संतोषी मातेची आरती

संतोषी माता ही समाधानाची आणि धैर्याची देवता मानली जाते. ‘शुक्रवार’ हा संतोषी मातेचा खास दिवस असून, अनेक भाविक या दिवशी व्रत आणि पूजन करतात. मातेची आरती गायल्याने मनाला शांती मिळते आणि घरातील नकारात्मकता दूर होते, अशी श्रद्धा आहे. संतोषी मातेच्या आरतीमध्ये तिचे वैभव आणि भक्तांवरील कृपेचे वर्णन केले आहे. ही आरती श्रद्धेने म्हटल्यास जीवनातील दु:ख…

Santoshi Mata Vrat – संतोषी माता व्रत क्यों माना जाता है चमत्कारी? जानें 16 शुक्रवार व्रत की विधि, नियम और अद्भुत लाभ

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संतोषी माता व्रत मानसिक शांति और मनोकामना पूर्ति हेतु चमत्कारी माना जाता है। यह श्रद्धापूर्वक लगातार 16 शुक्रवार तक किया जाता है। पूजा में गुड़-चना और जल भरा कलश रखें। माता की कथा सुनें और अंत में आरती करें। इस व्रत का सबसे अनिवार्य नियम खट्टी वस्तुओं (नींबू, दही, अचार) का पूर्ण त्याग है। व्रत…

मासिक दुर्गाष्टमी व्रत कथा

मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत मां दुर्गा को समर्पित एक अत्यंत शुभ और कल्याणकारी उपवास है। हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। इस दिन भक्त मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करते हैं और उनकी पावन व्रत कथा का पाठ करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब महिषासुर नामक…

শ্রী দেবী দুর্গা কবচ

The Shri Devi Durga Kavach is a powerful Vedic prayer found in the Markandeya Purana. It acts as a spiritual armor, invoking Goddess Durga’s divine energy to protect the devotee from all directions. Reciting or reading the Durga Kavach is believed to remove obstacles, ward off negative energies, and bestow mental peace and fearlessness. For…

दुर्गा जी आरती

माँ दुर्गा की आरती (Durga ji Aarti PDF) हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह आरती न केवल देवी दुर्गा के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का एक माध्यम है, बल्कि यह भक्तों के मन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार भी करती है। ‘जय अम्बे गौरी’ आरती के गायन से घर का…

सम्पूर्ण दुर्गा कवच पाठ (विधि और लाभ)

श्री दुर्गा कवच मार्कण्डेय पुराण के ‘देवी महात्म्य’ का एक अत्यंत शक्तिशाली और महत्वपूर्ण अंश है। आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार, इसका नियमित पाठ व्यक्ति के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा (कवच) तैयार करता है, जो नकारात्मक ऊर्जाओं, भय और बाधाओं से रक्षा करता है। इसमें देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों का आह्वान किया गया है,…

श्री दुर्गा माता स्तुति

माँ दुर्गा की महिमा अपार है, और उनकी स्तुति करना भक्तों के लिए शक्ति, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। श्री दुर्गा माता स्तुति एक अत्यंत प्रभावशाली प्रार्थना है, जिसके नियमित पाठ से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। नवरात्रि के पावन अवसर पर या…

Shri Durga Devi Kavacham

The Durga Devi Kavacham is a powerful spiritual hymn from the Markandeya Purana, often recited as a prelude to the Durga Saptashati. The word “Kavacham” literally translates to “armour,” and this Kavacham acts as a divine shield, protecting the devotee from negative energies, illnesses, and unforeseen dangers. Consisting of 47 verses, it invokes various forms…

नवपत्रिका पूजा 2026 – जानिए महालक्ष्मी स्वरूप नौ पत्तियों की पूजा विधि, महत्व और रहस्य

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भारतीय संस्कृति में त्योहार केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध का प्रतीक हैं। दुर्गा पूजा और नवरात्रि का आगमन ऐसे ही एक विशेष पर्व, “नवपत्रिका पूजा” (Navpatrika Puja) के साथ होता है। यह पूजा, जिसमें नौ तरह के पौधों और पत्तियों का उपयोग होता है, प्रकृति को देवी शक्ति…

Bilv Nimantran 2026 – बिल्व निमन्त्रण की अद्भुत कथा, बिल्व निमन्त्रण क्यों माना जाता है शुभ?

