हे पुरुषोत्तम श्रीराम, करूणानिधान भगवान

|| हे पुरुषोत्तम श्रीराम, करूणानिधान भगवान || हे पुरुषोत्तम श्रीराम, करूणानिधान भगवान ॥ दोहा – राम नगरीया राम की, और बसे गंग के तीर, अटल राज महाराज को, चौकी हनुमत वीर। चित्रकूट के घाट पर, भई संतन की भीड़, तुलसीदास चन्दन घिसे, तिलक करे रघुवीर ॥ हे पुरुषोत्तम श्रीराम, करूणानिधान भगवान, तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम,…

है सहारा अब मुझे तो, राम सकल गुणधाम का

|| है सहारा अब मुझे तो, राम सकल गुणधाम का || हो के नाचूं अब दिवाना, मैं प्रभु श्रीराम का, है सहारा अब मुझे तो, राम सकल गुणधाम का, है सहारा अब मुझें तो, राम सकल गुणधाम का ॥ कुटिया को पावन कर डाली, शबरी के घर जाय के, धन्य शबरी को कर डाली, बैर…

શ્રી ગજેન્દ્ર મોક્ષ માર્ગ

|| શ્રી ગજેન્દ્ર મોક્ષ માર્ગ PDF || શ્રીશુક ઉવાચ એવં વ્યવસિતો બુદ્ધ્યા સમાધાય મનોહૃદિ . જજાપ પરમં જાપ્યં પ્રાગ્જન્મન્યનુશિક્ષિતમ્ .. ગજેન્દ્ર ઉવાચ નમો ભગવતે તસ્મૈ યત એતચ્ચિદાત્મકમ્ . પુરુષાયાદિબીજાય પરેશાયાભિધીમહિ .. યસ્મિન્નિદં યતશ્ચેદં યેનેદં ય ઇદં સ્વયમ્ . યોઽસ્માત્પરસ્માચ્ચ પરસ્તં પ્રપદ્યે સ્વયમ્ભુવમ્ .. યઃ સ્વાત્મનીદં નિજમાયયાર્પિતં ક્વચિદ્વિભાતં ક્વ ચ તત્તિરોહિતમ્ . અવિદ્ધદૃક્ સાક્ષ્યુભયં તદીક્ષતે સ…

हमारे साथ श्री महाकाल, तो किस बात की चिंता

|| हमारे साथ श्री महाकाल, तो किस बात की चिंता || कर्ता करे ना कर सके, शिव करे सो होय, तीन लोक नौ-खंड में, शिव से बड़ा ना कोय ॥ हमारे साथ श्री महाकाल, तो किस बात की चिंता, शरण में रख दिया जब माथ, तो किस बात की चिंता, हमारे साथ श्री महांकाल, तो…

हे जग स्वामी, अंतर्यामी, तेरे सन्मुख आता हूँ

|| हे जग स्वामी, अंतर्यामी, तेरे सन्मुख आता हूँ || हे जग स्वामी, अंतर्यामी, तेरे सन्मुख आता हूँ । सन्मुख आता, मैं शरमाता भेंट नहीं कुछ लाता हूँ ॥ हे जग स्वामी…॥ पापी जन हूँ, मैं निर्गुण हूँ द्वार तेरे पर आता हूँ ॥ हे जग स्वामी…॥ मुझ पर प्रभु कृपा कीजे पापों से पछताता…

ମାତା ତାରିଣୀଙ୍କ ବ୍ରତ କାହାଣୀ (Maa Tarini Brata Katha)

ମାତା ତାରିଣୀଙ୍କ ବ୍ରତ କାହାଣୀ (Maa Tarini Brata Katha)

