श्री गणेश सहस्त्रनाम (Shri Ganesh Sahastranam PDF Book)

श्री गणेश सहस्त्रनाम (Shri Ganesh Sahastranam)

श्री गणेश सहस्त्रनाम भगवान गणेश के हजार नामों का अद्भुत संकलन है, जिसे पंडित गोविंद दत्त शर्मा जी ने लिखा है। यह पुस्तक भगवान गणेश के उन अनगिनत स्वरूपों और गुणों का वर्णन करती है, जो उनकी दिव्यता और शक्ति को प्रकट करते हैं। सहस्त्रनाम का पाठ भगवान गणेश की कृपा पाने और जीवन में…

श्री गणेश सहस्त्रनामावली (Shri Ganesh Sahasranamavali PDF)

श्री गणेश सहस्त्रनामावली (Shri Ganesh Sahasranamavali)

श्री गणेश सहस्त्रनामावली भगवान गणेश की महिमा की अद्भुत पुस्तक है, जिसे पंडित खेमा राज कृष्णदास जी ने लिखा है। यह पुस्तक भगवान गणेश के हजार नामों (सहस्त्रनाम) का संग्रह है, जो उनकी अनंत शक्तियों, गुणों और दिव्यता को प्रकट करते हैं। यह ग्रंथ भगवान गणेश के भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और प्रेरणादायक है।…

उच्छिष्टगणपति पंचांग (Uchchishtaganpati Panchang)

उच्छिष्टगणपति पंचांग (Uchchishtaganpati Panchang)

उच्छिष्ट गणपति पंचांग एक अनमोल पुस्तक है जिसे पंडित खेमा राज कृष्णदास जी ने लिखा है। यह पुस्तक विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक साधकों के लिए तैयार की गई है, जो उच्छिष्ट गणपति की साधना और उनसे जुड़ी तांत्रिक विधियों को समझने और अपनाने में रुचि रखते हैं। उच्छिष्ट गणपति कौन हैं? उच्छिष्ट गणपति…

श्रीमहा-गणपति वरिवस्या (Shri Mahaganpati Varivasya)

श्रीमहा-गणपति वरिवस्या (Shri Mahaganpati Varivasya)

श्रीमहागणपति वरिवस्या भारतीय तांत्रिक और वैदिक परंपरा का एक अद्भुत ग्रंथ है, जिसकी रचना दत्तात्रेय जी ने की है। यह पुस्तक भगवान श्रीमहागणपति (गणेश जी) की उपासना और साधना की गूढ़ विधियों को उजागर करती है। इसमें भगवान गणपति के तांत्रिक स्वरूप और उनकी विशेष उपासना पद्धतियों का विस्तार से वर्णन है, जो साधकों को…

गणेश पुराण (Ganesh Puran)

गणेश पुराण (Ganesh Puran)

गणेश पुराण हिंदू धर्म के 18 प्रमुख पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान गणेश की महिमा, उनके जीवन की कथाएँ, और उनकी उपासना से संबंधित गूढ़ ज्ञान का वर्णन किया गया है। यह पुराण दो खंडों में विभाजित है: उपासना खंड और क्रीड़ा खंड। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, शुभकर्ता और ज्ञान का प्रतीक माना…

गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi Book PDF)

गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi)

गणेश चतुर्थी नामक पुस्तक भगवान श्री गणेश की पूजा, व्रत विधि, कथा और उनके प्रति भक्तिभाव को समर्पित है। इस पुस्तक में गणेश चतुर्थी से संबंधित सभी प्रमुख जानकारियाँ दी गई हैं, जैसे व्रत का महत्व, पूजा विधि, गणेश चतुर्थी की कथाएँ और हर साल की गणेश चतुर्थी तिथियों की सूची। यह पुस्तक श्रद्धालुओं के…

