गोवत्स द्वादशी (Bach Baras) 2026 – पुत्र की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए अद्भुत व्रत

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गोवत्स द्वादशी, जिसे बछ बारस के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व गाय और उसके बछड़े के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। 2026 में गोवत्स द्वादशी 5 नवंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह कार्तिक मास के…

धनतेरस 2026 शुभ मुहूर्त – सोना-चाँदी से बर्तन तक, धनतेरस के दिन क्या खरीदें? जाने पूजा विधि और खरीदारी से जुड़ी खास टिप्स

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दीपावली का त्यौहार 5 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और भाई दूज के दिन खत्म होता है। हर साल धनतेरस 2026 कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा होती है। इसके अगले दिन छोटी…

काली चौदस 2026 – नरक चतुर्दशी का रहस्य, क्यों इस दिन होती है यमराज और काली मां की पूजा?

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काली चौदस, जिसे नरक चतुर्दशी या ‘छोटी दीपावली’ भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में काली चौदस 7 नवंबर, शनिवार को मनाई जाएगी। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस दिन चतुर्दशी तिथि सुबह 10:47 बजे शुरू होकर अगले दिन 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे समाप्त होगी। दिवाली…

यम दीपम 2026 का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि – यम दीपम का महत्व, क्यों कहते हैं इसे अकाल मृत्यु निवारण दीप (Yam Deepam)

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यम दीपम (Yama Deepam) दीपावली उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्ष 2026 में यम दीपम 6 नवंबर को मनाया जाएगा। यह विशेष अनुष्ठान कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (धनतेरस) की शाम को किया जाता है। दीपावली का त्योहार (Diwali Festival) सिर्फ खुशियों और रोशनी का पर्व नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति (Sanatana…

चित्रगुप्त पूजा 2026 चित्रगुप्त पूजा कैसे करें? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और व्रत कथा

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चित्रगुप्त पूजा 2026 का पर्व 11 नवंबर, बुधवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि (यम द्वितीया) को होने वाली यह पूजा विशेष रूप से कायस्थ समाज द्वारा की जाती है। भगवान चित्रगुप्त को यमराज का सहायक और ब्रह्मांड के समस्त प्राणियों के कर्मों का लेखा-जोखा…

अन्नकूट महाप्रसाद 2026 – गोवर्धन पूजा में क्यों होता है अन्नकूट का विशेष महत्व?

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वर्ष 2026 में अन्नकूट महाप्रसाद और गोवर्धन पूजा का पावन पर्व 10 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को आयोजित होने वाला यह उत्सव भगवान श्रीकृष्ण के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है। हर साल दीवाली (Diwali) के ठीक अगले दिन, कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि…

यम द्वितीया व्रत 2026 – जानें पूजन विधि, महत्व और यमराज के आशीर्वाद का रहस्य

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यम द्वितीया, जिसे भाई दूज के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। वर्ष 2026 में यह पर्व 10 नवंबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। सनातन धर्म में दिवाली का त्योहार (festival) पंच दिवसीय होता है और इसका अंतिम दिन…

बलि प्रतिपदा 2026 – क्यों मनाया जाता है राजा बलि का यह पर्व? जानें पूजा विधि, महत्व और पौराणिक कथा

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बलि प्रतिपदा, जिसे बलि पूजा या दीवाली पड़वा के नाम से भी जाना जाता है, वर्ष 2026 में 10 नवंबर, मंगलवार को मनाई जाएगी। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। प्रकाश पर्व दीपावली (Diwali) के अगले दिन, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को एक…

कूर्म द्वादशी 2026 – भगवान विष्णु ने क्यों लिया था कछुआ अवतार? जानें समुद्र मंथन की पूरी कथा और पूजा विधि

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हिंदू धर्म में, भगवान विष्णु के दस अवतारों (Ten Avatars) का विशेष महत्व है। इनमें से एक अद्वितीय और महत्वपूर्ण अवतार है कूर्म अवतार (कछुआ रूप)। कूर्म द्वादशी का पावन पर्व इसी अवतार को समर्पित है। हर साल पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को यह व्रत और पूजन किया जाता है। आइए,…

Kartik Month 2026 – कार्तिक मास में क्या करें, क्या न करें? कार्तिक माह क्यों है विशेष?

