गुरु प्रदोष व्रत कथा एवं पूजा विधि

हिंदू धर्म में गुरु प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है, जो भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। जब त्रयोदशी तिथि गुरुवार को पड़ती है, तो इसे गुरु प्रदोष कहा जाता है। इस दिन साधक को सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए। सायंकाल (प्रदोष काल)…

बुद्ध जयंती 2026 – बुद्ध जयंती पर अपनाइए ये 7 उपदेश, जीवन से मिटेगा हर दुःख और क्लेश

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बुद्ध जयंती, जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है, भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (निर्वाण) और महापरिनिर्वाण के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पवित्र पर्व 1 मई, शुक्रवार को मनाया जाएगा। बुद्धं शरणं गच्छामि! हर साल वैशाख पूर्णिमा के पावन दिन को बुद्ध जयंती (Buddha Jayanti) या बुद्ध पूर्णिमा…

कोजागर पूजा 2026 – माता लक्ष्मी के आगमन की रात, जानें पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त

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कोजागर पूजा, जिसे शरद पूर्णिमा या कोजागरी लक्ष्मी पूजा के नाम से भी जाना जाता है, वर्ष 2026 में 25 अक्टूबर (रविवार) को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ती है। हिंदू धर्म में, आश्विन मास की पूर्णिमा की रात को कोजागर पूजा (Kojagara Puja) का विशेष महत्व…

जानें क्यों खास है धनुर्मास की वैकुण्ठ एकादशी? पूजा और दान से बदल जाएगी आपकी किस्मत!

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सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, और जब यह एकादशी धनुर्मास (तमिल पंचांग में ‘मार्गाज्ही मास’) में आती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस एकादशी को वैकुण्ठ एकादशी या मुक्कोटी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि साक्षात मोक्ष (Salvation) का द्वार…

वैकुण्ठ एकादशी – जब श्री विष्णु के शरीर से हुआ ‘एकादशी देवी’ का जन्म! जानें रोचक कथा।

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प्रत्येक वर्ष पौष माह (Paush Month) के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को वैकुण्ठ एकादशी के नाम से जाना जाता है। इसे मोक्षदा एकादशी और दक्षिण भारत में मुक्कोटी एकादशी भी कहते हैं। हिंदू धर्म में इस एकादशी का महत्व (Significance) सबसे अधिक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और…

वैकुण्ठ एकादशी की संपूर्ण पूजा विधि – 5 सरल चरणों में करें श्री हरि को प्रसन्न और पाएं बैकुंठ धाम।

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हिंदू धर्म में, एकादशी तिथि का अपना एक विशेष महत्व है, और जब बात वैकुण्ठ एकादशी की आती है, तो इसका आध्यात्मिक मूल्य (Spiritual value) कई गुना बढ़ जाता है। पौष मास के शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को ‘मोक्षदा एकादशी’ और ‘पुत्रदा एकादशी’ (यदि यह पौष माह में पड़े) के नाम से भी जाना…

वैकुण्ठ एकादशी व्रत – मोक्ष का महाद्वार खोलने वाला पावन दिन, चावल क्यों हैं वर्जित? जानें 7 जरूरी नियम और शुभ मुहूर्त

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सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, और जब बात वैकुण्ठ एकादशी (Vaikuntha Ekadashi) की हो, तो इसका माहात्म्य कई गुना बढ़ जाता है। इसे ‘मोक्षदा एकादशी’ और ‘मुरवैकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के लिए…

जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति दिलाएगी वैकुण्ठ एकादशी, ये 5 काम करना न भूलें!

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सनातन धर्म में एकादशी (Ekadashi) का व्रत विशेष महत्व रखता है, लेकिन इन सबमें भी वैकुण्ठ एकादशी (Vaikuntha Ekadashi) का स्थान सर्वोपरि है। इसे ‘मोक्षदा एकादशी’ या पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada Ekadashi) के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पावन दिन स्वर्ग के द्वार (Swarg Dwar) खुल जाते हैं,…

पुत्रदा एकादशी (वैकुण्ठ एकादशी) व्रत कथा और पूजा विधि

आज है पुत्रदा एकादशी, जैसा कि नाम से स्पष्ट है, संतान प्राप्ति की कामना करने वाले दंपत्तियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है। यह पावन एकादशी 2025 में भी भक्तों द्वारा पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, और मान्यता है कि सच्चे मन…