गणेश अष्टोत्तर शतनामावली

|| गणेश अष्टोत्तर शतनामावली (Ganesha Ashtottara Shatanamavali PDF) || ॐ गजाननाय नमः ॐ गणाध्यक्षाय नमः ॐ विघ्नराजाय नमः ॐ विनायकाय नमः ॐ द्वैमातुराय नमः ॐ द्विमुखाय नमः ॐ प्रमुखाय नमः ॐ सुमुखाय नमः ॐ कृतिने नमः ॐ सुप्रदीपाय नमः (10) ॐ सुखनिधये नमः ॐ सुराध्यक्षाय नमः ॐ सुरारिघ्नाय नमः ॐ महागणपतये नमः ॐ मान्याय नमः…

श्री गणेश अष्टोत्तर शतनामावली

|| गणेश अष्टोत्तर शतनामावली (Ganesha Ashtottara Shatanamavali PDF) || ॐ गजाननाय नमः ॐ गणाध्यक्षाय नमः ॐ विघ्नाराजाय नमः ॐ विनायकाय नमः ॐ द्त्वॆमातुराय नमः ॐ द्विमुखाय नमः ॐ प्रमुखाय नमः ॐ सुमुखाय नमः ॐ कृतिने नमः ॐ सुप्रदीपाय नमः (10) ॐ सुखनिधये नमः ॐ सुराध्यक्षाय नमः ॐ सुरारिघ्नाय नमः ॐ महागणपतये नमः ॐ मान्याय नमः…

श्री गणपति आरती

|| श्री गणपति आरती (Ganpati Aarti PDF) || गणपति की सेवा मंगल मेवा, सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता, द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥ गणपति की सेवा मंगल मेवा…। रिद्धि-सिद्धि दक्षिण वाम विराजें, अरु आनन्द सों चमर करैं। धूप-दीप अरू लिए आरती भक्त खड़े जयकार करैं॥ गणपति की सेवा मंगल मेवा…। गुड़…

जय देव वक्रतुंडा – गणपतीची आरती

|| जय देव वक्रतुंडा – गणपतीची आरती (Jai Dev Vakratunda Ganpatichi Aarti Marathi PDF) || जय देव जय देव जय वक्रतुंडा । सिंदुरमंडित विशाल सरळ भुजदंडा ॥ प्रसन्नभाळा विमला करि घेउनि कमळा । उंदिरवाहन दोंदिल नाचसि बहुलीळा ॥ रुणझुण रुणझुण करिती घागरिया घोळा । सताल सुस्वर गायन शोभित अवलीळा ॥ जय देव जय देव जय…

नानापरिमळ दूर्वा – गणपतीची आरती

|| नानापरिमळ दूर्वा – गणपतीची आरती (Nanaparimal Durva Ganpatichi Aarti Marathi PDF) || नानापरिमळ दूर्वा शमिपत्रे । लाडू मोदक अन्ने परिपूरित पाते ॥ ऐसे पूजन केल्या बीजाक्षरमंत्रे । अष्टहि सिद्धी नवनिधि देसी क्षणमात्रे ॥ जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती । तुझे गुण वर्णाया मज कैची स्फूर्ती ॥ तुझे ध्यान निरंतर जे कोणी करिती ।…

श्री गणपति अथर्वशीर्ष स्तोत्रम

|| श्री गणपति अथर्वशीर्ष स्तोत्रम (Ganpati Atharvshirsh Stotram Marathi PDF) || ॐ नमस्ते गणपतये। त्वमेव प्रत्यक्षं तत्वमसि त्वमेव केवलं कर्ताऽसि त्वमेव केवलं धर्ताऽसि त्वमेव केवलं हर्ताऽसि त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि त्व साक्षादात्माऽसि नित्यम् ।। ऋतं वच्मि। सत्यं वच्मि ।। अव त्व मां। अव वक्तारं। अव धातारं। अवानूचानमव शिष्यं। अव पश्चातात। अव पुरस्तात। अवोत्तरात्तात। अव दक्षिणात्तात्।…

