आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आर्थिक स्थिरता हर व्यक्ति की प्राथमिकता है। कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी बरकत नहीं होती और पैसा पानी की तरह बह जाता है। अगर आप भी लगातार आर्थिक तंगी (Financial Crisis) का सामना कर रहे हैं, तो शास्त्रों में वर्णित ‘आमलकी एकादशी’ का व्रत और पूजन आपके जीवन में खुशहाली के द्वार खोल सकता है।
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। इसे ‘आंवला एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है।
आमलकी एकादशी का आध्यात्मिक महत्व
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने सृष्टि की रचना की थी, तब उनके आंसुओं से ही आंवले के वृक्ष की उत्पत्ति हुई थी। इस वृक्ष के हर हिस्से में देवताओं का वास माना जाता है:
- जड़ में – भगवान विष्णु
- तने में – भगवान शिव
- ऊपरी भाग में – ब्रह्मा जी
- शाखाओं में – ऋषि-मुनि
- पत्तियों में – वसु और देवगण
यही कारण है कि इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने से एक साथ समस्त देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और दरिद्रता का नाश होता है।
धन-समृद्धि के लिए पूजा की सरल विधि
यदि आप आर्थिक तंगी से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आमलकी एकादशी पर इस विधि से पूजन करें:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
- किसी मंदिर या साफ स्थान पर लगे आंवले के पेड़ के पास जाएं। वृक्ष के चारों ओर की जगह को साफ करें।
- वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें। इसके बाद रोली, अक्षत, फूल और गंध से पूजन करें।
- गाय के घी का दीपक जलाएं। यह दीपक आपके जीवन के अंधेरे और आर्थिक कष्टों को दूर करने का प्रतीक है।
- वृक्ष की 7 या 21 बार परिक्रमा करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
- भगवान को आंवले का फल अर्पित करें और स्वयं भी प्रसाद के रूप में आंवला ग्रहण करें।
आर्थिक लाभ के लिए विशेष उपाय
शास्त्रों के अनुसार, आमलकी एकादशी पर किए गए ये उपाय माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने में सहायक होते हैं:
- तिजोरी का उपाय – पूजन के समय एक पीले कपड़े में आंवला और एक चांदी का सिक्का रखकर भगवान के चरणों में रखें। अगले दिन इसे अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें।
- दान का महत्व – इस दिन गरीबों को अन्न और आंवले का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दान करने से संचित पापों का नाश होता है और धन के नए मार्ग खुलते हैं।
- भक्ति संगीत – रात्रि जागरण करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
आमलकी एकादशी 2026 – शुभ मुहूर्त
नोट – वर्ष 2026 में आमलकी एकादशी 1 मार्च को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि का प्रारंभ 28 फरवरी की रात से ही हो जाएगा, लेकिन उदयातिथि के अनुसार व्रत 1 मार्च को ही रखना श्रेष्ठ रहेगा।
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