कल्कि जयन्ती 2024 कब है, कैसे मनाएं, क्या महत्व है?

kalki bhagwan

कल्कि जयंती हिन्दू धर्म के वैष्णव संप्रदाय का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह भगवान विष्णु के दसवें और अंतिम अवतार, भगवान कल्कि के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। कल्कि जयन्ती भगवान विष्णु के दसवें अवतार, कल्कि, के जन्म का उत्सव है। इसे हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कल्कि अवतार को…

വിഷ്ണു പഞ്ചക സ്തോത്രം

|| വിഷ്ണു പഞ്ചക സ്തോത്രം || ഉദ്യദ്ഭാനുസഹസ്രഭാസ്വര- പരവ്യോമാസ്പദം നിർമല- ജ്ഞാനാനന്ദഘനസ്വരൂപ- മമലജ്ഞാനാദിഭിഃ ഷഡ്ഗുണൈഃ. ജുഷ്ടം സൂരിജനാധിപം ധൃതരഥാംഗാബ്ജം സുഭൂഷോജ്ജ്വലം ശ്രീഭൂസേവ്യമനന്ത- ഭോഗിനിലയം ശ്രീവാസുദേവം ഭജേ. ആമോദേ ഭുവനേ പ്രമോദ ഉത സമ്മോദേ ച സങ്കർഷണം പ്രദ്യുമ്നം ച തഥാഽനിരുദ്ധമപി താൻ സൃഷ്ടിസ്ഥിതീ ചാപ്യയം. കുർവാണാൻ മതിമുഖ്യഷഡ്ഗുണവരൈ- ര്യുക്താംസ്ത്രിയുഗ്മാത്മകൈ- ര്വ്യൂഹാധിഷ്ഠിതവാസുദേവമപി തം ക്ഷീരാബ്ധിനാഥം ഭജേ. വേദാന്വേഷണമന്ദരാദ്രിഭരണ- ക്ഷ്മോദ്ധാരണസ്വാശ്രിത- പ്രഹ്ലാദാവനഭൂമിഭിക്ഷണ- ജഗദ്വിക്രാന്തയോ യത്ക്രിയാഃ. ദുഷ്ടക്ഷത്രനിബർഹണം ദശമുഖാദ്യുന്മൂലനം കർഷണം കാലിന്ദ്യാ അതിപാപകംസനിധനം യത്ക്രീഡിതം തം നുമഃ. യോ ദേവാദിചതുർവിധേഷ്ടജനിഷു ബ്രഹ്മാണ്ഡകോശാന്തരേ…

విష్ణు పంచక స్తోత్రం

|| విష్ణు పంచక స్తోత్రం || ఉద్యద్భానుసహస్రభాస్వర- పరవ్యోమాస్పదం నిర్మల- జ్ఞానానందఘనస్వరూప- మమలజ్ఞానాదిభిః షడ్గుణైః. జుష్టం సూరిజనాధిపం ధృతరథాంగాబ్జం సుభూషోజ్జ్వలం శ్రీభూసేవ్యమనంత- భోగినిలయం శ్రీవాసుదేవం భజే. ఆమోదే భువనే ప్రమోద ఉత సమ్మోదే చ సంకర్షణం ప్రద్యుమ్నం చ తథాఽనిరుద్ధమపి తాన్ సృష్టిస్థితీ చాప్యయం. కుర్వాణాన్ మతిముఖ్యషడ్గుణవరై- ర్యుక్తాంస్త్రియుగ్మాత్మకై- ర్వ్యూహాధిష్ఠితవాసుదేవమపి తం క్షీరాబ్ధినాథం భజే. వేదాన్వేషణమందరాద్రిభరణ- క్ష్మోద్ధారణస్వాశ్రిత- ప్రహ్లాదావనభూమిభిక్షణ- జగద్విక్రాంతయో యత్క్రియాః. దుష్టక్షత్రనిబర్హణం దశముఖాద్యున్మూలనం కర్షణం కాలింద్యా అతిపాపకంసనిధనం యత్క్రీడితం తం నుమః. యో దేవాదిచతుర్విధేష్టజనిషు బ్రహ్మాండకోశాంతరే…