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास 2026 अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला महीना होगा। वर्ष 2026 में यह शुभ महीना 27 अक्टूबर (मंगलवार) से शुरू होकर 24 नवंबर (मंगलवार) तक चलेगा। कार्तिक मास हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दौरान कई…

देवउठनी एकादशी 2026 – सम्पूर्ण कथा, पूजा विधि, महत्व और व्रत के नियम

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वर्ष 2026 में देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) 20 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की यह तिथि अत्यंत शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा (चातुर्मास) के बाद जागते हैं। देवउठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी…

सूर संहारम पर्व 2026 – जानें तिथि, कथा और पूजा विधि विस्तार से (Soorasamharam Story – Puja Vidhi)

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सूर संहारम (Soorasamharam) भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की असुर राज सूरपद्मन पर विजय का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 15 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। यह उत्सव मुख्य रूप से तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में ‘स्कंद षष्ठी’ व्रत के समापन के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में त्योहारों का…

लाभ पंचमी 2026 – क्यों है लाभ पंचमी का दिन खास? जानिए पूजन, कथा और फायदे

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लाभ पंचमी, जिसे ‘सौभाग्य पंचमी’ या ‘ज्ञान पंचमी’ भी कहा जाता है, दीपावली उत्सव का अंतिम दिन और नए व्यापारिक कार्यों के शुभारंभ का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह पर्व 14 नवंबर, शनिवार को मनाया जाएगा। भारत, जहां हर दिन एक नया उत्सव और हर त्योहार एक नई कहानी लेकर आता है, उन अनमोल त्योहारों…

तामस मन्वादि 2026 – क्या आप जानते हैं ‘तामस मन्वादि’ का अर्थ? जानें यह तिथि क्यों है हर हिंदू के लिए ज़रूरी।

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तामस मन्वादि हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक तिथि है। वर्ष 2026 में तामस मन्वादि 21 नवंबर, शनिवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को पड़ती है। हर साल हिन्दू पंचांग में कई महत्वपूर्ण तिथियां आती हैं, जिनमें से एक है मन्वादि तिथि।…

भैया दूज 2026 – जानिए शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा और भाई-बहन के लिए विशेष महत्व

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भैया दूज का पावन पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह त्योहार 11 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को आता है, जिसे ‘यम द्वितीया’ भी कहा जाता है। भैया दूज, जिसे भाई दूज, यम…

Chhath Puja 2026 Samagri List – छठी मैया की पूजा सामग्री और नियमों की पूरी जानकारी

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छठ पूजा 2026, सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का एक महापर्व है। यह विशेष रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। 2026 में, मुख्य छठ पूजा 15 नवंबर को मनाई जाएगी। छठ पूजा में पूजा सामग्री का विशेष महत्व होता है। मुख्य सामग्री में पीतल का…

Akshaya Navami 2026 – क्यों कहलाती है अक्षय नवमी अमर फलदायिनी तिथि? क्यों की जाती है आंवले के वृक्ष की पूजा?

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वर्ष 2026 में अक्षय नवमी, जिसे ‘आंवला नवमी’ भी कहा जाता है, 18 नवंबर (बुधवार) को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। (Akshaya Navami) यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आती है और इसका हिंदू धर्म में…

जलाराम बापा जयंती 2026 – संत जलाराम की करुणा और सेवा भाव से जुड़े अद्भुत रहस्य

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संत शिरोमणि जलाराम बापा की जयंती प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह शुभ अवसर 15 नवंबर (रविवार) को पड़ेगा। यह पर्व केवल एक संत का जन्मदिन नहीं है, बल्कि मानव सेवा और निःस्वार्थ करुणा की उस अद्भुत गाथा का स्मरण है, जिसने लाखों…

तमिल दीपावली 2026 – क्यों होती है तमिल दीपावली अनोखी? जानें दक्षिण भारत की दिवाली के रीति-रिवाज़ और महत्व

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तमिलनाडु में दीपावली का त्योहार अपनी अनूठी परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। वर्ष 2026 में, तमिलनाडु में दीपावली (Deepavali) मुख्य रूप से 7 नवंबर को ‘नरक चतुर्दशी’ के रूप में मनाई जाएगी, जबकि उत्तर भारत में मुख्य उत्सव 8 नवंबर को होगा। भारत त्योहारों का देश है, और ‘प्रकाश पर्व’ दीपावली…

मीराबाई जयंती 2026 – जानें कृष्णभक्ति की अमर साधिका मीरा के जीवन, भजन और त्याग की कथा

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कृष्ण की अनन्य भक्त और प्रसिद्ध कवयित्री मीराबाई की जयंती वर्ष 2026 में 26 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, मीराबाई का जन्म आश्विन मास की शरद पूर्णिमा को हुआ था, जिसे प्रतिवर्ष उनकी जन्म वर्षगांठ के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भारतीय भक्ति साहित्य (Indian Devotional Literature) के इतिहास…