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“बिल्व निमंत्रण 2026” दुर्गा पूजा के पावन उत्सव की आध्यात्मिक शुरुआत का प्रतीक है। वर्ष 2026 में, यह महत्वपूर्ण अनुष्ठान 16 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। हर वर्ष की तरह, शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि को “बिल्व निमन्त्रण” का महापर्व मनाया जाता है। यह एक ऐसा अनुष्ठान है जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण…

भुवनेश्वरी जयंती 2026 – शक्ति की अधीश्वरी देवी का जन्मोत्सव, जानें पूजा विधि और रहस्य, क्यों यह तिथि तांत्रिक साधकों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है

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भुवनेश्वरी जयंती का पर्व माँ भुवनेश्वरी को समर्पित है, जो दस महाविद्याओं में चौथी शक्ति मानी जाती हैं। वर्ष 2026 में, भुवनेश्वरी जयंती 22 सितंबर, मंगलवार को मनाई जाएगी (पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल द्वादशी)। माँ भुवनेश्वरी को “ब्रह्मांड की रानी” माना जाता है। उनकी साधना से साधक को ऐश्वर्य, ज्ञान और मानसिक शांति की…

सन्धि पूजा 2026 – नवरात्रि की सर्वश्रेष्ठ पूजा क्यों? जानें सही समय, विधि और चमत्कारी लाभ

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सन्धि पूजा दुर्गा पूजा का सबसे महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली क्षण माना जाता है। वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की मुख्य सन्धि पूजा 19 अक्टूबर को होगी। यह पूजा अष्टमी तिथि के अंतिम 24 मिनट और नवमी तिथि के शुरुआती 24 मिनट के संगम (कुल 48 मिनट) पर की जाती है। नवरात्रि का…

दुर्गा विसर्जन 2026 – क्यों होता है विसर्जन जल में? जानिए दुर्गा विसर्जन का वैज्ञानिक और धार्मिक रहस्य

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दुर्गा विसर्जन शारदीय नवरात्रि के उत्सव का समापन बिंदु है। वर्ष 2026 में, माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन 20 अक्टूबर को किया जाएगा। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ‘विजयादशमी’ के रूप में मनाया जाता है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जीवन के एक गहरे दार्शनिक (Philosophical)…

Navratri 2026 – नवरात्रि में क्यों होता है माता का जागरण? जाने महत्व, समय, अन्य रोचक बातें

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नवरात्रि में माता का जागरण, भक्ति और आस्था का संगम होता है। यह न केवल देवी दुर्गा की पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह आध्यात्मिक उन्नति और मनोरंजन का भी साधन है। नवरात्रि 2026 में माता का जागरण, भक्ति, आस्था, और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक है। यह देवी दुर्गा की पूजा का एक…

Navratri 2026 – क्या आप जानते हैं? नवरात्रि के दौरान ये गलतियां नहीं करनी चाहिए!

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नवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो शक्ति उपासना और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। इस नौ दिवसीय पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। सही विधि से उपवास और पूजा करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक और मानसिक शांति मिलती है, लेकिन यदि कुछ गलतियां की जाएं तो इसका…

2026 Navratri Hawan Mantra List – नवरात्रि हवन मंत्र, संपूर्ण विधि एवं सामग्री सूची

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नवरात्रि के पावन अवसर पर, माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने हेतु हवन करना एक अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। हवन के लिए दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का प्रयोग किया जाता है, जैसे कि ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ या अन्य देवी मंत्र। हवन की विधि में सबसे पहले हवन कुंड को स्थापित कर अग्नि…

