શીતલા માતાની વ્રત કથા

|| શીતલા માતાની વ્રત કથા || એક નાનું ગામ હતું. ગામમાં એક ડોશી તેમના બે દીકરા અને બંને વહુઓ સાથે રહેતા હતાં. દેરાણી-જેઠાણી તેની સાસુ સાથે રહેતી હતી. બન્ને બહુઓના ઘરે દેવના દીધેલા એક એક દીકરા હતા. મોટી વહુ ઈર્ષાળું કજિયાળી હતી, જ્યારે નાની બહુ ભલી, ભોળી અને પ્રેમાળ હતી. એક વખત શ્રાવણ માસમાં રાંઘણ…

राम नवमी व्रत कथा

|| राम नवमी व्रत कथा || भगवान श्री विष्णु ने अपने सातवें अवतार के रूप में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र के रूप में जन्म लेकर अनेक अद्भुत लीलाएं रचीं। अंततः उन्होंने अहंकारी रावण का संहार कर धर्म की विजय स्थापित की। श्री राम जी के जन्मोत्सव को राम नवमी के रूप में श्रद्धा और हर्षोल्लास…

वैशाख अमावस्या व्रत कथा

|| वैशाख अमावस्या व्रत कथा || वैशाख मास की अमावस्या को वैशाख अमावस्या कहा जाता है। यह हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष का दूसरा माह होता है। शास्त्रों में इस दिन को धर्म-कर्म, स्नान-दान एवं पितरों के तर्पण के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। वैशाख अमावस्या को विशेष रूप से पितरों की मुक्ति के…

कल है मोहिनी (पापमोचनी) एकादशी, जाने व्रत कथा और पूजा विधि

॥ मोहिनी एकादशी पूजा विधि ॥ पापमोचनी एकादशी व्रत में भगवान विष्णु के चतुर्भुज रूप की पूजा की जाती है व्रत के दिन सूर्योदय के समय जगें और स्नान करना चाहिए भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने बैठकर एकादशी व्रत कथा का पाठ करना चाहिए दिन में भगवान विष्णु की पूजा के बाद रात्रि में…

संकटा माता व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| संकटा माता की पूजा विधि || पूजा सामग्री मिट्टी की 11 ढेरियाँ और गाय के गोबर की एक गौरी तैयार करें। पान के पत्ते। दो कलश (एक स्थापना के लिए और दूसरा पूजा के लिए)। दो घी के दीपक। फूल माला। सिंदूर और बिंदी। गुड़ और घी (अगियार के लिए)। इलाइची, लौंग और पान…

शीतला सप्तमी व्रत कथा

|| शीतला सप्तमी व्रत कथा || प्राचीन समय की बात है, एक वृद्धा और उसकी दो बहुओं ने श्रद्धा पूर्वक शीतला माता का व्रत रखा। लेकिन उनकी दोनों बहुएं सुबह उठकर ताजा भोजन बनाने लगीं, जबकि इस दिन बासी भोजन का भोग लगाने और ग्रहण करने की परंपरा होती है। जब वृद्धा को इस बात…

होलिका कथा एवं पूजा विधि

|| होलिका पूजा विधि || नारद पुराण के अनुसार होलिका दहन के अगले दिन (रंग वाली होली के दिन) प्रात: काल उठकर आवश्यक नित्यक्रिया से निवृत्त होकर पितरों और देवताओं के लिए तर्पण-पूजन करना चाहिए। साथ ही सभी दोषों की शांति के लिए होलिका की विभूति की वंदना कर उसे अपने शरीर में लगाना चाहिए।…

फाल्गुन पूर्णिमा व्रत कथा

|| फाल्गुन पूर्णिमा व्रत कथा (Falgun Purnima Vrat Katha) || हर वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा तिथि पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक स्वरूप होलिका दहन किया जाता है और होली का यह पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन विष्णु एवं लक्ष्मी जी की पूजा, व्रत आदि का विशेष…

