श्रीद्विनेत्रशम्भुस्तुतिः

|| श्रीद्विनेत्रशम्भुस्तुतिः || अवतारेऽस्मिन्कामप्रसक्त्यभावाद्विनेत्रत्वम् । अलमिति तार्तीयं किं नेत्रं शम्भुस्तिरोधत्ते ॥ १॥ समताबोधाय नृणां पदपाथोजप्रणम्राणाम् । गिरिशेनाद्य कृपातस्त्यक्ता वा विषमलोचनता ॥ २॥ अथवा किं बोधयितुं विकारहीनं पदं कृपाम्भोधे । वैरूप्यं मा भूदिति समलोचनतां दधासि मे ब्रूहि ॥ ३॥ द्वे विद्ये श्रुतिमध्ये वेद्ये प्रोक्ते जनानां हि । इममर्थं बोधयितुं नेत्रद्वन्द्वं गुरो धत्से ॥ ४॥ बाह्यं तथान्तरं…

Shri Hanuman Bahuk Path

|| Shri Hanuman Bahuk Path || Shri Ganeshaya Namah Shri Janaki Vallabho Vijayate Shrimad-Goswami-Tulsidas-Krit || Chhappaya || Sindhu-taran, Siya-soch-haran, Rabi-baalbaran-tanu | Bhuj bisaal, moorti karaal, kaalhuko kaal janu || Gahan-dahan-nirdahan-lank nihsank, bank-bhuv | Jaatudhaan-balvaan-maan-mad-davan pavansuv || Kah Tulsidas sevat sulabh, sevak hit santat nikat | Gunganat, namat, sumirat, japat, saman sakal-sankat-bikat || 1 || Svaran-saail-sankas…

श्रीदूर्वेशस्तोत्रम्

|| श्रीदूर्वेशस्तोत्रम् || (श्रीदूर्वाक्षेत्रे – अरवङ्गुलापरनामके) गणनाथषण्मुखयुतो गिरिजासंश्लेषतुष्टहृदयाब्जः । दूर्वाभिख्यपुरस्थाँल्लोकान् परिपातु भक्तिविनययुतान् ॥ १॥ विद्यानाथ विनीतिभक्तिसहिताँल्लोकान् कृपावारिधे दूर्वाभिख्यपुरस्थितान्करुणया पाहीभवक्त्रं यथा । विद्यायुःसुखयुक्तिशक्तिभिरलंयुक्तान्विधायानिशं शान्त्याद्यैरपि दिव्यमुक्तिपदवीसन्दर्शकैः शङ्कर ॥ २॥ इति श‍ृङ्गेरि श्रीजगद्गुरु श्रीसच्चिदानन्दशिवाभिनवनृसिंह- भारतीस्वामिभिः विरचितं श्रीदूर्वेशस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।

दशश्लोकीस्तुती साम्बस्तुतिः अथवा साम्बदशकम्

|| दशश्लोकीस्तुती साम्बस्तुतिः अथवा साम्बदशकम् || शिवोत्कर्षदशश्लोकीस्तुतिः साम्बो नः कुलदैवतं पशुपते साम्ब त्वदीया वयं साम्बं स्तौमि सुरासुरोरगगणाः साम्बेन संतारिताः । साम्बायास्तु नमो मया विरचितं साम्बात्परं नो भजे साम्बस्यानुचरोऽस्म्यहं मम रतिः साम्बे परब्रह्मणि ॥ १॥ विष्ण्वाद्याश्च पुरत्रयं सुरगणा जेतुं न शक्ताः स्वयं यं शंभुं भगवन्वयं तु पशवोऽस्माकं त्वमेवेश्वरः । स्वस्वस्थाननियोजिताः सुमनसः स्वस्था बभूवुस्तत स्तस्मिन्मे हृदयं सुखेन…

श्रीत्यागेशस्तुतिः

|| श्रीत्यागेशस्तुतिः || यस्याज्ञया नवच्छिद्रे स्तब्धस्तिष्ठति मारुतः । तं नमामि महादेवं त्यागेशं भक्तवत्सलम् ॥ १॥ शासनात् पावको यस्य सर्वेषामन्तरा स्थितः । तं नमामि महादेवं त्यागेशं भक्तवत्सलम् ॥ २॥ बडबामुखवह्निश्च ज्वलत्यब्धौ यदाज्ञया । तं नमामि महादेवं त्यागेशं भक्तवत्सलम् ॥ ३॥ भूतान्यपि विरुद्धानि मिलितानि यदाज्ञया । तं नमामि महादेवं त्यागेशं भक्तवत्सलम् ॥ ४॥ कलमन्वेति कर्तारं कर्मणां यस्य…

श्रीतेजिनीवनेश्वराष्टोत्तरशतनामावलिः

|| श्रीतेजिनीवनेश्वराष्टोत्तरशतनामावलिः || ॐ ओङ्काररूपाय नमः । ॐ ओङ्कारनिलयाय नमः । ॐ ओङ्कारबीजाय नमः । ॐ ओङ्कारसारसहंसकाय नमः । ॐ ओङ्कारमदमध्याय नमः । ॐ ओङ्कारमन्त्रवाससे नमः । ॐ ओङ्काराध्वरदक्षाय नमः । ॐ ओङ्कारवेदोपनिषदे नमः । ॐ ओङ्कारपरसौख्यदाय नमः । ॐ ओङ्कारमूर्तये नमः । ॐ ओङ्कारवेद्याय नमः । ॐ ओङ्कारभूषणाय नमः । ॐ ओङ्कारवर्णभेदिने नमः ।…

