भारत में अनेक प्रसिद्ध मंदिर हैं जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और रहस्यमयी दृष्टिकोण से भी अनमोल हैं। लेकिन जब बात “दुनिया के सबसे अमीर मंदिर” की होती है, तो केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का नाम सबसे ऊपर आता है। यह मंदिर न केवल भगवान विष्णु का दिव्य धाम है, बल्कि इसके गर्भगृह में छिपा खजाना आज भी लोगों को चौंका देता है।
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का इतिहास
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का का इतिहास हज़ारों साल पुराना माना जाता है। इसका उल्लेख पुराणों और संस्कृत शिलालेखों में भी मिलता है। यह मंदिर त्रावणकोर राजवंश की आध्यात्मिक राजधानी रहा है। 18वीं शताब्दी में महाराजा मार्तंड वर्मा ने इसे भगवान विष्णु को समर्पित करते हुए स्वयं को “पद्मनाभदास” घोषित किया और राज्य को भगवान के नाम पर न्यौछावर कर दिया।
मंदिर की वास्तुकला
- श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर द्रविड़ शैली की वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है।
- मंदिर का मुख्य द्वार (गोपुरम) 100 फीट ऊंचा है।
- भगवान विष्णु की मूर्ति अनंतशयनम मुद्रा में है – अर्थात वे शेषनाग पर लेटे हुए हैं, कमल से ब्रह्मा की उत्पत्ति हो रही है।
- मूर्ति का आकार इतना विशाल है कि इसे देखने के लिए तीन द्वारों से अलग-अलग भागों को देखा जाता है।
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर – अकूत संपत्ति का रहस्य
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर अपनी अपार संपत्ति के लिए पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना। 2011 में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर मंदिर के गुप्त तहखानों को खोला गया, जिससे सदियों से जमा खजाने का पता चला। इस खजाने में सोने के सिक्के, सोने और चांदी के आभूषण, हीरे, पन्ना और अन्य बहुमूल्य रत्न शामिल थे, जिनकी अनुमानित कीमत खरबों रुपये आंकी गई। इस खोज ने मंदिर को दुनिया का सबसे अमीर धार्मिक स्थल बना दिया।
हालांकि, मंदिर के सभी छह तहखाने अभी तक पूरी तरह से नहीं खोले गए हैं। विशेष रूप से ‘तहखाना बी’ रहस्य का केंद्र बना हुआ है। माना जाता है कि इस तहखाने का दरवाजा सदियों से बंद है और इसे किसी भी मानवीय प्रयास से खोला नहीं जा सका है। लोककथाओं और मान्यताओं के अनुसार, इस तहखाने में एक नागों का जोड़ा इसकी रक्षा करता है और इसे खोलने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति पर दुर्भाग्य आ सकता है। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इस तहखाने में मंदिर का सबसे बड़ा खजाना छिपा हुआ है।
क्या है Vault B का रहस्य? (रहस्यों से घिरा ‘तहखाना बी’)
‘तहखाना बी’ श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है। मंदिर के अधिकारियों और भक्तों का मानना है कि इस तहखाने का दरवाजा किसी विशेष मंत्र या ध्वनि तरंगों से ही खोला जा सकता है। इसे तोड़ने या जबरदस्ती खोलने के कई प्रयास विफल रहे हैं। कुछ रहस्यमय घटनाएं भी जुड़ी हुई हैं, जिन्होंने इस विश्वास को और मजबूत किया है कि इस तहखाने में कोई दिव्य शक्ति निहित है।
कुल 6 तिजोरियां पाई गईं – जिन्हें ‘Vault A’ से ‘Vault F’ तक नाम दिया गया।
- Vault A में जो मिला, वो कल्पना से परे था: टनों सोना, बेशकीमती हीरे-जवाहरात, सोने के सिक्के, मूर्तियाँ, बहुमूल्य रत्नों से जड़े हार।
- Vault B अब तक नहीं खोला गया है, क्योंकि कहा जाता है कि इसे खोलना शुभ नहीं है और इससे अकाल व अनिष्ट हो सकता है। लोक मान्यता है कि Vault B को नागबन्ध मंत्रों से बंद किया गया है, और उसे केवल सिद्ध साधु ही खोल सकते हैं।
मंदिर की वास्तुकला और महत्व
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर न केवल अपनी संपत्ति बल्कि अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है। मंदिर का मुख्य गर्भगृह भगवान विष्णु की विशाल प्रतिमा का घर है, जो शेषनाग पर शयन मुद्रा में विराजमान हैं। मंदिर की दीवारों पर रामायण और महाभारत जैसे हिंदू महाकाव्यों के दृश्य उकेरे गए हैं, जो इसकी कलात्मक भव्यता को दर्शाते हैं।
यह मंदिर दक्षिण भारत के वैष्णव भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। यहाँ साल भर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और त्योहार आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। मंदिर की पवित्रता और आध्यात्मिक महत्व भक्तों को शांति और श्रद्धा का अनुभव कराता है।
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर कैसे पहुँचें?
- स्थान: तिरुवनंतपुरम, केरल
- निकटतम रेलवे स्टेशन: तिरुवनंतपुरम सेंट्रल (1 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा: त्रिवेंद्रम इंटरनेशनल एयरपोर्ट (6 किमी)
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