फागुन की रुत फिर से आई, खाटू नगरी चालो
|| फागुन की रुत फिर से आई, खाटू नगरी चालो || फागुन की रुत फिर से आई, खाटू नगरी चालो, श्याम निशान उठालो, श्याम कुंड के पावन जल में, चलके डुबकी लगालो, श्याम निशान उठालो ॥ गाँव-गाँव और शहर-शहर से, तेरी प्रेमी जाते, लाखों-लाखों रंग-बिरंगे, श्याम ध्वजा लहराते, श्याम का जयकारा करते, करते खाटू को…