ମା’ ତାରିଣୀ ଓଡ଼ିଶାର ଏକ ପ୍ରସିଦ୍ଧ ଦେବୀ, ଯାହାଙ୍କ ପ୍ରତି ଭକ୍ତି ଓ ଶ୍ରଦ୍ଧା ଦେଶର ଅନେକ ଅଞ୍ଚଳରେ ବିସ୍ତୃତ। ମା’ ତାରିଣୀଙ୍କ ବ୍ରତକଥା ଭକ୍ତମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ବିଶେଷ ରୂପେ ପାଠିତ ହୁଏ, ଯାହା ଭକ୍ତି ଓ ଆସ୍ଥାର ପ୍ରତୀକ। ଏହି ବ୍ରତକଥାରେ ମା’ ତାରିଣୀଙ୍କ ଦୟା ଓ କରୁଣାର ବର୍ଣ୍ଣନା ଥାଏ, ଯାହା ଭକ୍ତମାନଙ୍କୁ ନୈତିକ ଶିକ୍ଷା ଓ ଆଧ୍ୟାତ୍ମିକ ପଥରେ ପ୍ରେରିତ କରେ। ମା’ ତାରିଣୀଙ୍କ ପୂଜାରେ ନଡ଼ିଆ ଭୋଗ ଅର୍ପଣ କରାଯାଏ, ଯାହା…

श्री चंद्रशेखर अष्टकम

|| चंद्रशेखर अष्टकम PDF || चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहिमाम् । चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर रक्षमाम् ॥ रत्नसानु शरासनं रजताद्रि शृङ्ग निकेतनं शिञ्जिनीकृत पन्नगेश्वर मच्युतानल सायकम् । क्षिप्रदग्द पुरत्रयं त्रिदशालयै रभिवन्दितं चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः ॥ मत्तवारण मुख्यचर्म कृतोत्तरीय मनोहरं पङ्कजासन पद्मलोचन पूजिताङ्घ्रि सरोरुहम् । देव सिन्धु तरङ्ग श्रीकर सिक्त शुभ्र जटाधरं चन्द्रशेखरमाश्रये मम किं…

गौरा जी को भोले का, योगी रूप सुहाया है

|| गौरा जी को भोले का, योगी रूप सुहाया है || गौरा जी को भोले का, योगी रूप सुहाया है, इसीलिए तप करके, भोलेनाथ को पाया है, गौरा माँ को भोले का ॥ कैलाश पर्वत पे, शिव जी का बसेरा है, शिव जी के चरणों में, गौरा माँ का डेरा है, शिव शक्ति बन करके,…

ಚಂದ್ರಶೇಖರಾಷ್ಟಕಂ

|| ಚಂದ್ರಶೇಖರಾಷ್ಟಕಂ (Chandrasekhara Ashtakam Kannada PDF) || ಚಂದ್ರಶೇಖರ ಚಂದ್ರಶೇಖರ ಚಂದ್ರಶೇಖರ ಪಾಹಿ ಮಾಮ್ | ಚಂದ್ರಶೇಖರ ಚಂದ್ರಶೇಖರ ಚಂದ್ರಶೇಖರ ರಕ್ಷ ಮಾಮ್ || ೧ || ರತ್ನಸಾನುಶರಾಸನಂ ರಜತಾದ್ರಿಶೃಂಗನಿಕೇತನಂ ಶಿಂಜಿನೀಕೃತಪನ್ನಗೇಶ್ವರಮಚ್ಯುತಾನಲಸಾಯಕಮ್ | ಕ್ಷಿಪ್ರದಗ್ಧಪುರತ್ರಯಂ ತ್ರಿದಿವಾಲಯೈರಭಿವಂದಿತಂ ಚಂದ್ರಶೇಖರಮಾಶ್ರಯೇ ಮಮ ಕಿಂ ಕರಿಷ್ಯತಿ ವೈ ಯಮಃ || ೨ || ಪಂಚಪಾದಪಪುಷ್ಪಗಂಧಪದಾಂಬುಜದ್ವಯಶೋಭಿತಂ ಫಾಲಲೋಚನಜಾತಪಾವಕ ದಗ್ಧಮನ್ಮಥವಿಗ್ರಹಮ್ | ಭಸ್ಮದಿಗ್ಧಕಳೇಬರಂ ಭವನಾಶನಂ ಭವಮವ್ಯಯಂ ಚಂದ್ರಶೇಖರಮಾಶ್ರಯೇ ಮಮ ಕಿಂ ಕರಿಷ್ಯತಿ ವೈ ಯಮಃ || ೩ || ಮತ್ತವಾರಣಮುಖ್ಯಚರ್ಮಕೃತೋತ್ತರೀಯ ಮನೋಹರಂ ಪಂಕಜಾಸನ…