ఉండ్రాళ్ళ తద్దె

|| ఉండ్రాళ్ళ తద్దె – Undralla Taddi Katha || భాద్రపద బహుళ తదియ రోజున స్త్రీలు సద్గతులు పొందేందుకు ఆచరించే వ్రతమే ‘ఉండ్రాళ్ళ తద్ది’. భక్తి, విశ్వాసాలతో నిష్ఠగా ఆచరించిన వారికి సర్వాభీష్ట సిద్ధిని అందించే ఈ వ్రతానికి ‘మోదక తృతీయ’ అనే మరో పేరు కూడా ఉంది. ప్రత్యేకంగా ఉండ్రాళ్ళ నివేదనతో కూడిన వ్రతం కావడంతో, ‘తదియ’ అంటే మూడవ రోజు అని అర్థం, అందువల్ల ఇది ‘ఉండ్రాళ్ళ తద్ది’గా పిలువబడింది. ఈ వ్రతాన్ని…

माँ बगलामुखी पौराणिक कथा

|| माँ बगलामुखी पौराणिक कथा || एक बार सतयुग में महाविनाश उत्पन्न करने वाला ब्रह्मांडीय तूफान उत्पन्न हुआ, जिससे संपूर्ण विश्व नष्ट होने लगा इससे चारों ओर हाहाकार मच गया। संसार की रक्षा करना असंभव हो गया। यह तूफान सब कुछ नष्ट-भ्रष्ट करता हुआ आगे बढ़ता जा रहा था, जिसे देख कर भगवान विष्णु जी…

Shri Tulsi Vivah Vrat Katha And Vidhi

|| Tulsi Vivah Vidhi || First, decorate the mandap with sugarcane at the worship place. Adorn the Tulsi plant’s pot with vermilion and flowers. Start the Tulsi Vivah puja during the auspicious moment of the evening. Set up a clean wooden platform and spread a seat by sprinkling Ganga water on it during the worship….

गंगा सप्तमी व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| गंगा सप्तमी पूजा विधि || गंगा सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर सभी दैनिक कार्यों से निवृत्त हो जाएं। फिर गंगा नदी में स्नान करें और अगर नदी में संभव न हो तो गंगाजल (कहां करना चाहिए गंगाजल का इस्तेमाल) घर के पानी में मिलाएं। गंगा नदी में स्नान के समय सूर्य देव को…

बगलामुखी व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| बगलामुखी व्रत पूजा विधि | | जातक सुबह नित्य कर्म और स्नान करने के बाद पूर्वमुखी होकर पीले रंग के वस्त्र धारण करें। माता को पीले आसान पर विराजमान करके, पूजा सामग्री एकत्रित करें। सामान्यजन इस दिन उपवास रखकर उन्हें पीले रंग के फूल, पीले रंग का चन्दन और पीले रंग के वस्त्र अर्पित…

સામા પાંચમ વ્રત કથા

|| સામા પાંચમ વ્રતની વિધિ || ઉપવાસ કરનારાએ સૂર્યોદય પહેલાં વહેલી સવારે ઉઠીને સ્નાન કરવું જોઈએ. સ્નાન પછી સ્વચ્છ વસ્ત્રો ધારણ કરવા. ઘરના પૂજા સ્થળને સારી રીતે સાફ કરવું. હળદરથી ચોરસ વર્તુળો બનાવી, તેના પર સાત ઋષિઓની પ્રતિષ્ઠા કરીને વ્રતનું સંકલ્પ કરવું. સાચા હૃદયથી સાત ઋષિઓની પૂજા કરવી. પૂજા સ્થળે માટીના વાસણની સ્થાપના કરવી. સપ્તર્ષિની…

शिव पार्वती विवाह कथा

|| शिव पार्वती विवाह कथा || माता पार्वती ने राजा हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। माता पार्वती भगवान शिव से विवाह करने की इच्छुक थीं। सभी देवता गण भी इसी मत के थे कि पर्वत राजकन्या पार्वती का विवाह शिव से होना चाहिए। देवताओं ने कन्दर्प को पार्वती की मद्द करने…