श्रीत्यागराजाष्टकम्

|| श्रीत्यागराजाष्टकम् || चन्द्रार्धचूडाय सदाशिवाय साम्बाय लक्ष्मीपतिसेविताय । भक्तानुरक्षा(क्ता)य महेश्वराय त्यागाधिराजाय नमः शिवाय ॥ १॥ सुमेरुचापाय सुशोभनाय ब्रह्मेन्द्रनारायणवन्दिताय । वाचामतीताय मनोन्मनाय त्यागाधिराजाय नमः शिवाय ॥ २॥ देवादिदेवाय जगत्त्रयाय जन्मादिहीनाय निरञ्जनाय । राजाधिराजाय सुरेश्वराय त्यागाधिराजाय नमः शिवाय ॥ ३॥ वेदान्तवेद्याय विभूषणाय विराजमानाय सुरस्मिताय । शुद्धान्तसूक्ष्माय सुरार्चिताय त्यागाधिराजाय नमः शिवाय ॥ ४॥ रत्नादिभूषाय जटाधराय कल्पान्तहीनाय कलाधराय ।…

श्रीत्यागराजदशकस्तुतिः

|| श्रीत्यागराजदशकस्तुतिः || नीलकन्धर भाललोचन बालचन्द्रशिरोमणे कालकाल कपालमाल हिमालयाचलजापते । शूलदोर्धर मूलशङ्कर मूलयोगिवरस्तुत त्यागराज दयानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ १॥ हारकुण्डलमौलिकङ्कण किङ्किणीकृतपन्नग वीरखड्ग कुबेरमित्र कलत्रपुत्रसमावृत । नारदादि मुनीन्द्रसन्नुत नागचर्मकृताम्बर त्यागराज दयानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ २॥ भूतनाथ पुरान्तकातुल भुक्तिमुक्तिसुखप्रद शीतलामृतमन्दमारुत सेव्यदिव्यकलेवर । लोकनायक पाकशासन शोकवारण कारण त्यागराज दयानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ ३॥ शुद्धमद्धलतालकाहलशङ्खदिव्यरवप्रिय नृत्तगीतरसज्ञ…

तारावलिस्तोत्रम्

|| तारावलिस्तोत्रम् || निरवधिकरुणार्द्रैर्निह्नुताशेषदोषैः अमृतरसझराणां अन्तरङ्गैरपाङ्गैः । अघमखिलमपास्यन् अस्य डिम्भस्य शम्भुः सकलभयनिवृत्तिं साम्बमूर्तिर्विधत्ताम् ॥ १॥ श्रियमवनतिभाजां श्रेयसामादधानैः अमृतरसतरङ्गश्रीधुरीणैरपाङ्गैः । अघमखिलमपास्यन् अस्य डिम्भस्य शम्भुः सकलभयनिवृत्तिं साम्बमूर्तिर्विधत्ताम् ॥ २॥ गजमुखशरजन्मप्रेमगाढोपगूढैः नगदुहितुरमन्दानन्दमूलैरपाङ्गैः । अघमखिलमपास्यन् अस्य डिम्भस्य शम्भुः सकलभयनिवृत्तिं साम्बमूर्तिर्विधत्ताम् ॥ ३॥ गिरिवरतनयायाः केलिकोपे नतस्तत् चरणनखरुचिश्रीवर्मितैरीक्षणैर्द्राक् । अघमखिलमपास्यन् अस्य डिम्भस्य शम्भुः सकलभयनिवृत्तिं साम्बमूर्तिर्विधत्ताम् ॥ ४॥ स्मरहरदयनीयास्मीत्युमायां वदन्त्यां दरहसितमुखेन्दुस्तामपाङ्गैः पिबद्भिः…

Shri Hanuman Stuti

|| Hanuman Stuti || Jay Bajarangi Jay Hanumana, Rudra Roop Jay Jay Balbaan, Sankat Mochan Siy Matu Ke Pyare ॥ Jay Vajrakay Jay Ram Keru Dasa, Hrday Karatu Siyaram Nivasa, Na Janahu Nath Tohe Kas Goharai, Ram Bhakt Tohe Ram Duhai ॥ Vinati Sunahu Laaj Rakhahu Hamari, Kaaj Kon Jo Tum Par Bhari, Ashtasiddhi Navanidhi…

Hanuman Chalisa

|| Hanuman Chalisa || || Doha || Shri Guru Charan Saroj raj Nija manu Mukura sudhari Baranau Raghuvar Bimal Jasu Jo Dayaku Phala Chari Budheeheen Tanu Jannike Sumiro Pavan Kumara Bal Buddhi Vidya Dehoo Mohee Harahu Kalesh Vikaar || Chaupai || Jai Hanuman gyan gun sagar Jai Kapis tihun lok ujagar Ram doot atulit bal…

