मकर संक्रान्ति ‘पुण्य काल’ मुहूर्त – राशि अनुसार इन चीजों का दान करने से चमकेगी आपकी किस्मत।

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मकर संक्रान्ति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में ऊर्जा, सकारात्मकता और भाग्य परिवर्तन का महापर्व है। साल 2026 में मकर संक्रान्ति का यह अवसर आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है। यहाँ इस लेख में हम जानेंगे कि इस वर्ष ‘पुण्य काल’ का सही समय क्या है और कैसे आप अपनी राशि…

क्यों मनाया जाता है पोंगल? सूर्य देव के प्रति आभार प्रकट करने वाले इस त्यौहार की पूरी कहानी।

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भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर मौसम और फसल के आगमन का अपना एक उत्सव होता है। दक्षिण भारत, विशेष रूप से तमिलनाडु में, ‘पोंगल’ का त्यौहार केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पशुओं और सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक महापर्व है। जब उत्तर भारत में मकर संक्रांति और पंजाब…

क्या है मकरज्योति और मकरविलक्कु के बीच का अंतर? जानिए भगवान अयप्पा के इस चमत्कार का सच।

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केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों भक्तों का सैलाब उमड़ता है। इस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण होता है – मकरविलक्कु का दर्शन। अक्सर लोग ‘मकरज्योति’ और ‘मकरविलक्कु’ को एक ही मान लेते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं और वास्तविकता के धरातल पर इन दोनों में एक बड़ा…

मकरविलक्कु 2026 – भगवान अयप्पा के दर्शन और 18 पवित्र सीढ़ियों का आध्यात्मिक महत्व।

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केरल के घने जंगलों और पंपा नदी के पावन तटों के बीच बसा शबरीमाला मंदिर केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र है। साल 2026 का मकरविलक्कु (Makaravilakku) उत्सव करीब है, और ‘स्वामी येयप्पा’ के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान होने लगा है। यदि आप इस वर्ष भगवान अयप्पा…

देवताओं का दिन ‘उत्तरायण’ – क्यों इस दिन दान और स्नान का होता है विशेष फल?

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क्या आपने कभी सोचा है कि कड़कड़ाती ठंड के बीच जब 14 या 15 जनवरी के आसपास सूर्य देवता अपनी चाल बदलते हैं, तो भारतीय जनमानस में एक नई ऊर्जा क्यों दौड़ जाती है? यह केवल मौसम बदलने का संकेत नहीं है, बल्कि यह वह समय है जब ‘देवता अपनी नींद से जागते हैं’। जी…

उत्तरायण 2026 – जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन किए जाने वाले खास उपाय

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उत्तरायण 2026 – साल का वह समय आ गया है जब सूर्य देव अपनी दिशा बदलते हैं और हमारे जीवन में गर्माहट, नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। 14 जनवरी 2026 की इस सुबह, जब हम उत्तरायण (मकर संक्रांति) के करीब खड़े हैं, तो हवा में तिल और गुड़ की खुशबू अभी से…

रामायण और महाभारत की वे अनकही बातें – जिन पर साधारण मनुष्य विश्वास नहीं कर सकता

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हम सभी ने रामायण और महाभारत की कथाएँ सुनी हैं। ये केवल कहानियाँ नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की नींव हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन महाकाव्यों में कुछ ऐसी बातें भी छिपी हैं, जिन पर आधुनिक (modern) युग का व्यक्ति आसानी से विश्वास नहीं कर सकता? ये अनकही बातें, जिन्हें अक्सर मुख्य धारा…

वाल्मीकि जयंती पर विशेष – कैसे बदल गई डाकू रत्नाकर की जिंदगी राम नाम के प्रभाव से?