शिव पार्वती की अमरनाथ धाम कथा

|| शिव पार्वती की अमरनाथ धाम कथा || अमरनाथ धाम की कथा कुछ इस प्रकार से है की एक बार माता पार्वती ने महादेव से पूछा, ऐसा क्यों है कि आप अजर अमर हैं, लेकिन मुझे हर जन्म के बाद नए स्वरूप लेकर जीवन चक्र में आना पड़ता है, फिर बरसों तप करके आपको प्राप्त…

बसौड़ा व्रत कथा (शीतला अष्टमी)

।। बसौड़ा (शीतला अष्टमी) व्रत कथा ।। एक बार शीतला माता ने सोचा कि चलो आज देखूं कि धरती पर मेरी पूजा कौन करता है, कौन मुझे मानता है। यही सोचकर शीतला माता धरती पर राजस्थान के डुंगरी गाँव में आईं और देखा कि इस गाँव में मेरा मंदिर नहीं है, और ना ही मेरी…

टेसू झेंजी विवाह की पौराणिक कथा

।। टेसू झेंजी विवाह की पौराणिक कथा ।। एक वरदान के अनुसार, सबसे पहिले टेसू का विवाह होगा, फिर उसके बाद ही कोई विवाह उत्सव की प्रक्रिया प्रारंभ कर सकेगा। मान्यता के अनुसार, भीम के पुत्र घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक को महाभारत का युद्ध मे आते समय झेंजी से प्रेम हो गया। उन्होंने युद्ध से…

ललिता पंचमी व्रत कथा

|| ललिता पंचमी व्रत कथा || शारदीय नवरात्रि के समय, आश्विन शुक्ल पंचमी को ललिता पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व देवी ललिता को समर्पित है, जो माता सती पार्वती का ही एक रूप मानी जाती हैं। इस दिन भक्त ललिता पंचमी व्रत रखते हैं। देवी ललिता को ‘त्रिपुर सुंदरी’ भी कहा जाता…

ज्वाला माता की कथा एवं पूजा विधि

|| श्री ज्वाला देवी की पूजा के विधान || माता श्री ज्वाला देवी की पूजा तीन तरह से होती है- पंचोपचार विधि– पंचोपचार विधि से पूजन करने के लिए गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि मां की सेवा में प्रस्तुत करें और निवेदन करें कि हे माता! मैं अज्ञानी मूर्ख प्राणी हूं। मुझे पूजा पाठ…

रवि प्रदोष व्रत कथा और पूजा विधि

॥ रवि प्रदोष व्रत पूजा विधि ॥ रवि प्रदोष व्रत का पालन करने वाले व्यक्ति को प्रातः उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ हो जाना चाहिए। तत्पश्चात पूजा स्थल को स्वच्छ कर सूर्यदेव, भगवान शिव व देवी पार्वती का आवाहन करें। अब भगवान शिव को बेल पत्र तथा सूर्यदेव को अक्षत, फूल, धूप, दीप,…

फाल्गुन संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

|| फाल्गुन संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा || प्रत्येक माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। यह व्रत माता पार्वती के पुत्र श्री गणेश को समर्पित है। इस दिन विधिपूर्वक भगवान श्री गणेश जी की पूजा करनी चाहिए। फाल्गुन माह की संकष्टी चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के…

मनसा देवी व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| मनसा देवी पूजा विधि || साधना सामग्री लाल चन्दन की लकड़ी के टुकड़े नीला और सफ़ेद धागा (लगभग 8-8 उंगल का) कलश के लिए नारियल सफ़ेद व लाल वस्त्र पूजन में फल, पुष्प, धूप, दीप, पाँच मेवा आदि स्थापना सबसे पहले पूजा स्थान में एक बाजोट पर सफ़ेद रंग का वस्त्र बिछा दें। उस…

