श्याम भज ले घड़ी दो घड़ी
तर्ज – ज़िन्दगी की ना टूटे लड़ी
उलझनों की ये सुलझे लड़ी,
श्याम भज ले घड़ी दो घड़ी ||
श्याम सुमिरण का धन साथ देगा,
जबकि माया क्या कब रूठ जाए,
एक पल का भरोसा नहीं है,
सांस का तार कब टूट जाए,
ज़िन्दगी मौत के दर खड़ी,
श्याम भज ले घड़ी दो घडी,
उलझनों की ये सुलझे लड़ी,
श्याम भज ले घड़ी दो घड़ी ||
साफ़ दिखेगी सूरत प्रभु की,
मन के दर्पण का तुम मैल धो लो,
सबके दिल गंगाजल से लगेंगे,
अपने मन की कपट गाँठ खोलो,
छोड़कर सारी धोखाधड़ी,
श्याम भज ले घड़ी दो घडी,
उलझनों की ये सुलझे लड़ी,
श्याम भज ले घड़ी दो घड़ी ||
सौंप प्रभु पे सकल उलझने तू,
ग्रस्त चिंता में क्यों तेरा मन है,
सम्पदा सुख सुयश देने वाला,
सिर्फ एक ये हरी का भजन है,
श्याम का नाम दौलत बड़ी,
श्याम भज ले घड़ी दो घडी,
उलझनों की ये सुलझे लड़ी,
श्याम भज ले घड़ी दो घड़ी ||
उलझनों की ये सुलझे लड़ी,
श्याम भज ले घड़ी दो घड़ी ||
- hindiआज जन्माष्टमी पर अवश्य पढ़ें – भए प्रगट कृपाला दीनदयाला
- hindiकान्हा मेरी राखी का, तुझे कर्ज चुकाना है – भजन
- hindiऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे
- hindiआज है आनंद बाबा नन्द के भवन में
- hindiआ जाओ सरकार, दिल ने पुकारा है
- hindiअब किसी महफिल में जाने
- hindiआता रहा है सांवरा, आता ही रहेगा
- hindiआपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी
- hindiआनंद ही आनंद बरस रहा, बलिहारी ऐसे सद्गुरु की
- hindiआना मदन गोपाल, हमारे घर कीर्तन में
- hindiअगर प्यार तेरे से पाया ना होता
- hindiगजरा गिर गया जमुना जल में
- hindiबनवारी रे! जीने का सहारा तेरा नाम रे
- hindiबनवारी ओ कृष्ण मुरारी
- hindiबांटो बांटो मिठाई मनाओ ख़ुशी
Found a Mistake or Error? Report it Now