Hanuman Ji Aarti

|| Hanuman Ji Aarti || Aarti Kije Hanuman Lala Ki। Dusht Dalan Ragunath Kala Ki॥ Jake Bal Se Girivar Kaanpe। Rog Dosh Ja Ke Nikat Na Jhaanke॥ Anjani Putra Maha Baldaaee। Santan Ke Prabhu Sada Sahai॥ Aarti Kije Hanuman Lala Ki। De Beera Raghunath Pathaaye। Lanka Jaari Siya Sudhi Laaye॥ Lanka So Kot Samundra-Si Khai।…

हनुमान वडवनल स्तोत्र (Hanuman Vadvanal Stotra)

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हनुमान वडवानल स्तोत्र भगवान हनुमान की महिमा का वर्णन करने वाला एक प्रभावशाली स्तोत्र है, जिसकी रचना रावण के भाई विभीषण ने की थी। विभीषण, जो भगवान राम और हनुमान के अनन्य भक्त थे, ने इस स्तोत्र की रचना अपने कष्टों से मुक्ति और सुरक्षा हेतु की। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से भक्तों…

हनुमान रक्षा स्तोत्र (Hanuman Raksha Stotram)

हनुमान रक्षा स्तोत्र (Hanuman Raksha Stotram)

हनुमान रक्षा स्तोत्र भगवान हनुमान की महिमा और उनकी कृपा से भक्तों की रक्षा का वर्णन करने वाला एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इस स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में आने वाली बाधाओं, संकटों और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। यह स्तोत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो अपने जीवन…

हनुमान तांडव स्त्रोत (Hanuman Tandav Stotram)

हनुमान तांडव स्त्रोत (Hanuman Tandav Stotram)

हनुमान तांडव स्तोत्र भगवान हनुमान की महिमा का वर्णन करने वाला एक प्रभावशाली स्तोत्र है, जो उनके अद्वितीय पराक्रम, भक्ति और गुणों का गुणगान करता है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से भक्तों के सभी प्रकार के संकट, रोग और शोक दूर होते हैं, और उन्हें साहस, शक्ति तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है।…

Shri Pavanasuta Hanuman Aarti

|| Shri Pavanasuta Hanuman Aarti || Jayati Mangalagara, Sansara, Bharapahara, Vanarakara Vigraha Purari। Rama-Roshanala, Jvalamala Mishadhvantachara-Salabha-Sanharakari॥ Jayati Marudanjanamoda-Mandira, Natagrivasugriva-Duhkhaikabandho। Yatudhanoddhata-Kruddha-Kalagnihara, Siddha-Sura-Sajjananandasindho॥ Jayati Rudragrani, Vishwavandyagrani, Vishvavikhyata-Bhata-Chakravarti। Samagatagrani, Kamajetagrani, Ramahita, Ramabhaktanuvarti॥ Jayati Sangramajaya, Ramasandeshahara, Kaushala-Kushala-Kalyanabhashi। Rama-Viraharka-Santapta-Bharatadi Nara-Nari-Shitalakaranakalpashashi॥ Jayati Sinhasanasina Sitaramana, Nirakhi Nirbhara Harasha Nrityakari। Rama Sambhraja Shobha-Sahita Sarvada Tulasi-Manasa-Ramapura-Vihari॥

Shri Hanuman Ashtak

|| Hanuman Ashtak || Baal samay Ravi bhakshi liyo tab, Teenahum lok bhayo andhiyaron. Taahi so traas bhayo jag ko, Yeh sankat kahu so jaat na taaro. Devan aani kari binati tab, Chhadi diyo Ravi kasht nivaaro. Ko nahin jaanat hai jag mein kapi, Sankatamochan naam tiharo. Bali ki traas kapisa basain giri, Jaata mahaprabhu…

श्री हनुमान स्तवन स्तोत्रम् अर्थ सहित

|| श्री हनुमान स्तवन स्तोत्र एवं अर्थ || प्रनवउं पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥ अर्थ: मैं उन पवन पुत्र को नमन करता हूं, जो दुष्टों को भस्म करने के लिए अग्नि के समान हैं। जो अज्ञान रूपी अंधकार का नाश करने वाले हैं, जिसके हृदय में धनुष-बाण…

Shri Hanuman Stavan Stotram

|| Shri Hanuman Stavan Stotra || Pranavaum Pavanakumara Khalabana Pavaka Jnana Ghana। Jaasu Hridaya Agara Basahin Rama Sara Chaapa Dhara॥ Atulita Baladhamam Hemashaila Bhadeham। Danuja Vana Krishaanum Jnaninam Agraganyam॥ Sakala Gunanidhanam Vanaranam Adheesham। Raghupati Priyabhaktam Vatajatam Namami॥ Gosapadi Kritavariesham Mashakikrita Rakshasam। Ramayanamahamalaratnam Vande’nilatmajam॥ Anjananandnam Veeram Janaki Shokanashanam। Kapisham Akshahantaram Vande Lanka Bhayankaram॥ Ulanghyasindhor Salilam Salilam…

Shri Hanuman Stavan Stotram With Meaning

|| Shri Hanuman Stavan Stotram With Meaning || Pranavaun Pawana-kumaara khala Bana paavaka jnaana ghana Jaasu hridaya aagaara basahin Raama shara chaapa dhara. I offer my bow to the son of the Wind God, who is like a fire to the forest of bad people, and who is like the rain cloud of wisdom, and…