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महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि ‘राम नाम’ में कितनी शक्ति है। अपने प्रारंभिक जीवन में वाल्मीकि ‘रत्नाकर’ नाम के एक क्रूर डाकू थे, जो राहगीरों को लूटकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। एक बार उनकी भेंट सप्तऋषियों से हुई, जिन्होंने उनसे पूछा कि क्या उनका परिवार उनके पापों…

अन्वाधान व्रत की कथा

अन्वाधान व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो मुख्य रूप से ‘इष्टि’ (यज्ञ) से पहले किया जाता है। ‘अन्वाधान’ का शाब्दिक अर्थ है ‘प्रज्वलित अग्नि को निरंतर बनाए रखना’। यह व्रत आमतौर पर पूर्णिमा और अमावस्या की तिथियों पर रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अगले दिन किए जाने वाले मुख्य यज्ञ…

कूर्म द्वादशी का रहस्य – श्रीहरि विष्णु का कच्छप अवतार क्यों है इतना खास? महत्व और पूजन के नियम

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हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के दस अवतारों (दशावतार) का विशेष महत्व है, और इन्हीं में से एक है उनका दूसरा अवतार – कूर्म अवतार (Kurma Avatar)। कूर्म, जिसका अर्थ संस्कृत में ‘कछुआ’ होता है, इस बात का प्रतीक है कि सृष्टि के संतुलन को बनाए रखने के लिए स्वयं श्रीहरि विष्णु ने कितना विराट…

मेरु त्रयोदशी व्रत की कथा

मेरु त्रयोदशी जैन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है। वर्ष 2026 में यह पर्व 16 जनवरी (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। यह दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ प्रभु) के निर्वाण कल्याणक की स्मृति में मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान आदिनाथ ने अष्टापद पर्वत (कैलाश…

मकर संक्रांति व्रत कथा व पूजा विधि

मकर संक्रांति 2026 भारत में 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, इसी दिन सूर्य देव दोपहर लगभग 03:13 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। 2026 की संक्रांति इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस दिन षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो 23 वर्षों के बाद…

Vishwakarma Puja 2026 – जानें विश्वकर्मा जयंती पूजा मुहूर्त, पूजन विधि, व्रत कथा और महत्व

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वर्ष 2026 में विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का दिव्य शिल्पकार और देवताओं का वास्तुकार (Engineer) माना जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से कन्या संक्रांति के दिन मनाया जाता है, जब सूर्य सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करते हैं। विश्वकर्मा जयंती भगवान…

आयुध पूजा 2026 – क्यों होते हैं अस्त्र-शस्त्र पूजित? जानें इतिहास, कथा और पूजा विधि

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आयुध पूजा, जिसे ‘शस्त्र पूजा’ भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में यह उत्सव 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार मुख्य रूप से नवरात्रि के नौवें दिन (महानवमी) या दशहरे के अवसर पर मनाया जाता है। भारत, जिसे त्योहारों की भूमि कहा जाता है, यहाँ हर पर्व किसी…

मध्वाचार्य जयंती 2026 – जानें द्वैत वेदांत के प्रवर्तक श्री मध्वाचार्य का जीवन, दर्शन और शिक्षाएँ

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हिंदू कैलेंडर के अनुसार, द्वैतवाद दर्शन के प्रणेता जगद्गुरु श्री मध्वाचार्य की जयंती हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (विजयादशमी) को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 21 अक्टूबर, बुधवार को मनाया जाएगा। भारत की संत परंपरा में, श्री मध्वाचार्य (Madhvacharya) का नाम बड़े आदर के साथ लिया…

आश्विन नवपद ओली 2026 – जैन धर्म के इस 9 दिवसीय व्रत और साधना का आध्यात्मिक रहस्य

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जैन धर्म में आश्विन नवपद ओली आत्म-शुद्धि और तपस्या का एक पावन पर्व है। वर्ष 2026 में यह आराधना 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। शाश्वत मानी जाने वाली यह ओली नौ दिनों तक चलती है, जिसमें ‘सिद्धचक्र महायंत्र’ के नौ पदों (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, दर्शन, ज्ञान, चरित्र और तप) की…