पद्मनाभ द्वादशी व्रत 2026 – जानिए पूजन विधि, कथा और पद्मनाभ भगवान के चमत्कारी स्वरूप

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, पद्मनाभ द्वादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह व्रत 22 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। यह दिन भगवान विष्णु के ‘पद्मनाभ’ स्वरूप को समर्पित है, जिनकी नाभि से ब्रह्मा जी की उत्पत्ति वाला कमल (पद्म) निकला था। सनातन धर्म में व्रतों…

गुरु प्रदोष व्रत के फायदे – 100 गायों के दान जितना फल कैसे पाएं? शत्रु से मुक्ति और सफलता की अचूक विधि।

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क्या आप जीवन में सफलता (Success), शांति और समृद्धि चाहते हैं? क्या आपके शत्रु आपको परेशान कर रहे हैं या किसी कार्य में बार-बार बाधा आ रही है? अगर हाँ, तो गुरु प्रदोष व्रत (Guru Pradosh Vrat) आपके लिए एक दिव्य समाधान हो सकता है। यह व्रत आपको केवल भगवान शिव का आशीर्वाद ही नहीं…

गुरु प्रदोष व्रत की संपूर्ण कथा और सरल विधि – जानें इस दिन ‘प्रदोष काल’ में शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं जो बरसेगी शिव-गुरु की कृपा।

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जय भोलेनाथ! भारतीय संस्कृति में व्रत और त्योहारों का विशेष महत्व है, और जब बात महादेव शिव की कृपा पाने की हो, तो प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) से उत्तम कोई तिथि नहीं। प्रदोष व्रत हर माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और यह वार के अनुसार अलग-अलग फल देता है। गुरुवार को पड़ने…

बुद्ध जयंती 2026 – बुद्ध जयंती पर अपनाइए ये 7 उपदेश, जीवन से मिटेगा हर दुःख और क्लेश

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बुद्ध जयंती, जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है, भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (निर्वाण) और महापरिनिर्वाण के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पवित्र पर्व 1 मई, शुक्रवार को मनाया जाएगा। बुद्धं शरणं गच्छामि! हर साल वैशाख पूर्णिमा के पावन दिन को बुद्ध जयंती (Buddha Jayanti) या बुद्ध पूर्णिमा…

कोजागर पूजा 2026 – माता लक्ष्मी के आगमन की रात, जानें पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त

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कोजागर पूजा, जिसे शरद पूर्णिमा या कोजागरी लक्ष्मी पूजा के नाम से भी जाना जाता है, वर्ष 2026 में 25 अक्टूबर (रविवार) को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ती है। हिंदू धर्म में, आश्विन मास की पूर्णिमा की रात को कोजागर पूजा (Kojagara Puja) का विशेष महत्व…

जानें क्यों खास है धनुर्मास की वैकुण्ठ एकादशी? पूजा और दान से बदल जाएगी आपकी किस्मत!

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सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, और जब यह एकादशी धनुर्मास (तमिल पंचांग में ‘मार्गाज्ही मास’) में आती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस एकादशी को वैकुण्ठ एकादशी या मुक्कोटी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि साक्षात मोक्ष (Salvation) का द्वार…

वैकुण्ठ एकादशी – जब श्री विष्णु के शरीर से हुआ ‘एकादशी देवी’ का जन्म! जानें रोचक कथा।

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प्रत्येक वर्ष पौष माह (Paush Month) के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को वैकुण्ठ एकादशी के नाम से जाना जाता है। इसे मोक्षदा एकादशी और दक्षिण भारत में मुक्कोटी एकादशी भी कहते हैं। हिंदू धर्म में इस एकादशी का महत्व (Significance) सबसे अधिक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और…

वैकुण्ठ एकादशी की संपूर्ण पूजा विधि – 5 सरल चरणों में करें श्री हरि को प्रसन्न और पाएं बैकुंठ धाम।

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हिंदू धर्म में, एकादशी तिथि का अपना एक विशेष महत्व है, और जब बात वैकुण्ठ एकादशी की आती है, तो इसका आध्यात्मिक मूल्य (Spiritual value) कई गुना बढ़ जाता है। पौष मास के शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को ‘मोक्षदा एकादशी’ और ‘पुत्रदा एकादशी’ (यदि यह पौष माह में पड़े) के नाम से भी जाना…

वैकुण्ठ एकादशी व्रत – मोक्ष का महाद्वार खोलने वाला पावन दिन, चावल क्यों हैं वर्जित? जानें 7 जरूरी नियम और शुभ मुहूर्त

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सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, और जब बात वैकुण्ठ एकादशी (Vaikuntha Ekadashi) की हो, तो इसका माहात्म्य कई गुना बढ़ जाता है। इसे ‘मोक्षदा एकादशी’ और ‘मुरवैकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के लिए…

जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति दिलाएगी वैकुण्ठ एकादशी, ये 5 काम करना न भूलें!

