दिलदार कन्हैया ने मुझको अपनाया है – भजन
दिलदार कन्हैया ने मुझको अपनाया है तर्ज – बचपन की मोहब्बत को दिलदार कन्हैया ने, मुझको अपनाया है, रस्ते से उठा करके, सीने से लगाया है || ना कर्म ही अच्छे थे, ना भाग्य प्रबल मेरा, ना सेवा करि तेरी, ना नाम कभी तेरा, ये तेरा बड़प्पन है, मुझे प्रेम सिखाया है, रस्ते से उठा…