भक्त नामावली (Bhakt Namavami)

भक्त नामावली (Bhakt Namavami)

भक्त नामावली भारतीय धार्मिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसकी रचना व्यास जी ने की है। यह पुस्तक भक्ति मार्ग के उन महान भक्तों का संग्रह है, जिन्होंने अपनी साधना, निष्ठा, और भगवान के प्रति अटूट प्रेम से आध्यात्मिकता की मिसाल पेश की। इस ग्रंथ में प्रसिद्ध भक्तों के नामों के साथ उनके जीवन…

माँ गंगा के 108 नामों का जाप करने के फायदे

गंगा दशहरा

धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ माह की दशमी तिथि को गंगा नदी में नहाने से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। सनातन शास्त्रों में वर्णित है कि मां गंगा के नाम मात्र स्मरण से व्यक्ति के पाप धुल जाते हैं। इसके लिए गंगा दशहरा…

शतपञ्च चौपाई (Shatpanch Chaupai)

शतपञ्च चौपाई (Shatpanch Chaupai)

शतपञ्च चौपाई भारतीय धार्मिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, और उनकी लीलाओं का संक्षिप्त लेकिन गहन वर्णन प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ विशेष रूप से उन चौपाइयों का संग्रह है जो श्रीरामचरितमानस से प्रेरित हैं। गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक भक्ति, धर्म और आध्यात्मिकता से भरी हुई…

मुण्डकोपनिषदि (Mundakopanishadi)

मुण्डकोपनिषदि (Mundakopanishadi)

मुण्डकोपनिषद भारतीय उपनिषदों में से एक प्रमुख ग्रंथ है, जो वेदों के गूढ़ ज्ञान और आध्यात्मिक रहस्यों को उजागर करता है। यह उपनिषद अथर्ववेद के अंतर्गत आता है और इसका प्रमुख उद्देश्य ब्रह्मज्ञान को स्पष्ट करना है। “मुण्डकोपनिषद” तीन खंडों (मुण्डकों) में विभाजित है, जिनमें प्रत्येक खंड में दो अध्याय हैं। इसे गहन आध्यात्मिक और दार्शनिक…

प्रश्नोपनिषद् (Prashnopanishad)

प्रश्नोपनिषद् (Prashnopanishad)

प्रश्नोपनिषद् एक महत्वपूर्ण वैदिक ग्रंथ है, जो उपनिषदों में वर्णित गहन दार्शनिक और आध्यात्मिक ज्ञान को सरल और बोधगम्य रूप में प्रस्तुत करता है। यह उपनिषद अथर्ववेद के अंतर्गत आता है और इसमें मुख्यतः छह महत्वपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से जीवन, ब्रह्म, और आत्मा के रहस्यों पर चर्चा की गई है। गीता प्रेस गोरखपुर ने इस…

शिवसतसई (Shiv Satsai)

शिवसतसई (Shiv Satsai)

शिवसतसई भारतीय धार्मिक और काव्य परंपरा का एक अद्भुत ग्रंथ है, जिसकी रचना प्रसिद्ध कवि शिवदत्त त्रिपाठी ने की है। यह पुस्तक भगवान शिव की महिमा, उनकी लीलाओं, और उनके उपदेशों का वर्णन करती है। “शिवसतसई” शिव भक्ति पर केंद्रित एक अद्वितीय काव्य संग्रह है, जिसमें भगवान शिव की महत्ता और उनके आशीर्वाद से जीवन…

तैत्तिरीयोपनिषद् (Taittiriyopanishad)

तैत्तिरीयोपनिषद् (Taittiriyopanishad)

तैत्तिरीयोपनिषद् गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो वेदों के गूढ़ और दार्शनिक ज्ञान को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ यजुर्वेद के अंतर्गत आता है और भारतीय दर्शन, अध्यात्म तथा जीवन के उच्चतर लक्ष्यों को समझाने में सहायक है। इसमें ब्रह्मविद्या, आत्मा, और जीवन के उद्देश्य पर गहराई से…

राम-वनगमन (Ram-Vangaman)