श्री हनुमान स्तवन स्तोत्र

|| श्री हनुमान स्तवन स्तोत्र || प्रनवउं पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥ अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं। दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्॥ सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं। रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥ गोष्पदीकृतवारीशं मशकीकृतराक्षसम्। रामायणमहामालारत्नं वन्देऽनिलात्मजम्॥ अञ्जनानन्दनं वीरं जानकीशोकनाशनम्। कपीशमक्षहन्तारं वन्दे लङ्काभयङ्करम्॥ उलंघ्यसिन्धों: सलिलं सलीलं य: शोकवह्नींजनकात्मजाया:। आदाय तेनैव ददाह लङ्कां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम्॥ मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां…

श्री घटिकाचल हनुमत्स्तोत्रम्

|| श्री घटिकाचल हनुमत्स्तोत्रम् || शङ्खचक्रधरं देवं घटिकाचलवासिनम् । योगारूढं ह्याञ्जनेयं वायुपुत्रं नमाम्यहम् ॥ भक्ताभीष्टप्रदातारं चतुर्बाहुविराजितम् । दिवाकरद्युतिनिभं वन्देऽहं पवनात्मजम् ॥ कौपीनमेखलासूत्रं स्वर्णकुण्डलमण्डितम् । लङ्घिताब्धिं रामदूतं नमामि सततं हरिम् ॥ दैत्यानां नाशनार्थाय महाकायधरं विभुम् । गदाधरकरो यस्तं वन्देऽहं मारुतात्मजम् ॥ नृसिंहाभिमुखो भूत्वा पर्वताग्रे च संस्थितम् । वाञ्छन्तं ब्रह्मपदवीं नमामि कपिनायकम् ॥ बालादित्यवपुष्कं च सागरोत्तारकारकम् ।…

श्री हनुमत तांडव स्तोत्र

|| श्री हनुमत तांडव स्तोत्र || वन्दे सिन्दूरवर्णाभं लोहिताम्बरभूषितम् । रक्ताङ्गरागशोभाढ्यं शोणापुच्छं कपीश्वरम्॥ भजे समीरनन्दनं, सुभक्तचित्तरञ्जनं, दिनेशरूपभक्षकं, समस्तभक्तरक्षकम् । सुकण्ठकार्यसाधकं, विपक्षपक्षबाधकं, समुद्रपारगामिनं, नमामि सिद्धकामिनम् ॥ सुशङ्कितं सुकण्ठभुक्तवान् हि यो हितं वचस्त्वमाशु धैर्य्यमाश्रयात्र वो भयं कदापि न । इति प्लवङ्गनाथभाषितं निशम्य वानराऽधिनाथ आप शं तदा, स रामदूत आश्रयः ॥ सुदीर्घबाहुलोचनेन, पुच्छगुच्छशोभिना, भुजद्वयेन सोदरीं निजांसयुग्ममास्थितौ । कृतौ…

Shri Panchmukhi Hanuman Kavach Stotram

|| Shri Panchmukhi Hanuman Kavach Stotram || | Shri Ganeshaya Namah। Om Asya Shri Panchamukha Hanumatkavachamantrasya Brahma Rishiḥ। Gayatri Chandaḥ। Panchamukha-Virat Hanuman Devata। Hreem Bijaṃ। Shreem Shaktiḥ। Kroum Kilakam। Kroom Kavacham। Kraim Astraya Phat। Iti Digbandhah। | Shri Garuda Uvacha | Atha Dhyanam Pravakshyami Shrunu Sarvangasundara, Yatkritam Devadevena Dhyanam Hanumatah Priyam॥ Panchavaktram Mahabhimam Tripanchanayairyutam, Bahubhir…

ஹனுமான சாலீஸா பாட² ராமப⁴த்³ராசார்ய

|| ஹனுமான சாலீஸா பாட² ராமப⁴த்³ராசார்ய || || தோ³ஹா || ஶ்ரீ கு³ரு சரன ஸரோஜ ரஜ, நிஜ மனு முகுரு ஸுதா⁴ரி. ப³ரனஉம்ˮ ரகு⁴ப³ர பி³மல ஜஸு, ஜோ தா³யகு ப²ல சாரி.. பு³த்³தி⁴ஹீன தனு ஜானிகே, ஸுமிரௌம்ʼ பவன குமார. ப³ல பு³த்³தி⁴ வித்³யா தே³ஹு மோஹிம்ʼ, ஹரஹு கலேஶ விகார.. || சௌபாஈ || ஜய ஹனுமான ஜ்ஞான கு³ன ஸாக³ர. ஜய கபீஸ திஹும்ʼ லோக உஜாக³ர.. ராமதூ³த அதுலித…