શ્રી ગણપતિ અથર્વશીર્ષ સ્તોત્રમ

|| શ્રી ગણપતિ અથર્વશીર્ષ સ્તોત્રમ (Ganpati Atharvshirsh Stotram Gujarati PDF) || ૐ નમસ્તે ગણપતયે. ત્વમેવ પ્રત્યક્ષં તત્વમસિ ત્વમેવ કેવલં કર્તાઽસિ ત્વમેવ કેવલં ધર્તાઽસિ ત્વમેવ કેવલં હર્તાઽસિ ત્વમેવ સર્વં ખલ્વિદં બ્રહ્માસિ ત્વ સાક્ષાદાત્માઽસિ નિત્યમ્ .. ઋતં વચ્મિ. સત્યં વચ્મિ .. અવ ત્વ માં. અવ વક્તારં. અવ ધાતારં. અવાનૂચાનમવ શિષ્યં. અવ પશ્ચાતાત. અવ પુરસ્તાત. અવોત્તરાત્તાત. અવ દક્ષિણાત્તાત્….

श्री गणपति अथर्वशीर्ष स्तोत्रम हिन्दी पाठ अर्थ सहित (विधि – लाभ)

|| गणपति अथर्वशीर्ष पाठ विधि – लाभ || गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ हमेशा आसन पर बैठ पूर्व, उत्तर या ईशान कोण की दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए। अथर्वशीर्ष स्तोत्र के पाठ से मनुष्य के जीवन में सर्वांगीण उन्नति होती है। इसके पाठ से सभी प्रकार के विघ्न-बाधाएं दूर होती है। व्यापार या नौकरी…

विनायक चतुर्थी व्रत कथा

|| विनायक चतुर्थी व्रत कथा (Vinayak Chaturthi Vrat Katha PDF) || विनायक चतुर्थी की व्रत कथा का वर्णन अनेक पुराणों में मिलता है, विशेषतः यह कथा भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी से जुड़ी हुई है। शिव-पार्वती का चौपड़ खेल और बालक का निर्णय एक बार भगवान शिव और माता पार्वती नर्मदा नदी के…

गजबदन विनायक आरती

|| गजबदन विनायक आरती (Gajaban Vinayak Aarti PDF) || आरती गजबदन विनायककी। सुर-मुनि-पूजित गणनायककी॥ आरती गजबदन विनायककी॥ एकदन्त शशिभाल गजानन, विघ्नविनाशक शुभगुण कानन। शिवसुत वन्द्यमान-चतुरानन, दुःखविनाशक सुखदायक की॥ आरती गजबदन विनायककी॥ ऋद्धि-सिद्धि-स्वामी समर्थ अति, विमल बुद्धि दाता सुविमल-मति। अघ-वन-दहन अमल अबिगत गति, विद्या-विनय-विभव-दायककी॥ आरती गजबदन विनायककी॥ पिङ्गलनयन, विशाल शुण्डधर, धूम्रवर्ण शुचि वज्रांकुश-कर। लम्बोदर बाधा-विपत्ति-हर, सुर-वन्दित…

श्री विनायक स्तुतिः

|| श्री विनायक स्तुतिः (Vinayaka Stuti PDF) || सनकादय ऊचुः । नमो विनायकायैव कश्यपप्रियसूनवे । अदितेर्जठरोत्पन्नब्रह्मचारिन्नमोऽस्तु ते ॥ १ ॥ गणेशाय सदा मायाधार चैतद्विवर्जित । भक्त्यधीनाय वै तुभ्यं हेरम्बाय नमो नमः ॥ २ ॥ त्वं ब्रह्म शाश्वतं देव ब्रह्मणां पतिरोजसा । योगायोगादिभेदेन क्रीडसे नात्र संशयः ॥ ३ ॥ आदिमध्यान्तरूपस्त्वं प्रकृतिः पुरुषस्तथा । नादानादौ च सूक्ष्मस्त्वं…

श्री भानुविनायक स्तोत्रम्

|| श्री भानुविनायक स्तोत्रम् (bhanu Vinayaka Stotram PDF) || अरुण उवाच । नमस्ते गणनाथाय तेजसां पतये नमः । अनामयाय देवेश आत्मने ते नमो नमः ॥ १ ॥ ब्रह्मणां पतये तुभ्यं जीवानां पतये नमः । आखुवाहनगायैव सप्ताश्वाय नमो नमः ॥ २ ॥ स्वानन्दवासिने तुभ्यं सौरलोकनिवासिने । चतुर्भुजधरायैव सहस्रकिरणाय च ॥ ३ ॥ सिद्धिबुद्धिपते तुभ्यं सञ्ज्ञानाथाय ते…

