हे पुरुषोत्तम श्रीराम, करूणानिधान भगवान
|| हे पुरुषोत्तम श्रीराम, करूणानिधान भगवान || हे पुरुषोत्तम श्रीराम, करूणानिधान भगवान ॥ दोहा – राम नगरीया राम की, और बसे गंग के तीर, अटल राज महाराज को, चौकी हनुमत वीर। चित्रकूट के घाट पर, भई संतन की भीड़, तुलसीदास चन्दन घिसे, तिलक करे रघुवीर ॥ हे पुरुषोत्तम श्रीराम, करूणानिधान भगवान, तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम,…