जानिए कौन थे धर्म सावर्णि मनु? और मन्वादि तिथि पर श्राद्ध करने के नियम और लाभ।

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सनातन धर्म (Sanatan Dharma) की विशाल कालगणना (Chronology) और गूढ़ रहस्यों में ‘मनु’ और ‘मन्वंतर’ का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। मनु न केवल आदि पुरुष (First Man) हैं, बल्कि वे प्रत्येक युग में धर्म और व्यवस्था (Law and Order) के संस्थापक भी माने जाते हैं। आज हम १४ मनुओं की श्रृंखला में एक विशेष नाम…

क्या है गौण पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व? जानें संतान प्राप्ति के अचूक उपाय और व्रत नियम।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है, लेकिन जब बात पुत्रदा एकादशी की आती है, तो इसका महत्व दोगुना हो जाता है। साल में दो बार पुत्रदा एकादशी आती है – एक श्रावण मास में और दूसरी पौष मास में। पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी को मुख्य रूप से संतान सुख की कामना…

वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियाँ, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत का फल।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन जब बात ‘पुत्रदा एकादशी’ की आती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। साल में दो बार पुत्रदा एकादशी आती है – एक श्रावण मास में और दूसरी पौष मास में। वर्ष 2025 में पौष मास के शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को…

तैलंग स्वामी जयंती – 300 साल जीने वाले काशी के ‘जीवित शिव’ के अलौकिक चमत्कार और रहस्य

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भारत की आध्यात्मिक (spiritual) भूमि पर ऐसे कई योगी हुए हैं, जिनका जीवन किसी रहस्य से कम नहीं रहा। इन्हीं में से एक थे श्री तैलंग स्वामी, जिन्हें वाराणसी (काशी) के लोग साक्षात ‘जीवित शिव’ (Walking Shiva) मानते थे। पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को उनकी जयंती मनाई जाती है, जो हमें इस…

पूर्णिमा श्राद्ध 2026 – पितरों को तृप्त करने का सबसे श्रेष्ठ दिन (Purnima Shraddha – The Best Day to Satisfy Ancestors)

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हिंदू धर्म में पूर्णिमा श्राद्ध का विशेष महत्व है, जो पितृ पक्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में पूर्णिमा श्राद्ध 26 सितंबर को मनाया जाएगा। सनातन धर्म में श्राद्ध (Shraddha) का विशेष महत्व है। यह वह समय होता है जब हम अपने दिवंगत पूर्वजों (departed ancestors) को याद करते हैं और उनके…

Jivitputrika Vrat 2026 – जीवित्पुत्रिका व्रत कब और कैसे करें? जानें विधि, कथा, नियम और व्रत के अद्भुत लाभ

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वर्ष 2026 में जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 3 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा। यह व्रत संतान की लंबी आयु, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए माताएं रखती हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। हर साल अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि…

Ganesh Visarjan 2026 – गणेश विसर्जन क्यों है विशेष? जानें इसकी विधि, नियम और पर्यावरण अनुकूल विकल्प

Ganesh Visarjan

वर्ष 2026 में गणेश विसर्जन का मुख्य पर्व 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के दिन मनाया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस भव्य गणेशोत्सव की शुरुआत 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी से होगी। गणेश चतुर्थी का पावन पर्व, जो भगवान गणेश के जन्म का उत्सव है, पूरे भारत में बड़े उत्साह और भक्ति…

Shardiya Navratri 2026 – क्या है इस नवरात्रि का विशेष योग? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर (रविवार) से शुरू होकर 20 अक्टूबर (मंगलवार) तक मनाया जाएगा। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना (घटस्थापना) के साथ इस उत्सव का आरंभ होगा। इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता,…

Kalashatmi 2026 List – वर्ष 2026 में कब-कब है कालाष्टमी? पूरी लिस्ट, पूजा विधि और पौराणिक महत्व

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वर्ष 2026 में कालाष्टमी का व्रत भगवान शिव के रौद्र रूप, भगवान काल भैरव को समर्पित है। यह प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। तांत्रिक और आध्यात्मिक दृष्टि से इस दिन का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि काल भैरव को “समय का अधिपति” और “नकारात्मक ऊर्जा का विनाशक” माना जाता…