सिद्धि विनायक स्तोत्र

|| सिद्धि विनायक स्तोत्र (Siddhi Vinayak Stotram PDF) || विघ्नेश विघ्नचयखण्डननामधेय श्रीशङ्करात्मज सुराधिपवन्द्यपाद। दुर्गामहाव्रतफलाखिलमङ्गलात्मन् विघ्नं ममापहर सिद्धिविनायक त्वम्। सत्पद्मरागमणिवर्णशरीरकान्तिः श्रीसिद्धिबुद्धिपरिचर्चितकुङ्कुमश्रीः। दक्षस्तने वलियितातिमनोज्ञशुण्डो विघ्नं ममापहर सिद्धिविनायक त्वम्। पाशाङ्कुशाब्जपरशूंश्च दधच्चतुर्भि- र्दोर्भिश्च शोणकुसुमस्रगुमाङ्गजातः। सिन्दूरशोभितललाटविधुप्रकाशो विघ्नं ममापहर सिद्धिविनायक त्वम्। कार्येषु विघ्नचयभीतविरिञ्चिमुख्यैः संपूजितः सुरवरैरपि मोहकाद्यैः। सर्वेषु च प्रथममेव सुरेषु पूज्यो विघ्नं ममापहर सिद्धिविनायक त्वम्। शीघ्राञ्चनस्खलनतुङ्गरवोर्ध्वकण्ठ- स्थूलेन्दुरुद्रगणहासितदेवसङ्घः। शूर्पश्रुतिश्च पृथुवर्त्तुलतुङ्गतुन्दो विघ्नं ममापहर…

श्री सिद्धिविनायक आरती: जय देव जय देव

|| श्री सिद्धिविनायक आरती -जय देव जय देव (Siddhivinayak Aarti PDF) || सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची । नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची । सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची । कंठी झलके माल मुकताफळांची । जय देव जय देव.. जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति । दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति जय देव जय देव…

ஶ்ரீ பா⁴நுவிநாயக ஸ்தோத்ரம்

|| ஶ்ரீ பா⁴நுவிநாயக ஸ்தோத்ரம் (Bhanu Vinayak Stotram Tamil PDF) || அருண உவாச । நமஸ்தே க³ணநாதா²ய தேஜஸாம் பதயே நம꞉ । அநாமயாய தே³வேஶ ஆத்மநே தே நமோ நம꞉ ॥ 1 ॥ ப்³ரஹ்மணாம் பதயே துப்⁴யம் ஜீவாநாம் பதயே நம꞉ । ஆகு²வாஹநகா³யைவ ஸப்தாஶ்வாய நமோ நம꞉ ॥ 2 ॥ ஸ்வாநந்த³வாஸிநே துப்⁴யம் ஸௌரளோகநிவாஸிநே । சதுர்பு⁴ஜத⁴ராயைவ ஸஹஸ்ரகிரணாய ச ॥ 3 ॥ ஸித்³தி⁴பு³த்³தி⁴பதே துப்⁴யம் ஸஞ்ஜ்ஞாநாதா²ய…

ಶ್ರೀ ಭಾನುವಿನಾಯಕ ಸ್ತೋತ್ರಂ

|| ಶ್ರೀ ಭಾನುವಿನಾಯಕ ಸ್ತೋತ್ರಂ (Bhanu Vinayaka Stotram Kannada PDF) || ಅರುಣ ಉವಾಚ | ನಮಸ್ತೇ ಗಣನಾಥಾಯ ತೇಜಸಾಂ ಪತಯೇ ನಮಃ | ಅನಾಮಯಾಯ ದೇವೇಶ ಆತ್ಮನೇ ತೇ ನಮೋ ನಮಃ || ೧ || ಬ್ರಹ್ಮಣಾಂ ಪತಯೇ ತುಭ್ಯಂ ಜೀವಾನಾಂ ಪತಯೇ ನಮಃ | ಆಖುವಾಹನಗಾಯೈವ ಸಪ್ತಾಶ್ವಾಯ ನಮೋ ನಮಃ || ೨ || ಸ್ವಾನಂದವಾಸಿನೇ ತುಭ್ಯಂ ಸೌರಲೋಕನಿವಾಸಿನೇ | ಚತುರ್ಭುಜಧರಾಯೈವ ಸಹಸ್ರಕಿರಣಾಯ ಚ || ೩ || ಸಿದ್ಧಿಬುದ್ಧಿಪತೇ ತುಭ್ಯಂ ಸಂಜ್ಞಾನಾಥಾಯ…