राम-वनगमन (Ram-Vangaman)

राम-वनगमन भारतीय पौराणिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसे श्री जैन जवाहर मित्रमंडल द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक भगवान श्रीराम के जीवन की उस अद्वितीय घटना पर आधारित है, जिसमें उन्होंने पिता दशरथ की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों के लिए वनवास स्वीकार किया। इस पुस्तक में रामायण की इस घटना…

आत्मसाक्षात्कार (Atmasakshatkar)

आत्मसाक्षात्कार (Atmasakshatkar)

आत्मसाक्षात्कार प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु दादा भगवान द्वारा लिखित एक प्रेरणादायक पुस्तक है। यह ग्रंथ आत्मा, आत्मज्ञान और आत्म-साक्षात्कार के महत्व को समझाने और इसे प्राप्त करने के मार्ग पर चलने का विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस पुस्तक का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति अपने सच्चे अस्तित्व को पहचान सके और आत्मा के स्वरूप को…

मैं कौन हूँ (Main Kaun Hu)

मैं कौन हूँ (Main Kaun Hu)

मैं कौन हूँ? आध्यात्मिक गुरू दादा भगवान द्वारा लिखित एक प्रेरणादायक और आत्म-चिंतनपूर्ण पुस्तक है। यह ग्रंथ मानव जीवन के सबसे बुनियादी और गूढ़ प्रश्न, “मैं कौन हूँ?” का उत्तर खोजने की दिशा में एक गाइड की तरह है। इसमें आत्मा, आत्मा का स्वरूप, और आत्म-साक्षात्कार जैसे विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत…

खाटू श्याम जी आरती

|| खाटू श्याम जी आरती || ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे । खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे । रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे । तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े ॥ ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा…

पवित्र हिंदू धर्मग्रंथ (Holy Book of Hindu Religion)

पवित्र हिंदू धर्मग्रंथ (Holy Book of Hindu Religion)

पवित्र हिंदू धर्मग्रंथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुस्तक है, जिसे प्रतिष्ठित लेखक और विद्वान प्रो. डॉ. सत्यजीत चक्रवर्ती ने लिखा है। यह पुस्तक हिंदू धर्म की गहराई, उसकी परंपराओं, धार्मिक ग्रंथों, और नैतिक सिद्धांतों को स्पष्ट और सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। यह पाठकों को हिंदू धर्म की समृद्ध विरासत और उसकी शिक्षाओं को गहराई…

श्री नामरामायणम्

|| श्री नामरामायणम् || ॥ बालकाण्डः ॥ शुद्धब्रह्मपरात्पर राम्॥ १॥ कालात्मकपरमेश्वर राम्॥ २॥ शेषतल्पसुखनिद्रित राम्॥ ३॥ ब्रह्माद्यामरप्रार्थित राम्॥ ४॥ चण्डकिरणकुलमण्डन राम्॥ ५॥ श्रीमद्दशरथनन्दन राम्॥ ६॥ कौसल्यासुखवर्धन राम्॥ ७॥ विश्वामित्रप्रियधन राम्॥ ८॥ घोरताटकाघातक राम्॥ ९॥ मारीचादिनिपातक राम्॥ १०॥ कौशिकमखसंरक्षक राम्॥ ११॥ श्रीमदहल्योद्धारक राम्॥ १२॥ गौतममुनिसम्पूजित राम्॥ १३॥ सुरमुनिवरगणसंस्तुत राम्॥ १४॥ नाविकधावितमृदुपद राम्॥ १५॥ मिथिलापुरजनमोहक राम्॥ १६॥…

मौनी अमावस्या व्रत कथा और पूजा विधि

॥ मौनी अमावस्या पूजा विधि ॥ मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहुर्त में उठ कर और नित्य क्रियाओं से निवृत्त हो कर गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा विधि अनुसार करनी चाहिए। पूजा करते समय भगवान विष्णु को पीले फूल, केसर, घी, दिपक और…

हमारे कुछ प्राचीन लोकोत्सव (Hamare Kuch Pracheen Lokoutsav)

