, यानी आश्विन शुक्ल पक्ष की पंचमी…

Tulsidas Jayanti 2026 – भक्तिकाल के महान कवि को श्रद्धांजलि, जानिए गोस्वामी तुलसीदास के जीवन, काव्य और रामभक्ति का महत्व

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गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में, तुलसीदास जयंती 19 अगस्त, बुधवार को मनाई जाएगी। महाकवि तुलसीदास जी को भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त और कालजयी ग्रंथ ‘रामचरितमानस’ के रचयिता के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने संस्कृत…

सावन 2026 में नाग पंचमी कब मनाई जाएगी? जानें तिथि मुहूर्त, पूजा विधि, सावन मास में इसका महत्त्व

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वर्ष 2026 में नाग पंचमी का पावन पर्व सोमवार, अगस्त 17 को मनाया जाएगा। सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आने वाला यह त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन नाग देवताओं की पूजा और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। मान्यता है…

जगन्नाथ रथयात्रा 2026 कब है? क्या है ‘पाहंडी’, ‘चेरापहड़ा’ और ‘बहुड़ा यात्रा’ का महत्व? क्यों खींचते हैं लाखों भक्त भगवान का रथ?

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जगन्नाथ पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र उत्सव है। वर्ष 2026 में यह भव्य यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार को निकाली जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह उत्सव प्रतिवर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलभद्र…

Vat Savitri Vrat 2026 – वट सावित्री व्रत पतिव्रता का प्रतीक, जानिए व्रत कथा, महत्व, पूजन विधि और लाभ

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वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में, उत्तर भारत में यह व्रत 16 मई (शनिवार) को ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाएगा। वहीं महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन, यानी 29 जून 2026 को मनाया जाएगा। यह व्रत पति की…

Buddha Purnima 2026 क्यों है विशेष? जानिए तिथि, कथा और महत्व – बुद्ध पूर्णिमा पर पीपल वृक्ष की विशेष पूजा

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वर्ष 2026 में बुद्ध पूर्णिमा 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह पावन पर्व वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को आता है, जिसे ‘वैशाख पूर्णिमा’ भी कहते हैं। यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के साथ-साथ हिंदुओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भगवान बुद्ध को श्री हरि विष्णु का नौवां अवतार माना जाता है।…

ज्येष्ठ अमावस्या 2026 कब है? ज्येष्ठ अमावस्या पर क्या करें और क्या न करें? जानिए पिंडदान और तर्पण की सही विधि

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हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को ज्येष्ठ अमावस्या कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह महत्वपूर्ण तिथि 15 जून, सोमवार को पड़ रही है। धार्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसी दिन वट सावित्री व्रत और शनि जयंती जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं।…

त्रिशूर पूरम 2026 – दक्षिण भारत की सांस्कृतिक आत्मा, जब पूरा त्रिशूर बनता है एक जीवंत चित्रकला

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केरल का सुप्रसिद्ध त्रिशूर पूरम उत्सव 27 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। इसे “सभी पूरमों की जननी” कहा जाता है, जिसका आयोजन त्रिशूर के ऐतिहासिक वडक्कुनाथन मंदिर में होता है। 18वीं शताब्दी में राजा शक्थान थंपुरन द्वारा शुरू किया गया यह उत्सव अपनी भव्यता और धार्मिक सौहार्द के लिए विश्व विख्यात है। इस उत्सव के…

Shankaracharya Jayanti 2026 – शंकराचार्य जयंती, जानें चार पीठों की स्थापना का रहस्य

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हिंदू पंचांग के अनुसार, आदि शंकराचार्य जयंती प्रतिवर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह शुभ अवसर 21 अप्रैल, मंगलवार को पड़ेगा। जगतगुरु आदि शंकराचार्य का जन्म 8वीं शताब्दी में केरल के ‘कालड़ी’ में हुआ था। उन्हें भगवान शिव का अवतार माना जाता है। उन्होंने मात्र…

Chaiti Chhath 2026 – चैती छठ कब से शुरू? जानें नहाए-खाय, खरना और अर्घ्य देने का शुभ समय