नवरात्रि 2026 – घटस्थापना विधि और शुभ मुहूर्त, नवरात्रि के पहले दिन की संपूर्ण जानकारी (Navratri Ghatasthapana Vidhi and Shubh Muhurat)

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वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ संपन्न होगा। यह नौ दिन माँ दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक की आराधना के लिए समर्पित होंगे। नवरात्रि का पावन पर्व, जो मां दुर्गा (Maa Durga) की आराधना का प्रतीक है,…

Saraswati Avahan 2026 – सरस्वती आवाहन की संपूर्ण विधि, जानें पूजन मंत्र, नियम और लाभ

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सरस्वती आवाहन 2026 हिंदू धर्म के विशेष त्योहारों में से एक है, जो मुख्य रूप से नवरात्रि के दौरान देवी सरस्वती के आह्वान के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2026 में, शारदीय नवरात्रि के दौरान सरस्वती आवाहन 16 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। नवरात्रि का पांचवां दिन, जब प्रकृति में एक नया उल्लास छा जाता…

आश्विन पूर्णिमा 2026 – क्यों कहलाती है कोजागरी पूर्णिमा? जानें व्रत की विधि और चमत्कारी लाभ

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वर्ष 2026 में आश्विन पूर्णिमा, जिसे शरद पूर्णिमा या ‘कोजागरी पूर्णिमा’ भी कहा जाता है, 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। क्या आपने कभी सोचा है कि शरद ऋतु की सबसे खूबसूरत रात कौन सी होती है? वह रात है आश्विन पूर्णिमा…

आश्विन पूर्णिमा व्रत 2026 – शरद पूर्णिमा की रात क्यों बरसती है अमृत वर्षा? जानें व्रत विधि और महत्व

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन पूर्णिमा 2026 का व्रत 25 अक्टूबर 2026, रविवार को रखा जाएगा। इसे शरद पूर्णिमा और कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। आश्विन पूर्णिमा 2026 जिसे हम शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) के नाम से भी जानते हैं, हिन्दू धर्म में एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पूर्णिमा…

नवरात्रि 2026 – आरती, मंत्र, व्रत कथा और माँ दुर्गा की कृपा पाने के सरल उपाय

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वर्ष 2026 में नवरात्रि का पावन पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र और अश्विन मास में मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्रि, जो सबसे प्रमुख मानी जाती है, उसकी शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी और समापन 21 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी (दशहरा) के साथ होगा। नवरात्रि, जो कि एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है ‘नौ…

विघ्नराज संकष्टी 2026 – विघ्नों के विनाश का पावन पर्व, जानें व्रत विधि, पूजन और चमत्कारी लाभ

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विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी हिंदू धर्म में भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में, विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 29 सितंबर 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। मंगलवार के दिन पड़ने के कारण इसे अंगारकी चतुर्थी भी कहा जाता है, जिसका फल कई गुना अधिक माना जाता है। गणेश जी, जिन्हें विघ्नहर्ता…

श्राद्ध और पितृपक्ष 2026 – क्या करें और क्या न करें, पाएं पूर्वजों का आशीर्वाद

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हिंदू धर्म में पितृपक्ष का समय पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में पितृपक्ष का आरंभ 26 सितंबर (शनिवार) को पूर्णिमा श्राद्ध से होगा और इसका समापन 10 अक्टूबर (शनिवार) को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। पितृपक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष के नाम से भी…

नवरात्रि 2026 में शैलपुत्री पूजा विधि, कथा और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी (Navratri Shailputri Puja, Date, Method, Story and Auspicious Time)

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वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का उत्सव 12 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर (विजयादशमी) तक मनाया जाएगा। यह नौ दिनों का पावन पर्व देवी दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों – शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक – की उपासना को समर्पित है। नवरात्रि का पावन पर्व, जो पूरे नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ…

कन्या संक्रान्ति 2026 – सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और विशेष उपाय

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वर्ष 2026 में कन्या संक्रान्ति 17 सितम्बर, गुरुवार को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस काल को कन्या संक्रान्ति कहा जाता है। भारतीय ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, हर महीने सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे…

चम्पा षष्ठी व्रत 2026 – महत्व, पूजा विधि और ध्यान रखने योग्य बातें

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चम्पा षष्ठी का पावन पर्व भगवान शिव के अवतार भगवान खंडोबा (मार्तंड भैरव) को समर्पित है। वर्ष 2026 में यह व्रत 15 दिसंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में प्रचलित यह त्योहार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को आता है। चम्पा षष्ठी का व्रत भगवान शिव के…