गोविंद चले चरावन धेनु

|| गोविंद चले चरावन धेनु || गोविंद चले चरावन धेनु । गृह गृह तें लरिका सब टेरे शृंगी मधुर बजाई बेनु ॥ सुरभी संग सोभित द्वै भैया लटकत चलत नचावत नेंन । गोप वधू देखन सब निकसीं कियो संकेत बताई सेंन ॥ ब्रजपति जब तें बन पाउँ धारे न परत ब्रजजन पल री चैन ।…

हमारे बालाजी महाराज, सभी के कष्ट मिटाते है

|| हमारे बालाजी महाराज, सभी के कष्ट मिटाते है || हमारे बालाजी महाराज, सभी के कष्ट मिटाते है, पिलाते राम नाम की बूटी, सभी को मस्त बनाते है, हमारें बालाजी महाराज, सभी के कष्ट मिटाते है ॥ घाटा मेहंदीपुर शुभ धाम, सारे करते जाके प्रणाम, यही है भक्तो के सरताज, जो बालाजी कहलाते है, पिलाते…

यगोविंदा आला रे आला

|| यगोविंदा आला रे आला || गोविंदा आला रे आला ज़रा मटकी सम्भाल बृजबाला अरे एक दो तीन चार संग पाँच छः सात हैं ग्वाला ॥ गोविंदा आला रे…॥ आई माखन के चोरों की सेना ज़रा बच के सम्भल के जी रहना बड़ी नटखट है फ़ौज, कहीं आई जो मौज नहीं बचने का कोई भी…

ஶ்ரீ சந்த்ரஶேகராஷ்டகம்

|| ஶ்ரீ சந்த்ரஶேகராஷ்டகம் (Chandrasekhara Ashtakam Tamil PDF) || சந்த்³ரஶேக²ர சந்த்³ரஶேக²ர சந்த்³ரஶேக²ர பாஹி மாம் । சந்த்³ரஶேக²ர சந்த்³ரஶேக²ர சந்த்³ரஶேக²ர ரக்ஷ மாம் ॥ 1 ॥ ரத்நஸாநுஶராஸநம் ரஜதாத்³ரிஶ்ருங்க³நிகேதநம் ஶிஞ்ஜிநீக்ருதபந்நகே³ஶ்வரமச்யுதாநலஸாயகம் । க்ஷிப்ரத³க்³த⁴புரத்ரயம் த்ரிதி³வாலயைரபி⁴வந்தி³தம் சந்த்³ரஶேக²ரமாஶ்ரயே மம கிம் கரிஷ்யதி வை யம꞉ ॥ 2 ॥ பஞ்சபாத³பபுஷ்பக³ந்த⁴பதா³ம்பு³ஜத்³வயஶோபி⁴தம் பா²லலோசநஜாதபாவக த³க்³த⁴மந்மத²விக்³ரஹம் । ப⁴ஸ்மதி³க்³த⁴கலேப³ரம் ப⁴வநாஶநம் ப⁴வமவ்யயம் சந்த்³ரஶேக²ரமாஶ்ரயே மம கிம் கரிஷ்யதி வை யம꞉ ॥ 3 ॥ மத்தவாரணமுக்²யசர்மக்ருதோத்தரீய மநோஹரம்…

Shri Chandrasekhara Ashtakam

|| Shri Chandrasekhara Ashtakam PDF || Chandrasekhara Chandrasekhara Chandrasekhara Pahimam Chandrasekhara Chandrasekhara Chandrasekhara Rakshamam Ratnasaanu Saraasanam, Raajataadri Sringa Niketanam Sinjinee Krita Pannageswara, Machyutaanala Saayakam Khipra Dagda Pura Trayam, Tridasaalayai Rabhivanditam Chandrasekharamaasraye Mama Kim Karishyati Viyamah ॥ Mattavaarana Mukhya Charma Kritottareeya Manoharam Pankajaasana Padmalochana Poojiaanghri Saroruham Devasindhu Taranga Seekra Siktha Subhra Jataadharam Chandrasekharamaasraye Mama Kim Kartishyati…