श्री हनुमान वडवानल स्तोत्रम्

|| श्री हनुमान वडवानल स्तोत्रम् || विनियोग: ॐ अस्य श्री हनुमान् वडवानल- स्तोत्र-मन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, श्रीहनुमान् वडवानल देवता, ह्रां बीजम्, ह्रीं शक्तिं, सौं कीलकं, मम समस्त विघ्न-दोष- निवारणार्थे, सर्व-शत्रुक्षयार्थे सकल-राज-कुल-संमोहनार्थे, मम समस्त-रोग-प्रशमनार्थम् आयुरारोग्यैश्वर्याऽभिवृद्धयर्थं समस्त-पाप-क्षयार्थं श्रीसीतारामचन्द्र-प्रीत्यर्थं च हनुमद् वडवानल-स्तोत्र जपमहं करिष्ये। ध्यान: मनोजवं मारुत-तुल्य-वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं। वातात्मजं वानर-यूथ-मुख्यं श्रीरामदूतम् शरणं प्रपद्ये।। वडवानल स्तोत्रम्: ॐ ह्रां…

Shri Saptmukhi Hanuman Kavacham

|| Shri Saptmukhi Hanuman Kavacham || || Om Gan Ganapataye Namah || Om Asya Shri Saptamukhivi Rahanumatkavacha Stotramantrasya, Narad Rishi, Anushtup Chanda, Shri Saptamukhikapih Paramatma Devata, Hram Bija, Hrim Shakti, Hrum Kilakam, Mama Sarvabhishṭasiddhyarthe Jape Viniyogah. Om Hram Angushthabhyam Namah. Om Hrim Tarjaniibhyam Namah. Om Hrum Madhyamabhyam Namah. Om Hraim Anamikabhyam Namah. Om Hraum Kanishthikabhyam Namah….

ହନୁମାନ ଚାଲୀସା ପାଠ ରାମଭଦ୍ରାଚାର୍ୟ

|| ହନୁମାନ ଚାଲୀସା ପାଠ ରାମଭଦ୍ରାଚାର୍ୟ || || ଦୋହା || ଶ୍ରୀ ଗୁରୁ ଚରନ ସରୋଜ ରଜ, ନିଜ ମନୁ ମୁକୁରୁ ସୁଧାରି। ବରନଉଁ ରଘୁବର ବିମଲ ଜସୁ, ଜୋ ଦାୟକୁ ଫଲ ଚାରି॥ ବୁଦ୍ଧିହୀନ ତନୁ ଜାନିକେ, ସୁମିରୌଂ ପବନ କୁମାର। ବଲ ବୁଦ୍ଧି ବିଦ୍ୟା ଦେହୁ ମୋହିଂ, ହରହୁ କଲେଶ ବିକାର॥ || ଚୌପାଈ || ଜୟ ହନୁମାନ ଜ୍ଞାନ ଗୁନ ସାଗର। ଜୟ କପୀସ ତିହୁଂ ଲୋକ ଉଜାଗର॥ ରାମଦୂତ ଅତୁଲିତ…

હનુમાન ચાલીસા પાઠ રામભદ્રાચાર્ય

|| હનુમાન ચાલીસા પાઠ રામભદ્રાચાર્ય || || દોહા || શ્રી ગુરુ ચરન સરોજ રજ, નિજ મનુ મુકુરુ સુધારિ. બરનઉઁ રઘુબર બિમલ જસુ, જો દાયકુ ફલ ચારિ.. બુદ્ધિહીન તનુ જાનિકે, સુમિરૌં પવન કુમાર. બલ બુદ્ધિ વિદ્યા દેહુ મોહિં, હરહુ કલેશ વિકાર.. || ચૌપાઈ || જય હનુમાન જ્ઞાન ગુન સાગર. જય કપીસ તિહું લોક ઉજાગર.. રામદૂત અતુલિત…

ਹਨੁਮਾਨ ਚਾਲੀਸਾ ਪਾਠ ਰਾਮਭਦ੍ਰਾਚਾਰ੍ਯ

|| ਹਨੁਮਾਨ ਚਾਲੀਸਾ ਪਾਠ ਰਾਮਭਦ੍ਰਾਚਾਰ੍ਯ || || ਦੋਹਾ || ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੁ ਚਰਨ ਸਰੋਜ ਰਜ, ਨਿਜ ਮਨੁ ਮੁਕੁਰੁ ਸੁਧਾਰਿ। ਬਰਨਉੰ ਰਘੁਬਰ ਬਿਮਲ ਜਸੁ, ਜੋ ਦਾਯਕੁ ਫਲ ਚਾਰਿ॥ ਬੁੱਧਿਹੀਨ ਤਨੁ ਜਾਨਿਕੇ, ਸੁਮਿਰੌਂ ਪਵਨ ਕੁਮਾਰ। ਬਲ ਬੁੱਧਿ ਵਿਦ੍ਯਾ ਦੇਹੁ ਮੋਹਿੰ, ਹਰਹੁ ਕਲੇਸ਼ ਵਿਕਾਰ॥ || ਚੌਪਾਈ || ਜਯ ਹਨੁਮਾਨ ਜ੍ਞਾਨ ਗੁਨ ਸਾਗਰ। ਜਯ ਕਪੀਸ ਤਿਹੁੰ ਲੋਕ ਉਜਾਗਰ॥ ਰਾਮਦੂਤ ਅਤੁਲਿਤ…

