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नवरात्रि 2026 – आरती, मंत्र, व्रत कथा और माँ दुर्गा की कृपा पाने के सरल उपाय

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वर्ष 2026 में नवरात्रि का पावन पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र और अश्विन मास में मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्रि, जो सबसे प्रमुख मानी जाती है, उसकी शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी और समापन 21 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी (दशहरा) के साथ होगा।

नवरात्रि, जो कि एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है ‘नौ रातें’, हिंदू धर्म में मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण और शुभ त्योहारों में से से एक है। यह माँ दुर्गा और उनके नौ विभिन्न रूपों की पूजा का प्रतीक है। साल 2026 में, नवरात्रि का पर्व एक बार फिर से हमारे जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करने के लिए आ रहा है। यह लेख आपको इस पवित्र पर्व के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा, जिसमें आरती, मंत्र, व्रत कथा और माँ दुर्गा की कृपा पाने के सरल उपायों को शामिल किया गया है।

नवरात्रि 2026 की तिथियाँ (Navratri 2026 Dates)

नवरात्रि का त्योहार दो बार आता है – चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि। शारदीय नवरात्रि 2026 में, जो कि इस लेख का मुख्य केंद्र है, 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है।

नवरात्रि का महत्व (Importance of Navratri)

यह नौ दिन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह माँ दुर्गा और महिषासुर के बीच हुई महासंग्राम की कहानी को दर्शाता है, जिसमें माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। इस पर्व के दौरान, भक्तजन माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं, जो क्रमशः:

  • शैलपुत्री (Shailputri)
  • ब्रह्मचारिणी (Brahmacharini)
  • चंद्रघंटा (Chandraghanta)
  • कूष्मांडा (Kushmanda)
  • स्कंदमाता (Skandmata)
  • कात्यायनी (Katyayani)
  • कालरात्रि (Kaalratri)
  • महागौरी (Mahagauri)
  • सिद्धिदात्री (Siddhidatri)

शक्तिशाली मंत्र (Powerful Mantras)

मंत्र नवरात्रि पूजा का अभिन्न अंग हैं। माँ दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त करने का एक तरीका है।

सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

यह मंत्र माँ दुर्गा के सभी रूपों को समर्पित है और इसे अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।

माँ दुर्गा की व्रत कथा (Vrat Katha of Maa Durga)

नवरात्रि के व्रत की कथा पौराणिक है और माँ दुर्गा की असीम शक्ति को दर्शाती है। यह कथा महिषासुर, एक राक्षस, के साथ माँ दुर्गा के युद्ध को बताती है। महिषासुर को ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि कोई भी पुरुष उसे नहीं हरा सकता। उसके अत्याचारों से त्रस्त होकर, सभी देवताओं ने माँ दुर्गा को बुलाया। माँ दुर्गा ने अपने अद्भुत रूप में महिषासुर का वध किया और पृथ्वी को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई।

माँ दुर्गा की कृपा पाने के सरल उपाय (Simple Ways to Get the Blessings of Maa Durga)

  • व्रत रखें (Observe Fast) – नवरात्रि के दौरान व्रत रखना माँ दुर्गा के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है।
  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें (Recite Durga Saptashati) – दुर्गा सप्तशती का पाठ करना माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल और शक्तिशाली उपाय है।
  • कन्या पूजन करें (Kanya Pujan) – अष्टमी या नवमी के दिन कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा दें।
  • माँ दुर्गा के मंत्रों का जाप करें (Chant Mantras of Maa Durga) – प्रतिदिन कम से कम 108 बार माँ दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
  • सात्विक भोजन करें (Eat Satvik Food) – नवरात्रि के दौरान लहसुन, प्याज और मांसाहारी भोजन से बचें।
  • गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करें (Help the Poor and Needy) – इस शुभ अवसर पर दान करना भी बहुत पुण्य का कार्य माना जाता है।
  • पूरे नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाएं (Light Akhand Jyoti for All Nine Days) – अगर संभव हो तो पूरे नौ दिनों तक अपने घर में अखंड ज्योति जलाएं।
  • मंदिर जाएं (Visit Temple) – नियमित रूप से पास के किसी देवी मंदिर में जाएं।

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