श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती, जिसे “श्री भागवत भगवान की आरती” कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। यह आरती केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के वांग्मय स्वरूप की वंदना है। इस आरती के गायन से भक्तों को ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आरती की मुख्य पंक्तियाँ जैसे “आरती अति पावन पुराण की, धर्म-भक्ति-विज्ञान की” इस ग्रंथ की महिमा का बखान करती हैं। यह आरती पापों का नाश करने वाली और मन को शांति प्रदान करने वाली मानी जाती है। कथा के समापन पर इसका सामूहिक गान वातावरण को दिव्य ऊर्जा से भर देता है।
यदि आप इस मंगलकारी आरती को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं या अपनी पूजा पद्धति में शामिल करना चाहते हैं, तो आप Bhagwat Bhagwan Aarti PDF हमारी वेबसाइट से डाउनलोड करें। यह पीडीएफ फाइल स्पष्ट शब्दों और सुंदर प्रारूप में उपलब्ध है, जिसे आप अपने फोन या कंप्यूटर पर सुरक्षित रख सकते हैं।
|| श्री भागवत भगवान आरती (Bhagwat Bhagwan Aarti PDF) ||
श्री भागवत भगवान की है आरती,
पापियों को पाप से है तारती
ये अमर ग्रन्थ ये मुक्ति पन्थ,
ये पंचम वेद निराला,
नव ज्योति जगाने वाला।
हरि नाम यही हरि धाम यही,
जग मंगल की आरती
पापियों को पाप से है तारती॥
॥ श्री भागवत भगवान की है आरती…॥
ये शान्ति गीत पावन पुनीत,
हर कष्ट मिटाने वाला,
सब दरश कराने वाला।
यह सुख करनी, यह दुःख हरिनी
श्री मधुसूदन की आरती,
पापियों को पाप से है तारती॥
॥ श्री भागवत भगवान की है आरती…॥
ये मधुर बोल, जग फन्द खोल,
सत्मार्ग दिखाने वाला,
बिगड़ी को बनानेवाला।
श्री राम यही, घनश्याम यही,
प्रभु की महिमा की आरती
पापियों को पाप से है तारती॥
॥ श्री भगवत भगवान की है आरती…॥
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