मंगलागौरी अष्टोत्तर शतनामावलि

मंगलागौरी अष्टोत्तर शतनामावलि देवी मंगलागौरी को समर्पित 108 नामों का एक पवित्र संग्रह है, जो सौभाग्य और समृद्धि की देवी हैं। यह नामावलि भक्तों को देवी के विभिन्न गुणों और रूपों का स्मरण कराती है, जिससे आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इस दिव्य स्तोत्र का पाठ विशेष रूप से मंगलवार के दिन,…

मंगला गौरी व्रत कथा एवं पूजा विधि

मंगला गौरी व्रत कथा हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को सुहागिन स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए रखती हैं। यह व्रत विशेष रूप से मां पार्वती को समर्पित है, जिन्हें मंगला गौरी के रूप में पूजा जाता है। इस व्रत को करने…

मंगला गौरी आरती

मंगला गौरी आरती, माँ गौरी की भक्ति का एक अनुपम साधन है, जो विशेष रूप से सावन मास के मंगलवार को उनके भक्तों द्वारा गाई जाती है। यह आरती माँ पार्वती के उस स्वरूप को समर्पित है, जो सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य प्रदान करता है। मंगला गौरी आरती के माध्यम से भक्त अपनी श्रद्धा और…

काली माता की आरती

काली माता की आरती देवी काली की महिमा का गुणगान करती है, जो अंधकार और अधर्म का विनाश करने वाली शक्ति हैं। यह आरती भक्तों को भयमुक्त करती है और आत्मबल प्रदान करती है। काली माता की उपासना विशेष रूप से अमावस्या, नवमी और तंत्र साधना के दिनों में की जाती है। काली माता की…

Sawan Somvaar Vrat Diet Rules – सोमवार व्रत कैसे करें, क्या खाएं और क्या ना खाएं

shiv bhagwan

सावन सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है यह व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और मनोकामना पूर्ण करने के लिए रखा जाता है। सावन सोमवार को व्रत करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि सावन सोमवार का व्रत कैसे…

शीतला माता की आरती

शीतला माता की पूजा का विशेष महत्व है, खासकर चैत्र माह में पड़ने वाली शीतला अष्टमी के दिन। यह दिन देवी शीतला को समर्पित है, जो चेचक और अन्य बीमारियों से रक्षा करती हैं। शीतला माता की आरती इस पवित्र पूजा का एक अभिन्न अंग है, जिसके बिना कोई भी अनुष्ठान अधूरा माना जाता है।…

श्री ललिता माता आरती

माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी, दस महाविद्याओं में सर्वोच्च स्थान रखती हैं। उनकी आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्री ललिता माता आरती उनके भक्तों के लिए एक शक्तिशाली माध्यम है अपनी श्रद्धा अर्पित करने का। यह आरती माँ की महिमा, उनके दिव्य स्वरूप और आशीर्वाद का गुणगान करती है। श्री…

श्री दंतेश्वरी माता आरती

श्री दंतेश्वरी माता आरती छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में अत्यंत श्रद्धा के साथ गाई जाने वाली आरती है, जो माँ दंतेश्वरी की महिमा और शक्ति का गुणगान करती है। माँ दंतेश्वरी देवी शक्ति की अवतार मानी जाती हैं और बस्तर दशहरा में इनकी विशेष पूजा होती है। भक्तजन इस आरती के माध्यम से माँ से…

श्री हलषष्ठी माता आरती

श्री हलषष्ठी माता आरती का पाठ विशेष रूप से हलषष्ठी व्रत के अवसर पर किया जाता है, जो पुत्र सुख, संतान की दीर्घायु और समृद्धि की प्राप्ति हेतु मनाया जाता है। यह आरती मातृशक्ति की कृपा प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ माध्यम है। मान्यता है कि श्री हलषष्ठी माता की आराधना करने से महिलाएं स्वस्थ…

श्री सप्तश्रृंगा अंबा आरती

श्री सप्तश्रृंगा अंबा आरती माँ सप्तश्रृंगी देवी की महिमा का वर्णन करने वाली एक भक्तिपूर्ण आरती है, जो महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित सप्तश्रृंगी देवी मंदिर में विशेष रूप से गाई जाती है। भक्तगण इस आरती के माध्यम से माँ की कृपा प्राप्त करते हैं और अपने जीवन के संकटों से मुक्ति पाते हैं।…