हमारे भोले बाबा को, मना लो जिसका दिल चाहे

|| हमारे भोले बाबा को, मना लो जिसका दिल चाहे || हमारे भोले बाबा को, मना लो जिसका दिल चाहे, है भोले प्रेम के भूखे, लुटा लो जिसका दिल चाहे, हमारे भोलें बाबा को, मना लो जिसका दिल चाहे ॥ माथे पर चंद्रमा सोहे, गले में सर्पों की माला, लटों बह रही गंगा, नहा लो…

हमारे साथ श्री रघुनाथ, तो किस बात की चिंता

|| हमारे साथ श्री रघुनाथ, तो किस बात की चिंता || हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता । शरण में रख दिया जब माथ तो किस बात की चिंता । किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की चिंता । किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की…

हमें निज धर्म पर चलना सिखाती रोज रामायण

|| हमें निज धर्म पर चलना सिखाती रोज रामायण || हमें निज धर्म पर चलना, सिखाती रोज रामायण, सदा शुभ आचरण करना, सिखाती रोज रामायण ॥ जिन्हे संसार सागर से, उतर कर पार जाना है, उन्हे सुख के किनारे पर, लगाती रोज रामायण, सदा शुभ आचरण करना, सिखाती रोज रामायण ॥ कही छवि विष्णु की…

हमने आँगन नहीं बुहारा

|| हमने आँगन नहीं बुहारा || हमने आँगन नहीं बुहारा, कैसे आयेंगे भगवान् । मन का मैल नहीं धोया तो, कैसे आयेंगे भगवान् ॥ हर कोने कल्मष-कषाय की, लगी हुई है ढेरी । नहीं ज्ञान की किरण कहीं है, हर कोठरी अँधेरी । आँगन चौबारा अँधियारा, कैसे आयेंगे भगवान् ॥ हृदय हमारा पिघल न पाया,…

हनुमान जी मिलेंगे, राम राम बोल

|| हनुमान जी मिलेंगे, राम राम बोल || हनुमान जी मिलेंगे, राम राम बोल, राम राम बोल, ना लगे है कोई मोल, हनुमान जी मिलेगे, राम राम बोल ॥ हनुमत के सीने में, बसते है राम जी, तेरी झोली भरेंगे, बस राम राम बोल, राम राम बोल, ना लगे है कोई मोल, हनुमान जी मिलेगे,…

हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो

|| हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो || हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारो, बुद्धि विवेक की बारिश करके, बुद्धि विवेक की बारिश करके, मेरा भी जीवन तारो, हनुमानजी कभी मेरे घर भी पधारों ॥ तुम बलशाली हो ग्रन्थ के ज्ञाता, तुम बिन कोई भी पार ना पाता, तेरी महिमा गाके हनुमत, तेरी महिमा गाके…

हनुमान ने कर दिया काम, चुटकी बजाई करके

|| हनुमान ने कर दिया काम, चुटकी बजाई करके || सारे हार गए जोर लगाई करके, हनुमान ने कर दिया काम, चुटकी बजाई करके ॥ सीता को रावण हर लाया, चिंतित थे श्री राम, सात समंदर लांघे कैसे, कौन करे ये काम, सिया की सुध ल्याया, लंका जलाई करके, हनूमान ने कर दिया काम, चुटकी…

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है

|| हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है || हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है, हर और घना अँधेरा मेरा दीप जल रहा है, कोई रहा ना बेबस ना कोई अभागा, तूने दिया भगत को किस्मतो से ज़्यादा ॥ सुध बुध खोई मैंने मन हनुमान से जोड़ा, अब काहे मैं सोचूं क्या…

