सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में कछुए (Tortoise) को अत्यंत शुभ और चमत्कारी माना गया है। यह न केवल लंबी आयु, स्थिरता (Stability) और धैर्य का प्रतीक है, बल्कि इसे धन और समृद्धि (Wealth and Prosperity) का कारक भी माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सभी धातुओं के कछुओं में, चांदी का कछुआ विशेष रूप से माँ लक्ष्मी की कृपा और धन वृद्धि के लिए सबसे उत्तम क्यों माना जाता है?
अगर आप भी अपनी आर्थिक स्थिति (Financial Condition) को मजबूत करना चाहते हैं, व्यापार में तरक्की पाना चाहते हैं या घर में सुख-शांति लाना चाहते हैं, तो चांदी के कछुए से जुड़े इन महत्वपूर्ण नियमों और अचूक उपायों को अवश्य जान लें।
चांदी का कछुआ घर में कब और क्यों लाएं?
चांदी का कछुआ घर में लाना बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन इसे किसी शुभ तिथि और मुहूर्त में ही स्थापित करना चाहिए।
कब लाएं चांदी का कछुआ? (Best Time to bring Silver Turtle)
वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, चांदी का कछुआ घर लाने के लिए कुछ विशेष तिथियां अत्यंत शुभ मानी जाती हैं:
- कूर्म द्वादशी (Kurma Dwadashi) – यह दिन भगवान विष्णु के कूर्म (कछुआ) अवतार को समर्पित है, इसलिए इस दिन चांदी का कछुआ घर लाना और स्थापित करना सर्वोत्तम माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन कछुआ लाने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी, दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे आर्थिक संकट दूर होते हैं।
- पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) – किसी भी माह में पुष्य नक्षत्र के दौरान कछुआ लाना बहुत लाभकारी होता है।
- अक्षय तृतीया या दीपावली – धन से जुड़े इन महापर्वों पर भी चांदी का कछुआ खरीदना और उसकी स्थापना करना धन-वैभव को बढ़ाता है।
- शुक्रवार – चूंकि शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है, इसलिए इस दिन भी चांदी का कछुआ घर लाया जा सकता है।
क्यों लाएं चांदी का कछुआ? (Benefits of Silver Turtle)
चांदी को चंद्रमा और जल तत्व से जोड़ा जाता है, जो शांति, शीतलता और धन वृद्धि के कारक माने जाते हैं। इसलिए चांदी का कछुआ विशेष रूप से निम्न लाभ देता है:
- धन में स्थिरता – चांदी का कछुआ धन को आकर्षित करने के साथ-साथ उसे घर में स्थिर करने में भी मदद करता है। यह अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाता है।
- व्यापार में उन्नति – व्यवसायिक प्रतिष्ठानों (Business Establishments) में चांदी का कछुआ रखने से व्यापार में तेजी आती है, धन लाभ होता है और मंदी दूर होती है।
- नकारात्मकता दूर – यह घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार करता है और सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने से रोकता है।
- करियर और एकाग्रता – छात्रों या नौकरीपेशा लोगों के लिए चांदी का कछुआ एकाग्रता बढ़ाता है और करियर में सफलता (Success in Career) के मार्ग खोलता है।
कूर्म द्वादशी पर करें ये अचूक उपाय, बरसेगी लक्ष्मी कृपा
कूर्म द्वादशी के दिन चांदी के कछुए की स्थापना और पूजन से अद्भुत लाभ मिलते हैं।
स्थापना विधि (Installation Method)
- चांदी के कछुए को हमेशा घर की उत्तर दिशा (North Direction) में स्थापित करें, क्योंकि यह दिशा धन के देवता कुबेर और जल तत्व की मानी जाती है।
- कछुए को सीधे न रखकर, एक साफ कांच के बर्तन (Glass Bowl) में थोड़ा पानी भरकर उसमें स्थापित करें। कछुए का मुख घर के अंदर की ओर होना चाहिए, ताकि वह धन को घर के भीतर लाए, न कि बाहर ले जाए।
- कछुए को स्थापित करने से पहले उसे दूध और गंगाजल से स्नान कराएं। फिर उसे पानी वाले बाउल में रखें।
- कूर्म द्वादशी के दिन कछुआ स्थापित करते समय ‘ॐ श्रीं कूर्मये नमः’ या भगवान विष्णु के किसी मंत्र का 108 बार जाप करें।
धन वृद्धि का अचूक उपाय
कूर्म द्वादशी के दिन चांदी के कछुए को स्थापित करने के बाद, जिस पानी के बर्तन में कछुआ रखा है, उस पानी में चांदी का एक छोटा सिक्का डाल दें। यह उपाय धन-आगमन के नए रास्ते खोलता है और धन को चुम्बक की तरह खींचता है। यह सुनिश्चित करें कि कछुए को समय-समय पर साफ करते रहें ताकि उसकी चमक बरकरार रहे।
परीक्षा और करियर में सफलता के लिए
अगर आपका बच्चा पढ़ाई में कमजोर है या नौकरी में तरक्की नहीं मिल रही है, तो चांदी के कछुए को स्टडी रूम या ऑफिस डेस्क की उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें। यह उपाय एकाग्रता बढ़ाकर बेहतर परिणाम लाने में सहायक सिद्ध होता है।
ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें (Important Things to Remember)
- कछुए को कभी भी बेडरूम में या गंदे स्थान पर नहीं रखना चाहिए।
- कछुआ कभी भी अपनी मर्जी से नहीं खरीदना चाहिए; इसे किसी खास पर्व, तिथि या अच्छे उद्देश्य से ही खरीदा जाना चाहिए।
- कछुए को किसी लकड़ी की मेज या पटरे पर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह जल तत्व से संबंधित है।
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