हमारे कुछ प्राचीन लोकोत्सव (Hamare Kuch Pracheen Lokoutsav)

लोकोत्सव केवल उल्लास और आनन्द की अभिव्यक्ति नहीं हैं, वरन् लोकसंस्कृति के संस्थान भी हैं । उनमें जहाँ रहन-सहन, वेश-भूषा, खान-पान, रीति-रिवाज और चाल-ढाल की झाँकी मिलती है, वहाँ लोकादर्श, लोकधर्म, लोकदर्शन और लोकसंबंधों की सीख भी अनायास प्राप्त हो जाती है । इस दृष्टि से लोकोत्सव आज के मशीनी युग में आस्था और वि·ाास…

(सम्पूर्ण चाणक्य नीति) Chanakya Niti Book

Chanakya Niti Book

आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्‍यात हुए। “चाणक्य नीति” एक प्रसिद्ध ग्रंथ है जिसे चाणक्य ने लिखा था। यह ग्रंथ विभिन्न जीवन…

Brahma Puran Gita Press (ब्रह्म पुराण गीता प्रेस)

Brahma Puran Gita Press

हिंदू धर्म के 18 पुराणों में एक है ब्रह्म पुराण जिसमे सृष्टि से जुड़ी कई बातें बताई गई हैं, जैसे कि सृष्टि की शुरुआत, जल की उत्पत्ति, ब्रह्मा का आविर्भाव, देव-दानव जन्म, मनुवंश, पृथ्वी, भूगोल, नरक, स्वर्ग, मंदिर, तीर्थ वगैरह. इसके अलावा, इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीला, विष्णु अवतार, विष्णु पूजन, वर्णाश्रम, श्राद्धकर्म, योग-विधि, मोक्ष-धर्म, ब्रह्म…

Brahma Vaivarta Puran Gita Press (ब्रह्मवैवर्त पुराण गीताप्रेस)

Brahma Vaivarta Puran Gita Press (ब्रह्मवैवर्त पुराण गीताप्रेस)

वेदमार्ग का दसवाँ पुराण ब्रह्मवैवर्त हैं। अठारह पुराणों में प्राचीनतम पुराण ब्रह्मवैवर्त पुराण को माना गया है। इस पुराण में जीव की उत्पत्ति के कारण और ब्रह्माजी द्वारा समस्त भू-मंडल, जल-मंडल और वायु-मंडल में विचरण करने वाले जीवों के जन्म और उनके पालन पोषण का सविस्तार वर्णन किया गया है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में पांच खण्ड…

Ayodhya Darshan Gita Press (अयोध्या दर्शन)

Ayodhya Darshan Gita Press (अयोध्या दर्शन)

Ayodhya Darshan Gita Press पुस्तक के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या का दर्शन कराने की पहल की है। इसके लिए ‘अयोध्या दर्शन’ पुस्तक का प्रकाशन बुधवार को शुरू हो गया। अगले सप्ताह यह बाजार में उपलब्ध होगी। इस पुस्तक में अयोध्या के प्रमुख मंदिरों व तीर्थों का संक्षिप्त परिचय है। साथ ही यह पुस्तक अयोध्या…

(अयोध्या-माहात्म्य) Ayodhya Mahatmya Gita Press

Ayodhya Mahatmya Gita Press

अयोध्या माहात्म्य पुस्तक में अयोध्या जी के माहात्म्य के बारे में विस्तार से बताया गया है। यह रुद्रयामलोक्त एवं स्कन्दपुराणोक्त है। यह चित्रों के साथ है और इसमें सम्पूर्ण अनुवाद दिया गया है। अयोध्या – महात्म्य के साथ अयोध्या के महत्व का अन्वेषण करें, एक पुस्तक जो इसके समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश…

ऐतरेय उपनिषद (Aaitryopnishad)

ऐतरेय उपनिषद (Aaitryopnishad)