శ్రీ భానువినాయక స్తోత్రం

|| శ్రీ భానువినాయక స్తోత్రం (Bhanu Vinayaka Stotram Telugu PDF) || అరుణ ఉవాచ | నమస్తే గణనాథాయ తేజసాం పతయే నమః | అనామయాయ దేవేశ ఆత్మనే తే నమో నమః || ౧ || బ్రహ్మణాం పతయే తుభ్యం జీవానాం పతయే నమః | ఆఖువాహనగాయైవ సప్తాశ్వాయ నమో నమః || ౨ || స్వానందవాసినే తుభ్యం సౌరలోకనివాసినే | చతుర్భుజధరాయైవ సహస్రకిరణాయ చ || ౩ || సిద్ధిబుద్ధిపతే తుభ్యం సంజ్ఞానాథాయ…

ஶ்ரீ விநாயக ஸ்துதி꞉

|| ஶ்ரீ விநாயக ஸ்துதி꞉ (Vinayaka Stuti Tamil PDF) || ஸநகாத³ய ஊசு꞉ । நமோ விநாயகாயைவ கஶ்யபப்ரியஸூநவே । அதி³தேர்ஜட²ரோத்பந்நப்³ரஹ்மசாரிந்நமோ(அ)ஸ்து தே ॥ 1 ॥ க³ணேஶாய ஸதா³ மாயாதா⁴ர சைதத்³விவர்ஜித । ப⁴க்த்யதீ⁴நாய வை துப்⁴யம் ஹேரம்பா³ய நமோ நம꞉ ॥ 2 ॥ த்வம் ப்³ரஹ்ம ஶாஶ்வதம் தே³வ ப்³ரஹ்மணாம் பதிரோஜஸா । யோகா³யோகா³தி³பே⁴தே³ந க்ரீட³ஸே நாத்ர ஸம்ஶய꞉ ॥ 3 ॥ ஆதி³மத்⁴யாந்தரூபஸ்த்வம் ப்ரக்ருதி꞉ புருஷஸ்ததா² । நாதா³நாதௌ³ ச…

ಶ್ರೀ ವಿನಾಯಕ ಸ್ತುತಿಃ

|| ಶ್ರೀ ವಿನಾಯಕ ಸ್ತುತಿಃ (Vinayaka Stuti Kannada PDF) || ಸನಕಾದಯ ಊಚುಃ | ನಮೋ ವಿನಾಯಕಾಯೈವ ಕಶ್ಯಪಪ್ರಿಯಸೂನವೇ | ಅದಿತೇರ್ಜಠರೋತ್ಪನ್ನಬ್ರಹ್ಮಚಾರಿನ್ನಮೋಽಸ್ತು ತೇ || ೧ || ಗಣೇಶಾಯ ಸದಾ ಮಾಯಾಧಾರ ಚೈತದ್ವಿವರ್ಜಿತ | ಭಕ್ತ್ಯಧೀನಾಯ ವೈ ತುಭ್ಯಂ ಹೇರಂಬಾಯ ನಮೋ ನಮಃ || ೨ || ತ್ವಂ ಬ್ರಹ್ಮ ಶಾಶ್ವತಂ ದೇವ ಬ್ರಹ್ಮಣಾಂ ಪತಿರೋಜಸಾ | ಯೋಗಾಯೋಗಾದಿಭೇದೇನ ಕ್ರೀಡಸೇ ನಾತ್ರ ಸಂಶಯಃ || ೩ || ಆದಿಮಧ್ಯಾಂತರೂಪಸ್ತ್ವಂ ಪ್ರಕೃತಿಃ ಪುರುಷಸ್ತಥಾ | ನಾದಾನಾದೌ ಚ…