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चैती छठ, जिसे ‘चैत्र छठ’ भी कहा जाता है, मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह महापर्व 22 मार्च से 25 मार्च तक मनाया जाएगा। यह पर्व भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित है। छठ पूजा एक पावन पर्व है जिसमें छठी…

2026 Ekadashi List – वर्ष 2026 में आने वाली सभी एकादशी व्रत की सूची और एकादशी व्रत के फायदे

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। वर्ष 2026 में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कारण कुल 26 एकादशी तिथियां पड़ेंगी। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से मन और शरीर की शुद्धि होती है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत…

Vat Purnima 2026 – वट पूर्णिमा व्रत कैसे करें? जानिए महत्व, पूजा विधि, कथा और लाभ

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वट पूर्णिमा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है, जो विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। वर्ष 2026 में वट पूर्णिमा 29 जून, सोमवार को मनाई जाएगी। यह व्रत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी…

Surdas Jayanti 2026 – कब है सूरदास जयंती? जानें तिथि, महत्व, पढ़ें अमर दोहे और जीवन परिचय

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सूरदास जयंती महान कवि और भगवान श्री कृष्ण के अनन्य भक्त संत सूरदास की याद में मनाई जाती है। वर्ष 2026 में सूरदास जयंती 21 अप्रैल, मंगलवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह प्रतिवर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आती है। सूरदास जी को “हिंदी साहित्य का सूर्य” माना…

Parshuram Jayanti 2026 – जाने भगवान परशुराम की जन्मकथा, पूजन विधि और महत्व

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भगवान परशुराम जयंती हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में, परशुराम जयंती 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी। यह तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है, जिसे ‘अक्षय तृतीया’…

रामानुज जयंती 2026 कब है? जानें पूजा विधि, इतिहास और व्रत कथा

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महान समाज सुधारक और दार्शनिक स्वामी रामानुजाचार्य जी की जयंती वर्ष 2026 में 22 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह उनकी 1009वीं जन्म वर्षगाँठ होगी। रामानुज जयंती हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र माह में ‘तिरुवाथिराई’ नक्षत्र के दिन मनाई जाती है। रामानुजाचार्य ने ‘विशिष्टाद्वैत’ दर्शन का प्रतिपादन किया और भक्ति आंदोलन को एक नई दिशा दी।…

जानें कुंभ संक्रांति 2026 का आपकी राशि पर असर और सफलता के उपाय

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कुंभ संक्रांति हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण खगोलीय और धार्मिक पर्व है, जो सूर्य के मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है। यह दिन दान, पुण्य, और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में कुंभ संक्रांति 13 फरवरी, शुक्रवार के दिन पड़ेगी। कुंभ…

जानिए 2026 में कब है खिचड़ी उत्सव राधाबल्लभ मंदिर में

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हर साल वृंदावन के राधाबल्लभ मंदिर (Radha Ballabh Temple) में खिचड़ी उत्सव मनाया जाता हैं जो की पूरे एक माह तक चलता हैं । इस खिचड़ी महोत्सव (Khichdi Festival) 1 माह तक मंदिर में राधाबल्लभ लाल जी को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। इस अनूठी परंपरा में भाग लेने के लिए दूरदराज से बड़ी…

Magh Month Festival 2026 – जानें माघ का महिना कब शुरू हो रहा है और महत्व

सनातन धर्म में माघ माह का बहुत बड़ा महत्व हैं हिन्दू पंचाग के अनुसार ये वर्ष का ग्यारहवाँ महीना है। इस माह में विधिपूर्वक श्रीहरि, मां लक्ष्मी और तुलसी माता की पूजा करने से सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है। हिन्दू धर्म के अनुसार माघ माह के नियमों का पालन करने से व्यक्ति को…

पौष पूर्णिमा कब है 2026 में और जाने इसका महत्व

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पौष माह में पड़ने वाली पूर्णिमा को पूर्णिमा (Paush Purnima 2026) के नाम से जाना जाता है। इस पौष पूर्णिमा को अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दिन से प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो रही है। पूर्णिमा तिथि पर श्रीहरि के संग मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही…