कर्क संक्रान्ति कथा

कर्क संक्रांति का पर्व सूर्य देव के कर्क राशि में प्रवेश का प्रतीक है। यह वह समय है जब सूर्य दक्षिणायन में प्रवेश करते हैं, यानी दक्षिणी गोलार्ध की ओर अपनी यात्रा शुरू करते हैं। प्राचीन कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागृत होकर सृष्टि के संचालन का कार्यभार संभालते हैं। यह…

कृष्णापिंगला संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

जुलाई 2025 में आने वाली कृष्णापिंगला संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। यह व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भक्त चंद्रमा के उदय होने तक उपवास रखते हैं और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत के…

गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

|| गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा PDF || पौराणिक कथा के अनुसार, सतयुग में राजा हरिश्चंद्र के राज्य में एक कुम्हार रहता था। एक बार उसने बर्तन बनाकर आंवा लगाया, लेकिन बर्तन पके नहीं। बार-बार ऐसा होने से वह बहुत दुखी हो गया। इस समस्या का समाधान जानने के लिए वह एक पुजारी के पास…

चैत्र अमावस्या व्रत कथा

|| चैत्र अमावस्या व्रत कथा PDF || चैत्र अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन पितरों की शांति और दान-पुण्य के लिए समर्पित है। इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं चैत्र अमावस्या व्रत कथा: पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में…

आषाढ़ अमावस्या व्रत कथा

|| आषाढ़ अमावस्या व्रत कथा PDF || प्राचीन काल में एक ब्राह्मण दंपत्ति थे, जो भगवान विष्णु के परम भक्त थे। वे अपना अधिकांश समय पूजा-पाठ और ध्यान में व्यतीत करते थे। उनके घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं थी, लेकिन संतान न होने के कारण वे बहुत दुखी रहते थे। एक दिन ब्राह्मण…

आश्विन अमावस्या व्रत कथा

आश्विन अमावस्या, जिसे सर्वपितृ अमावस्या या महालय अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है। यह दिन पितरों को विदा करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन व्रत कथा का पाठ करने और सुनने से पितरों को शांति मिलती है…

भाद्रपद अमावस्या व्रत कथा

|| भाद्रपद अमावस्या व्रत कथा PDF || भाद्रपद अमावस्या को पिठोरी अमावस्या या पोलाला अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखा जाता है। इस व्रत से जुड़ी एक पौराणिक कथा इस प्रकार है: बहुत समय पहले की बात है, एक नगर में…

आषाढ़ चौमासी चौदस कथा

आषाढ़ मास की चौमासी चौदस, जिसे गुप्त नवरात्रि की चौदस भी कहते हैं, एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन भक्त व्रत रखकर मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि…

भगवान गणेश गकार सहस्रनामावली

भगवान गणेश गकार सहस्रनामावली उन भक्तों के लिए एक अद्वितीय संग्रह है जो ‘ग’ अक्षर से प्रारंभ होने वाले भगवान गणेश के एक हजार पवित्र नामों का जाप करना चाहते हैं। यह नामावली गणेश जी के उन विशिष्ट गुणों और रूपों को उजागर करती है जो ‘ग’ वर्ण से जुड़े हैं, जैसे कि गणपति, गजानन,…

श्रावण संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

श्रावण मास 2025 की संकष्टी चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने से विघ्नहर्ता गणेश सभी कष्टों को हर लेते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव और माता पार्वती चौपड़ खेल रहे थे। खेल में कौन जीता, यह तय करने…

भगवान गणेश सहस्रनामावली

भगवान गणेश सहस्रनामावली PDF एक अत्यंत पूजनीय स्तोत्र है जिसमें भगवान गणेश के हजार नामों का वर्णन मिलता है। प्रत्येक नाम उनकी दिव्यता, बुद्धि, समृद्धि और विघ्नहर्ता स्वरूप को दर्शाता है। यह सहस्रनामावली पाठ करने से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। जो भक्त भगवान गणेश सहस्रनामावली…