చంద్రశేఖర్ అష్టకం

|| చంద్రశేఖరాష్టకం (Chandrasekhara Ashtakam Telugu PDF) || చంద్రశేఖర చంద్రశేఖర చంద్రశేఖర పాహిమామ్ | చంద్రశేఖర చంద్రశేఖర చంద్రశేఖర రక్షమామ్ || రత్నసానుశరాసనం రజతాద్రిశృంగనికేతనం శింజినీకృతపన్నగేశ్వరమచ్యుతానలసాయకమ్ | క్షిప్రదగ్ధపురత్రయం త్రిదివాలయైరభివందితం చంద్రశేఖరమాశ్రయే మమ కిం కరిష్యతి వై యమః || పంచపాదపపుష్పగంధపదాంబుజద్వయశోభితం ఫాలలోచనజాతపావకదగ్ధమన్మథవిగ్రహమ్ | భస్మదిగ్ధకళేబరం భవనాశనం భవమవ్యయం చంద్రశేఖరమాశ్రయే మమ కిం కరిష్యతి వై యమః || మత్తవారణముఖ్యచర్మకృతోత్తరీయమనోహరం పంకజాసనపద్మలోచనపుజితాంఘ్రిసరోరుహమ్ | దేవసింధుతరంగసీకర సిక్తశుభ్రజటాధరం చంద్రశేఖరమాశ్రయే మమ కిం కరిష్యతి వై యమః ||…

Yogini Ekadashi 2025 – पापों से मुक्ति दिलाने वाली योगिनी एकादशी, जानिए पूजा विधि और व्रत का रहस्य

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हिंदू कैलेंडर के आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि भगवान विष्णु के पांचवें अवतार भगवान वामन को समर्पित है और इसे योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन विष्णु भक्तों द्वारा रखा जाने वाला व्रत या उपवास योगिनी एकादशी व्रत है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह दिन हर साल जून-जुलाई…

श्रीदत्त अथर्वशीर्ष

॥ श्रीदत्त अथर्वशीर्ष ॥ ॥ हरिः ॐ ॥ ॐ नमो भगवते दत्तात्रेयाय अवधूताय दिगंबरायविधिहरिहराय आदितत्त्वाय आदिशक्तये ॥ त्वं चराचरात्मकः सर्वव्यापी सर्वसाक्षी त्वं दिक्कालातीतः त्वं द्वन्द्वातीतः ॥ त्वं विश्वात्मकः त्वं विश्वाधारः विश्वेशः विश्वनाथः त्वं विश्वनाटकसूत्रधारः त्वमेव केवलं कर्तासि त्वं अकर्तासि च नित्यम् ॥ त्वं आनन्दमयः ध्यानगम्यः त्वं आत्मानन्दः त्वं परमानन्दः त्वं सच्चिदानन्दः त्वमेव चैतन्यः चैतन्यदत्तात्रेयः ॐ…

श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र

|| श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र PDF || निशंक होई रे मना,निर्भय होई रे मना। प्रचंड स्वामीबळ पाठीशी, नित्य आहे रे मना। अतर्क्य अवधूत हे स्मर्तुगामी, अशक्य ही शक्य करतील स्वामी।।१।। जिथे स्वामीचरण तिथे न्युन्य काय, स्वये भक्त प्रारब्ध घडवी ही माय। आज्ञेवीना काळ ही ना नेई त्याला, परलोकी ही ना भीती तयाला अशक्य ही…

నకిలీ స్వర్గం కథ

|| Poli Swargam Katha PDF || కార్తికమాసం చివరికి రాగానే గుర్తుకువచ్చే కథ ‘పోలిస్వర్గం’. ఇంతకీ ఎవరీ పోలి? ఆమె వెనుక ఉన్న కథ ఏమిటి? దానిని తల్చుకుంటూ సాగే ఆచారం ఏమిటి? అంటే ఆసక్తికరమైన జవాబులే వినిపిస్తాయి. పోలిస్వర్గం అచ్చంగా తెలుగువారి కథ. కార్తికమాసంలోని దీపం ప్రాధాన్యతనే కాదు, ఆ ఆచారాన్ని నిష్కల్మషంగా పాటించాల్సిన అవసరాన్నీ సూచించే గాధ. అనగనగా ఒక ఊరిలో ఒక ఉమ్మడి కుటుంబం ఉండేది. ఆ కుటుంబంలో ఐదుగురు కోడళ్లు…