Bhogi Pandigai 2026 – जानें भोगी पण्डिगाई का इतिहास और इसे मनाने के प्रमुख स्थल

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भोगी पण्डिगाई दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो पोंगल उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। यह त्योहार पारंपरिक रूप से फसल कटाई के समय मनाया जाता है और किसानों के जीवन में एक विशेष महत्व रखता है। भोगी पण्डिगाई 2026 में 13 जनवरी को मनाई जाएगी। भारत, विविधताओं का देश है,…

Pongal 2026 – साल 2026 में पोंगल पर्व कब? जानें तिथि और कहाँ मनाया जाता हैं

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पोंगल पर्व भारत के दक्षिण राज्य तमिलनाडु में मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इसी समय पूरे उत्तर भारत में मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जाता हैं। इस पर्व के मनाने के लिए तमिलनाडु राज्य के लोग गायों और बैलों की पूजा करते हैं और उन्हें रंग-बिरंगे आभूषणों से सजाते…

पितृ दोष से हैं परेशान? दर्श अमावस्या की रात करें ये सरल उपाय, मिलेगी हर बाधा से मुक्ति

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हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन जब बात दर्श अमावस्या (Darsha Amavasya) की आती है, तो इसका आध्यात्मिक वजन और भी बढ़ जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यह वह रात है जब चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य होता है और हमारे पूर्वजों यानी पितरों की शक्तियां सबसे अधिक सक्रिय होती हैं।…

क्या होती है दर्श अमावस्या? जानें इसका धार्मिक महत्व और चंद्र देव की पूजा का सही तरीका

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हिंदू पंचांग में अमावस्या तिथि का विशेष स्थान है, लेकिन क्या आपने कभी ‘दर्श अमावस्या’ (Darsha Amavasya) के बारे में सुना है? धार्मिक दृष्टि से यह तिथि अत्यंत कल्याणकारी मानी गई है। यह वह समय होता है जब चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य होता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि दर्श अमावस्या…

दर्श अमावस्या स्पेशल – जानिए इस दिन दीपदान करने के 3 चमत्कारी लाभ

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हिंदू धर्म और वैदिक पंचांग में अमावस्या की तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन जब बात ‘दर्श अमावस्या’ की आती है, तो इसका आध्यात्मिक वजन और भी बढ़ जाता है। अमावस्या की वह रात जब चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य होता है, उसे ‘दर्श’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन न केवल पितरों…

Paush Amavasya 2025 – आपकी हर इच्छा पूरी करेगा पौष अमावस्या का एक लोटा जल! जानें सरल अचूक टोटका।

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हिंदू पंचांग में हर महीने की अमावस्या तिथि को पितरों (Ancestors) को समर्पित माना जाता है, लेकिन जब यह तिथि पौष माह के कृष्ण पक्ष में आती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। पौष अमावस्या (Paush Amavasya) को शास्त्रों में ‘मिनी श्राद्ध’ भी कहा गया है। यह वह शक्तिशाली दिन है जब…

पौष अमावस्या व्रत कथा

हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को ‘पौष अमावस्या’ कहा जाता है। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व है। इसे पितरों की आत्मा की शांति और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौष अमावस्या के दिन पूर्वजों के निमित्त…

दर्श अमावस्या व्रत कथा

हिन्दू धर्म और पंचांग में ‘दर्श अमावस्या’ का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है, जब चंद्रमा आकाश में पूरी तरह अदृश्य रहता है। ‘दर्श’ का अर्थ है देखना या दर्शन करना; माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं होते, बल्कि यह पूर्वजों (पितरों) को समर्पित दिन…

10 काम जो आपको दर्श अमावस्या के दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए!