जया पार्वती व्रत कथा

2025 जया पार्वती व्रत कथा PDF एक पवित्र ग्रंथ है जो सुहागन स्त्रियों द्वारा आस्था और श्रद्धा से पढ़ा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से पांच दिनों तक किया जाता है और इसमें माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है। जया पार्वती व्रत कथा में माता पार्वती द्वारा शिवजी…

हनुमान मंगलाशासन स्तोत्र

हनुमान मंगलाशासन स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने हेतु पाठ किया जाता है। इस स्तोत्र में हनुमान जी के अद्भुत गुणों, पराक्रम, भक्ति और राम सेवा के भावों का मंगलमय वर्णन किया गया है। यह स्तोत्र विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को पढ़ने से अत्यधिक फलदायी…

चामुण्डेश्वरी मंगल स्तोत्र

देवी चामुण्डेश्वरी को समर्पित “चामुण्डेश्वरी मंगल स्तोत्र” एक भक्तिमय संस्कृत पाठ है। यह स्तोत्र देवी चामुंडा की स्तुति करता है, जिन्हें शक्ति का एक प्रचंड और कल्याणकारी रूप माना जाता है। भक्त इस स्तोत्र का पाठ बाधाओं को दूर करने, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए करते हैं। यह…

शनि कवच

शनि कवचम् एक शक्तिशाली वैदिक स्तोत्र है जो भगवान शनिदेव की कृपा पाने और उनकी दृष्टि से सुरक्षा हेतु पाठ किया जाता है। यह कवच विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो शनि की साढ़ेसाती, ढैया या शनि दोष से पीड़ित हैं। “Shani Kavacham Hindi pdf” के माध्यम से आप इस दिव्य…

Varah Puran (वराह पुराण)

Varah Puran (वराह पुराण)

वराह पुराण अठारह महापुराणों में से एक महत्वपूर्ण पुराण है। यह मुख्य रूप से भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित है। इस पुराण में भगवान वराह द्वारा पृथ्वी को हिरण्याक्ष से बचाने और उसके बाद की घटनाओं का विस्तृत वर्णन मिलता है। इसमें सृष्टि की उत्पत्ति, विभिन्न तीर्थों का महत्व, व्रत-त्योहार, और धर्म संबंधी…

वराह अवतार की कथा

वर्ष 2025 में वराह जयंती 25 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। यह पावन पर्व भगवान विष्णु के तीसरे अवतार, वराह भगवान के पृथ्वी पर अवतरण का स्मरण कराता है। वराह अवतार की कथा पीडीएफ में विस्तार से वर्णित है कि कैसे भगवान वराह ने हिरण्याक्ष नामक राक्षस का वध कर पृथ्वी को रसातल से बाहर…

श्री राधा अष्टमी व्रत कथा

|| राधाष्टमी, श्री राधा रानी के प्राकट्य दिवस का महत्व एवं पूजन विधि || सनातन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री राधाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों में यह तिथि श्री राधारानी के प्राकट्य दिवस के रूप में वर्णित है। श्री राधाजी वृषभानु महाराज की यज्ञभूमि से…

कान्हा मेरी राखी का, तुझे कर्ज चुकाना है – भजन

|| कान्हा मेरी राखी का, तुझे कर्ज चुकाना है – भजन || कान्हा मेरी राखी का, तुझे कर्ज चुकाना है, जन्मों जनम तक ये, जन्मों जनम तक ये, अब रिश्ता निभाना है, कान्हां मेरी राखी का, तुझे कर्ज चुकाना है ॥ बैठा बैठा क्या सोचे, पकड़ ले कलैया रे, झूठे जग के झमेले में, खो…

श्री वराह कवचम्

श्री वराह कवचम् भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है। इस कवच के पाठ से नकारात्मक शक्तियों, भय, शत्रु बाधाओं और रोगों से मुक्ति मिलती है। यह साधक को सुरक्षा, समृद्धि और आत्मबल प्रदान करता है। माना जाता है कि इसका नियमित पाठ करने से व्यक्ति सभी प्रकार के कष्टों…

माता पार्वती आरती

हम आपके लिए माता पार्वती की आरती का पूर्ण पाठ लेकर आए हैं, जिसे आप आसानी से पढ़ सकते हैं और गा सकते हैं। साथ ही, आपकी सुविधा के लिए हमने इसका PDF संस्करण भी उपलब्ध कराया है, जिसे आप डाउनलोड करके कभी भी, कहीं भी उपयोग कर सकते हैं। माता पार्वती, जो भगवान शिव…