2026 पितृ दोष से मुक्ति – जानिए लक्षण, कारण और कारगर उपाय

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ज्योतिष शास्त्र में, पितृ दोष को एक ऐसा दोष माना जाता है जो हमारे पूर्वजों (पितरों) के अधूरे कर्मों या उनके प्रति हमारे गलत व्यवहार के कारण होता है। यह दोष व्यक्ति के जीवन में कई तरह की बाधाएं और समस्याएं पैदा कर सकता है पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए धार्मिक, आध्यात्मिक, और…

Maha Bharani Shradh 2026 – महा भरणी व्रत क्यों है पितरों को प्रसन्न करने का दिव्य अवसर? जानें रहस्य और नियम

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वर्ष 2026 में महा भरणी श्राद्ध 29 सितंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। पितृ पक्ष के दौरान भरणी नक्षत्र का आगमन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भरणी नक्षत्र के स्वामी यमराज हैं, इसलिए इस दिन किया गया श्राद्ध गया तीर्थ में किए गए श्राद्ध के समान पुण्य प्रदान करता है।…

ओणम 2026 कब है? जानिए तिथि, पूजन विधि, कथा और ओणसद्या की परंपरा

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ओणम केरल का सबसे महत्वपूर्ण और रंगीन सांस्कृतिक उत्सव है, जो राजा महाबली के स्वागत में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में मुख्य ओणम, जिसे थिरुवोणम कहा जाता है, 26 अगस्त को मनाया जाएगा। यह उत्सव मलयालम कैलेंडर के अनुसार ‘चिंगम’ महीने में आता है, जो नई फसल की खुशी और समृद्धि का प्रतीक है।…

लोहड़ी की कहानी – पंजाबी लोक कथा

लोहड़ी उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब और हरियाणा का एक प्रमुख और हर्षोल्लास का त्योहार है। यह मकर संक्रांति से एक दिन पहले, आमतौर पर 13 जनवरी को मनाया जाता है। यह पर्व शीत ऋतु के अंत और फसल की कटाई (रबी की फसल) का प्रतीक है। इस दिन शाम को खुले स्थान पर अग्नि (अलाव)…

छठ पूजा व्रत कथा और पूजा विधि (छठ पूजा 2026 का कार्यक्रम)

|| छठ पूजा 2026 का कार्यक्रम || नहाय-खाय (13 नवंबर) – पवित्र स्नान और सात्विक भोजन। खरना (14 नवंबर) – दिन भर का उपवास और शाम को गुड़ की खीर का प्रसाद। संध्या अर्घ्य (15 नवंबर) – डूबते सूर्य की पूजा। उषा अर्घ्य (16 नवंबर) – उगते सूर्य को जल अर्पण कर व्रत का समापन।…

कार्तिक पूर्णिमा 2026 – देव दिवाली का अद्भुत पर्व, जानें महत्व, व्रत विधि और धार्मिक मान्यताएँ (Kartik Purnima Festival of Dev Deepawali)

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कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। वर्ष 2026 में यह पर्व 24 नवंबर को मनाया जाएगा। इसे ‘देव दीपावली’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन देवताओं ने त्रिपुरासुर राक्षस पर भगवान शिव की विजय की खुशी में दीपावली मनाई थी।…

Chandra Darshan 2026 List – चंद्र दर्शन 2026 की पूरी लिस्ट जानें तिथि, पूजा विधि और आध्यात्मिक रहस्य

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अमावस्या के अगले दिन को चंद्र दर्शन दिवस के रूप में जाना जाता है। इस दिन चंद्रमा पहली बार अमावस्या के बाद दिखाई देता है। जब चंद्रमा पृथ्वी से पूरी तरह अदृश्य होता है, उसे अमावस्या कहा जाता है। चंद्र दर्शन दिवस पर सूर्यास्त के तुरंत बाद चंद्रमा थोड़े समय के लिए ही दिखाई देता है।…