ऐतरेय उपनिषद (Aitareya Upanishad in Hindi) ऋग्वेद का एक उपनिषद है। ऋग्वेद के ऐतरेय आरण्यक के अन्तर्गत द्वितीय आरण्यक के अध्याय 4, 5 और 6 का नाम ऐतरेयोपनिषद् है। यह उपनिषद् ब्रह्मविद्याप्रधान है। ‘प्रज्ञानं ब्रह्म’ इसी उपनिषद में आया है, जो चार महावाक्यों में से एक है। ऐतरेय उपनिषद तीन दार्शनिक विषयों पर चर्चा करता…

आधुनिक हिन्दू बेबी बॉय के नाम

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आज हम इस लेख के माध्यम से आपके लिए हिंदी बेबी बॉय नामों की सूची लेकर आए हैं जो Modern के साथ Latest भी हैं। चाहे आप पारंपरिक या आधुनिक नाम की तलाश में हों, आपको यह यहाँ मिल जाएगा। आपको अपने बेटे के लिए नाम जो रखना है वो यूनिक के साथ मीनिंगफुल भी…

जनवरी 2025 में कौन-कौन से हिन्दू त्यौहार और व्रत होंगे? जनवरी 2025 का त्यौहार और व्रत पंचांग

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जनवरी 2025 में हिन्दू धर्म के विभिन्न व्रतों और त्यौहारों का शुभारंभ नए साल की आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ होगा। महीने की शुरुआत पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) से होगी, जो दान और स्नान के लिए महत्वपूर्ण है। मकर संक्रांति (14 जनवरी) पर सूर्य देव की पूजा और तिल-गुड़ का विशेष महत्व है। इसके बाद शत्रुध्न…

Ramcharitmanas Hindi (रामचरितमानस)

Ramcharitmanas Hindi (रामचरितमानस)

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस 16 वीं सदी में रचित प्रसिद्ध महाकाव्य है। इसके नायक मर्यादा पुरुषोत्तम राम है और इसकी भाषा अवधी है। इस ग्रन्थ को अवधी साहित्य (हिंदी साहित्य) की एक महान कृति माना जाता है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत रामायण को श्रीरामचरितमानस का आधार माना जाता है। यद्यपि रामायण और श्रीरामचरितमानस…

Mahabharat Book Hindi (महाभारत बुक)

mahabharat book hindi

Mahabharat Book Gita Press : महाभारत पौराणिक काल का एक प्रमुख काव्य ग्रंथ है, जो स्मृति के इतिहास वर्ग में आता है। इस ग्रन्थ को हिन्दू धर्म में प वेद कहा गया है। यह कृति प्राचीन भारत के इतिहास की एक महागाथा है। महाभारत ग्रंथ में कुल 18 अध्याय हैं। भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र…

हिंदुओं के रीति-रिवाज और मान्यताएं (Hinduon ke Reeti Rivaaj Tatha Maanyataen)

हिंदुओं के रीति-रिवाज और मान्यताएं (Hinduon ke Reeti Rivaaj Tatha Maanyataen)

हिंदुओं के रीति-रिवाज और मान्यताएं डॉ. प्रकाशचंद्र गंगराड़े द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जिसमें हिंदू धर्म के विविध रीति-रिवाजों, परंपराओं और मान्यताओं का विस्तृत वर्णन किया गया है। यह पुस्तक न केवल हिंदू समाज की सांस्कृतिक धरोहर को समझने में सहायक है, बल्कि इसके धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती…

बेबी बॉय के लिए भगवान शिव के 1000 नाम हिंदी में

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अगर आप अपने बच्चें या होने वाले बच्चें के लिए भगवान शिव पर आधारित नाम रखना चाहते हो तो ये लेख आपके के लिए काफी काम आ सकता हैं। आज हम आपके लिए भगवान बोलेनाथ पर आधारित बेबी बॉय के नाम की सूची शेयर करने जा रहे हैं। ये सभी नाम मॉडर्न होने के साथ…

Vivek Chudamani (विवेक चूड़ामणि)

Vivek Chudamani (विवेक चूड़ामणि)

