क्या आप जानते हैं कि आपके घर का मंदिर आपके लिए कैलाश बन सकता है? जी हाँ! अगर आपके घर में शिवलिंग (Shivlinga) स्थापित है, तो आप हर दिन भगवान शिव (Lord Shiva) के सबसे करीब होते हैं। शिवलिंग की नियमित पूजा और अभिषेक (Abhisheka) से जीवन के सभी दुख, रोग और कष्ट दूर हो जाते हैं।
लेकिन अक्सर लोग सोचते हैं कि घर में शिवलिंग की पूजा करना कठिन है। बिलकुल नहीं! आज हम आपको एक सरल, संपूर्ण और भारतीय भक्ति से भरी हुई शिवलिंग की रोजाना पूजा विधि बताएंगे, साथ ही देंगे 5 ऐसे अचूक मंत्र जो आपकी पूजा को पूर्णता प्रदान करेंगे।
शिवलिंग पूजा का महत्व – क्यों है यह सबसे खास? (Importance of Shivling Puja)
शिवलिंग भगवान शिव का निराकार स्वरूप (Formless form) है। इसकी पूजा करने का अर्थ है सीधे परमपिता परमेश्वर से जुड़ना।
- सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) – रोजाना अभिषेक से घर में पवित्रता और शांति बनी रहती है।
- ग्रह दोष निवारण – विशेष रूप से चंद्रमा (Moon) और शनि (Shani) ग्रह से संबंधित दोष दूर होते हैं।
- इच्छापूर्ति – शिवलिंग पर चढ़ाया गया एक-एक लोटा जल आपकी प्रार्थना को महादेव तक पहुंचाता है।
- मोक्ष की प्राप्ति – नियमित पूजा व्यक्ति को जीवन-मरण के बंधन से मुक्त करने में सहायक होती है।
घर में शिवलिंग की रोजाना पूजा विधि (Daily Puja Ritual)
अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इस सरल विधि को अपनाकर आप महादेव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र (Clean clothes) पहनें। शिवलिंग को उत्तर दिशा (North direction) की ओर मुख करके स्थापित करें।
- पूजा सामग्री तैयार रखें: जल, दूध, बेलपत्र (Belpatra), धतूरा, अक्षत (चावल), चंदन, धूप और दीपक।
- हाथ में थोड़ा जल लेकर अपनी इच्छा (Wish) बोलते हुए संकल्प करें कि आप यह पूजा भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कर रहे हैं। कुछ देर आँखें बंद करके ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए महादेव का ध्यान करें।
- सबसे पहले शिवलिंग को गंगाजल (यदि उपलब्ध हो) या शुद्ध जल से स्नान कराएं। जल चढ़ाते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करते रहें।
- इसके बाद क्रमशः दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (Sugar) से अभिषेक करें। ये पंचामृत (Five Nectars) महादेव को अत्यंत प्रिय हैं। प्रत्येक पदार्थ चढ़ाने के बाद शुद्ध जल अवश्य अर्पित करें।
- शुद्ध जल से अंतिम स्नान कराने के बाद शिवलिंग को वस्त्र या मोली (Sacred thread) अर्पित करें। चंदन से त्रिपुंड (Three lines) बनाएं। बेलपत्र (उल्टा करके, चिकनी सतह शिवलिंग पर), फूल (मदार, कनेर), अक्षत, भांग और धतूरा अर्पित करें।
दीपक और धूप जलाएं। - कम से कम 11 बार पंचाक्षर मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। अंत में भगवान शिव की आरती (Aarti) करें और उन्हें फल या मिठाई का भोग (Bhoga) लगाएं।
अभिषेक के 5 अचूक मंत्र: (5 Powerful Abhisheka Mantras)
ये 5 मंत्र अभिषेक के दौरान जप करने से विशेष लाभ देते हैं और आपकी पूजा को अलौकिक शक्ति प्रदान करते हैं।
- पंचाक्षर मंत्र (The Five Syllable Mantra) – सबसे सरल और शक्तिशाली – ॐ नमः शिवाय , यह मंत्र सभी पापों का नाश करता है और आपको भगवान शिव के चरणों में स्थान दिलाता है।
- महामृत्युंजय मंत्र (Maha Mrityunjaya Mantra) – आरोग्य और दीर्घायु के लिए – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ अकाल मृत्यु का भय टलता है, गंभीर रोग (Diseases) से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
- रूद्र गायत्री मंत्र (Rudra Gayatri Mantra) – ज्ञान और बुद्धि के लिए – ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ एकाग्रता (Concentration) बढ़ती है, ज्ञान की प्राप्ति होती है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।
- शिव नामवाली मंत्र (Shiva Namawali Mantra) – शीघ्र प्रसन्नता के लिए – श्री शिवाय नमः। श्री शंकराय नमः। श्री महेश्वराय नमः। इस मंत्र का उच्चारण करने से महादेव तुरंत प्रसन्न होते हैं और मनचाहा वरदान देते हैं।
- शिव स्तुति मंत्र (Shiva Stuti Mantra) – मोक्ष प्राप्ति के लिए – मन्दाकिनी सलिलचन्दनचर्चिताय, नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय। मण्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय, तस्मै ‘म’ काराय नमः शिवायः॥ यह शिव पंचाक्षर स्त्रोत का हिस्सा है। इसका जाप करने से जीवन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और अंत में मोक्ष मिलता है।
ज़रूरी बातें (Important Notes)
- शिवलिंग का साइज़ (Size) – घर में बहुत बड़े शिवलिंग की स्थापना नहीं करनी चाहिए। अंगूठे के पोर (Tip of the thumb) के आकार का शिवलिंग सबसे शुभ माना जाता है।
- जल निकास – शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल सीधे नाली में नहीं जाना चाहिए। हमेशा बर्तन या टब (Tub) रखकर उस जल को एकत्रित करें और फिर उसे किसी पौधे (Except Tulsi) में डाल दें।
- तुलसी और हल्दी – शिवलिंग पर कभी भी तुलसी पत्ता या हल्दी (Turmeric) नहीं चढ़ानी चाहिए। यह पूजा विधि अत्यंत सरल है, पर इसमें पूरी श्रद्धा और विश्वास (Faith) होना आवश्यक है। जब आप सच्चे मन से महादेव की पूजा करते हैं, तो उनकी कृपा आप पर हमेशा बनी रहती है।
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