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दर्श अमावस्या हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह दिन पितृ तर्पण, श्राद्ध और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य होता है और हमारे पूर्वज (पितृ) पृथ्वी के सबसे करीब होते हैं। जहां इस दिन कुछ खास उपाय करने से…

हिंदू पौराणिक कथाओं के 10 सबसे शक्तिशाली देवता और उनके अस्त्र-शस्त्रों का विवरण

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हिंदू धर्म और उसके पौराणिक ग्रंथ केवल आध्यात्मिकता का ही मार्ग नहीं दिखाते, बल्कि वे वीरता, शक्ति और अद्भुत अस्त्र-शस्त्रों की कहानियों से भी भरे हुए हैं। प्राचीन भारतीय शास्त्रों में वर्णित देवताओं के पास ऐसे विनाशकारी हथियार थे, जो आज के आधुनिक परमाणु हथियारों से भी कहीं अधिक शक्तिशाली माने जाते हैं। आइए जानते…

बुध प्रदोष व्रत कथा

बुध प्रदोष व्रत कथा (Budha Pradosh Vrat) भगवान शिव को समर्पित एक पावन व्रत है, जो प्रत्येक महीने की त्रयोदशी तिथि को बुधवार के दिन पड़ने पर मनाया जाता है। इस व्रत की बुध प्रदोष व्रत कथा पढ़ने से श्रद्धालु शिव कृपा शीघ्र प्राप्त करते हैं। कथा के अनुसार, एक बार देवताओं ने भगवान शिव…

संकटा चालीसा

|| संकटा चालीसा (Sankata Chalisa PDF) || || दोहा || जगत जननि जगदम्बिके, अरज सुनहु अब मोर । बन्दौं पद-जुग ना सिर, विनय करौं कर जोर । || चौपाई || जय जय जय संकटा भवानी । कृपा करहु मोपर महरानी ॥ हाथ खड्ग भृकुटी विकराला । अरुण नयन गल में रुण्डमाला ॥ कानन कुण्डल की…

श्री इन्द्राक्षी कवचम्

|| श्री इन्द्राक्षी कवचम् (Indrakshi Kavacham PDF) || ॐ श्रीगणेशाय नमः । देव्युवाच – भगवान् देवदेवश लोकेश्वर जगत्पते । इन्द्राक्ष्याः कवचं ब्रूहि सर्वतत्त्वनिरूपिणम् ॥ १॥ श्रीभैरव उवाच इन्द्राक्ष्याः कवचं पुण्यं सर्वतत्त्वनिरूपिणम् । जगच्चिन्तामणिं नाम सर्वमन्त्रैकसाधनम् ॥ २॥ यं धृत्वा कवचं ब्रह्माविष्णुर्भीमा शचीपतिः । यमोऽपि वरुणश्चैव कुबेरश्च दिगीश्वरः ॥ ३॥ ब्रह्मा सृजति विश्वं च विष्णुर्दैत्यनिषूदनः ।…

कात्यायनी अष्टकम

|| कात्यायनी अष्टकम (Katyayani Ashtakam PDF) || श्री गणेशाय नमः । अवर्षिसंज्ञं पुरमस्ति लोके कात्यायनी तत्र विराजते या । प्रसाददा या प्रतिभा तदीया सा छत्रपुर्यां जयतीह गेया ॥ १॥ त्वमस्य भिन्नैव विभासि तस्यास्तेजस्विनी दीपजदीपकल्पा । कात्यायनी स्वाश्रितदुःखहर्त्री पवित्रगात्री मतिमानदात्री ॥ २॥ ब्रह्मोरुवेतालकसिंहदाढोसुभैरवैरग्निगणाभिधेन । संसेव्यमाना गणपत्यभिख्या युजा च देवि स्वगणैरिहासि ॥ ३॥ गोत्रेषु जातैर्जमदग्निभारद्वाजाऽत्रिसत्काश्यपकौशिकानाम् । कौण्डिन्यवत्सान्वयजैश्च…

सूर्य धनु संक्रांति की कथा (खरमास की कथा)

सूर्य धनु संक्रांति हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह वह दिन है जब ग्रहों के राजा सूर्य देव वृश्चिक राशि से निकलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करते हैं। इस संक्रमण के साथ ही खरमास (या धनुर्मास) की शुरुआत हो जाती है, जिसमें विवाह और अन्य बड़े शुभ कार्य वर्जित माने…