आदि शंकराचार्य द्वारा रचित विवेक चूड़ामणि एक प्रसिद्ध ग्रन्थ है जिसमें अद्वैत वेदान्त का निर्वचन किया गया है। इस पुस्तक को पढ़ने से मस्तिष्क व्यापक होता है और व्यक्तित्व में निखार आता है। पर क्या और कैसे पढ़ना है, ये सबको नहीं पता। इसीलिए हमने आपकी पसंद और नापसंद को ध्यान में रखते हुए सरल,…

Brahmasutra (ब्रह्म सूत्र)

Brahmasutra (ब्रह्म सूत्र)

हिन्दू धर्म में ब्रह्मसूत्र एक सार ग्रंथ है। इसे वेदांत सूत्र भी कहा जाता है। ब्रह्मसूत्र में ब्रह्म के स्वरूप का निरूपण किया गया है और ब्रह्म को जीवन में अनुभव करने के उपाय बताए गए हैं। ब्रह्म सूत्र में 555 सूत्र या सूत्र हैं, जो चार अध्यायों ( अध्याय ) में विभाजित हैं, प्रत्येक…

Bhrigu Samhita Book (भृगु संहिता)

Bhrigu Samhita Book (भृगु संहिता)

भृगुसंहिता ज्योतिष का एक संस्कृत ग्रन्थ है। इसके रचयिता महर्षि भृगु हैं जो वैदिक काल के सात ऋषियों में से एक हैं। भृगु संहिता महर्षि भृगु और उनके पुत्र शुक्राचार्य के बीच संपन्न हुए वार्तालाप के रूप में है। उसकी भाषा-शैली गीता में भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के मध्य हुए संवाद जैसी है। इस भृगु…

Anand Ramayan Book (आनंद रामायण)

Anand Ramayan Hindi Book (आनंद रामायण)

महर्षि वाल्मिकी द्वारा रचित आनंद रामायण में प्रभु श्री राम के द्वारा रावण का वध तथा भगवान श्री रामचंद्र के उत्तर लीलाचरित्र का वर्णन करती हैं। इस रामायण में  नौ कांड है। इसमे सार कांड, यात्रा कांड, याग कांड, विलास कांड, जन्म कांड, विवाह कांड, राज्य कांड, मनोहर कांड तथा पूर्ण कांड है। यह कथा…

वामन द्वादशी 2025 – जानें कहानी, व्रत, अनुष्ठान और पूजा विधि

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भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र वामन द्वादशी प्रति वर्ष 2 बार मनाई जाती है। साल 2025 में वामन द्वादशी का व्रत बुधवार 09 अप्रैल 2025 को पड़ रहा है। एक चैत्र माह की शुक्ल द्वादशी तिथि को, और दूसरी बार भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को। विष्णु जी के दस अवतारों में…

श्री संकष्टनाशन स्तोत्रम्

॥ श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्र एवं अर्थ ॥ श्री गणेशाय नमः॥ अर्थ: श्री गणेश को मेरा प्रणाम है। नारद उवाच, प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम्। भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुःकामार्थसिद्धये॥ अर्थ: नारद जी कहते हैं- पहले मस्तक झुकाकर गौरीपुत्र विनायका देव को प्रणाम करके प्रतिदिन आयु, अभीष्ट मनोरथ और धन आदि प्रयोजनों की सिद्धि के लिए भक्त के…

Rigveda Samhita (ऋग्वेद संहिता)

Rigveda Samhita (ऋग्वेद संहिता)

ऋग्वेद संहिता सनातन धर्म का सबसे प्राचीन ग्रन्थ हैं। इसमें इंद्र, अग्नि, रुद्र,वरुण, मरुत, सवित्रु ,सूर्य और दो अश्विनी देवताओं की स्तुति है। ऋग्वेद के 10 अध्याय में 1028 सूक्त में 11 हजार मंत्र है। इसमें लगभग 125 ऐसी औषधियों के बारे में भी बताया गया है, जो 107 स्थानों पर पाई जाती है। ऋग्वेद…

Brahmanda Purana Part 1 (ब्रह्माण्ड पुराण)