விஷ்ணு பஞ்சக ஸ்தோத்திரம்

 || விஷ்ணு பஞ்சக ஸ்தோத்திரம் || உத்யத்பானுஸஹஸ்ரபாஸ்வர- பரவ்யோமாஸ்பதம் நிர்மல- ஜ்ஞானானந்தகனஸ்வரூப- மமலஜ்ஞாநாதிபி꞉ ஷட்குணை꞉. ஜுஷ்டம் ஸூரிஜனாதிபம் த்ருதரதாங்காப்ஜம் ஸுபூஷோஜ்ஜ்வலம் ஶ்ரீபூஸேவ்யமனந்த- போகிநிலயம் ஶ்ரீவாஸுதேவம் பஜே. ஆமோதே புவனே ப்ரமோத உத ஸம்மோதே ச ஸங்கர்ஷணம் ப்ரத்யும்னம் ச ததா(அ)நிருத்தமபி தான் ஸ்ருஷ்டிஸ்திதீ சாப்யயம். குர்வாணான் மதிமுக்யஷட்குணவரை- ர்யுக்தாம்ஸ்த்ரியுக்மாத்மகை- ர்வ்யூஹாதிஷ்டிதவாஸுதேவமபி தம் க்ஷீராப்திநாதம் பஜே. வேதான்வேஷணமந்தராத்ரிபரண- க்ஷ்மோத்தாரணஸ்வாஶ்ரித- ப்ரஹ்லாதாவனபூமிபிக்ஷண- ஜகத்விக்ராந்தயோ யத்க்ரியா꞉. துஷ்டக்ஷத்ரனிபர்ஹணம் தஶமுகாத்யுன்மூலனம் கர்ஷணம் காலிந்த்யா அதிபாபகம்ஸநிதனம் யத்க்ரீடிதம் தம் நும꞉. யோ தேவாதிசதுர்விதேஷ்டஜநிஷு ப்ரஹ்மாண்டகோஶாந்தரே…

ವಿಷ್ಣು ಪಂಚಕ ಸ್ತೋತ್ರ

|| ವಿಷ್ಣು ಪಂಚಕ ಸ್ತೋತ್ರ || ಉದ್ಯದ್ಭಾನುಸಹಸ್ರಭಾಸ್ವರ- ಪರವ್ಯೋಮಾಸ್ಪದಂ ನಿರ್ಮಲ- ಜ್ಞಾನಾನಂದಘನಸ್ವರೂಪ- ಮಮಲಜ್ಞಾನಾದಿಭಿಃ ಷಡ್ಗುಣೈಃ. ಜುಷ್ಟಂ ಸೂರಿಜನಾಧಿಪಂ ಧೃತರಥಾಂಗಾಬ್ಜಂ ಸುಭೂಷೋಜ್ಜ್ವಲಂ ಶ್ರೀಭೂಸೇವ್ಯಮನಂತ- ಭೋಗಿನಿಲಯಂ ಶ್ರೀವಾಸುದೇವಂ ಭಜೇ. ಆಮೋದೇ ಭುವನೇ ಪ್ರಮೋದ ಉತ ಸಮ್ಮೋದೇ ಚ ಸಂಕರ್ಷಣಂ ಪ್ರದ್ಯುಮ್ನಂ ಚ ತಥಾಽನಿರುದ್ಧಮಪಿ ತಾನ್ ಸೃಷ್ಟಿಸ್ಥಿತೀ ಚಾಪ್ಯಯಂ. ಕುರ್ವಾಣಾನ್ ಮತಿಮುಖ್ಯಷಡ್ಗುಣವರೈ- ರ್ಯುಕ್ತಾಂಸ್ತ್ರಿಯುಗ್ಮಾತ್ಮಕೈ- ರ್ವ್ಯೂಹಾಧಿಷ್ಠಿತವಾಸುದೇವಮಪಿ ತಂ ಕ್ಷೀರಾಬ್ಧಿನಾಥಂ ಭಜೇ. ವೇದಾನ್ವೇಷಣಮಂದರಾದ್ರಿಭರಣ- ಕ್ಷ್ಮೋದ್ಧಾರಣಸ್ವಾಶ್ರಿತ- ಪ್ರಹ್ಲಾದಾವನಭೂಮಿಭಿಕ್ಷಣ- ಜಗದ್ವಿಕ್ರಾಂತಯೋ ಯತ್ಕ್ರಿಯಾಃ. ದುಷ್ಟಕ್ಷತ್ರನಿಬರ್ಹಣಂ ದಶಮುಖಾದ್ಯುನ್ಮೂಲನಂ ಕರ್ಷಣಂ ಕಾಲಿಂದ್ಯಾ ಅತಿಪಾಪಕಂಸನಿಧನಂ ಯತ್ಕ್ರೀಡಿತಂ ತಂ ನುಮಃ. ಯೋ ದೇವಾದಿಚತುರ್ವಿಧೇಷ್ಟಜನಿಷು ಬ್ರಹ್ಮಾಂಡಕೋಶಾಂತರೇ…