হনুমান চালীসা পাঠ রামভদ্রাচার্য

|| হনুমান চালীসা পাঠ রামভদ্রাচার্য || || দোহা || শ্রী গুরু চরন সরোজ রজ, নিজ মনু মুকুরু সুধারি। বরনউঁ রঘুবর বিমল জসু, জো দায়কু ফল চারি॥ বুদ্ধিহীন তনু জানিকে, সুমিরৌং পবন কুমার। বল বুদ্ধি বিদ্যা দেহু মোহিং, হরহু কলেশ বিকার॥ || চৌপাঈ || জয় হনুমান জ্ঞান গুন সাগর। জয় কপীস তিহুং লোক উজাগর॥ রামদূত অতুলিত…

হনুমান চালীসা পাঠ ৰামভদ্ৰাচাৰ্য

|| হনুমান চালীসা পাঠ ৰামভদ্ৰাচাৰ্য || || দোহা || শ্ৰী গুৰু চৰন সৰোজ ৰজ, নিজ মনু মুকুৰু সুধাৰি। বৰনউঁ ৰঘুবৰ বিমল জসু, জো দায়কু ফল চাৰি॥ বুদ্ধিহীন তনু জানিকে, সুমিৰৌং পৱন কুমাৰ। বল বুদ্ধি ৱিদ্যা দেহু মোহিং, হৰহু কলেশ ৱিকাৰ॥ || চৌপাঈ || জয় হনুমান জ্ঞান গুন সাগৰ। জয় কপীস তিহুং লোক উজাগৰ॥ ৰামদূত অতুলিত…

बजरंगबली हनुमान साठिका (Hanuman Sathika)

बजरंगबली हनुमान साठिका (Hanuman Sathika)

हनुमान साठिका भगवान हनुमान की महिमा का वर्णन करने वाला एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जिसकी रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी। इस स्तोत्र में कुल साठ चौपाइयाँ हैं, इसलिए इसे ‘साठिका’ कहा जाता है। इसका नियमित पाठ करने से भक्तों को जीवन में आने वाली बाधाओं, रोगों और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है, साथ…

ഹനുമാന ചാലീസാ പാഠ രാമഭദ്രാചാര്യ

|| ഹനുമാന ചാലീസാ പാഠ രാമഭദ്രാചാര്യ || || ദോഹാ || ശ്രീ ഗുരു ചരന സരോജ രജ, നിജ മനു മുകുരു സുധാരി. ബരനഉഁ രഘുബര ബിമല ജസു, ജോ ദായകു ഫല ചാരി.. ബുദ്ധിഹീന തനു ജാനികേ, സുമിരൗം പവന കുമാര. ബല ബുദ്ധി വിദ്യാ ദേഹു മോഹിം, ഹരഹു കലേശ വികാര.. || ചൗപാഈ || ജയ ഹനുമാന ജ്ഞാന ഗുന സാഗര. ജയ കപീസ തിഹും ലോക ഉജാഗര.. രാമദൂത അതുലിത ബല…

ಹನುಮಾನ ಚಾಲೀಸಾ ಪಾಠ ರಾಮಭದ್ರಾಚಾರ್ಯ

|| ಹನುಮಾನ ಚಾಲೀಸಾ ಪಾಠ ರಾಮಭದ್ರಾಚಾರ್ಯ || || ದೋಹಾ || ಶ್ರೀ ಗುರು ಚರನ ಸರೋಜ ರಜ, ನಿಜ ಮನು ಮುಕುರು ಸುಧಾರಿ. ಬರನಉಁ ರಘುಬರ ಬಿಮಲ ಜಸು, ಜೋ ದಾಯಕು ಫಲ ಚಾರಿ.. ಬುದ್ಧಿಹೀನ ತನು ಜಾನಿಕೇ, ಸುಮಿರೌಂ ಪವನ ಕುಮಾರ. ಬಲ ಬುದ್ಧಿ ವಿದ್ಯಾ ದೇಹು ಮೋಹಿಂ, ಹರಹು ಕಲೇಶ ವಿಕಾರ.. || ಚೌಪಾಈ || ಜಯ ಹನುಮಾನ ಜ್ಞಾನ ಗುನ ಸಾಗರ. ಜಯ ಕಪೀಸ ತಿಹುಂ ಲೋಕ ಉಜಾಗರ.. ರಾಮದೂತ ಅತುಲಿತ…

హనుమాన చాలీసా పాఠ రామభద్రాచార్య

|| హనుమాన చాలీసా పాఠ రామభద్రాచార్య || || దోహా || శ్రీ గురు చరన సరోజ రజ, నిజ మను ముకురు సుధారి. బరనఉఀ రఘుబర బిమల జసు, జో దాయకు ఫల చారి.. బుద్ధిహీన తను జానికే, సుమిరౌం పవన కుమార. బల బుద్ధి విద్యా దేహు మోహిం, హరహు కలేశ వికార.. || చౌపాఈ || జయ హనుమాన జ్ఞాన గున సాగర. జయ కపీస తిహుం లోక ఉజాగర.. రామదూత అతులిత…

रामभद्राचार्य हनुमान चालिसा पठण

॥ हनुमान चालीसा पाठ – रामभद्राचार्य ॥ ॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधार। बरणऊं रघुवर बिमल जस, जो दायक फल चार।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार। बल बुद्धि विद्या देहु मोही, हरहु कलेश विकार।। ॥ चौपाई ॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। रामदूत…