श्री विजय पार्वती व्रत कथा और पूजन विधि

|| विजया-पार्वती व्रत का पूजन || आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें। तत्पश्चात व्रत का संकल्प करके माता पार्वती का स्मरण करें। घर के मंदिर में शिव-पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। फिर शिव-पार्वती को कुमकुम, शतपत्र, कस्तूरी, अष्टगंध और फूल चढ़ाकर पूजा करें। नारियल,…

श्री सीता नवमी व्रत कथा और सीता नवमी पूजन विधि

|| सीता नवमी पूजन विधि || सीता नवमी के दिन सुबह नित्य कर्मों से निवृत्त होकर स्नान के पश्चात व्रत का संकल्प लें। एक लकड़ी के पटिये पर पीला वस्त्र बिछाकर माता सीता की श्रीराम सहित मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। राम-सीता की प्रतिमा पर श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं। इस दिन दूध, पुष्प, धूप, दीप…

श्री रामनवमी व्रत कथा

|| श्री रामनवमी की पौराणिक कथा || त्रेता युग में चैत्र मास की नवमी तिथि के दिन भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के घर में श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। श्रीराम का जन्म रावण के अंत के लिए हुआ था। श्रीराम को उनके सुशासन, मर्यादित व्यवहार और सदाचार युक्त शासन के…

श्री भैरवी व्रत कथा

|| माँ भैरवी की कथा || यह कथा भगवान शिव और उनकी पहली पत्नी माता सती से जुड़ी है। माता सती को ही उनकी दूसरी पत्नी माता पार्वती के रूप में पुनर्जन्म माना जाता है। भैरवी महाविद्या की कहानी के अनुसार, एक बार माता सती के पिता राजा दक्ष ने एक विशाल यज्ञ का आयोजन…

શનિવાર વ્રત કથા ઔર વ્રત વિધિ

|| શનિવાર વ્રત વિધિ || શનિવાર વ્રત હિંદૂ ધર્મ મેં શનિદેવ કો સમર્પિત એક મહત્વપૂર્ણ વ્રત હૈ. યહ વ્રત શનિદેવ કે પ્રકોપ સે બચને ઔર ઉનકી કૃપા પ્રાપ્ત કરને કે લિએ કિયા જાતા હૈ. શનિવાર કે દિન પ્રાતઃ સ્નાન આદિ કરને કે બાદ કાલા તિલ ઔર લૌંગ મિશ્રિત જલ પશ્ચિમ દિશા કી ઓર મુખ કરકે…

శనివార వ్రత కథా ఔర వ్రత విధి

|| శనివార వ్రత విధి || శనివార వ్రత హిందూ ధర్మ మేం శనిదేవ కో సమర్పిత ఏక మహత్వపూర్ణ వ్రత హై. యహ వ్రత శనిదేవ కే ప్రకోప సే బచనే ఔర ఉనకీ కృపా ప్రాప్త కరనే కే లిఏ కియా జాతా హై. శనివార కే దిన ప్రాతః స్నాన ఆది కరనే కే బాద కాలా తిల ఔర లౌంగ మిశ్రిత జల పశ్చిమ దిశా కీ ఓర ముఖ కరకే…

गंगा अवतरण राजा भगीरथ की कथा

|| गंगा अवतरण राजा भगीरथ की कथा || अयोध्या के महाराजा सगर की दो पत्नियां थीं जिनका नाम था केशिनी और सुमति। जब वर्षों तक महाराज सगर के कोई संतान नहीं हुई तो उन्होंने हिमालय में भृगु ऋषि की सेवा की। भृगु ऋषि ने उनकी सेवा से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान मांगने को कहा। सगर…

तारा रानी की कथा

|| तारा रानी की कथा || माता के जागरण में माता तारा रानी देवी की कथा कहने सुनने की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है बिना इस कथा के जागरण को संपूर्ण नहीं माना जाता है| कथा इस प्रकार है महाराजा दक्ष की दो पुत्रियां तारा देवी और रुक्मण भगवती दुर्गा देवी…

