जय श्री श्याम! जब भी बात राजस्थान के सीकर जिले में बसे खाटू धाम की होती है, तो दिल श्रद्धा और भक्ति से भर उठता है। कलयुग के देव, ‘हारे का सहारा’ बाबा श्याम, हर उस व्यक्ति को अपनी शरण देते हैं, जो जीवन की जंग हार चुका हो। यह धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है, जहाँ बाबा श्याम (Lord Shyam) अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाटू श्याम जी की यात्रा तब तक अधूरी है, जब तक आप उनके प्राकट्य स्थल श्याम कुंड – के दर्शन और उसके जल को स्पर्श नहीं करते? यह कुंड अपने आप में कई अनसुलझे रहस्य (mysteries) और चमत्कारी शक्तियों को समेटे हुए है।
श्याम कुंड – जहाँ हुआ था शीश का अवतरण (Manifestation)
श्याम कुंड, खाटू श्याम मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक पवित्र जलाशय है। यह वह पावन भूमि है, जहाँ महाभारत काल के महान योद्धा, बर्बरीक (जिन्हें बाद में भगवान श्रीकृष्ण ने ‘श्याम’ नाम दिया) का शीश धरती से अवतरित हुआ था।
महाभारत से जुड़ी कुंड की कहानी
कथाओं के अनुसार, जब भगवान कृष्ण ने बर्बरीक से उनका शीश दान में माँगा, तो उन्होंने धर्म की विजय के लिए बिना किसी संकोच के अपना शीश समर्पित कर दिया। उनके इस बलिदान से प्रसन्न होकर, श्रीकृष्ण ने उनके शीश को अमर कर दिया और वरदान दिया कि वे कलयुग में उनके नाम ‘श्याम’ से पूजे जाएँगे और ‘शीश के दानी’ कहलाएँगे।
सदियों बाद, राजस्थान के खाटू गाँव के पास इसी स्थान पर उनका शीश जमीन से प्रकट हुआ। कहते हैं कि एक गाय रोज़ाना इस जगह आकर दूध की धारा बहाती थी, जिससे स्थानीय लोगों को इस चमत्कारी स्थान का पता चला। खुदाई करने पर, यहाँ से बाबा श्याम का शीश मिला, जिसे बाद में मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया। यही वह ऐतिहासिक (historical) और दिव्य स्थान है, जिसे आज हम श्याम कुंड के नाम से जानते हैं।
श्याम कुंड के गुप्त रहस्य और चमत्कारी लाभ
श्याम कुंड का जल सिर्फ साधारण पानी नहीं है, बल्कि स्वयं बाबा श्याम की कृपा का प्रतीक है। इस कुंड से जुड़े कुछ ऐसे रहस्य और मान्यताएं हैं, जो इसे अत्यंत खास (special) बनाती हैं:
- पाताल से आता है जल – यह कुंड अंडाकार आकृति में बना है और आश्चर्यजनक रूप से, इसका जल कभी नहीं सूखता। मान्यता है कि इसका स्रोत पाताल लोक से जुड़ा हुआ है, जिससे यह हमेशा पवित्र जल से भरा रहता है।
- रोग-नाशक शक्ति – भक्तों का अटूट विश्वास है कि इस कुंड में सच्चे मन से एक डुबकी लगाने या इसके जल का छिड़काव करने मात्र से सभी प्रकार के चर्म रोग (skin diseases) और शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं। यह जल आत्मिक और शारीरिक दोनों तरह से शुद्धिकरण (purification) करता है।
- पापों का नाश – धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्याम कुंड में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। यह कुंड खाटू धाम का ‘तीर्थ जलाशय’ भी कहलाता है।
- संतान सुख की प्राप्ति – कई भक्त मानते हैं कि जो दंपत्ति निःसंतान (childless) हैं और सच्चे हृदय से इस कुंड में स्नान कर बाबा श्याम से प्रार्थना करते हैं, उन्हें शीघ्र ही संतान सुख की प्राप्ति होती है।
आपकी खाटू श्याम जी यात्रा (Khatu Shyam Ji Yatra) का महत्वपूर्ण हिस्सा
श्याम कुंड के दर्शन किए बिना आपकी खाटू यात्रा अधूरी है। यदि आप बाबा श्याम के दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- सबसे पहले स्नान – कई श्रद्धालु मंदिर में दर्शन से पूर्व इस कुंड में स्नान करके या इसके जल का छींटा लगाकर खुद को शुद्ध करते हैं।
- महिला और पुरुष कुंड – श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस कुंड को दो भागों में विभक्त किया गया है – महिला कुंड और पुरुष कुंड।
- चरणामृत ग्रहण – श्याम कुंड के जल को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस जल का चरणामृत (holy water) ग्रहण करना आत्मिक शक्ति और शांति प्रदान करता है।
- मन की शुद्धि – कुंड में स्नान करते समय या जल को स्पर्श करते समय, केवल शरीर की नहीं, बल्कि अपने मन की भी शुद्धि करें। अपने सभी कष्टों को कुंड में समर्पित कर, नई शुरुआत (new beginning) का संकल्प लें।
श्याम कुंड वह द्वार है, जहाँ से बाबा श्याम के दरबार में प्रवेश करने से पहले आपकी आत्मा को निर्मलता मिलती है। यह स्थान हमें सिखाता है कि बड़े से बड़ा त्याग (sacrifice) भी धर्म की रक्षा और दूसरों की भलाई के लिए छोटा होता है।
तो अगली बार जब भी आप खाटू धाम की यात्रा करें, तो श्याम कुंड के इस दिव्य और चमत्कारी जल को स्पर्श करना न भूलें। हो सकता है, आपके जीवन के सभी कष्टों को दूर करने का रहस्य इसी एक डुबकी में छिपा हो!
जय श्री श्याम! हारे का सहारा!
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