श्रीव्याडेश्वर आरती

श्रीव्याडेश्वर आरती ही व्याडेश्वर देवाला समर्पित एक पवित्र विधी आहे. भक्ती आणि श्रद्धेने गायली जाणारी ही आरती आपल्या जीवनात शांतता आणि समृद्धी आणते. भगवान व्याडेश्वर हे संकटे दूर करणारे आणि मनोकामना पूर्ण करणारे देवता मानले जातात. तुम्हीही “श्रीव्याडेश्वर आरती PDF” डाउनलोड करून ही पवित्र आरती आपल्या घरी म्हणू शकता. रोजच्या पूजेमध्ये या आरतीचा समावेश केल्यास…

श्री कुन्थुनाथ आरती

श्री कुन्थुनाथ भगवान जैन धर्म के 17वें तीर्थंकर हैं, जिनकी आराधना से आत्मशुद्धि, शांति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। जैन श्रद्धालु कुन्थुनाथ भगवान की आरती विशेष रूप से रविवार और पर्व-दिवसों पर करते हैं। यदि आप श्री कुन्थुनाथ आरती PDF, सही विधि (vidhi) और इससे मिलने वाले लाभ (laabh) की जानकारी खोज रहे…

राणी ​​सतीजी की आरती

राणी सतीजी, जिन्हे दादी राणी सती के नाम से भी जाना जाता है, भारत में विशेषकर राजस्थान के झुंझुनू क्षेत्र में अत्यंत पूजनीय मानी जाती हैं। हर माह अमावस्या और विशेष अवसरों पर राणी सतीजी की आरती करके भक्तजन उनकी कृपा प्राप्त करते हैं। यह आरती शक्ति, त्याग और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है।…

वासुदेव द्वादशी व्रत की पौराणिक कथा

वासुदेव द्वादशी का व्रत भगवान कृष्ण को समर्पित है। यह व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है, जो देवशयनी एकादशी के ठीक अगले दिन पड़ती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान प्राप्ति होती है, खोई हुई संपत्ति वापस मिलती है, सभी मनोकामनाएं पूरी होती…

अंदल जयंती की कथा

अंदल जयंती, जिसे आदिपुरम भी कहते हैं, देवी अंदल को समर्पित है। अंदल को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है और यह त्योहार उनके जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उनकी कथा दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में बहुत प्रसिद्ध है। || अंदल जयंती की कथा (Andal Jayanti Katha PDF) || लगभग 10वीं शताब्दी…

वेदव्यास अष्टक स्तोत्र

वेदव्यास अष्टक स्तोत्रम् भगवान वेदव्यास को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली स्तोत्र है। यह आठ श्लोकों का एक संग्रह है, जो महर्षि वेदव्यास के गुणों, उनके ज्ञान और उनके योगदान का गुणगान करता है। इस स्तोत्र के पाठ से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। वेदव्यास जी ने वेदों का…

कोकिला व्रत कथा एवं पूजा विधि

2025 में कोकिला व्रत 10 जुलाई को है। कोकिला व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है जो आषाढ़ माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। मान्यता है कि माता सती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कोयल…

कामिका एकादशी 2025 – व्रत विधि, फल और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का मार्ग

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श्रावण मास, कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष यह एकादशी सोमवार, 21 जुलाई 2025 को पड़ी है। कामिका एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन लोग शंख, चक्र गदा धारण करने वाले भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजा करके कामिका एकादशी की व्रत कथा भी सुनते…

जुलाई 2025 का हिन्दू त्यौहार कैलेंडर – कब है एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या? सभी व्रत-त्यौहारों की संपूर्ण जानकारी

shiv pooja in sawan

जुलाई 2025 का हिन्दू त्यौहार कैलेंडर व्रत-त्यौहार प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इस महीने में देवशयनी एकादशी (6 जुलाई), गुरु पूर्णिमा (10 जुलाई), प्रदोष व्रत (8 व 22 जुलाई), मासिक शिवरात्रि (23 जुलाई) और अमावस्या (25 जुलाई) जैसे शुभ पर्व आते हैं। इसके अलावा, संकष्टी चतुर्थी (8 जुलाई) और कामिका एकादशी (19 जुलाई) का…