श्री हनुमान बाहुक पाठ

|| श्री हनुमान बाहुक पाठ || श्रीगणेशाय नमः श्रीजानकीवल्लभो विजयते श्रीमद्-गोस्वामी-तुलसीदास-कृत ॥ छप्पय ॥ सिंधु-तरन, सिय-सोच हरन, रबि-बालबरन-तनु । भुज बिसाल, मूरति कराल कालहुको काल जनु ॥ गहन-दहन-निरदहन-लंक निःसंक, बंक-भुव । जातुधान-बलवान-मान-मद-दवन पवनसुव ॥ कह तुलसिदास सेवत सुलभ, सेवक हित सन्तत निकट। गुनगनत, नमत, सुमिरत, जपत, समन सकल-संकट-बिकट ॥१॥ स्वर्न-सैल-संकास कोटि-रबि-तरुन तेज घन। उर बिसाल,…

पवनपुत्र हनुमान (Pavanputra Hanuman)

पवनपुत्र हनुमान (Pavanputra Hanuman)

पवनपुत्र हनुमान ग्रंथ भगवान हनुमान की अद्भुत शक्तियों, उनकी भक्ति, और उनके जीवन की प्रेरक कथाओं को समर्पित है। इस पुस्तक के लेखक स्वतन्त्र जैन ने भगवान हनुमान के चरित्र और उनके अलौकिक गुणों को इस प्रकार प्रस्तुत किया है कि यह हर पाठक के मन में भक्ति और श्रद्धा का संचार करता है। इस…

श्रीताण्डवेश्वरस्तोत्रम्

|| श्रीताण्डवेश्वरस्तोत्रम् || वृथा किं संसारे भ्रमथ मनुजा दुःखबहुले पदाम्भोजं दुःखप्रशमनमरं संश्रयत मे । इतीशानस्सर्वान्परमकरुणानीरधिरहो पदाब्जं ह्युद्धृत्याबुजनिभ करेणोपदिशति ॥ १॥ संसारानलतापतप्त हृदयास्सर्वे जवान्मत्पदं सेवध्वं मनुजा भयं भवतु मा युष्माकमित्यद्रिशः । हस्तेऽग्निं दधदेष भीतिहरणं हस्तं च पादाम्भुजं ह्युद्धृत्योपदिशत्यहो करसरोजातेन कारुण्यधिः ॥ २॥ ताण्डवेश्वर ताण्डवेश्वर ताण्डवेश्वर पाहि माम् । ताण्डवेश्वर ताण्डवेश्वर ताण्डवेश्वर रक्ष माम् ॥ ३॥ गाण्डिवेश्वर…

जयस्तुतिः अथवा शिवचामरस्तोत्रम्

|| जयस्तुतिः अथवा शिवचामरस्तोत्रम् || जय सर्वजनाधीश जय गौरीपते शिव । जय देव महादेव जयगङ्गाधरेश्वर ॥ १॥ जय दग्धपुराध्यक्ष जय कालान्तकारक । जय कामविरामेश जय भक्तानुकम्पक ॥ २॥ जय त्रैलोक्यसंरक्षिन् जय निर्गुण सद्गुण । जयानन्तगुणारम्भ जय घोर महेश्वर ॥ ३॥ जय चन्द्रकलाक्रान्त जय नागेन्द्रभूषण । जय पुङ्गवसत्केतो जय त्र्यक्ष महेश्वर ॥ ४॥ जयान्तकरिपो शम्भो जय…

जम्बुनाथाष्टकम्

|| जम्बुनाथाष्टकम् || । श्री श्रीधरवेङ्कटेशार्येण विरचितम् । कश्चन जगतां हेतुः कपर्दकन्दलितकुमुदजीवातुः । जयति ज्ञानमहीन्दुर्जन्ममृतिक्लांतिहरदयाबिन्दुः ॥ १॥ श्रितभृतिभद्धपताकः कलितोत्पलवननवमदोद्रेकः । अखिलाण्डमातुरेकः सुखयत्वस्मांस्तपःपरीपाकः ॥ २॥ कश्चन कारुण्यझरः कमलाकुचकलशकषणनिशितशरः । श्रीमान् दमितत्रिपुरः श्रितजंभूपरिसरश्चकास्तु पुरः ॥ ३॥ शमितस्मरदवविसरश्शक्राद्याशास्यसेवनावसरः । करिवनघनभाग्यभरो गिरतु मलं मम मनस्सरश्शफरः ॥ ४॥ गृहिणीकृतवैकुण्ठं गेहितजंभूमहीरुडुपकण्ठम् । दिव्यं किमप्यकुण्ठं तेजः स्तादस्मदवनसोत्कण्ठम् ॥ ५॥ कृतशमनदर्पहरणं कृतकेतरफणितिचारिरथचरणम् ।…

यंत्रोद्धारक हनुमान स्तोत्र (Yantrodharaka Hanuman Stotra)

यंत्रोद्धारक हनुमान स्तोत्र (Yantrodharaka Hanuman Stotra)