2026 Navratri Bhog 9 Days List – नवरात्रि के नौ दिनों में माता रानी को लगाएं इन वस्तुओं का भोग, देखें पूरी सूची

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नवरात्रि 2026, हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और श्रद्धापूर्ण त्योहारों में से एक है, जो भक्तिभाव, उपवास और उल्लास का समय होता है। इस नौ दिवसीय उत्सव में भक्त देवी दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है। नवरात्रि के हर दिन देवी दुर्गा के एक विशेष रूप की पूजा…

Chaitra Navratri 2026 – कब से शुरू हो रहे हैं चैत्र नवरात्र? जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

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वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह उत्सव चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है, जो हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) की शुरुआत का भी प्रतीक है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के…

गुप्त नवरात्रि व्रत (माघ नवरात्रि) कथा एवं पूजा विधि

माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मनाई जाने वाली गुप्त नवरात्रि 2026 में 19 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी तक चलेगी। सामान्य नवरात्रि की तुलना में गुप्त नवरात्रि साधना और तंत्र विद्या के लिए विशेष मानी जाती है। इसमें माता के नौ स्वरूपों के साथ-साथ 10 महाविद्याओं की अत्यंत…

Shardiya Navratri 2026 – क्या है इस नवरात्रि का विशेष योग? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर (रविवार) से शुरू होकर 20 अक्टूबर (मंगलवार) तक मनाया जाएगा। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना (घटस्थापना) के साथ इस उत्सव का आरंभ होगा। इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता,…

नवरात्रि 2026 – घटस्थापना विधि और शुभ मुहूर्त, नवरात्रि के पहले दिन की संपूर्ण जानकारी (Navratri Ghatasthapana Vidhi and Shubh Muhurat)

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वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ संपन्न होगा। यह नौ दिन माँ दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक की आराधना के लिए समर्पित होंगे। नवरात्रि का पावन पर्व, जो मां दुर्गा (Maa Durga) की आराधना का प्रतीक है,…

नवरात्रि 2026 – आरती, मंत्र, व्रत कथा और माँ दुर्गा की कृपा पाने के सरल उपाय

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वर्ष 2026 में नवरात्रि का पावन पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र और अश्विन मास में मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्रि, जो सबसे प्रमुख मानी जाती है, उसकी शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी और समापन 21 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी (दशहरा) के साथ होगा। नवरात्रि, जो कि एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है ‘नौ…

नवरात्रि 2026 में शैलपुत्री पूजा विधि, कथा और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी (Navratri Shailputri Puja, Date, Method, Story and Auspicious Time)

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वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का उत्सव 12 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर (विजयादशमी) तक मनाया जाएगा। यह नौ दिनों का पावन पर्व देवी दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों – शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक – की उपासना को समर्पित है। नवरात्रि का पावन पर्व, जो पूरे नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ…

शाकम्भरी देवी की कथा

शाकम्भरी देवी मां दुर्गा के अत्यंत दयालु और ममतामयी स्वरूपों में से एक हैं। ‘शाकम्भरी’ का अर्थ है ‘शाक (वनस्पतियों) को धारण करने वाली’। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब पृथ्वी पर भीषण अकाल पड़ा और प्राणी अन्न-जल के अभाव में मरने लगे, तब भक्तों के करुण पुकार पर माता ने अवतार लिया। देवी ने अपने…

नवरात्रि 2026 – माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना से कैसे खोलें अपने करियर का भाग्य द्वार?

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नवरात्रि, हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पावन पर्व, माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का समय है। इस दौरान भक्तजन अपनी श्रद्धा और भक्ति से माँ को प्रसन्न करते हैं और उनसे सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, और सफलता का वरदान मांगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन नौ स्वरूपों की उपासना आपके करियर…

मासिक दुर्गाष्टमी 2026 में कब-कब है विशेष तिथि? मासिक दुर्गाष्टमी क्यों मानी जाती है शुभ? जानिए इसकी रहस्यमयी शक्ति और व्रत की पूरी प्रक्रिया!