2026 में इष्टि और अन्वाधान व्रत कब और कैसे करें? जानिए तिथि, विधि और महत्व की पूरी सूची

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इष्टि और अन्वाधान वैदिक परंपरा के महत्वपूर्ण अनुष्ठान हैं जो अग्निहोत्र से संबंधित हैं। ‘इष्टि’ का अर्थ है यज्ञ या आहुति, जबकि ‘अन्वाधान’ अग्नि स्थापित करने की प्रक्रिया है। ये कर्मकांड वैदिक ऋचाओं और मंत्रों के साथ किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य देवताओं का आह्वान करना और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना है। इन अनुष्ठानों का…

Chhath Puja 2026 – छठ पूजा विधि, छठ पूजा मुहूर्त (नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, उषा अर्घ्य)

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छठ पूजा 2026 आस्था और शुद्धि का महापर्व है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में मुख्य संध्या अर्घ्य 15 नवंबर को और उषा अर्घ्य 16 नवंबर को दिया जाएगा। छठी मैया और सूर्य देव की आराधना का यह पर्व, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में विशेष…

गोवर्धन पूजा 2026 – घर पर कैसे करें पूजन? जानें विधि, मंत्र और आरती

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गोवर्धन पूजा, जिसे ‘अन्नकूट’ भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। वर्ष 2026 में यह पर्व 10 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह त्योहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को आता है और दीपावली के ठीक अगले दिन मनाया जाता है। सनातन धर्म (Sanatan Dharma) में त्योहारों की…

Diwali 2026 लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि – जाने दिवाली का महत्व, क्यों जलाते हैं दीप और क्या है इसकी खासियत?

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साल 2026 में दीपावली का पावन पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह उत्सव कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। 2026 में दीपावली थोड़ी देरी से आ रही है, जिसके कारण इस समय भारत के अधिकांश हिस्सों में अच्छी ठंड का अहसास होगा। दिवाली केवल दीपों का…

Ahoi Ashtami 2026 – अहोई अष्टमी व्रत, जाने तिथि, नियम और पूजा विधि सहित संपूर्ण जानकारी

Ahoi Ashtami

वर्ष 2026 में अहोई अष्टमी का पावन पर्व 1 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। उत्तर भारत में इस त्योहार का विशेष महत्व है, जहाँ माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन भर निर्जला उपवास रखती…

करवा चौथ व्रत 2026 – करवा चौथ व्रत में क्या करें और क्या न करें? हर सुहागिन के लिए जरूरी जानकारी

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वर्ष 2026 में करवा चौथ का पावन पर्व 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाओं के लिए यह साल का सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और वैवाहिक सुख के लिए सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ 2026 के…

मार्गशीर्ष अमावस्या 2026 – पितृ तर्पण से धन-समृद्धि तक, जानिए संपूर्ण जानकारी और विशेष उपाय (Margashirsha Amavasya)

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वर्ष 2026 में मार्गशीर्ष अमावस्या का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह तिथि पितृ तर्पण, दान-पुण्य और पवित्र स्नान के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। मार्गशीर्ष मास को भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप माना गया है, इसलिए इस दिन ‘गीता पाठ’ और विष्णु पूजन का विशेष फल मिलता है। 2026 में यह…

भौम प्रदोष व्रत पूजा विधि 2026 – शिव-पार्वती और हनुमान जी की एक साथ पूजा से पाएं अद्भुत लाभ, ज़रूर पढ़ें कथा

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क्या आप कर्ज (Debt) और आर्थिक संकट (Financial Crisis) से परेशान हैं? क्या जीवन में मंगल (Auspiciousness) की कमी महसूस हो रही है? तो यह ब्लॉग आपके लिए है! प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब यह शुभ तिथि मंगलवार (Tuesday) को पड़ती है, तो इसे…