Hindu marriage 7 phere – 7 फेरे ही क्यों? क्या आप जानते हैं विवाह के सात वचनों का रहस्य? जानें प्रत्येक वचन का गूढ़ अर्थ

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भारतीय संस्कृति में विवाह सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का पवित्र बंधन है। इस बंधन को और भी मजबूत बनाते हैं विवाह के दौरान लिए जाने वाले सात वचन। ये वचन सिर्फ रस्में नहीं, बल्कि पति-पत्नी के जीवन की आधारशिला हैं। क्या आपने कभी इन वचनों के गूढ़ अर्थ को जानने…

नीम करौली बाबा का ‘मैजिक मंत्र’ जो आपको जीवन में अपार सफलता दिला सकता है (The Magic Mantra for Success)

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ज़िंदगी में सफलता (Success) किसे नहीं चाहिए? हर कोई तेज़ी से भागती इस दुनिया में सबसे आगे रहना चाहता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के सबसे अमीर और ‘स्मार्ट’ (Smart) लोग – जैसे स्टीव जॉब्स या मार्क जुकरबर्ग – किसी मैनेजमेंट स्कूल (Management School) या बिज़नेस बुक (Business Book) के बजाय,…

क्या सच में नीम करोली बाबा हनुमान जी के अवतार थे? जानिए इस रहस्य का सच

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एक तरफ ‘टेक्नोलॉजी’ (Technology) की दुनिया के ‘दिग्गज’ (Giants) स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग, और दूसरी तरफ, उत्तराखंड की शांत पहाड़ियों में बैठा एक कंबलधारी फकीर। नीम करौरी बाबा! उन्हें अक्सर ‘मॉडर्न साधक’ (Modern Sage) कहा जाता है, लेकिन उनके भक्तों के लिए वह इससे कहीं ज़्यादा हैं। सबसे बड़ा सवाल जो आज भी लाखों…

किस देवता की पूजा से खुलेगी किस्मत की तिजोरी? सफलता के लिए शास्त्र-सम्मत सरल महाउपाय।

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हम सभी अपने जीवन में सफलता की कामना करते हैं, विशेषकर करियर के क्षेत्र में। अक्सर हम देखते हैं कि कड़ी मेहनत के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, या फिर बाधाएं आती रहती हैं। ऐसे में, यदि हम अपनी मेहनत के साथ-साथ दैवीय शक्ति का आशीर्वाद भी प्राप्त कर लें, तो सफलता की राह…

पैसों की तंगी होगी दूर! भाग्य को प्रबल बनाने वाले 7 चमत्कारी और दिव्य उपाय जो 24 घंटे में दिखाएंगे असर।

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क्या आप भी लगातार धन की कमी से जूझ रहे हैं? क्या कड़ी मेहनत के बाद भी आपको मनचाहा परिणाम नहीं मिल रहा? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। आज के समय में, बहुत से लोग आर्थिक तंगी से परेशान हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे प्राचीन शास्त्रों और ज्योतिष में कुछ…

वीरभद्र मंदिर का ‘झूलता खंभा’ – क्या यह सच में गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देता है? जानें सदियों पुराना अनसुलझा रहस्य!

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भारत अपनी प्राचीन और समृद्ध संस्कृति के लिए विश्वभर में जाना जाता है। यहां ऐसे कई मंदिर और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, जो न केवल अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि अपने रहस्यमयी पहलुओं के कारण भी लोगों को आश्चर्यचकित करते हैं। ऐसा ही एक अद्भुत और रहस्यमय मंदिर है आंध्र प्रदेश के…

नौकरी जाने का डर हो या नई जॉब की तलाश – ये 9 ग्रहीय उपाय आपके करियर में लाएंगे जादुई बदलाव

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जीवन एक नदी की तरह है, जिसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। खासकर जब बात करियर की हो, तो अक्सर ऐसी स्थितियां आती हैं जब प्रगति रुक सी जाती है। कड़ी मेहनत के बावजूद मनचाहा मुकाम हासिल नहीं होता, अवसर हाथ से फिसल जाते हैं, और निराशा घेर लेती है। क्या आपने कभी सोचा है कि…

नीम करोली बाबा की वे भविष्यवाणियां जो आज सच साबित हो रही हैं – क्या बाबा सच में ‘त्रिकालदर्शी’ थे?