शाकम्भरी देवी की कथा

शाकम्भरी देवी मां दुर्गा के अत्यंत दयालु और ममतामयी स्वरूपों में से एक हैं। ‘शाकम्भरी’ का अर्थ है ‘शाक (वनस्पतियों) को धारण करने वाली’। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब पृथ्वी पर भीषण अकाल पड़ा और प्राणी अन्न-जल के अभाव में मरने लगे, तब भक्तों के करुण पुकार पर माता ने अवतार लिया। देवी ने अपने…

शाकम्भरी उत्सवारम्भ 2025 – तिथि, महत्व और व्रत-उपवास के नियम – सम्पूर्ण जानकारी। (Shakambhari Utsavarambh)

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सनातन धर्म में अनेक पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़े होते हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण उत्सव है शाकम्भरी उत्सवारम्भ (Shakambhari Utsavarambh), जिसे शाकम्भरी नवरात्रि (Shakambhari Navratri) के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व माँ दुर्गा के करुणामय स्वरूप देवी शाकम्भरी को समर्पित है, जिन्हें…

Varalakshmi Vratam 2026 – इस वरलक्ष्मी व्रत पर खोलिए लक्ष्मी कृपा के द्वार! वरलक्ष्मी व्रत क्यों है दक्षिण भारत की खास परंपरा? जानिए रहस्य

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वर्ष 2026 में वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह पावन पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से पहले आने वाले शुक्रवार को पड़ता है। वरलक्ष्मी व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने परिवार के सुख, समृद्धि और पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता…

रक्षाबंधन 2026 में राखी कब बांधें? जानें राखी बांधने का सही समय, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और राखी की कहानी

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रक्षाबंधन 2026 का पावन पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। 2026 में रक्षाबंधन के लिए विशेष बात यह है कि इस दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा, जिससे…

Krishan Janamashatmi 2026 – कृष्ण जन्माष्टमी की सम्पूर्ण जानकारी, तिथि, मुहूर्त, मटकी फोड़ उत्सव और पूजा विधि

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वर्ष 2026 में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि को हुआ था। 2026 में यह उनका 5253वाँ जन्मोत्सव होगा। इस दिन भक्त उपवास…

Hartalika Teej 2026 – हरतालिका तीज पर क्या करें और क्या न करें? जानिए जीवन बदलने वाले नियम

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साल 2026 में हरतालिका तीज का पावन पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है। हरतालिका तीज, भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक ऐसा पावन पर्व…

Vinayak Chaturthi Dates 2026 list – 2026 में विनायक चतुर्थी कब-कब मनाई जाएगी? जानिए पूरी लिस्ट

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विनायक चतुर्थी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है और इसे भगवान गणेश की पूजा के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता माना जाता है। विनायक चतुर्थी के दिन भक्त सुबह स्नान करके…

गणेश चतुर्थी पूजन 2026 – गणपति बप्पा को प्रसन्न करने के लिए पूजन सामग्री की सूची

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वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन बुद्धि और ज्ञान के देवता भगवान गणेश का जन्म हुआ था। यह उत्सव पूरे भारत, विशेषकर महाराष्ट्र में…

गणेश पूजा विधि मंत्र सहित – गणेश चतुर्थी 2026 का शुभ मुहूर्त (Ganpati Sthapana – Visarjan Vidhi)

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वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह उत्सव भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में ‘विघ्नहर्ता’ की मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करते हैं।…

ज्येष्ठ गौरी पूजा 2026 – क्यों है ज्येष्ठ गौरी पूजा खास? जानिए विधि, महत्व और धार्मिक रहस्य

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ज्येष्ठ गौरी पूजा 2026 महाराष्ट्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पारंपरिक पर्व है, जो मुख्य रूप से गणेश उत्सव के दौरान मनाया जाता है। वर्ष 2026 में, मुख्य ज्येष्ठ गौरी पूजा शुक्रवार, 18 सितंबर को की जाएगी। भारतीय संस्कृति में त्योहारों का एक अनूठा स्थान है, जो न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं बल्कि सामाजिक…