कोकिला व्रत कथा

|| कोकिला व्रत कथा || कोकिला व्रत से जुड़ी कथा का संबंध भगवान शिव एवं माता सती से जुड़ा है। माता सती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए लम्बे समय तक कठोर तपस्या को करके उन्हें पाया था। कोकिला व्रत कथा का वर्णन शिव पुराण में मिलता है। इस कथा के अनुसार देवी…

मंगळागौरीची कहाणी कथा

॥ मंगळागौरीची कहाणी कथा ॥ एक नगर होतं. तिथं एक वाणी होता. त्याला काही मुलगा नव्हता. त्याच्या घरी एक गोसावी येई, अल्लख म्हणून पुकारा करी. वाण्याची बायको भिक्षा आणी. निपुत्रिकाच्या हातची भिक्षा घेत नाही म्हणून चालता होई. ही गोष्ट तिनं नवर्‍याला सांगितली. त्यानं तिला एक युक्ति सांगि‍तली. दाराच्या आड लपून बस. अल्लख म्हणताच सुवर्णाची भिक्षा…

नृसिंह अवतरण पौराणिक कथा

|| नृसिंह अवतरण पौराणिक कथा || पौराणिक कथा के अनुसार, हिरण्यकश्यप को ब्रह्माजी से वरदान प्राप्त था कि वह न तो किसी मनुष्य द्वारा मारा जा सके न ही किसी पशु द्वारा। न दिन में मारा जा सके, न रात में, न जमींन पर मारा जा सके, न आसमान में। इस वरदान के नशे में…

कालयवन वध कथा

|| कालयवन वध कथा || कालयवन वध की कथा का वर्णन विष्णु पुराण के पंचम अंश के तेईसवें अध्याय मे किया गया है। कालयवन ऋषि शेशिरायण का पुत्र था। गर्ग गोत्र के ऋषि शेशिरायण त्रिगत राज्य के कुलगुरु थे। उन्होंने भगवान शिव की तपस्या की और एक अजेय पुत्र के लिए वार माँगा। भगवान शिव…

आशा दशमी पौराणिक व्रत कथा

|| आशा दशमी पौराणिक व्रत कथा || आशा दशमी की पौराणिक व्रत कथा, जो भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई थी, इस कथा के अनुसार प्राचीन काल में निषध देश में एक राजा राज्य करते थे, जिनका नाम नल था। उनके भाई पुष्कर ने युद्ध में जब उन्हें पराजित कर दिया, तब नल अपनी भार्या…

श्री रुक्मणी मंदिर प्रादुर्भाव पौराणिक कथा

|| श्री रुक्मणी मंदिर प्रादुर्भाव पौराणिक कथा || यदु वंशी श्रीकृष्ण दुर्वासा ऋषि को अपना कुलगुरु मानते थे। जब श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह हुआ तो वे अशीर्वाद प्राप्ति के लिए दुर्वासा ऋषि से मिलने के लिए उनके आश्रम पधारे, जो द्वारका से दूरी पर स्थित था। श्री कृष्ण ने ऋषि दुर्वासा को महल आने…

सीता अवतरण पौराणिक कथा

|| सीता अवतरण पौराणिक कथा || पौराणिक कथा के अनुसार मारवाड़ क्षेत्र में एक वेदवादी श्रेष्ठ धर्मधुरीण ब्राह्मण निवास करते थे। उनका नाम देवदत्त था। उन ब्राह्मण की बड़ी सुंदर रूपगर्विता पत्नी थी, उसका नाम शोभना था। ब्राह्मण देवता जीविका के लिए अपने ग्राम से अन्य किसी ग्राम में भिक्षाटन के लिए गए हुए थे।…

भक्त श्रीधर की कथा

|| भक्त श्रीधर की कथा || माता से जुड़ी एक पौराणिक कथा काफी प्रसिद्ध है जो माता के एक भक्त श्रीधर से जुड़ी है। इस कथा के अनुसार वर्तमान कटरा क़स्बे से 2 कि.मी. की दूरी पर स्थित हंसाली गांव में मां वैष्णवी के परम भक्त श्रीधर रहते थे, जो कि नि:संतान थे। संतान ना होने का…

