कण कण में श्याम – भजन
।।कण कण में श्याम – भजन।। खाटू के कण कण में, बसेरा करता साँवरा, जाने कैसा वेश बनाए, हर गली में आया जाया, करता साँवरा, सांवरा तुझमे साँवरा, साँवरा मुझ में सांवरा, सांवरा सब में साँवरा। रींगस से खाटू नगरी तक, पैदल चलते लोग, पीठ के बल, कोई पेट के बल, लेट के चलते लोग,…