ज्येष्ठ गौरी विसर्जन 2026 – जानें पूजन विधि, तिथि और महत्व

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वर्ष 2026 में ज्येष्ठ गौरी विसर्जन शनिवार, 19 सितंबर को किया जाएगा। यह पर्व मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में गणेश उत्सव के दौरान बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। भारत, विविधताओं का देश, जहां हर त्योहार एक नई कहानी कहता है और हमारी संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाता है। इन्हीं त्योहारों…

2026 में वरलक्ष्मी व्रत क्यों है खास? जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के उपाय

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साल 2026 में वरलक्ष्मी व्रतम का पावन पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह व्रत हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से पहले आने वाले शुक्रवार को रखा जाता है। मुख्य रूप से दक्षिण भारत में लोकप्रिय यह त्यौहार अब पूरे देश में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।…

नवरात्रि 2026 – माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना से कैसे खोलें अपने करियर का भाग्य द्वार?

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नवरात्रि, हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पावन पर्व, माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का समय है। इस दौरान भक्तजन अपनी श्रद्धा और भक्ति से माँ को प्रसन्न करते हैं और उनसे सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, और सफलता का वरदान मांगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन नौ स्वरूपों की उपासना आपके करियर…

Kajari Teej 2026 – कजरी तीज क्यों है सुहाग का प्रतीक? जानें कब है व्रत, क्या है पूजन विधि और लोक परंपराएं

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कजरी तीज 2026 हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्यौहार है, जो सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 31 अगस्त, सोमवार को मनाया जाएगा। यह त्यौहार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को आता है और इसे बूढ़ी तीज या सातुड़ी तीज के नाम से भी…

Bahula Chaturthi 2026 – बहुला चतुर्थी व्रत पर क्यों नहीं दोही जाती गाय? क्यों इस दिन होती है गाय और बछड़े की पूजा? जानें पौराणिक कथा

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बहुला चतुर्थी 2026 हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाएगी। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 31 अगस्त, सोमवार को पड़ रहा है। क्या आप जानते हैं बहुला चतुर्थी पर क्यों नहीं दुही जाती गाय? क्यों इस दिन होती है गाय और बछड़े की विशेष पूजा? आइए…

रांधण छठ 2026 कब है? रांधण छठ और शीतला सातम, क्यों बनाया जाता है एक दिन पहले भोजन? जानिए पूजा विधि और महत्व

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रांधण छठ गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में मनाया जाने वाला एक पारंपरिक त्योहार है, जो शीतला सातम से एक दिन पहले आता है। वर्ष 2026 में यह 2 सितंबर को मनाया जाएगा। भारत के लोकपर्वों की बात करें तो रांधण छठ और शीतला सातम का नाम प्रमुखता से आता है, खासकर गुजरात और…

Gowri Habba 2026 – गौरी हब्बा क्यों है खास? जानें पूजा विधि, कथा और सुहागिनों के लिए इसका महत्व

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गौरी हब्बा (Gowri Habba), जिसे ‘स्वर्ण गौरी व्रत’ के रूप में भी जाना जाता है, मुख्य रूप से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में मनाया जाने वाला एक अत्यंत शुभ पर्व है। 2026 में यह त्यौहार 13 सितंबर, रविवार को मनाया जाएगा। यह त्यौहार गणेश चतुर्थी से ठीक एक दिन पहले आता है और देवी गौरी…

चंद्र ग्रहण 2026 – एक अद्भुत घटना और इसके शुभ-अशुभ फल, क्या कहती हैं प्राचीन मान्यताएं?

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वर्ष 2026 खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि इस वर्ष दो चंद्र ग्रहण लगेंगे। आसमान में होने वाली खगोलीय घटनाएं (celestial events) हमेशा से ही मनुष्य को आकर्षित करती रही हैं। इनमें से एक सबसे अद्भुत और रहस्यमयी घटना है ‘चंद्र ग्रहण’ (Lunar Eclipse)। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के…

भाद्रपद पूर्णिमा व्रत 2026 – क्या है इस व्रत का रहस्य? जानिए शुभ मुहूर्त और नियम

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भाद्रपद पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है। वर्ष 2026 में यह व्रत 26 सितंबर (शनिवार) को रखा जाएगा। यह दिन पितृ पक्ष की शुरुआत और भगवान सत्यनारायण की विशेष पूजा के लिए जाना जाता है। भाद्रपद पूर्णिमा, जिसे भाद्रपद माह की पूर्णिमा (Full Moon) के रूप में जाना जाता है, हिंदू धर्म…

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