శ్రీ వినాయక స్తుతిః

|| శ్రీ వినాయక స్తుతిః (Vinayaka Stuti Telugu PDF) || సనకాదయ ఊచుః | నమో వినాయకాయైవ కశ్యపప్రియసూనవే | అదితేర్జఠరోత్పన్నబ్రహ్మచారిన్నమోఽస్తు తే || ౧ || గణేశాయ సదా మాయాధార చైతద్వివర్జిత | భక్త్యధీనాయ వై తుభ్యం హేరంబాయ నమో నమః || ౨ || త్వం బ్రహ్మ శాశ్వతం దేవ బ్రహ్మణాం పతిరోజసా | యోగాయోగాదిభేదేన క్రీడసే నాత్ర సంశయః || ౩ || ఆదిమధ్యాంతరూపస్త్వం ప్రకృతిః పురుషస్తథా | నాదానాదౌ చ…

श्री अष्टविनायकस्तोत्रम्

|| श्री अष्टविनायकस्तोत्रम् (Ashta Vinayaka Stotram PDF) || स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथ मढे चिन्तामणिस्थेवरे । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥ इति अष्टविनायकस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।

శ్రీ వినాయక అష్టోత్తరశతనామావళిః

|| శ్రీ వినాయక అష్టోత్తరశతనామావళిః (Vinayaka Ashtothram Telugu PDF) || ఓం వినాయకాయ నమః | ఓం విఘ్నరాజాయ నమః | ఓం గౌరీపుత్రాయ నమః | ఓం గణేశ్వరాయ నమః | ఓం స్కందాగ్రజాయ నమః | ఓం అవ్యయాయ నమః | ఓం పూతాయ నమః | ఓం దక్షాయ నమః | ఓం అధ్యక్షాయ నమః | ౯ ఓం ద్విజప్రియాయ నమః | ఓం అగ్నిగర్వచ్ఛిదే నమః | ఓం…

श्री हेरम्ब स्तुति

|| श्री हेरम्ब स्तुति (Heramba Stuti PDF) || नरनारायणावूचतुः । नमस्ते गणनाथाय भक्तसंरक्षकाय ते। भक्तेभ्यो भक्तिदात्रे वै हेरम्बाय नमो नमः॥ १ ॥ अनाथानां विशेषेण नाथाय गजवक्त्रिणे। चतुर्बाहुधरायैव लम्बोदर नमोऽस्तु ते॥ २ ॥ ढुण्ढये सर्वसाराय नानाभेदप्रचारिणे। भेदहीनाय देवाय नमश्चिन्तामणे नमः॥ ३ ॥ सिद्धिबुद्धिपते तुभ्यं सिद्धिबुद्धिस्वरूपिणे। योगाय योगनाथाय शूर्पकर्णाय ते नमः॥ ४ ॥ सगुणाय नमस्तुभ्यं निर्गुणाय परात्मने।…

हेरम्बा संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

|| हेरम्बा संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा PDF || हेरम्बा संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है, विशेष रूप से उनके हेरम्ब स्वरूप को। हेरम्ब गणेश के 32 स्वरूपों में से एक हैं, जिनके पांच मुख और दस हाथ होते हैं। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी…

कृष्णापिंगला संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

जुलाई 2025 में आने वाली कृष्णापिंगला संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। यह व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भक्त चंद्रमा के उदय होने तक उपवास रखते हैं और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत के…

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का पावन पर्व 15 मार्च 2025, शनिवार को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है, जब भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत रखते हैं। इस व्रत कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण ने भी इस चतुर्थी का महत्व बताया था। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और चंद्रमा…

गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

|| गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा PDF || पौराणिक कथा के अनुसार, सतयुग में राजा हरिश्चंद्र के राज्य में एक कुम्हार रहता था। एक बार उसने बर्तन बनाकर आंवा लगाया, लेकिन बर्तन पके नहीं। बार-बार ऐसा होने से वह बहुत दुखी हो गया। इस समस्या का समाधान जानने के लिए वह एक पुजारी के पास…