योगिनी एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

|| योगिनी एकादशी व्रत कथा PDF || स्वर्गधाम की अलकापुरी नामक नगरी में कुबेर नाम का एक राजा रहता था। वह शिव भक्त था और प्रतिदिन शिव की पूजा किया करता था। हेम नाम का एक माली पूजन के लिए उसके यहाँ फूल लाया करता था। हेम की विशालाक्षी नाम की सुंदर स्त्री थी। एक…

मार्तंडाष्टक – खंडोबाची आरती

|| मार्तंडाष्टक – खंडोबाची आरती PDF || त्रैलोक्यी मणिमल्ल दैत्यसकळा अजिंक्य झाले मही । त्याही ब्राह्मण यज्ञहोम हवने विध्वंसिली सर्वही ॥ आला ते समयीं सदाशिवस्वये सोडोनि ब्रह्मांड हो । तो हा पाहू चला कृपाजलनिधी मल्हारि मार्तंड हो ॥१॥ संगे घेऊनि सप्तकोटि गण हे आला असे भूतला । खंडेराव म्हणोनिया अवगला शरत्वतेची लिला ॥ सक्रोधे मणिमल्ल…

अनंतभुजा – विठ्ठलाची आरती

|| अनंतभुजा – विठ्ठलाची आरती PDF || आरती अनंतभुजा ॥ विठो पंढरीराजा ॥ न चालती उपचार ॥ मने सारिली पूजा ॥ आरती अनंतभुजा.. परेस पार नाही ॥ न पडे निगमा ठायी ॥ भुलला भक्तीभावे ॥ लाहो घेतला देही ॥ आरती अनंतभुजा.. अनिर्वाच्य शुद्धबुद्ध ॥ उभा राहिला नीट ॥ रामा जनार्दनी ॥ पायी जोडली वीट ॥…

श्री धूमावती कवच

|| धूमावती कवचम् PDF || ॥ श्री पार्वत्युवाच॥ धूमावत्यर्चनं शम्भो श्रुतम् विस्तरतो मया। कवचं श्रोतुमिच्छामि तस्या देव वदस्व मे ॥ ॥ श्री भैरव उवाच॥ शृणु देवि परङ्गुह्यन्न प्रकाश्यङ्कलौ युगे। कवचं श्रीधूमावत्या: शत्रुनिग्रहकारकम् ॥ ब्रह्माद्या देवि सततम् यद्वशादरिघातिन:। योगिनोऽभवञ्छत्रुघ्ना यस्या ध्यानप्रभावत: ॥ ॐ अस्य श्री धूमावती कवचस्य पिप्पलाद ऋषि: निवृत छन्द:, श्री धूमावती देवता, धूं बीजं,…

महेश नवमी व्रत कथा

|| महेश नवमी व्रत कथा PDF || एक समय की बात है जब राजा खडगलसेन शासन कर रहे थे। उनके पास कोई संतान नहीं थी। वे पुत्रकामेष्टी यज्ञ करने के बाद पुत्र की प्राप्ति के लिए उत्सुक थे, जिससे उन्हें एक पुत्र सुजान बच्चा हुआ। ऋषियों ने उन्हें चेतावनी दी कि उनके पुत्र को 20…

धूमावती एवं बगलामुखी तांत्रिक साधनाएं (Dhumavati Evam Baglamukhi Tantrik Sadhanayen)

धूमावती एवं बगलामुखी तांत्रिक साधनाएं (Dhumavati Evam Baglamukhi Tantrik Sadhanayen)

धूमावती एवं बगलामुखी तांत्रिक साधनाएं एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसे राधा कृष्ण जी ने लिखा है। यह पुस्तक तंत्र साधना, विशेषकर धूमावती और बगलामुखी देवी की साधनाओं पर आधारित है। तंत्रशास्त्र और देवी उपासना में रुचि रखने वालों के लिए यह पुस्तक एक गहन और उपयोगी मार्गदर्शक है। राधा कृष्ण जी एक विद्वान लेखक और…