Brahmanda Purana Part 1 (ब्रह्माण्ड पुराण)

ब्रह्माण्डपुराण, अट्ठारह महापुराणों में से एक है। मध्यकालीन भारतीय साहित्य में इस पुराण को ‘वायवीय पुराण’ या ‘वायवीय ब्रह्माण्ड’ कहा गया है। ब्रह्माण्ड का वर्णन करनेवाले वायु ने व्यास जी को दिये हुए इस बारह हजार श्लोकों के पुराण में विश्व का पौराणिक भूगोल, विश्व खगोल, अध्यात्मरामायण आदि विषय हैं। इस पुराण में देवी ललिता…

(Agni Puran) अग्नि पुराण

अग्नि पुराण

हिन्दू धर्म ग्रंथों में एक है अग्नि पुराण है जिसे वेदव्यास द्वारा रचित किया गया हैं इसमे प्रकाशित पांडुलिपियों को 382 या 383 अध्यायों में विभाजित किया गया है, जिसमें 12,000 से 15,000 छंद हैं। अग्नि पुराण में ११ रुद्रों, ८ वसुओं तथा १२ आदित्यों के बारे में बताया गया है। विष्णु तथा शिव की पूजा के…

स्कन्द पुराण

स्कन्द पुराण

हिन्दू धार्मिक के 18 ग्रंथों में एक स्कन्द पुराण जिसमे 81,000 से ज़्यादा श्लोक हैं। इस पुराण में धर्म ज्ञान, नीतियां, पौराणिक कथाएं, ब्रह्मांड विज्ञान, वंशावली, त्यौहार, भूगोल, रत्न विज्ञान, और तीर्थयात्रा मार्गदर्शन से जुड़ी जानकारी है। यह पुराण श्लोको की दृष्टि से सभी पुराणों में बड़ा है। इसमें भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय द्वारा…

राम की शक्ति पूजा (Ram Ki Shakti pooja)

राम की शक्ति पूजा (Ram Ki Shakti pooja)

राम की शक्ति पूजा सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की एक उत्कृष्ट काव्य रचना है, जो हिंदी साहित्य के छायावादी युग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह काव्य महाकाव्यात्मक शैली में लिखा गया है और भगवान राम के जीवन के उस प्रसंग को चित्रित करता है, जब वे रावण के साथ युद्ध में शक्ति प्राप्ति के लिए…

जानिए 6 शास्त्र के नाम क्या है

हिन्दू धर्म में छह शास्त्रों को महत्वपूर्ण माना गया है, जिन्हें षड्दर्शन (छह दर्शन) भी कहा जाता हैं। ये शास्त्र हिंदू दर्शन की विभिन्न शाखाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन 6 शास्त्र के अंदर जगत्,जीव और जीवन से संबंधित हर “क्यों” और “कैसे” का उत्तर ढूंढने का प्रयास किया गया है। 6 शास्त्र के नाम…

नष्ट-जातकम (Nashta-Jatakam)

नष्ट-जातकम (Nashta-Jatakam)

नष्ट-जातकम ज्योतिष के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट ग्रंथ है, जिसकी रचना आचार्य मुकुंद दैवज्ञ पर्वतीय ने की है। यह पुस्तक उन विशेष स्थितियों में उपयोगी होती है, जब जातक का जन्म समय, स्थान, या अन्य विवरण उपलब्ध नहीं होते। इस ग्रंथ में ऐसे रहस्यमय और गहन ज्योतिषीय सिद्धांतों का वर्णन किया गया है, जो बिना…

Adbhut Ramayan (अद्भुत रामायण)

Adbhut Ramayan (अद्भुत रामायण)

अद्भुत रामायण वाल्मीकि द्वारा रचित एक प्रसिद्ध ग्रंथ है, जो रामायण का एक विशेष संस्करण माना जाता है। यह रामायण की एक अनूठी और अद्वितीय कहानी प्रस्तुत करता है, जो मूल वाल्मीकि रामायण से भिन्न है। अद्भुत रामायण में भगवान राम की वीरता, त्याग और शक्ति का वर्णन अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया गया है।…