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हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है। वर्ष 2026 में भी यह पावन तिथि शक्ति की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जय माता दी! हर महीने जब दुर्गाष्टमी आती है, तो हमारे मन में एक अलग ही ऊर्जा और भक्ति का…

Chaitra Navratri 2026 – चैत्र नवरात्रि पूजा मंत्र

साल 2026 में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च, शुक्रवार तक मनाया जाएगा। यह त्योहार हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) के आगमन का प्रतीक है और नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष…

चैत्र नवरात्रि 2026 – घर पर मां दुर्गा की आरती कैसे करें? दुर्गा की आरती के लाभ, पूजा विधि और मंत्र

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वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च (गुरुवार) से शुरू होकर 27 मार्च (शुक्रवार) तक मनाया जाएगा। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होता है, जो ‘हिंदू नव वर्ष’ (विक्रम संवत 2083) के आगमन का भी प्रतीक है। इन नौ दिनों में…

क्या है जब भगवान शिव को भी मांगनी पड़ी थी भिक्षा? अन्नपूर्णा जयंती की अनसुनी कथा!

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भारतीय संस्कृति में अन्न को ‘ब्रह्म’ (Brahma) के समान पूजनीय माना गया है। यह सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि जीवन का आधार, ऊर्जा और साक्षात देवी का रूप है। और जब हम अन्न की बात करते हैं, तो अनायास ही ‘मां अन्नपूर्णा’ (Maa Annapurna) का नाम मुख पर आ जाता है। मार्गशीर्ष माह (Margashirsha Month) की…

श्री जगद्धात्री स्तोत्रम्

श्री जगद्धात्री स्तोत्रम् माँ जगद्धात्री को समर्पित एक दिव्य स्तुति है। ‘जगद्धात्री’ का अर्थ है संसार को धारण करने वाली। यह स्तोत्र देवी के आधार-स्वरूप और पालनकर्ता रूप का गुणगान करता है। इसमें माँ को शक्तिरूपेण और जगदानन्दे (जगत को आनंद देने वाली) कहकर नमन किया गया है। भक्त उन्हें दुःखमोचनी और सर्वापत्तारिका (सभी विपत्तियों…

किचन में रखें इन 7 बातों का ध्यान, अन्नपूर्णा जयंती पर बरसेगी माँ की कृपा और आएगी सुख-समृद्धि।

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हर घर की रसोई (Kitchen) सिर्फ भोजन बनाने का स्थान नहीं, बल्कि वह पवित्र कोना है जहाँ माँ अन्नपूर्णा (Maa Annapurna) निवास करती हैं। अन्नपूर्णा जयंती (Annapurna Jayanti) का दिन, जो मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, इस बात का स्मरण कराता है कि भोजन का सम्मान और रसोई की पवित्रता कितनी आवश्यक…

मां अन्नपूर्णा को कैसे करें प्रसन्न? जयंती पर करें ये 5 अचूक काम, कभी खाली नहीं होगा अन्न का भंडार।

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मार्गशीर्ष माह (Margashirsha Month) की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाने वाली ‘अन्नपूर्णा जयंती’ (Annapurna Jayanti) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह दिन देवी अन्नपूर्णा के धरती पर अवतरण का प्रतीक है, जिन्हें माँ पार्वती (Maa Parvati) का ही एक स्वरूप माना जाता है और जो अन्न, समृद्धि और पोषण की देवी हैं। ऐसा…

अन्नपूर्णा देवी कौन हैं? जानें उनके 108 नाम और जयंती का गहरा रहस्य। (Maa Annapurna, The Goddess of Food and Her Secrets)

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भारतीय संस्कृति में अन्न को ‘ब्रह्म’ (The Ultimate Reality) माना गया है, और इसी अन्न की अधिष्ठात्री देवी हैं – माता अन्नपूर्णा। उनका नाम दो शब्दों से मिलकर बना है: ‘अन्न’ (अनाज/भोजन) और ‘पूर्णा’ (पूर्ण, भरपूर)। यानी, वह देवी जो हर जीव के लिए भोजन के भंडार को हमेशा भरा रखती हैं। इनकी उपासना केवल…