देवी धूमावती सहस्रनामावली

देवी धूमावती महाविद्याओं में सातवीं महाविद्या हैं, जिन्हें विध्वंसी स्वरूप की देवी के रूप में पूजा जाता है। वे अद्वितीय, रहस्यमय और त्रिगुणात्मक शक्ति का प्रतीक हैं। देवी धूमावती का स्वरूप त्याग, वैराग्य, और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाता है। उनकी सहस्रनामावली में एक हजार नामों का संग्रह है, जो उनकी अपार शक्ति, करुणा, और कृपा…

श्रीशशिनाथा – चंद्राची आरती

|| श्रीशशिनाथा – चंद्राची आरती PDF || जय देव जय देव जय श्रीशशिनाथा । आरती ओवाळू पदि ठेउनि माथा ॥ उदयी तुझ्या हृदयी शीतलता उपजे । हेलावुनि क्षीराब्धी आनंदे गर्जे ॥ विकसित कुमुदिनि देखुनि मन ते बहु रंजे । चकोर नृत्य करिती सुख अद्भुत माजे ॥ जय देव जय देव जय श्रीशशिनाथा.. विशेष महिमा तुझा…

वैनतेया – गरुडाची आरती

|| वैनतेया – गरुडाची आरती PDF || जय देव जय देव जय वैनतेया । आरती ओवाळू तुज पक्षीवया ॥ हरिवहनाऽमृतहरणा कश्यपनंदना । दिनकरसारथिबंधो खगकुलमंडना ॥ कांचनमयबाहू नाम सूपर्ण । नारायनसांनिध्ये वंद्य तू जाण ॥ जय देव जय देव जय वैनतेया.. त्वय्यारूढ होऊनि विष्णूचे गमन । मुनींद्रद्वचने केले सागरझडपन ॥ जलचरी वर्तला आकांत जाण । विनते…

हनुमान तुम्हारे सीने में, दुनिया का मालिक रहता है

|| हनुमान तुम्हारे सीने में, दुनिया का मालिक रहता है || हनुमान तुम्हारे सीने में, दुनिया का मालिक रहता है ॥ जो कोई नहीं कर पाया है, वो तुमने करके दिखाया है, जिसे ढूंढते तीनों लोको में, वो तेरे दिल में बैठा है, हनूमान तुम्हारे सीने में, दुनिया का मालिक रहता है ॥ तेरी भक्ति…

गंगा दशहरा व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| गंगा दशहरा पूजा विधि || गंगा दशहरा का पर्व हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मनुष्य के शरीर, मन और वाणी से जुड़े दस प्रकार के पापों का नाश होता है। यदि गंगा नदी में…

हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ

|| हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ || हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ, आरती उतारूँ प्यारे तुमको मनाऊँ, अवध बिहारी तेरी आरती उतारूँ, हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ ॥ कनक सिहासन रजत जोड़ी, दशरथ नंदन जनक किशोरी, युगल छबि को सदा निहारूँ, हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ॥ बाम भाग शोभित जग…

भक्तीचीये पोटी – काकड आरती

|| भक्तीचीये पोटी – काकड आरती PDF || भक्तीचीये पोटी बोधकाकडा ज्योती ॥ पंचप्राणे जीवे भावे ओवाळू आरती ॥ ओवाळू आरती माझ्या पंढरीनाथा । दोन्ही कर जोडुनी चरणी ठेविला माथा ॥ भक्तीचीये पोटी बोधकाकडा ज्योती.. काय महिमा वर्ण आता सांगणे ते किती ॥ कोटि ब्रह्महत्या मुख पाहता जाती ॥ भक्तीचीये पोटी बोधकाकडा ज्योती.. विटेसहित पाउले…

हे राम भक्त हनुमान जी, मुझे ऐसी भक्ति

|| हे राम भक्त हनुमान जी, मुझे ऐसी भक्ति || हे राम भक्त हनुमान जी, मुझे ऐसी भक्ति दो, चरणों की सेवा कर सकूँ, प्रभु ऐसी शक्ति दो, हे राम भक्त हनुमान जी कारज सवारन राम के, अवतार तुम लहे, अवतार तुम लहे, हे शंकर सुवन अंजनीसुत, मुझको भी मुक्ति दो, चरणों की सेवा कर…