करवा चौथ 2026 पूजा सामग्री सूची – व्रत और पूजन की सही तैयारी गाइड (Karwa Chauth Puja Samagri List 2026)

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करवा चौथ 2026 का पावन पर्व 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। यह त्योहार हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो अपने पति की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। भारत में सुहागिनों के लिए सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार, करवा चौथ…

मैसूर दशहरा 2026 – शाही विरासत का जश्न, क्यों देखने आते हैं लाखों पर्यटक? जानें पूरी कहानी

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मैसूर दशहरा 2026 में कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत का सबसे भव्य रूप देखने को मिलेगा। यह उत्सव 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने की संभावना है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भारत त्योहारों का देश है, और जब बात आती है ‘बुराई पर अच्छाई की जीत’ के सबसे बड़े…

Dussehra 2026 – दशहरे पर क्या करें, क्या न करें? जानें पूरी गाइड

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दशहरा (विजयादशमी) वर्ष 2026 में 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह त्योहार हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है, जो बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्री राम ने अहंकारी रावण का वध कर माता सीता को मुक्त…

Diwali Puja Samagri List 2026 – दीपावली लक्ष्मी पूजन सामग्री सूची, विधि और मंत्र

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दिवाली हमारे सबसे बड़े त्योहारों में से एक है, और इसे कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है। दिवाली 2026 भारत का सबसे उज्ज्वल और प्रिय त्योहार होगा, जो रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। यह ‘रोशनी का त्योहार’ अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। इस दिन…

Amavasya Date List 2026 – अमावस्या कैलेंडर, जानें सभी मासिक अमावस्या तिथियाँ, कब करें तर्पण, दान और ध्यान

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साल 2026 में अमावस्या की तिथियाँ महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह दिन पितरों के तर्पण, दान और ध्यान के लिए विशेष माना जाता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है, जब चंद्रमा अदृश्य होता है। यह आत्मचिंतन और आध्यात्मिक शुद्धि का समय है। अमावस्या पर पितरों का तर्पण विशेष फलदायी होता है,…

दशहरा 2026 कब है? अधर्म पर धर्म की जीत का महापर्व! जानें रावण दहन का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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दशहरा (Dussehra) यानी ‘विजयदशमी’ (Vijayadashami), हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और उत्साहपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत, असत्य पर सत्य की विजय और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों की समाप्ति के बाद दसवें दिन यह महापर्व मनाया जाता है। आइए,…

विजयादशमी 2026 – घर परिवार में समृद्धि और सफलता पाने के लिए करें ये खास और अचूक उपाय

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विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने अंदर के रावण को खत्म करके, नए और सफल जीवन की शुरुआत करने का संकल्प (Pledge) लेने का दिन है। इस शुभ मुहूर्त में ऊपर बताए गए अचूक उपायों को पूरी श्रद्धा के साथ करें और प्रभु श्रीराम तथा माता दुर्गा से अपने और…

माघ महीना व्रत कथा एवं पूजा विधि

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीना आध्यात्मिक शुद्धि और समर्पण का पवित्र समय माना जाता है। वर्ष 2026 में, माघ महीने की शुरुआत 4 जनवरी से होगी और इसका समापन 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा के साथ होगा। इस महीने का धार्मिक महत्व अत्यधिक है, क्योंकि इसे ‘दान’ और ‘स्नान’ का मास कहा जाता है। विशेष…

माघ अमावस्या व्रत कथा

माघ मास की अमावस्या, जिसे मौनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। वर्ष 2026 में यह तिथि 18 जनवरी को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों, विशेषकर गंगा में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और अक्षय…

Chandra Darshan 2026 – चन्द्र दर्शन क्यों है शुभ? चन्द्र दर्शन के समय क्या करें और क्या न करें?