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बाबा नीम करोली (Neem Karoli Baba) केवल एक संत नहीं थे, बल्कि उन्हें “चमत्कारी बाबा” (Miracle Baba) और एक ‘त्रिकालदर्शी’ के रूप में भी जाना जाता था। उनके भक्त, जिनमें स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे ‘टेक दिग्गज’ (Tech Giants) शामिल हैं, मानते हैं कि बाबा के पास भविष्य को देखने की अद्भुत ‘शक्ति’ (Power)…

नीम करोली बाबा के 5 अद्भुत चमत्कार जो ‘विज्ञान’ को भी सोच में डाल देते हैं

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क्या आपने कभी सोचा है कि एक व्यक्ति, जो न तो कोई ‘साइंटिस्ट’ (Scientist) था और न ही कोई जादूगर, केवल अपनी इच्छाशक्ति और प्रेम से ‘भौतिक नियमों’ (Physical Laws) को कैसे बदल सकता है? नीम करोली बाबा, जिन्हें उनके भक्त “महाराज जी” कहकर पुकारते हैं, भारतीय आध्यात्मिकता के ऐसे ही एक रहस्यमय संत थे।…

हॉलीवुड की ‘प्रीटी वुमन’ और कैंची धाम का जादू – कैसे नीम करौरी बाबा के आशीर्वाद ने जूलिया रॉबर्ट्स का जीवन बदल दिया?

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दुनिया की चकाचौंध से दूर, एक ऐसी आध्यात्मिक ऊर्जा है जो हॉलीवुड (Hollywood) के सितारों को भी अपनी ओर खींच लेती है। हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के शांत ‘कैंची धाम’ (Kainchi Dham) और उनके पूज्य गुरु, बाबा नीम करौरी (नीम करोली बाबा) की। हॉलीवुड की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में से एक, जूलिया रॉबर्ट्स…

अगर आप पहली बार कैंची धाम जा रहे हैं, तो इन 5 बातों का खास ध्यान रखें – एक संपूर्ण गाइड

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जय बाबा नीम करौरी! क्या आप भी बाबा के बुलावे पर पहली बार ‘कैंची धाम’ (Kainchi Dham) जाने का प्लान बना रहे हैं? नैनीताल की वादियों में शिप्रा नदी के किनारे बसा यह आश्रम सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि लाखों भक्तों के लिए ‘शांति’ (Peace) और ‘आस्था’ (Faith) का केंद्र है। लेकिन रुकिए! सिर्फ बैग…

बृहस्पति कवच पाठ

बृहस्पति कवच पाठ (Brihaspati Kavach Path) देवगुरु बृहस्पति को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी स्तोत्र है। इस पाठ का मुख्य उद्देश्य बृहस्पति ग्रह के शुभ प्रभावों को बढ़ाना और उनके नकारात्मक असर को कम करना है। जो व्यक्ति नियमित रूप से, विशेषकर गुरुवार के दिन, इस कवच का पाठ करता है, उसे ज्ञान, बुद्धि,…

स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्ग तक – आखिर क्यों दुनिया के अमीर लोग नीम करोली बाबा को मानते हैं?

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कमाल की बात है! दुनिया के सबसे अमीर और सबसे ज़्यादा ‘टेक्नोलॉजी’ (Technology) वाले लोग, भारत के एक सरल संत, नीम करोली बाबा, के सामने नतमस्तक हैं। यह कहानी केवल आस्था की नहीं, बल्कि उस गहन ‘कनेक्शन’ (Connection) की है जो धन-दौलत से परे, जीवन के असली ‘मकसद’ (Purpose) को खोजने से जुड़ा है। उत्तराखंड…

बुधवार व्रत कथा

बुधवार व्रत हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन व्रत करने से बुद्धि, विद्या और समृद्धि की प्राप्ति होती है। व्रती को प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए और भगवान गणेश की मूर्ति के सामने दीप प्रज्वलित कर कथा सुननी चाहिए। कथा के…

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