तू सुखकर्ता – गणपतीची आरती

“तू सुखकर्ता – गणपतीची आरती” मराठी में भगवान गणेश की एक अत्यंत लोकप्रिय और भक्तिपूर्ण आरती है, जिसे विशेष रूप से गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी और गणेश पूजा के समय गाया जाता है। यह आरती भगवान गणपति को सुख और समृद्धि प्रदान करने वाले, दुखों का नाश करने वाले देवता के रूप में स्तुति करती…

शेंदुर लाल चढायो – गणपतीची आरती

“शेंदुर लाल चढायो” गणपती बाप्पांच्या सर्वाधिक प्रिय आरत्यांपैकी एक आहे. ही आरती गणेशाच्या तेजाचे आणि भक्तीचे अद्भुत वर्णन करते. नारदांच्या मुखातून निघालेली ही आरती गणपतीला शेंदूर अर्पण करण्याच्या परंपरेचे महत्त्व विशद करते, जो समृद्धी आणि शुभतेचे प्रतीक आहे. बाप्पांना शेंदूर अर्पण करून भक्त त्यांच्या जीवनात सुख, शांती आणि यश प्राप्त करतात अशी मान्यता आहे. ही…

भगवान गणेश गकार सहस्रनामावली

भगवान गणेश गकार सहस्रनामावली उन भक्तों के लिए एक अद्वितीय संग्रह है जो ‘ग’ अक्षर से प्रारंभ होने वाले भगवान गणेश के एक हजार पवित्र नामों का जाप करना चाहते हैं। यह नामावली गणेश जी के उन विशिष्ट गुणों और रूपों को उजागर करती है जो ‘ग’ वर्ण से जुड़े हैं, जैसे कि गणपति, गजानन,…

श्रावण संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

श्रावण मास 2025 की संकष्टी चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने से विघ्नहर्ता गणेश सभी कष्टों को हर लेते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव और माता पार्वती चौपड़ खेल रहे थे। खेल में कौन जीता, यह तय करने…

भगवान गणेश सहस्रनामावली

भगवान गणेश सहस्रनामावली PDF एक अत्यंत पूजनीय स्तोत्र है जिसमें भगवान गणेश के हजार नामों का वर्णन मिलता है। प्रत्येक नाम उनकी दिव्यता, बुद्धि, समृद्धि और विघ्नहर्ता स्वरूप को दर्शाता है। यह सहस्रनामावली पाठ करने से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। जो भक्त भगवान गणेश सहस्रनामावली…

अंदल जयंती की कथा

अंदल जयंती, जिसे आदिपुरम भी कहते हैं, देवी अंदल को समर्पित है। अंदल को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है और यह त्योहार उनके जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उनकी कथा दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में बहुत प्रसिद्ध है। || अंदल जयंती की कथा (Andal Jayanti Katha PDF) || लगभग 10वीं शताब्दी…

एकदन्त शरणागति स्तोत्रम्

|| एकदन्त शरणागति स्तोत्रम् PDF || देवर्षय ऊचुः । सदात्मरूपं सकलादिभूतममायिनं सोऽहमचिन्त्यबोधम् । अनादिमध्यान्तविहीनमेकं तमेकदन्तं शरणं व्रजामः ॥ १॥ अनन्तचिद्रूपमयं गणेशमभेदभेदादिविहीनमाद्यम् । हृदि प्रकाशस्य धरं स्वधीस्थं तमेकदन्तं शरणं व्रजामः ॥ २॥ समाधिसंस्थं हृदि योगिनां यं प्रकाशरूपेण विभातमेतम् । सदा निरालम्बसमाधिगम्यं तमेकदन्तं शरणं व्रजामः ॥ ३॥ स्वबिम्बभावेन विलासयुक्तां प्रत्यक्षमायां विविधस्वरूपाम् । स्ववीर्यकं तत्र ददाति यो वै…