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चंद्र दर्शन हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण प्रथा है, जिसमें अमावस्या के बाद पहली बार दिखने वाले चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं। इसे बहुत शुभ माना जाता है और इसके कई धार्मिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक कारण हैं। चन्द्र दर्शन का भारतीय संस्कृति और धर्म में अत्यधिक महत्व है। चन्द्रमा को शांत, सौम्य और मन…

गुरु नानक जयंती 2026 – जानिए गुरु नानक देव जी की जीवनी, उपदेश और प्रकाश पर्व का इतिहास

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सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु, गुरु नानक देव जी की जयंती को ‘गुरुपुरब’ या ‘प्रकाश उत्सव’ के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में, यह पावन पर्व 24 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह दिन कार्तिक मास की पूर्णिमा को आता है। हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के पावन अवसर पर…

Kartik Chaumasi Chaudas 2026 – कब है चौमासी चौदस? जानें जैनियों के वर्षावास की समाप्ति और इस दिन के 5 नियम

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जैन धर्म (Jainism) में त्योहारों और पर्वों का अपना एक विशेष महत्व होता है, जो आत्म-शुद्धि और अहिंसा (Non-violence) के सिद्धांतों पर आधारित होते हैं। इन्हीं महत्वपूर्ण दिनों में से एक है ‘कार्तिक चौमासी चौदस’। यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि चार माह के त्याग, तपस्या और साधना (Penance and spiritual practice) के बाद आत्म-चिंतन…

धनु संक्रान्ति 2026 – सूर्य पूजा की सही विधि और खरमास में क्या करें-क्या न करें, पूरी जानकारी (Full Guide)

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धनु संक्रान्ति 2026 का पर्व 16 दिसंबर 2026, बुधवार को मनाया जाएगा। यह दिन तब आता है जब सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करते हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस दिन से ‘खरमास’ (या मलमास) की शुरुआत होती है, जिसमें विवाह और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है।…

नववर्ष 2026 में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रुक सकती है देव कृपा

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नया साल सिर्फ कैलेंडर बदलने की तारीख नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा (Energy) के परिवर्तन का एक बड़ा मौका होता है। वर्ष 2026 का आगमन नई उम्मीदें लेकर आ रहा है। अंक ज्योतिष के अनुसार, 2026 का कुल योग (2+0+2+6 = 10 = 1) है, जो सूर्य का अंक है। सूर्य यानी शक्ति, अधिकार और…

नववर्ष 2026 में भाग्य चमकाने के सनातन उपाय: हर हिंदू को जानने चाहिए ये अनूठे रहस्य!

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नववर्ष 2026 का आगमन एक नई ऊर्जा और संभावनाओं के साथ हो रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यह वर्ष हिंदू कैलेंडर में ‘रौद्र संवत’ कहलाएगा, जिसके राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे और मंत्री पद मंगल संभालेंगे। यह संयोग धार्मिकता के साथ-साथ बड़े बदलाव और तीव्र ऊर्जा का संकेत दे रहा है। ऐसे में, सनातन धर्म…

New Year 2026 में भाग्य को चमकाने के लिए करें ये 5 आध्यात्मिक कार्य

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नया साल सिर्फ दीवार पर टंगे कैलेंडर को बदलने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपने जीवन, सोच और कर्मों को एक नई, सकारात्मक दिशा देने का एक स्वर्णिम अवसर होता है। जब हम नव वर्ष 2026 (New Year 2026) की शुरुआत आध्यात्मिक दृष्टिकोण से करते हैं, तो यह वर्ष न केवल भौतिक सफलता लाता…

नए साल 2026 पर भूलकर भी न करें ये 13 गलतियां, घर में दस्तक दे सकती है गरीबी

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नया साल नई उम्मीदों और अवसरों का समय होता है, लेकिन कुछ गलत आदतें और काम आपकी खुशियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। खासतौर पर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी है कि आप कुछ बातों का ध्यान रखें। यहां बताए गए 13 कामों को भूलकर भी न करें, वरना…

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