मन बस गयो नन्द किशोर बसा लो वृन्दावन में PDF हिन्दी
Download PDF of Man Bas Gayo Nand Kishor Basalo Vrindavan Mein Bhajan Hindi
Shri Krishna ✦ Bhajan (भजन संग्रह) ✦ हिन्दी
मन बस गयो नन्द किशोर बसा लो वृन्दावन में हिन्दी Lyrics
|| मन बस गयो नन्द किशोर बसा लो वृन्दावन में ||
मन बस गयो नन्द किशोर,
अब जाना नहीं कही और,
बसा लो वृन्दावन में,
बसा लो वृन्दावन में ॥
सौप दिया अब जीवन तोहे,
रखो जिस विधि रखना मोहे,
तेरे दर पे पड़ी हूँ सब छोड़,
अब जाना नहीं कही और,
बसा लो वृन्दावन में,
बसा लो वृन्दावन में ॥
चाकर बन कर सेवा करुँगी,
तेरे दरश करुँगी उठ भोर,
अब जाना नहीं कही और,
बसा लो वृन्दावन में,
बसा लो वृन्दावन में ॥
अरज़ मेरी मंजूर ये करना,
वृन्दावन से दूर ना करना,
कहे मधुप हरी जी हाथ जोड़,
अब जाना नहीं कही और,
बसा लो वृन्दावन में,
बसा लो वृन्दावन में ॥
मन बस गयो नन्द किशोर,
अब जाना नहीं कही और,
बसा लो वृन्दावन में,
बसा लो वृन्दावन में ॥
Join HinduNidhi WhatsApp Channel
Stay updated with the latest Hindu Text, updates, and exclusive content. Join our WhatsApp channel now!
Join Nowमन बस गयो नन्द किशोर बसा लो वृन्दावन में
READ
मन बस गयो नन्द किशोर बसा लो वृन्दावन में
on HinduNidhi Android App
DOWNLOAD ONCE, READ ANYTIME
Your PDF download will start in 15 seconds
CLOSE THIS
