|| अजब हैरान हूं भगवन! तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं ||
अजब हैरान हूं भगवन!
तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं ।
कोई वस्तु नहीं ऐसी,
जिसे सेवा में लाऊं मैं ॥
करें किस तौर आवाहन कि,
तुम मौजूद हो हर जां ।
निरादर है बुलाने को,
अगर घंटी बजाऊं मैं ॥
तुम्हीं हो मूर्ति में भी,
तुम्हीं व्यापक हो फूलों में ।
भला भगवान पर,
भगवान को कैसे चढाऊं मैं ॥
लगाना भोग कुछ तुमको,
यह एक अपमान करना है ।
खिलाता है जो सब जग को,
उसे कैसे खिलाऊं मैं ॥
तुम्हारी ज्योति से रोशन हैं,
सूरज-चांद और तारे ।
महा अन्धेर है कैसे तुम्हें,
दीपक दिखाऊं मैं ॥
भुजाएं हैं। न गर्दन है,
न सीना है न पेशानी ।
तुम हो निर्लेप नारायण,
कहां चंदन लगाऊँ मैं ॥
बड़े नादान है वे जन,
जो गढ़ते आपकी मूरत ।
बनाता है जो सब जग को,
उसे कैसे बनाऊँ मैं ॥
अजब हैरान हूं भगवन!
तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं ।
कोई वस्तु नहीं ऐसी,
जिसे सेवा में लाऊं मैं ॥
अजब हैरान हूं भगवन!
तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं ।
कोई वस्तु नहीं ऐसी,
जिसे सेवा में लाऊं मैं ॥
- hindiआज सोमवार है ये शिव का दरबार
- hindiआये है दिन सावन के
- hindiआ जाओ भोले बाबा मेरे मकान में
- hindiआ रही है पालकी
- hindiअब दया करो हे भोलेनाथ
- hindiआयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार
- hindiआया पावन सोमवार
- hindiआओ आ जाओ भोलेनाथ
- hindiभक्तो का कल्याण करे रे, मेरा शंकर भोला
- hindiबम बम भोले बोल योगिया
- hindiबोली गौरी सुनो भोला, बात मेरी ध्यान से सुनलो
- hindiबता मेरे भोले बाबा रे, तेरी कैसे महिमा गाऊं
- hindiबम बम भोला, पहना सन्यासी चोला
- hindiबम बाज रही भोले की, चारों दिशाएं
- hindiगलियां जरा सजा दो, महाकाल आ रहे है
Found a Mistake or Error? Report it Now