स्कन्द षष्ठी 2026 – जानिए आज का दिन क्यों है खास? कौन हैं भगवान स्कन्द? इस दिन व्रत रखने के चमत्कारी लाभ

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आज है स्कन्द षष्ठी व्रत। हर साल शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय (स्कन्द) को समर्पित ‘स्कन्द षष्ठी’ का पावन पर्व मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र, देवों के सेनापति, भगवान स्कंद (कार्तिकेय, मुरुगन, सुब्रह्मण्यम) को समर्पित है। दक्षिण भारत में यह पर्व विशेष उत्साह और…

Devshayani Ekadashi 2025 – कब है श्री विष्णु को शयन पर भेजने वाला पर्व? जानें देवशयनी एकादशी का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि और कथा

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Devshayani Ekadashi 2025 – इस वर्ष, देवशयनी एकादशी का त्योहार 06 जुलाई 2025 को, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन से देव यानी श्रीहरि विष्‍णु शयन करेंगे और सभी तरह के मांगलिक कार्य 4 माह के लिए बंद हो जाएंगे। देवशयनी एकादशी, आषाढ़ चंद्र मास के शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन है। यह जून और…

देवशयनी एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

|| देवशयनी एकादशी पूजा विधि || देवशयनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहन लें। अपने घर के मंदिर में भगवान के सामने दीपक जलाएं। भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर पर गंगाजल से अभिषेक करें। भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। तुलसी दल भगवान विष्णु…

Bhagwat Puran PDF Book (भागवत पुराण)

Bhagwat Puran (भागवत पुराण)

भागवत पुराण (Shrimad Bhagavatam) हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पूज्यनीय और आध्यात्मिक ग्रंथ है। इसे महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित 18 महापुराणों में से सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस ग्रंथ में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी लीलाओं, भक्तों की भक्ति, धर्म, नीति और मोक्ष का गूढ़ रहस्य वर्णित है। ‘भागवत’ शब्द का अर्थ है – ‘भगवान…

त्रिपुरी पूर्णिमा व्रत कथा

|| त्रिपुरी पूर्णिमा व्रत कथा PDF (Tripuri Purnima Vrat Katha) || त्रिपुरी पूर्णिमा, जिसे कार्तिक पूर्णिमा या देव दिवाली के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का…

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र (Siddha Kunjika Stotram PDF)

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र (Siddha Kunjika Stotram PDF)

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी स्तोत्र है जो जीवन की समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। यदि इस स्तोत्र का पाठ सही विधि से किया जाए, तो मां दुर्गा की कृपा से व्यक्ति के सभी कष्ट विषम परिस्थितियों में भी समाप्त हो जाते हैं। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का महत्व सिद्ध…

गोपाल सहस्त्रनाम (Gopal Sahastranaam Stotram PDF)

गोपाल सहस्त्रनाम (Gopal Sahastranaam Stotram PDF)

गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करने से भगवान श्री कृष्ण आपके जीवन को खुशियों से भर देते हैं। यह पाठ आपको सुबह-सुबह नहाने के बाद श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने करना चाहिए। धर्म ग्रंथों में भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए अनेक मंत्र, स्तुति और स्तोत्र की रचना की गई है, और इन्हीं में से…

श्री रघुनाथाष्टकम्

|| श्री रघुनाथाष्टकम् PDF || श्री गणेशाय नमः । शुनासीराधीशैरवनितलज्ञप्तीडितगुणं प्रकृत्याऽजं जातं तपनकुलचण्डांशुमपरम् । सिते वृद्धिं ताराधिपतिमिव यन्तं निजगृहे ससीतं सानन्दं प्रणत रघुनाथं सुरनुतम् ॥ १॥ निहन्तारं शैवं धनुरिव इवेक्षुं नृपगणे पथि ज्याकृष्टेन प्रबलभृगुवर्यस्य शमनम् । विहारं गार्हस्थ्यं तदनु भजमानं सुविमलं ससीतं सानन्दं प्रणत रघुनाथं सुरनुतम् ॥ २॥ गुरोराज्ञां नीत्वा वनमनुगतं दारसहितं ससौमित्रिं त्यक्त्वेप्सितमपि सुराणां…

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