हे राम भक्त हनुमान तुझे, मैंने तो अब पहचान लिया

|| हे राम भक्त हनुमान तुझे, मैंने तो अब पहचान लिया || हे राम भक्त हनुमान तुझे, मैंने तो अब पहचान लिया, तुम दुष्ट संहारक हो तेरा, भक्तों ने सहारा मान लिया ॥ सुग्रीव बाली से डरकर जब, उस निर्जन गिरी पर रोता था, तब तू ही तो धीरज देकर ही, उसके दुखड़ो को हरता…

जय देव पांडुरंगा – दीपारती

|| जय देव पांडुरंगा – दीपारती PDF || जय देव जय देव जय पांडुरंगा ॥ दीपारती ओवाळू तुजला जिवलगा ॥ स्वयंप्रकाशा तुझी सर्वही दीप्ती ॥ पूर्णानंद प्राप्त करिता तव भक्ती ॥ देहत्रय वाती पाजळोनी प्रीती ॥ ओवाळितो प्रेमे देवा तुजप्रती ॥ जय देव जय पांडुरंगा.. देवा तुज पाहता येतो प्रेमपूर ॥ नाम निरंतर गाता होतो…

हे राम, हे राम

|| हे राम, हे राम || हे राम, हे राम जग में साचो तेरो नाम हे राम, हे राम तू ही माता, तू ही पिता है तू ही माता, तू ही पिता है तू ही तो है, राधा का श्याम हे राम, हे राम तू अंतर्यामी, सबका स्वामी तू अंतर्यामी, सबका स्वामी तेरे चरणों में,…

जय देव विठाबाई – नैवेद्यारती

|| जय देव विठाबाई – नैवेद्यारती PDF || जय देव जय देव जय विठाबाई ॥ पक्वान्नादी सिद्धी अर्पी तुज ठायी ॥ षड्रसपक्वान्ने ही अर्पित तुज माई ॥ कृपा करूनी ती तू मान्य करुनि घेई ॥ तृप्ती सर्व जीवा जेविता तु आई ॥ जीवन सर्वांचे हे असे तव पायी ॥ जय देव जय विठाबाई… आनंदे भोजन…

हे संकट मोचन करते है वंदन

|| हे संकट मोचन करते है वंदन || हे संकट मोचन करते है वंदन, तुम्हरे बिना संकट कौन हरे, सालासर वाले तुम हो रखवाले, तुम्हरे बिना संकट कौन हरे ॥ सिवा तेरे ना दूजा हमारा, तू ही आकर के देता सहारा, जो भी विपदा आए, पल में मिट जाए, तुम्हरे बिना संकट कौन हरे ॥…

उठा पांडुरंगा आता – काकड आरती

|| उठा पांडुरंगा आता – काकड आरती PDF || उठा पांडुरंगा आता, दर्शन द्या सकळा । झाला अरुणोदय, सरली निद्रेची वेळा ॥ संत साधू मुनी अवघे, झालेली गोळा । सोडा शेजसुख आता, पाहू द्या मुखकमळा ॥ उठा पांडुरंगा आता.. रंगमंडपी महाद्वारी, झालीसे दाटी । मन उतावेळ, रूप पहावया दष्टी ॥ उठा पांडुरंगा आता.. राई रखुमाबाई,…

हे आनंदघन मंगलभवन, नाथ अमंगलहारी

|| हे आनंदघन मंगलभवन, नाथ अमंगलहारी || हे आनंदघन मंगलभवन, नाथ अमंगलहारी, हम आए शरण तुम्हारी, रघुवर कृपाल प्रभु प्रनतपाल, अब राखो लाज हमारी, हम आए शरण तुम्हारी, हे आनंद घन मंगल भवन, नाथ अमंगलहारी, हम आए शरण तुम्हारी ॥ तुम जैसा नहीं पतित उदाहरण, पतित नहीं हम जैसा, बिन कारण जो द्रवे दीन पर,…

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