यंत्रोद्धारक हनुमान स्तोत्र भगवान हनुमान की महिमा का वर्णन करने वाला एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जिसकी रचना श्री व्यासराज तीर्थ ने की थी। यह स्तोत्र विशेष रूप से उन भक्तों के लिए लाभकारी माना जाता है जो अपने जीवन में आने वाली बाधाओं, रोगों और कष्टों से मुक्ति पाना चाहते हैं। इस स्तोत्र का नियमित…

जन्मसागरोत्तारणस्तोत्रम्

|| जन्मसागरोत्तारणस्तोत्रम् || श्रीगणेशाय नमः ॥ श्रीरामपूजितपदाम्बुज चापपाणे श्रीचक्रराजकृतवास कृपाम्बुराशे । श्रीसेतुमूलचरणप्रवणान्तरङ्ग श्रीरामनाथ लघु तारय जन्मवार्धिम् ॥ १॥ नम्राधवृन्दविनिवारणबद्धदीक्ष शैलाधिराजतनयापरिरब्धवर्ष्मन् । श्रीनाथमुख्यसुरवर्यनिषेविताङ्घ्रे श्रीरामनाथ लघु तारय जन्मवार्धिम् ॥ २॥ शूराहितेभवदनाश्रितपार्श्वभाग क्रूरारिवर्गविजयप्रद शीघ्रमेव । साराखिलागमतदन्तपुराणपङ्क्तेः श्रीरामनाथ लघु तारय जन्मवार्धिम्॥ ३॥ शब्दादिमेषु विषयेषु समीपगेष्व- प्यासक्तिगन्धरहितान्निजपादनम्रान् । कुर्वाण कामदहनाक्षिलसल्ललाट श्रीरामनाथ लघु तारय जन्मवार्धिम् ॥ ४॥ इति जन्मसागरोत्तारणस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।

श्रीचिदम्बरेशस्तुतिः

|| श्रीचिदम्बरेशस्तुतिः || कल्याणमूर्तिं कनकाद्रिचापं कान्तासमाक्रान्तनिजार्धदेहम् । कालान्तकं कामरिपुं पुरारिं चिदम्बरेशं हृदि भावयामि ॥ १॥ विश्वाधिकं विष्णुमुखैरुपास्यं त्रिलोचनं चन्द्रकलावतंसम् । उमापतिं पापहरं प्रशान्तं चिदम्बरेशं हृदि भावयामि ॥ २॥ विश्वेश्वरं नित्यमनन्तरूपं बालेन्दुचूडं सुरवन्द्यपादम् । पतिं पशूनां हृदि सन्निविष्टं चिदम्बरेशं हृदि भावयामि ॥ ३॥ विशालनेत्रं परिपूर्णगात्रं गौरीकलत्रं सुरवैरिशत्रुम् । कुबेरमित्रं जगदेकपात्रं चिदम्बरेशं हृदि भावयामि ॥ ४॥ कैलासवासं…

Ganesha Ashtottara Shatanamavali

|| Ganesha Ashtottara Shatanamavali || Om Gajananaya Namah Om Ganadakshaya Namah Om Vighnarajaya Namah Om Vinayakaya Namah Om Dvaimaturaya Namah Om Dvimukhaya Namah Om Pramukhaya Namah Om Sumukhaya Namah Om Kritine Namah Om Supradeepaya Namah Om Sukhanidhaye Namah Om Suradakshaya Namah Om Surarighnaya Namah Om Mahaganapataye Namah Om Manyaya Namah Om Mahakalaya Namah Om Mahabalaya…

গণেশ অষ্টোত্তর শতনামাবলী

|| গণেশ অষ্টোত্তর শতনামাবলী (Ganesha Ashtottara Shatanamavali PDF) || ওঁ গজাননায় নমঃ ওঁ গণাধ্যক্ষায় নমঃ ওঁ বিঘ্নারাজায় নমঃ ওঁ বিনায়কায় নমঃ ওঁ দ্ত্বেমাতুরায় নমঃ ওঁ দ্বিমুখায় নমঃ ওঁ প্রমুখায় নমঃ ওঁ সুমুখায় নমঃ ওঁ কৃতিনে নমঃ ওঁ সুপ্রদীপায় নমঃ (10) ওঁ সুখনিধয়ে নমঃ ওঁ সুরাধ্যক্ষায় নমঃ ওঁ সুরারিঘ্নায় নমঃ ওঁ মহাগণপতয়ে নমঃ ওঁ মান্যায় নমঃ…

ગણેશ અષ્ટોત્તર શતનામાવલી

|| ગણેશ અષ્ટોત્તર શતનામાવલી (Ganesha Ashtottara Shatanamavali PDF) || ૐ ગજાનનાય નમઃ ૐ ગણાધ્યક્ષાય નમઃ ૐ વિઘ્નારાજાય નમઃ ૐ વિનાયકાય નમઃ ૐ દ્ત્વેમાતુરાય નમઃ ૐ દ્વિમુખાય નમઃ ૐ પ્રમુખાય નમઃ ૐ સુમુખાય નમઃ ૐ કૃતિને નમઃ ૐ સુપ્રદીપાય નમઃ (10) ૐ સુખનિધયે નમઃ ૐ સુરાધ્યક્ષાય નમઃ ૐ સુરારિઘ્નાય નમઃ ૐ મહાગણપતયે નમઃ ૐ માન્યાય નમઃ…

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