होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर विधि-विधान से पूजा और श्री होलिका आरती का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यदि आप भी इस होली पर अपने घर या मोहल्ले की पूजा को संपूर्ण बनाना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट से श्री होलिका आरती PDF बिल्कुल निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं।
यह PDF स्पष्ट हिंदी फॉन्ट में तैयार की गई है, जिसे आप अपने मोबाइल या टैबलेट पर आसानी से पढ़ सकते हैं। आरती के माध्यम से भक्त भक्त प्रहलाद की अटूट श्रद्धा और भगवान विष्णु की कृपा का गुणगान करते हैं।
|| श्री होलिका आरती (Holika Aarti PDF) ||
ओम जय नरसिंह हरे,
प्रभु जय नरसिंह हरे।
स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे,
स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे,
जनका ताप हरे॥
|| ओम जय नरसिंह हरे ||
तुम हो दिन दयाला,
भक्तन हितकारी,
प्रभु भक्तन हितकारी।
अद्भुत रूप बनाकर,
अद्भुत रूप बनाकर,
प्रकटे भय हारी॥
|| ओम जय नरसिंह हरे ||
सबके ह्रदय विदारण,
दुस्यु जियो मारी,
प्रभु दुस्यु जियो मारी।
दास जान आपनायो,
दास जान आपनायो,
जनपर कृपा करी॥
|| ओम जय नरसिंह हरे ||
ब्रह्मा करत आरती,
माला पहिनावे,
प्रभु माला पहिनावे।
शिवजी जय जय कहकर,
पुष्पन बरसावे॥
|| ओम जय नरसिंह हरे ||
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