क्यों मानी जाती है बंगाल महा नवमी विशेष? जानें शक्ति उपासना और लोक परंपराएं

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बंगाल की दुर्गा पूजा (Durga Puja) दुनिया भर में प्रसिद्ध है, और इस भव्य उत्सव का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है ‘महा नवमी’ (Maha Navami)। यह सिर्फ एक पूजा नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक महापर्व है जो शक्ति उपासना और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम दिखाता है। जहां एक ओर पूरा देश इस दिन माँ सिद्धिदात्री की…

क्या है दुर्गा बलिदान की पौराणिक कथा? जानें शक्ति और बल का गहन संबंध

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भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में ‘शक्ति’ (Power) का महत्व सर्वोपरि रहा है। देवी दुर्गा उसी शक्ति का सर्वोच्च प्रतीक हैं, जिनकी आराधना का पर्व ‘नवरात्रि’ (Navaratri) उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस नौ दिवसीय उत्सव के अंतिम महत्वपूर्ण चरण, महानवमी (Maha Navami) को एक विशेष अनुष्ठान किया जाता है, जिसे ‘दुर्गा बलिदान’…

महा नवमी पर क्यों किया जाता है कन्या पूजन? जानें व्रत कथा, नियम और धार्मिक रहस्य (Maha Navami Kanya Pujan)

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चैत्र और शारदीय नवरात्रि (Navratri) का पर्व आदि शक्ति मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का महापर्व है। नौ दिनों तक चलने वाली यह साधना अष्टमी (Ashtami) या नवमी (Navami) तिथि पर कन्या पूजन (Kanya Pujan) के साथ पूर्ण मानी जाती है। विशेष रूप से महा नवमी के दिन, माँ सिद्धिदात्री की पूजा के…

मैया का चोला है रंगला – नवरात्रि माता के भजन

|| मैया का चोला है रंगला – भजन || लाली मेरी मात की, जित देखु तीत लाल, लाली देखन मै गया, मै भी हो गया लाल ॥ मैया का चोला है रंगला, शेरोवाली का चोला है रंगला, मेहरोवाली का चोला है रंगला, जोतावाली का चोला है रंगला, अंबे रानी का चोला है रंगला, माँ वैष्णो का…

ओढ़ के चुनरिया लाल मैया जी मेरे घर आना – नवरात्रि माता के भजन

|| ओढ़ के चुनरिया लाल मैया जी मेरे घर आना – भजन || ओढ़ के चुनरिया लाल, मैया जी मेरे घर आना, मैया जी मेरे घर आना, मैया जी मेरे घर आना, ओढ़ के चुनरियाँ लाल, मैया जी मेरे घर आना ॥ आप भी आना, गणपतिजी को लाना, आप भी आना, गणपतिजी को लाना, रिद्धि सिद्धि…

आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा – नवरात्रि माता के भजन

|| आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा – भजन || आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा । दिल ने पुकारा तू है मेरा सहारा माँ ॥ शेरांवाली, जोतांवाली, मेहरांवाली माँ । आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ॥ प्रेम से बोलो, जय माता दी । सारे बोलो, जय माता दी । मिल के…

ये मैया मेरी है, सबसे बोल देंगे हम – नवरात्रि माता के भजन

|| ये मैया मेरी है, सबसे बोल देंगे हम – भजन || ये मैया मेरी है, सबसे बोल देंगे हम, तोड़ के दुनिया से नाता, माँ तुमसे जोड़ लेंगे हम, ये मैया मेरी हैं, सबसे बोल देंगे हम ॥ तुम्हारा ही भरोसा है, तुम्हारा ही सहारा है, मेरी आँखो के आगे माँ, बस तेरा ही नजारा…