गजलक्ष्मी व्रत कथा एवं पूजन विधि

|| गजलक्ष्मी व्रत की पूजा विधि || यह व्रत शाम के समय किया जाता है। इसलिए, शाम को स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और घर के मंदिर में माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। पूजा की तैयारी केसर मिश्रित चंदन से अष्टदल बनाएं और उस पर चावल रखें। एक जल से भरा कलश अवश्य…

महानंदा नवमी व्रत कथा व पूजा विधि

।। महानंदा नवमी व्रत पूजा विधि ।। ब्रह्म मुहूर्त में उठें (सूर्योदय से पहले का समय)। घर का कूड़ा-कचरा इकट्ठा करके सूप में डालें और उसे घर से बाहर कर दें। यह क्रिया अलक्ष्मी (दरिद्रता) का विसर्जन मानी जाती है। नित्यकर्मों (शौच आदि) से निवृत्त होकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल…

श्री विट्ठल व्रत कथा व पूजा विधि

|| विट्ठल पूजा विधि || विट्ठल, जिन्हें विठोबा के नाम से भी जाना जाता है, महाराष्ट्र, कर्नाटक और अन्य क्षेत्रों में पूजे जाने वाले एक प्रमुख देवता हैं। उनकी पूजा विशेष रूप से आषाढ़ी एकादशी और कार्तिक एकादशी के दिन बहुत धूमधाम से की जाती है। पूजा की तैयारी ब्रह्म मुहूर्त में उठना शुभ माना…

गाज माता व्रत कथा एवं पूजन विधि

|| गाज माता पूजन || गाज माता पूजन, जिसे गाज बीज पूजन भी कहते हैं, भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को किया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य कुल देवता की पूजा करना और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करना होता है। कुल देवता का पूजन दोपहर के समय किया जाता है। इस दिन कच्ची रसोई…

चातुर्मास व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| चर्तुमास पूजा विधि || चर्तुमास में भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। सबसे पहले चर्तुमास के दिनों मे जल्दी उठें । उसके बाद नहाकर साफ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। चर्तुमास के दिनों में भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें। चर्तुमास में भगवान विष्णु के मंत्र जाप करने से…

संतान सप्तमी व्रत की कथा

|| संतान सप्तमी व्रत की कथा || संतान सप्तमी व्रत संतान सुख प्रदान करने वाला व्रत है। इस व्रत से संतान को आरोग्य और दीघायु की प्राप्ति होती है। भगवान श्रीकृष्ण ने एक बार पांडु पुत्र युधिष्ठिर को भाद्र मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के महत्व को बताते हुए कहा था कि इस…

मकर संक्रांति व्रत कथा

|| मकर संक्रांति व्रत कथा || पौराणिक कथा के अनुसार, राजा सगर अपने परोपकार और पुण्य कर्मों के लिए तीनों लोकों में प्रसिद्ध हो गए थे। चारों ओर उनकी ही प्रशंसा हो रही थी। यह देख देवताओं के राजा इंद्र चिंतित हो गए कि कहीं राजा सगर स्वर्ग के राजा न बन जाएं। इसी दौरान…

मकर संक्रांति – धर्मराज की कहानी

मकर संक्रांति 2026 का पावन पर्व 14 जनवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य दोपहर 03:13 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ ही ‘उत्तरायण’ काल आरंभ होगा और ‘खरमास’ समाप्त हो जाएगा, जिससे विवाह जैसे शुभ कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा।…

मौनी अमावस्या व्रत कथा और पूजा विधि

॥ मौनी अमावस्या पूजा विधि ॥ मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहुर्त में उठ कर और नित्य क्रियाओं से निवृत्त हो कर गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा विधि अनुसार करनी चाहिए। पूजा करते समय भगवान विष्णु को पीले फूल, केसर, घी, दिपक और…

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