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सनातन धर्म में एकादशी (Ekadashi) का व्रत विशेष महत्व रखता है, लेकिन इन सबमें भी वैकुण्ठ एकादशी (Vaikuntha Ekadashi) का स्थान सर्वोपरि है। इसे ‘मोक्षदा एकादशी’ या पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada Ekadashi) के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पावन दिन स्वर्ग के द्वार (Swarg Dwar) खुल जाते हैं,…

जानिए कौन थे धर्म सावर्णि मनु? और मन्वादि तिथि पर श्राद्ध करने के नियम और लाभ।

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सनातन धर्म (Sanatan Dharma) की विशाल कालगणना (Chronology) और गूढ़ रहस्यों में ‘मनु’ और ‘मन्वंतर’ का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। मनु न केवल आदि पुरुष (First Man) हैं, बल्कि वे प्रत्येक युग में धर्म और व्यवस्था (Law and Order) के संस्थापक भी माने जाते हैं। आज हम १४ मनुओं की श्रृंखला में एक विशेष नाम…

क्या है गौण पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व? जानें संतान प्राप्ति के अचूक उपाय और व्रत नियम।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है, लेकिन जब बात पुत्रदा एकादशी की आती है, तो इसका महत्व दोगुना हो जाता है। साल में दो बार पुत्रदा एकादशी आती है – एक श्रावण मास में और दूसरी पौष मास में। पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी को मुख्य रूप से संतान सुख की कामना…

वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियाँ, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत का फल।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन जब बात ‘पुत्रदा एकादशी’ की आती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। साल में दो बार पुत्रदा एकादशी आती है – एक श्रावण मास में और दूसरी पौष मास में। वर्ष 2025 में पौष मास के शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को…

तैलंग स्वामी जयंती – 300 साल जीने वाले काशी के ‘जीवित शिव’ के अलौकिक चमत्कार और रहस्य

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भारत की आध्यात्मिक (spiritual) भूमि पर ऐसे कई योगी हुए हैं, जिनका जीवन किसी रहस्य से कम नहीं रहा। इन्हीं में से एक थे श्री तैलंग स्वामी, जिन्हें वाराणसी (काशी) के लोग साक्षात ‘जीवित शिव’ (Walking Shiva) मानते थे। पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को उनकी जयंती मनाई जाती है, जो हमें इस…

पूर्णिमा श्राद्ध 2026 – पितरों को तृप्त करने का सबसे श्रेष्ठ दिन (Purnima Shraddha – The Best Day to Satisfy Ancestors)

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हिंदू धर्म में पूर्णिमा श्राद्ध का विशेष महत्व है, जो पितृ पक्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में पूर्णिमा श्राद्ध 26 सितंबर को मनाया जाएगा। सनातन धर्म में श्राद्ध (Shraddha) का विशेष महत्व है। यह वह समय होता है जब हम अपने दिवंगत पूर्वजों (departed ancestors) को याद करते हैं और उनके…

Jivitputrika Vrat 2026 – जीवित्पुत्रिका व्रत कब और कैसे करें? जानें विधि, कथा, नियम और व्रत के अद्भुत लाभ

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वर्ष 2026 में जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 3 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा। यह व्रत संतान की लंबी आयु, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए माताएं रखती हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। हर साल अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि…

Ganesh Visarjan 2026 – गणेश विसर्जन क्यों है विशेष? जानें इसकी विधि, नियम और पर्यावरण अनुकूल विकल्प

Ganesh Visarjan

वर्ष 2026 में गणेश विसर्जन का मुख्य पर्व 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के दिन मनाया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस भव्य गणेशोत्सव की शुरुआत 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी से होगी। गणेश चतुर्थी का पावन पर्व, जो भगवान गणेश के जन्म का उत्सव है, पूरे भारत में बड़े उत्साह और भक्ति…

Shardiya Navratri 2026 – क्या है इस नवरात्रि का विशेष योग? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर (रविवार) से शुरू होकर 20 अक्टूबर (मंगलवार) तक मनाया जाएगा। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना (घटस्थापना) के साथ इस उत्सव का आरंभ होगा। इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता,…