मेरी मैया जी कर दो नज़र – नवरात्रि माता के भजन

|| मेरी मैया जी कर दो नज़र – भजन || मेरी मैया जी कर दो नज़र, ज़िन्दगी मेरी जाए संवर, मेरी मईया जी कर दो नज़र ॥ तेरे द्वारे हूँ कबसे खड़ी, हाथ फूलों की लेकर लड़ी, आस दिल में है दीदार की, मैं हूँ प्यासी तेरे प्यार की, देख दामन ये खाली मेरा, मेरी…

मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी – नवरात्रि माता के भजन

|| मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी – भजन || मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी, किस जगह तेरा जलवा नहीं है, तेरा जलवा कोई कोई देखे, हर किसी का मुकद्दर नहीं है, तेरा जलवा जलवा जलवा, तेरा जलवा जलवा जलवा, तेरा जलवा कोई कोई देखे, हर किसी का मुकद्दर नहीं है ॥ मेरी मैया के दर पे…

चौसठ जोगनी रे – नवरात्रि माता के भजन

|| चौसठ जोगनी रे – भजन || चौसठ जोगणी रे भवानी, देवलिये रमजाय, घूमर घालणि रे भवानी, देवलिये रमजाय ॥ देवलिये रमजाय म्हारे, आंगणिये रमजाय, चौसठ जोगणी रे भवानी, देवलिये रमजाय, घूमर घालणि रे भवानी, देवलिये रमजाय ॥ हंस सवारी कर मोरी मैया, ब्रम्हा रूप बणायो, ब्रम्हा रूप बणायो नवदुर्गा, ब्रम्हा रूप बणायो, चार वेद…

अंगना पधारो महारानी – नवरात्रि माता के भजन

|| अंगना पधारो महारानी – भजन || अंगना पधारो महारानी, मोरी शारदा भवानी, शारदा भवानी मोरी, शारदा भवानी, करदो कृपा महारानी, मोरी शारदा भवानी, अंगना पधारो महारानी ॥ ऊँची पहड़िया पे मंदिर बनो है, मंदिर में मैया को आसन लगो है, आसन पे बैठी महारानी, मोरी शारदा भवानी, अंगना पधारो महारानी ॥ रोगी को काया…

तेरे दरबार में मैया – नवरात्रि माता के भजन

|| तेरे दरबार में मैया – भजन || तेरी छाया मे, तेरे चरणों मे, मगन हो बैठूं, तेरे भक्तो मे ॥ तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है, जिंदगी मिलती है रोतों को हँसी मिलती है ॥ इक अजब सी मस्ती तन मन पे छाती है, हर इक जुबां तेरे ओ मैया गीत गाती है, बजते…

तेरे दर पे ओ मेरी मैया – नवरात्रि माता के भजन

|| तेरे दर पे ओ मेरी मैया – भजन || तेरे दर पे ओ मेरी मईया, तेरे दीवाने आए हैं, भर दे झोली मईया भोली, बिगड़ी बनाने आए हैं, तेरे दर पे ओ मेरी मैया, तेरे दीवाने आए हैं ॥ हो जाए करम उसपे जपे, जो तेरी माला, तू चाहे तो खुल जाए, तकदीर का ताला,…

भोर भई दिन चढ़ गया – नवरात्रि माता के भजन

|| भोर भई दिन चढ़ गया – भजन || भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, हो रही जय जय कार मंदिर विच आरती जय माँ । हे दरबारा वाली आरती जय माँ । ओ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥ काहे दी मैया तेरी आरती बनावा, काहे दी पावां विच बाती, मंदिर विच आरती…

तेरे पावन माँ नवरात्रों में, ज्योत तेरी जगाए हुए हैं – नवरात्रि माता के भजन

|| तेरे पावन माँ नवरात्रों में, ज्योत तेरी जगाए हुए हैं – भजन || तेरे पावन माँ नवरात्रों में, ज्योत तेरी जगाए हुए हैं, जबसे लागी माँ तुम्हारी, सारी दुनिया भुलाये हुए हैं, तेरे पावन मां नवरात्रों में, ज्योत तेरी जगाए हुए हैं ॥ बजे मंदिरों में शंकर का डमरू, गूंजे दिन रात नारद की…

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