विष्णु पंचक स्तोत्र

|| विष्णु पंचक स्तोत्र || उद्यद्भानुसहस्रभास्वर- परव्योमास्पदं निर्मल- ज्ञानानन्दघनस्वरूप- ममलज्ञानादिभिः षड्गुणैः। जुष्टं सूरिजनाधिपं धृतरथाङ्गाब्जं सुभूषोज्ज्वलं श्रीभूसेव्यमनन्त- भोगिनिलयं श्रीवासुदेवं भजे। आमोदे भुवने प्रमोद उत सम्मोदे च सङ्कर्षणं प्रद्युम्नं च तथाऽनिरुद्धमपि तान् सृष्टिस्थिती चाप्ययम्। कुर्वाणान् मतिमुख्यषड्गुणवरै- र्युक्तांस्त्रियुग्मात्मकै- र्व्यूहाधिष्ठितवासुदेवमपि तं क्षीराब्धिनाथं भजे। वेदान्वेषणमन्दराद्रिभरण- क्ष्मोद्धारणस्वाश्रित- प्रह्लादावनभूमिभिक्षण- जगद्विक्रान्तयो यत्क्रियाः। दुष्टक्षत्रनिबर्हणं दशमुखाद्युन्मूलनं कर्षणं कालिन्द्या अतिपापकंसनिधनं यत्क्रीडितं तं नुमः। यो देवादिचतुर्विधेष्टजनिषु ब्रह्माण्डकोशान्तरे…

एकादशी के दिन भगवान विष्णु को लगाएं ये 4 विशेष भोग, मिलेगी असीम कृपा

Saphla ekadashi

एकादशी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह व्रत हर महीने में दो बार, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आता है। एकादशी के दिन, भक्त उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए, भक्त उन्हें भोग भी लगाते…

षटतिला एकादशी कैसे करें? जानिए व्रत के नियम, कथा और पूजा विधि

shattila ekadashi

षटतिला एकादशी का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस एकादशी का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से समस्त पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। “षटतिला” का अर्थ है छह प्रकार के तिलों का उपयोग, जो इस व्रत…

मोक्षदा एकादशी – जानिए व्रत का महत्व और कथा, पाएं मोक्ष का वरदान

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हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। साल में 24 एकादशियां आती हैं, जिनमें से कुछ का विशेष महत्व होता है। मोक्षदा एकादशी भी उन्हीं में से एक है। यह मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष में आती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा…

रमा एकादशी व्रत – जानिए विधि, कथा, पारण का समय और महत्व

rama ekadashi

रमा एकादशी हिंदू धर्म के पवित्र व्रतों में से एक है। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस वर्ष रमा एकादशी का व्रत 28 अक्टूबर 2024 को रखा जाएगा। रमा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस व्रत को रखने से भगवान विष्णु की कृपा…

पापांकुशा एकादशी 2024 कब है? कैसे करें व्रत? क्या है महत्व?

papankusha ekadashi

पापांकुशा एकादशी हिंदू धर्म में आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। पापांकुशा एकादशी एक पवित्र अवसर है जब हम अपने पापों का प्रायश्चित कर सकते हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यदि…

Vishnu Chalisa

|| Vishnu Chalisa || ॥ Doha ॥ Vishnu Sunie Vinay Sevak Ki Chitalay । Kirat Kuchh Varnan Karoon Dijai Gyan Batay । ॥ Chaupai ॥ Namo Vishnu Bhagwan Kharari । Kasht Nashavan Akhil Bihari ॥ Prabal Jagat Mein Shakti Tumhari । Tribhuvan Phail Rahi Ujiyari ॥ Sundar Roop Manohar Soorat । Saral Swabhav Mohani Moorat…

अजा एकादशी व्रत रखने की विधि, पूजा सामग्री, मंत्र और आरती

aja ekadashi

अजा एकादशी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को कहते हैं। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। अजा एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में…

देवउठनी एकादशी कथा, पूजा विधि, महत्व, शुभ मुहूर्त और व्रत के नियम

devuthni ekadashi

देवउठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी और तुलसी विवाह के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। यह व्रत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा (चतुर्मास) से जागते हैं और…