Kalashatmi 2026 List – वर्ष 2026 में कब-कब है कालाष्टमी? पूरी लिस्ट, पूजा विधि और पौराणिक महत्व

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वर्ष 2026 में कालाष्टमी का व्रत भगवान शिव के रौद्र रूप, भगवान काल भैरव को समर्पित है। यह प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। तांत्रिक और आध्यात्मिक दृष्टि से इस दिन का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि काल भैरव को “समय का अधिपति” और “नकारात्मक ऊर्जा का विनाशक” माना जाता…

नवरात्रि 2026 – घटस्थापना विधि और शुभ मुहूर्त, नवरात्रि के पहले दिन की संपूर्ण जानकारी (Navratri Ghatasthapana Vidhi and Shubh Muhurat)

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वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ संपन्न होगा। यह नौ दिन माँ दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक की आराधना के लिए समर्पित होंगे। नवरात्रि का पावन पर्व, जो मां दुर्गा (Maa Durga) की आराधना का प्रतीक है,…

Saraswati Avahan 2026 – सरस्वती आवाहन की संपूर्ण विधि, जानें पूजन मंत्र, नियम और लाभ

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सरस्वती आवाहन 2026 हिंदू धर्म के विशेष त्योहारों में से एक है, जो मुख्य रूप से नवरात्रि के दौरान देवी सरस्वती के आह्वान के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2026 में, शारदीय नवरात्रि के दौरान सरस्वती आवाहन 16 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। नवरात्रि का पांचवां दिन, जब प्रकृति में एक नया उल्लास छा जाता…

आश्विन पूर्णिमा 2026 – क्यों कहलाती है कोजागरी पूर्णिमा? जानें व्रत की विधि और चमत्कारी लाभ

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वर्ष 2026 में आश्विन पूर्णिमा, जिसे शरद पूर्णिमा या ‘कोजागरी पूर्णिमा’ भी कहा जाता है, 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। क्या आपने कभी सोचा है कि शरद ऋतु की सबसे खूबसूरत रात कौन सी होती है? वह रात है आश्विन पूर्णिमा…

आश्विन पूर्णिमा व्रत 2026 – शरद पूर्णिमा की रात क्यों बरसती है अमृत वर्षा? जानें व्रत विधि और महत्व

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन पूर्णिमा 2026 का व्रत 25 अक्टूबर 2026, रविवार को रखा जाएगा। इसे शरद पूर्णिमा और कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। आश्विन पूर्णिमा 2026 जिसे हम शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) के नाम से भी जानते हैं, हिन्दू धर्म में एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पूर्णिमा…

नवरात्रि 2026 – आरती, मंत्र, व्रत कथा और माँ दुर्गा की कृपा पाने के सरल उपाय

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वर्ष 2026 में नवरात्रि का पावन पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र और अश्विन मास में मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्रि, जो सबसे प्रमुख मानी जाती है, उसकी शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी और समापन 21 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी (दशहरा) के साथ होगा। नवरात्रि, जो कि एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है ‘नौ…

विघ्नराज संकष्टी 2026 – विघ्नों के विनाश का पावन पर्व, जानें व्रत विधि, पूजन और चमत्कारी लाभ

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विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी हिंदू धर्म में भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में, विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 29 सितंबर 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। मंगलवार के दिन पड़ने के कारण इसे अंगारकी चतुर्थी भी कहा जाता है, जिसका फल कई गुना अधिक माना जाता है। गणेश जी, जिन्हें विघ्नहर्ता…

श्राद्ध और पितृपक्ष 2026 – क्या करें और क्या न करें, पाएं पूर्वजों का आशीर्वाद

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हिंदू धर्म में पितृपक्ष का समय पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में पितृपक्ष का आरंभ 26 सितंबर (शनिवार) को पूर्णिमा श्राद्ध से होगा और इसका समापन 10 अक्टूबर (शनिवार) को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। पितृपक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष के नाम से भी…

नवरात्रि 2026 में शैलपुत्री पूजा विधि, कथा और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी (Navratri Shailputri Puja, Date, Method, Story and Auspicious Time)

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वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का उत्सव 12 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर (विजयादशमी) तक मनाया जाएगा। यह नौ दिनों का पावन पर्व देवी दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों – शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक – की उपासना को समर्पित है। नवरात्रि का पावन पर्व, जो पूरे नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ…

कन्या संक्रान्ति 2026 – सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और विशेष उपाय

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वर्ष 2026 में कन्या संक्रान्ति 17 सितम्बर, गुरुवार को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस काल को कन्या संक्रान्ति कहा जाता है। भारतीय ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, हर महीने सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे…

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