Caitanya Mahaprabhu ki siksa 4th ed (चेतन्य महाप्रभु की शिक्षा)

Caitanya Mahaprabhu ki siksa 4th ed (चेतन्य महाप्रभु की शिक्षा)

चैतन्य महाप्रभु की शिक्षा एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पुस्तक है, जिसमें श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा दी गई शिक्षाओं का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक उनके उपदेशों, विचारों और भक्ति मार्ग की व्याख्या करती है, जिसे गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय में अत्यधिक महत्व दिया जाता है। चैतन्य महाप्रभु को श्रीकृष्ण के अवतार के रूप में माना जाता…

ईश्वर प्रत्यभिज्ञा (Ishwar Pratyabhijnaa)

ईश्वर प्रत्यभिज्ञा (Ishwar Pratyabhijnaa)

ईश्वर प्रत्यभिज्ञा पुस्तक आचार्य कृष्णानंद सागर द्वारा लिखित एक अत्यंत प्रभावशाली और दार्शनिक ग्रंथ है, जो भारतीय आध्यात्मिकता और कश्मीर शैव दर्शन के गहरे रहस्यों को उजागर करता है। यह पुस्तक शैव दर्शन के प्रमुख सिद्धांत प्रत्यभिज्ञा दर्शन पर आधारित है, जो यह बताता है कि आत्मा और परमात्मा में कोई भेद नहीं है, और…

अनंत कालसर्प दोष होता क्या है जानें इसके प्रभाव और उपाय

कालसर्प योग दोष क्या है :  शस्त्रों के अनुसार जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहू और केतु सातवें भाव में होऔर बाकी  ग्रहों को राहु-केतु घेरे रहते हैं, तो अनंत कालसर्प दोष बनता है। कब बनता है अनंत कालसर्प दोष? जब किसी व्यक्ति की कुंडली में बारह भाव हैं। राहु के लग्न भाव और…

श्री मयूरेश स्तोत्रम् अर्थ सहित

॥ श्री मयूरेश स्तोत्र पाठ विधि ॥ भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तों को मयूरेश स्तोत्र का पाठ करने से पहले प्रातःकाल स्नान आदि करके अपने शरीर और मन को शुद्ध एवं शांत कर लेना चाहिए। इसके पश्चात भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र के सामने श्रद्धापूर्वक बैठकर मयूरेश स्तोत्र का पाठ…

श्री गुरुपादुका स्तोत्रम्

।। श्री गुरुपादुका स्तोत्रम् ।। अनंत-संसार समुद्र-तार नौकायिताभ्यां गुरुभक्तिदाभ्याम्। वैराग्य साम्राज्यद पूजनाभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ।। कवित्व वाराशिनिशाकराभ्यां दौर्भाग्यदावांबुदमालिकाभ्याम्। दूरिकृतानम्र विपत्ततिभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ।। नता ययोः श्रीपतितां समीयुः कदाचिद-प्याशु दरिद्रवर्याः। मूकाश्च वाचस्पतितां हि ताभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ।। नालीकनीकाश पदाहृताभ्यां नानाविमोहादि-निवारिकाभ्यां। नमज्जनाभीष्टततिप्रदाभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ।। नृपालि मौलिव्रजरत्नकांति सरिद्विराजत् झषकन्यकाभ्यां। नृपत्वदाभ्यां नतलोक पंक्ते: नमो…

श्री नवनाग स्तोत्रम् अर्थ सहित

॥ श्री नवनाग स्तोत्र पाठ विधि ॥ श्री नवनाग स्तोत्र का पाठ शुरू करने से पहले प्रातः नित्य कर्मों से निवृत्त होकर भगवान शंकर का ध्यान करें। इस दौरान कालसर्प दोष यंत्र का भी पूजन कर सकते हैं। सबसे पहले दूध से कालसर्प दोष यंत्र का अभिषेक करें और फिर इसे गंगाजल से स्नान कराएं।…

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