भोगी से लेकर कनुम पोंगल तक – पोंगल के 4 दिनों का महत्व और उन्हें मनाने का पारंपरिक तरीका।
भारत त्योहारों का देश है, और दक्षिण भारत में ‘पोंगल’ का वही महत्व है जो उत्तर भारत में मकर संक्रांति का। पोंगल केवल एक फसल उत्सव (Harvest Festival) नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य देव और पशुधन के प्रति आभार प्रकट करने का एक माध्यम है। तमिल कैलेंडर के अनुसार, जब सूर्य ‘धनु’ राशि से…