গণেশ কবচম্

|| গণেশ কবচম্ (Ganesh Kavach Bengali PDF) || এষোতি চপলো দৈত্যান্ বাল্যেপি নাশযত্যহো । অগ্রে কিং কর্ম কর্তেতি ন জানে মুনিসত্তম ॥ 1 ॥ দৈত্যা নানাবিধা দুষ্টাস্সাধু দেবদ্রুমঃ খলাঃ । অতোস্য কংঠে কিংচিত্ত্যং রক্ষাং সংবদ্ধুমর্হসি ॥ 2 ॥ ধ্যাযেত্ সিংহগতং বিনাযকমমুং দিগ্বাহু মাদ্যে যুগে ত্রেতাযাং তু মযূর বাহনমমুং ষড্বাহুকং সিদ্ধিদম্ । ঈ দ্বাপরেতু গজাননং যুগভুজং…

आ जाओ गजानन प्यारे

|| आ जाओ गजानन प्यारे || ओ बाबा तेरे भक्त बुलाये, आ जाओ गजानन प्यारे, आ जाओ गजानन प्यारें, अब देर करो ना आ जाओ द्वारे, आ जाओ गजानन प्यारें, आ जाओ गजानन प्यारें ॥ सब देवन में देव कहाओ, माँ गौरा के लाल कहाओ, शिव शंकर संग रिद्धि सिद्धि, ले आओ द्वार हमारे, आ…

आये है गणेश बप्पा, आज मोरे आंगना

|| आये है गणेश बप्पा, आज मोरे आंगना || आये है गणेश बप्पा, आज मोरे आंगना, आये मोरे आंगना, जी आये मोरे आंगना, आये हैं गणेश बप्पा, आज मोरे आंगना ॥ चरण पखारूँ माथे तिलक लगाऊं रे, प्रथमे गणेश पूजा आरती सजाऊँ रे, झोलियाँ फैलाओ मांगो, दिल से जो है माँगना, आये हैं गणेश बप्पा,…

आओ विनायक म्हारे आंगणिये पधारो

|| आओ विनायक म्हारे आंगणिये पधारो || आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो, भक्ता रा कारज सारो जी, हाँ संवारो जी, आओं विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो ॥ मूषक रा असवार देवा, पहला थारो ध्यान धरा, कीर्तन मांड्यो आंगणे, बाबा थारो अह्वान करा, रिद्धि सिद्धि के सागे, आओ जी, म्हारे आंगणिये पधारो, आओं विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो…

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी

|| आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी || आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी ॥ श्लोक – गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थजम्बूफलसार भक्षितम्, उमासुतं शोकविनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम् ॥ तेरी पूजा करूँ तेरा अर्चन करूँ, तेरा वंदन करूँ आव्हान करूँ, गणपति मेरे काटो कलेश जी, आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी ॥ गौरी सूत गणराज गजानन,…

आना हो श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना

|| आना हो श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना || आना हो श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना, हे गौरीसुत गजानन, हे गौरीसुत गजानन, मुझको ना भूल जाना, आना हों श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना ॥ मोदक हो लड्डू अपने, हाथों से मैं बनाऊं, जो चाहोगे गणेशा, तुमको मैं वो खिलाऊँ,…

आना गणपति देवा, हमारे घर कीर्तन में

|| आना गणपति देवा, हमारे घर कीर्तन में || आना गणपति देवा, हमारे घर कीर्तन में, मंगल कारज हो जब, हमारे घर आँगन में, दर्शन दिखाना तुम, हमको ऐ देवा, आना होके सवार, मूषक वाले वाहन में, आना गणपतिं देवा, हमारे घर कीर्तन में ॥ श्रद्धा से हम तेरा पूजन करेंगे, श्रद्धा से हम तेरा…

गौरी के लाला हो, मेरे घर आ जाना

|| गौरी के लाला हो, मेरे घर आ जाना || गौरी के लाला हो, मेरे घर आ जाना, घर आँगन की ओ देवा, शोभा बढ़ा जाना, गौरी के लाला हों, मेरे घर आ जाना ॥ भादो मास आया है, संग में खुशियाँ लाया है, बड़े जतनो से है मैंने, घर क़ो अपने सजाया है, तूने…

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